पानीपत में कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने पर बवाल, डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने BJP सरकार पर साधा निशाना
पानीपत में जंतर-मंतर जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा रोके जाने और हिरासत में लिए जाने पर डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने सवाल उठाए। भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
पानीपत / हरियाणा / सत्ता संदेश
रिपोर्ट : शशि कपूर
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आह्वान पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित सत्याग्रह में शामिल होने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पानीपत में पुलिस द्वारा रोके जाने और हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं समाजसेवी डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार बताया। उन्होंने भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
डॉ. ओमवीर सिंह पंवार के अनुसार, वह अपने कांग्रेस साथियों चांद चौधरी, तिलक राजोरा, विकास रोशे और सुशील सैनी के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित सत्याग्रह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान पानीपत में पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया।
डॉ. पंवार ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने, जनहित के मुद्दों को सामने लाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की होती है। विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने विचार रखने तथा लोकतांत्रिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती विरोध की आवाज सुनने और असहमति का सम्मान करने में है, न कि उसे दबाने में। उन्होंने संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा के अधिकारों का सम्मान करने की भी मांग की।
डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर चलते हुए संविधान की रक्षा, जनता के अधिकारों और जनहित के मुद्दों को उठाती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का संकल्प कमजोर नहीं होगा और वे शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन संविधान और लोकतंत्र के मूल्य सर्वोपरि हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता जनता की आवाज उठाते रहेंगे और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयास जारी रखेंगे।

