ED मामले पर बिक्रम मजीठिया का पंजाब सरकार पर हमला, बोले- हाई कोर्ट के आदेश से उठे गंभीर सवाल
चंडीगढ़ / सत्ता संदेश
ED की चिट्ठियों और उनसे जुड़े मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने हाई कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा है।
मजीठिया ने आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान पंजाब पुलिस और पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की भूमिका सवालों के घेरे में रही। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर सबूतों को नुकसान पहुंचाने और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया।
अकाली नेता के मुताबिक, हाई कोर्ट के आदेश में पंजाब पुलिस की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि ED की ओर से भेजे गए पत्रों और उनकी वैधता की जांच में पुलिस को करीब दो महीने लग गए, जबकि इसी अवधि में कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। मजीठिया ने सवाल उठाया कि यदि ED के पत्र वैध नहीं थे तो उनके आधार पर अधिकारियों को नोटिस क्यों जारी किए गए।
नितिन गोयल की कथित चैट का हवाला
बिक्रम मजीठिया ने नितिन गोयल की कथित चैट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकारी नीतियों, गोपनीय फाइलों, लाइसेंस और टेंडर से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी का इस्तेमाल कुछ निजी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया।
उन्होंने OSD राजबीर घुमन समेत कई लोगों को लेकर भी आरोप लगाए। मजीठिया ने दावा किया कि हाई कोर्ट के आदेश में राजबीर घुमन का कई बार उल्लेख किया गया है।
CBI जांच और FIR का दावा
मजीठिया ने दावा किया कि हाई कोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने और FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस मामले में बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है।
अकाली नेता ने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर कथित तौर पर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। उन्होंने इस मामले में कई अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
भगवंत मान सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए मजीठिया ने कहा कि एक तरफ सरकार ईमानदार मुख्यमंत्री और गुड गवर्नेंस की बात करती है, जबकि दूसरी ओर हाई कोर्ट के आदेश के बाद भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े इतने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच CBI को सौंपी गई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है और मामले में आगे होने वाली जांच व कानूनी प्रक्रिया से स्थिति और स्पष्ट होगी।
प्रताप सिंह बाजवा को दी बधाई
कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा को लेकर पूछे गए सवाल पर मजीठिया ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि बाजवा के सामने अपनी पार्टी को एकजुट रखने की चुनौती होगी।
वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकार के वादे पूरे करने के बयान पर मजीठिया ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार के दावों के बारे में जनता को खुद फैसला करना चाहिए।
ड्रग्स और अवैध माइनिंग पर भी सरकार को घेरा
बिक्रम मजीठिया ने पंजाब में ड्रग्स और अवैध माइनिंग के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने रावी नदी में कथित माइनिंग गतिविधियों का मुद्दा उठाते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ने का दावा किया। मजीठिया ने कहा कि ऐसी गतिविधियों से सीमा क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं।
फिलहाल ED से जुड़े इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले समय में जांच और अदालती प्रक्रिया के साथ इस मामले में नए तथ्य सामने आने की संभावना है।

