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कारवार नौसेना बेस पर 300 आवासीय इकाइयों और अस्पताल सुविधाओं का उद्घाटन, प्रोजेक्ट सीबर्ड को मिली मजबूती

कारवार नौसेना बेस पर प्रोजेक्ट सीबर्ड चरण IIA के तहत 300 आवासीय इकाइयों, स्वास्थ्य सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।

कारवार / सत्ता संदेश

भारतीय नौसेना के पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने 15 अक्टूबर 2026 को नौसेना बेस कारवार में प्रोजेक्ट सीबर्ड के चरण IIA के तहत विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान नौसेना के रक्षा नागरिकों के लिए आवासीय इकाइयों, अस्पताल सुविधाओं, आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था और संपर्क मार्गों को बेहतर बनाने वाली परियोजनाओं की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में वाइस एडमिरल विवेक दहिया, महानिदेशक सीबर्ड सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

उद्घाटन की गई सुविधाओं में नौसेना के रक्षा नागरिकों के लिए पांच टावरों में 300 आवासीय इकाइयां और स्टेशन स्वास्थ्य संगठन परिसर शामिल हैं। मौजूदा अस्पताल आईएनएचएस पतंजलि की क्षमता को बढ़ाकर 409 बिस्तरों तक करने की योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। इन परियोजनाओं को दो लाख लीटर क्षमता वाले ऊंचाई पर स्थित जलाशय और सीवेज उपचार संयंत्र जैसी सुविधाओं का सहयोग मिलेगा।

कारवार नौसेना बेस के लगातार विस्तार को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संरक्षण और आवागमन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा और प्रवेश द्वार का भी उद्घाटन किया गया। इसके अतिरिक्त, चार लेन वाले वाहनों के सुगम आवागमन के लिए पुल सहित संपर्क अवसंरचना विकसित की गई है। इसमें पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए अलग रास्ते भी शामिल हैं।

प्रोजेक्ट सीबर्ड का चरण IIA भारतीय नौसेना की परिचालन और लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके तहत दोहरे उपयोग वाला नौसैनिक वायु स्टेशन, आधुनिक नौसैनिक डॉकयार्ड और जहाजों तथा विमानों के लिए लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। लगभग 10,000 वर्दीधारी एवं असैनिक कर्मियों और उनके परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की क्षमता वाला यह बेस उत्तर कन्नड़ क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

यह परियोजना पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के लागू मानकों और भारतीय हरित भवन परिषद (IGBC) के मानकों के अनुरूप विकसित की जा रही है। परियोजना पूरी होने पर इसे IGBC गोल्ड रेटिंग मिलने की उम्मीद है। आत्मनिर्भर भारत की भावना के अनुरूप परियोजना में 90 प्रतिशत से अधिक सामग्री और उपकरण घरेलू स्रोतों से प्राप्त किए जा रहे हैं।

Save the Fields Campaign 2026 : 22 अक्टूबर से शुरू होगा खेत बचाओ अभियान, किसानों को आधुनिक खेती के प्रति किया जाएगा जागरूक

खेत बचाओ अभियान 2026 के तहत किसानों को टिकाऊ खेती, फसल अवशेष प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण और केंद्र सरकार की किसान कल्याण योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी ‘खेत बचाओ अभियान 2026’ की तैयारियों को लेकर विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। यह अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक चलाया जाएगा। बैठक में अभियान की रणनीति, प्रमुख गतिविधियों और किसानों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, उत्तराखंड, राजस्थान, असम, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, बिहार और महाराष्ट्र के कृषि मंत्रियों ने भाग लिया। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतिश चंद्रा तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी बैठक में उपस्थित रहे।

शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों से अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के लिए सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अभियान केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से किसानों को वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने तथा राज्य और जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने पर भी जोर दिया।

टिकाऊ खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों पर रहेगा जोर

खेत बचाओ अभियान 2026 के अंतर्गत किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों, फसल अवशेष प्रबंधन, एकीकृत कीट प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य सुधार और जलवायु-अनुकूल खेती के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, फसल विविधीकरण, अंतरफसली खेती, जल संरक्षण और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

अभियान में तिलहन और दलहन फसलों को बढ़ावा देने, धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों का बेहतर उपयोग करने तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। किसानों को किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, बीज वितरण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी पहलों की जानकारी दी जाएगी।

लाखों किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य

बैठक में प्रस्तुत योजना के अनुसार, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (ATMA) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के माध्यम से 50-50 लाख प्रतिभागियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि विज्ञान केंद्रों और ATMA को मिलाकर 4,150 टीमों के गठन का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।

अभियान के दौरान कृषि वैज्ञानिक और कृषि विस्तार कार्यकर्ता किसानों के साथ सीधे संवाद करेंगे। उन्नत कृषि तकनीकों का प्रदर्शन, प्रशिक्षण कार्यक्रम और वैज्ञानिकों के साथ चर्चा के माध्यम से किसानों को व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। अभियान की अवधि में कुल 1.5 लाख बैठकों का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने राज्यों, जिला प्रशासन, कृषि वैज्ञानिकों और अन्य संबंधित संस्थानों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। अभियान के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

मानसा में परविंदर झोटा मामले पर अहम बैठक, बंद के दौरान हिंसा को लेकर 2 केस दर्ज

मानसा परविंदर झोटा मामले में इंसाफ कमेटी और पुलिस प्रशासन की बैठक हुई। बंद के दौरान मारपीट और आगजनी पर दो केस दर्ज, आरोपियों की पहचान की गई।

मानसा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: बिट्टू बुढलाडा, मानसा

मानसा में परविंदर झोटा इंसाफ कमेटी और पुलिस प्रशासन के बीच अहम बैठक हुई। इस दौरान डीआईजी हरजीत सिंह ने शहर में बंद के दौरान हुई मारपीट और आगजनी की घटनाओं पर पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं को लेकर दो मामले दर्ज किए गए हैं और आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

डीआईजी हरजीत सिंह ने कहा कि बंद के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने एक दुकानदार के साथ मारपीट की और उसके सामान को आग लगा दी थी। पुलिस इन घटनाओं को गंभीरता से ले रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और प्रशासन की ऐसी कोई मंशा नहीं है कि परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार जबरदस्ती करवाया जाए। उन्होंने सभी पक्षों से शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।

बैठक में मौजूद शहरवासियों और एक्शन कमेटी के सदस्यों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे शहर में शांति बनाए रखने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि शहर का माहौल खराब करने या हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करे। वे किसी भी शरारती तत्व का समर्थन नहीं करेंगे।

बैठक के दौरान शहर की ट्रैफिक समस्या और अन्य मांगों पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने भरोसा दिया कि संबंधित मांगों पर उचित कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में शांति बनाए रखना, कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना और प्रशासन तथा शहरवासियों के बीच सहयोग मजबूत करना रहा।

समराला-खन्ना रोड हादसे में 17 वर्षीय हरसेवक सिंह की मौत, इंसाफ के लिए परिजनों ने लगाया धरना

समराला सड़क हादसे में 17 वर्षीय हरसेवक सिंह की मौत हो गई, जबकि उसका भाई गुरसेवक सिंह घायल है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर धरना लगाया।

समराला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: परमिंदर वर्मा, समराला

समराला-खन्ना रोड पर नौलड़ी के नजदीक स्क्रैप से भरी गाड़ी की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार दो सगे भाई हादसे का शिकार हो गए। इस दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय हरसेवक सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई गुरसेवक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए खन्ना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों भाई मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी स्क्रैप से भरी गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन गांववासियों की मदद से उसे पकड़ लिया गया।

हरसेवक सिंह की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। वहीं, पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों और गांववासियों ने बरधाला पुलिस चौकी के पास धरना लगा दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस की ओर से ढिलाई बरती जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि चालक को बदलकर मामले में किसी अन्य व्यक्ति का नाम शामिल किया जा सकता है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

धरने की सूचना मिलने के बाद डीएसपी की अगुवाई में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा उन्हें कानून के अनुसार उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

मृतक के माता-पिता ने मांग की कि हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उसे जेल भेजा जाए, ताकि परिवार को इंसाफ मिल सके। फिलहाल, परिवार निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है।

FSSAI Action: प्रियागोल्ड बिस्कुट, डोडला डेयरी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू

FSSAI ने प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली सूर्या फूड एंड एग्रो, डोडला डेयरी और UEIR ऑर्गेनिक फूड्स के खिलाफ खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोप में तीन कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इनमें प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो, डोडला डेयरी और UEIR ऑर्गेनिक फूड्स शामिल हैं। नियामक के अनुसार, निरीक्षण और प्रयोगशाला जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

FSSAI के मुताबिक, एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद सूर्या फूड एंड एग्रो के प्लांट का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बिस्कुट बनाने में पशुओं के चारे के लिए निर्धारित ब्रान के इस्तेमाल की बात सामने आई। निरीक्षण में प्लांट की साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, कच्चे माल के भंडारण और कर्मचारियों की स्वच्छता से जुड़ी कमियां भी पाई गईं। इन उल्लंघनों के मद्देनजर कंपनी का लाइसेंस पहले ही निलंबित किया जा चुका था और अब कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

वहीं, डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध के नमूने की जांच में दूध की वसा निर्धारित मानकों से कम पाई गई। कंपनी की अपील के बाद नमूने को रेफरल फूड लेबोरेटरी भेजा गया। FSSAI के अनुसार, प्रयोगशाला ने नमूने में डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा की मौजूदगी की पुष्टि की और दूध को असुरक्षित घोषित किया। इसके बाद कंपनी और संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मंजूरी दी गई।

तीसरी कंपनी UEIR ऑर्गेनिक फूड्स के मामले में पीली किशमिश के नमूने में कीटनाशकों के अवशेष पाए गए। FSSAI ने इन मामलों को खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

इन मामलों के सामने आने के बाद खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, कंपनियों की अंतिम कानूनी जिम्मेदारी और संबंधित मामलों का निष्कर्ष सक्षम प्राधिकारियों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

ABVP Election Results: ABVP की छात्र चुनावों में जीत, अमित शाह ने की तारीफ; पंजाब यूनिवर्सिटी और DU में भी शानदार प्रदर्शन

ABVP Election Results: अमित शाह ने ABVP के प्रदर्शन की सराहना की। पंजाब यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावों में संगठन ने प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की।

पंजाब / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छात्र संघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रदर्शन की सराहना की है। उन्होंने ओडिशा के विश्वविद्यालयों के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी में संगठन की जीत का उल्लेख करते हुए इसे युवाओं की राजनीतिक पसंद से जोड़ा। अमित शाह ने ‘राष्ट्र प्रथम’ के विचार पर जोर दिया। वहीं, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी ABVP को बधाई देते हुए ओडिशा में संगठन के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र किया।

तेजस्वी सूर्या के अनुसार, ABVP ने ओडिशा के 13 विश्वविद्यालयों में से 8 में जीत हासिल की और चुनाव लड़े गए पदों में करीब 70 प्रतिशत सीटें अपने नाम कीं। दूसरी ओर, ABVP ओडिशा ने राज्य के 100 से अधिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जीत का दावा किया है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव में भी ABVP ने चार प्रमुख पदों में से तीन पर जीत दर्ज की। संगठन के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल कर अध्यक्ष पद पर कब्जा किया। उन्होंने NSUI के उम्मीदवार को 2,053 वोटों के अंतर से हराया। सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी 21,650 वोटों के साथ विजयी रहीं, जबकि संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ (PUCSC) चुनाव में ABVP के अंकित बिधान ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। उन्हें 3,149 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी समर्थित छात्र संगठन ASAP के आदिल बरार को 2,637 वोट प्राप्त हुए। अंकित बिधान ने 512 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इस परिणाम के साथ ABVP ने पंजाब यूनिवर्सिटी में लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की।

छात्र संघ चुनावों के इन परिणामों के बाद विश्वविद्यालयों में छात्र संगठनों की राजनीतिक सक्रियता और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता चर्चा का विषय बन गई है।

Air India Flights: सऊदी अरब के 3 शहरों की उड़ानें 24 अक्टूबर तक बंद, यात्रियों को मिलेगा रिफंड

Air India Flights Suspended: एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने जेद्दा, रियाद और दमाम की उड़ानें 24 अक्टूबर 2026 तक निलंबित कीं। यात्रियों को री-बुकिंग और रिफंड का विकल्प मिलेगा।

दिल्ली / सत्ता संदेश

एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सऊदी अरब के तीन प्रमुख शहरों जेद्दा, रियाद और दमाम से आने-जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। एयरलाइन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह रोक 24 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। इस फैसले से प्रभावित यात्रियों को टिकट री-बुकिंग, वैकल्पिक शहरों से यात्रा और रिफंड का विकल्प दिया गया है।

15 अक्टूबर तक टिकट बुक कराने वालों को राहत

एअर इंडिया के मुताबिक, जिन यात्रियों के कन्फर्म टिकट 15 अक्टूबर 2026 या उससे पहले जारी हुए हैं और जिनकी यात्रा 9 से 25 अक्टूबर 2026 के बीच निर्धारित है, वे पात्र बुकिंग पर 10 नवंबर 2026 तक एक बार बिना अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलवा सकते हैं। एयरलाइन ने कहा है कि वह प्रभावित यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

दूसरे शहरों से यात्रा करने का विकल्प

उड़ानें प्रभावित होने के कारण यात्रियों को खाड़ी क्षेत्र के कुछ अन्य शहरों से यात्रा की री-बुकिंग कराने का विकल्प भी दिया गया है। उपलब्धता के आधार पर एअर इंडिया के यात्री दुबई या दोहा से आने-जाने वाली उड़ानों का विकल्प चुन सकते हैं।

वहीं, एअर इंडिया एक्सप्रेस के यात्री अबू धाबी, अल ऐन, बहरीन, दोहा, दुबई, कुवैत, मस्कट, रास अल खैमाह, सलालाह या शारजाह से उड़ानों की री-बुकिंग करा सकते हैं।

हालांकि, वैकल्पिक शहर से यात्रा करने वाले यात्रियों को संबंधित शहर तक पहुंचने की व्यवस्था खुद करनी होगी। इसके अलावा, उन्हें संबंधित देश के वीजा और प्रवेश नियमों का पालन करना होगा।

उड़ान रद्द होने पर मिलेगा पूरा रिफंड

एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, वे यात्रा नहीं करने की स्थिति में पूरा रिफंड लेने का विकल्प चुन सकते हैं। री-बुकिंग और रिफंड से संबंधित सहायता के लिए एयरलाइन के संपर्क केंद्रों और बुकिंग कार्यालयों से संपर्क किया जा सकता है।

एअर इंडिया ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि संबंधित एयरलाइन से जरूर कर लें। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह मौजूदा परिस्थितियों पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की जानकारी साझा करेगी।

Punjab Anti-Drug Campaign: फिल्लौर में CM भगवंत मान की समीक्षा बैठक, 117 DSP नियुक्त

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिल्लौर में नशा विरोधी अभियान की समीक्षा की। पंजाब में पुलिस विभाग को मजबूत करने के लिए 117 डीएसपी नियुक्त किए गए और नए वाहनों को मंजूरी दी गई।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

दिनांक : 16 अक्टूबर 2026

पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज फिल्लौर में समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी जिलों के एसएसपी, डीसी, डीएसपी और एसडीएम ने हिस्सा लिया। इस दौरान नशा विरोधी अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई और पुलिस विभाग को मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसे जन-आंदोलन बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को इस अभियान में भागीदारी निभानी चाहिए, ताकि पंजाब को नशे की समस्या से मुक्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान से जुड़ी सिफारिशों को लागू करने की पूरी अनुमति दे दी गई है। पुलिस विभाग को और मजबूत बनाने के लिए 117 डीएसपी नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस के लिए नए वाहनों को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिल सके।

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब गुरुओं और संतों की पवित्र धरती है और इस भूमि पर नशे का कलंक नहीं लगने दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ लड़ाई में सरकार का सहयोग करें और मिलकर पंजाब को फिर से खुशहाल बनाने में योगदान दें।

मुख्यमंत्री ने महाराजा रणजीत सिंह के न्यायपूर्ण शासन का उल्लेख करते हुए ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई को सफल बनाने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा।

खालसा कॉलेज फॉर विमेन लुधियाना में रोटारैक्ट क्लब का पदस्थापन समारोह आयोजित

खालसा कॉलेज फॉर विमेन लुधियाना में रोटारैक्ट क्लब का पदस्थापन समारोह आयोजित हुआ। जसमीन कौर अध्यक्ष और हरमनप्रीत कौर सचिव बनीं।

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक :16 अक्टूबर, 2026

खालसा कॉलेज फॉर विमेन, सिविल लाइंस, लुधियाना के रोटारैक्ट क्लब की ओर से 16 अक्टूबर, 2026 को कॉलेज के मुख्य हॉल में सत्र 2026-27 के लिए पदस्थापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में नई टीम ने नेतृत्व, सामाजिक सेवा और सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर रोटेरियन जसमीन कौर ने क्लब की अध्यक्ष और रोटेरियन हरमनप्रीत कौर ने सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया। नई टीम ने टीम वर्क, सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।

समारोह में रोटरी क्लब लुधियाना के अध्यक्ष रोटेरियन हरसजन सिंह, रोटेरियन राकेश महेंद्रू और अन्य रोटरी सदस्य उपस्थित रहे। रोटेरियन हरसजन सिंह ने पदस्थापन अधिकारी की भूमिका निभाई और नव नियुक्त पदाधिकारियों को समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

क्लब प्रभारी डॉ. आंचल अरोरा ने नई टीम का मार्गदर्शन किया। वहीं, कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. कमलजीत गरेवाल ने पदाधिकारियों को नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

समारोह में युवा नेतृत्व, सामूहिक प्रयास और सामुदायिक सेवा के महत्व पर जोर दिया गया। नव नियुक्त अध्यक्ष, सचिव और उनकी टीम ने समाज की बेहतरी के लिए सार्थक पहल और गतिविधियां आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम का समापन उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, रोटरी सदस्यों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज लुधियाना में रीजनल इंडस्ट्री-एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2026 आयोजित

सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज लुधियाना में रीजनल इंडस्ट्री-एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2026 आयोजित हुआ। तकनीकी शिक्षा, उद्योगों के सहयोग और रोजगार के अवसरों पर चर्चा हुई।

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक : 16 अक्टूबर 2026

पंजाब स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग (PSBTE) ने सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, लुधियाना के सहयोग से कॉलेज परिसर में ‘रीजनल इंडस्ट्री-एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन किया। इसका उद्देश्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा विद्यार्थियों के लिए रोजगार और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर विकसित करना था।

कार्यक्रम में पंजाब स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) संदीप कंसल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कॉन्क्लेव में विभिन्न सरकारी तकनीकी संस्थानों के प्रधानाचार्यों, उद्योग प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए प्रो. (डॉ.) संदीप कंसल ने कहा कि तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए उद्योगों के साथ निरंतर संवाद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम में सुधार करने में मदद मिल सकती है। इससे विद्यार्थियों को आवश्यक तकनीकी कौशल हासिल करने और बेहतर करियर अवसरों के लिए तैयार होने का अवसर मिलेगा।

PSBTE के एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. भरत नरेश बंसल ने उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकी कौशल और उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद के अधिक अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपनी क्षमताएं विकसित कर सकें।

कॉन्क्लेव के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्र की बदलती जरूरतों और अपने व्यावहारिक अनुभवों को साझा किया। चर्चा में तकनीकी शिक्षा और उद्योगों के बीच की दूरी कम करने, विद्यार्थियों के तकनीकी एवं सॉफ्ट स्किल्स विकसित करने, इंटर्नशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण को मजबूत बनाने, पाठ्यक्रम को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप अपडेट करने तथा रोजगार और प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने जैसे विषय शामिल रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित उद्योग प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने इस पहल की सराहना करते हुए तकनीकी संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उद्योगों, शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों के बीच नियमित संवाद से रोजगार की जरूरतों को समझने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल प्रदान करने में मदद मिल सकती है।

इस अवसर पर सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बेहराम और सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, खुनीमाजरा सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रधानाचार्य भी उपस्थित रहे। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ना और विद्यार्थियों के लिए रोजगारोन्मुखी अवसरों को बढ़ावा देना रहा।