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सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा के नए कैप्टन ऑफ पोर्ट्स टर्मिनल का उद्घाटन किया, गोवा वाटर मेट्रो को मिली प्राथमिकता

गोवा / सत्ता संदेश

26 जून को पणजी में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा के नए कैप्टन ऑफ पोर्ट्स टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। 48.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस तटीय सुविधा का उद्देश्य समुद्री प्रशासन को सुदृढ़ करना, पोतों की निगरानी तथा नौवहन में सुधार करना तथा राज्य के सतत् समुद्री विकास के विज़न को समर्थन देना है।

गोवा राज्य अवसंरचना विकास निगम द्वारा विकसित यह जी+3 भवन 4,405 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है और य‍ह कैप्टन ऑफ पोर्ट्स के वर्तमान कार्यालय की जगह लेगा, जो विभाग की बढ़ती परिचालन आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त हो गया था। नदी के तट पर खड़े एक पोत की आकृति से प्रेरित यह नया टर्मिनल मांडवी नदी की ओर मुख किए हुए है और इसे प्रशासनिक केंद्र के साथ-साथ गोवा की समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने वाले एक प्रमुख स्थलचिह्न के रूप में डिजाइन किया गया है।

नया टर्मिनल नदी तट पर अधिक मज़बूती सुनिश्चित करने के लिए पाइल नींव तथा इस्पात और प्रबलित कंक्रीट की मिश्रित संरचना के साथ निर्मित किया गया है। कैप्टन ऑफ पोर्ट्स विभाग के कार्यालय के अतिरिक्त, इस भवन में आधुनिक यात्री सुविधाएँ, दोहरी ऊँचाई वाला सार्वजनिक लॉबी क्षेत्र, सम्मेलन सुविधाएँ, समुद्री एवं जल सर्वेक्षण कार्यालय, नैविगेशन कंट्रोल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, रेडियो संचार केंद्र तथा सार्वजनिक सुविधाएँ भी शामिल हैं। लगभग 450 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एक रूफटॉप एम्फीथिएटर, एक इनडोर रेस्तरां और एक खुला टैरेस भी इसमें शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले बारह वर्षों के दौरान भारत के समुद्री क्षेत्र में हुए परिवर्तन को रेखांकित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि देश के बंदरगाहों की क्षमता लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि पोतों का टर्नअराउंड समय 95 घंटे से घटकर 41 घंटे रह गया है। भारत के समुद्री नाविकों का कार्यबल बढ़कर 3.23 लाख से अधिक हो गया है, तटीय माल परिवहन दोगुने से अधिक हो गया है, क्रूज़ यात्रियों की आवाजाही में चार गुना से अधिक वृद्धि हुई है तथा परिचालनरत राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या तीन से बढ़कर 32 हो गई है।

सोनोवाल ने मोरमुगाओ बंदरगाह प्राधिकरण के तीव्र विकास पर भी कहा कि वर्ष 2014 से अब तक 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली अवसंरचना परियोजनाएँ पूरी की जा चुकी हैं, जबकि 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएँ कार्यान्वयनाधीन हैं। इनमें बर्थ संख्या 9 का पुनर्विकास, नए मत्स्य बंदरगाह सहित वास्को बे परियोजना, गहरे ड्राफ्ट वाले बर्थों के लिए कैपिटल ड्रेजिंग तथा आधुनिक नाविक क्लब शामिल हैं। मोरमुगाओ बंदरगाह भारत का पहला हरित बंदरगाह तथा हरित पोत प्रोत्साहन शुरू करने वाला पहला बंदरगाह भी बन गया है।

APEDA की मदद से रीवा के GI-टैग ‘सुंदरजा’ आमों का UAE को पहला वाणिज्यिक निर्यात

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग वाले रीवा सुंदरजा आमों के मध्य प्रदेश से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में पहले वाणिज्यिक निर्यात में मदद की है जो वैश्विक बाजारों में भारत के वि‍शिष्‍ट कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

पिछले कई महीनों से एपीडा ने मध्य प्रदेश सरकार के बागवानी विभाग, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), पैकिंग हाउस संचालकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ मिलकर इस उत्‍कृष्‍ट किस्म के आम के निर्यात के लिए संपर्क स्थापित करने का काम किया है। इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप संयुक्त अरब अमीरात में एक खरीदार की पहचान हुई जिससे प्रसिद्ध रीवा सुंदरजा आम के अंतरराष्ट्रीय विपणन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

जीआई टैग वाले रीवा सुंदरजा आमों की पहली वाणिज्यिक निर्यात खेप में एक मीट्रिक टन आम शामिल थे और यह 26 जून 2026 को मेसर्स साल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संयुक्त अरब अमीरात को निर्यात की गई। यह ऐतिहासिक खेप रीवा सुंदरजा आम की अंतरराष्ट्रीय यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है और आने वाले समय में नियमित निर्यात का मार्ग प्रशस्त करने की उम्मीद है।

निर्यात खेप में उच्च गुणवत्ता वाले जीआई टैग से युक्त रीवा सुंदरजा आम शामिल थे जिन्हें मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ निवासी से ओन्धा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और प्रगतिशील किसान श्री सोनू गुप्ता से प्राप्त किया गया था। आमों की कटाई निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार की गई थी और उत्तर प्रदेश के भदोही स्थित त्रिसागर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के एपीडा-सुविधा प्राप्त पैक हाउस में इनकी ग्रेडिंग, छँटाई और निर्यात-योग्य पैकेजिंग की गई थी। निर्यात पैकेजिंग और पौध स्वच्छता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद  आमों की खेप को वाराणसी हवाई अड्डे लाया गया जहां से उसे हवाई मार्ग द्वारा आगे संयुक्त अरब अमीरात भेजा गया।

इस व्यावसायिक निर्यात से रीवा क्षेत्र के आम उत्पादकों को महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। स्थानीय बाजार में रीवा सुंदरजा आम का मौजूदा भाव लगभग 100 से 110 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि निर्यातक ने इसे 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा है। प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपये का यह लाभ किसानों को सीधे तौर पर मिलता है जो निर्यात-उन्मुख मूल्य श्रृंखलाओं में उत्पादकों को शामिल करने के आर्थिक लाभों को दर्शाता है। इस पहल से अधिक से अधि‍क किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और कटाई के बाद की प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उनकी पहुंच बढ़ने की भी उम्मीद है।

इस सफल निर्यात से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्षेत्र-विशिष्ट कृषि उत्पादों को एक अलग पहचान दिलाने में भौगोलिक संकेत (जीआई) पंजीकरण के महत्व पर और जोर दिया गया है। असाधारण मिठास, भरपूर सुगंध, रेशे रहित गूदे और विशिष्ट स्वाद के लिए प्रसिद्ध रीवा सुंदरजा आम में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। वाणिज्यिक निर्यात से इस स्वदेशी किस्म की वैश्विक पहचान बढ़ने की उम्मीद है और इसके साथ ही मध्य प्रदेश उत्‍कृष्‍ट कि‍स्‍म के आम निर्यात के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

संयुक्त अरब अमीरात को जीआई टैग वाले रीवा सुंदरजा आमों की पहली वाणिज्यिक निर्यात खेप की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में 26 जून 2026 को ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन मध्य प्रदेश से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एपीडा के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्‍ध‍ि साबित हुआ और एपीडा मध्य प्रदेश सरकार के बागवानी विभाग, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों, पैक हाउस संचालकों और किसानों के बीच सफल सहयोग को दर्शाता है।

एपीडा निर्यात अवसंरचना को सुदृढ़ करके, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कर, बाजार संपर्क विकसित करके और वैश्विक बाजारों में भारत के कृषि उत्पादों को बढ़ावा देकर जीआई-टैग वाले और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रीवा सुंदरजा आमों के वाणिज्यिक निर्यात की सफल शुरुआत से भारत से जीआई उत्पादों के लिए नए अवसर पैदा होने, कृषि निर्यात तंत्र को मजबूत करने और रीवा क्षेत्र के आम उत्पादकों की स्थायी आय में वृद्धि में योगदान देने की उम्मीद है।

भारतीय नौसेना का विशाल पोत आईएनएस सुदर्शनी अमेरिका के बाल्टीमोर पहुंचा

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शनी 26 जून को ऐतिहासिक समुद्री अभियान लोकायन 26 के हिस्से के रूप में अमेरिका के मैरीलैंड स्थित बाल्टीमोर बंदरगाह पर पहुंचा। नॉरफ़ॉक से इस यात्रा में प्रमुख मध्य-अटलांटिक पुलों के नीचे स्थित ऐतिहासिक चेसापीक और डेलावेयर नहर से होकर गुजरना शामिल था।

आईएनएस सुदर्शनी की बाल्टीमोर यात्रा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और भारतीय नौसेना तथा अमेरिकी नौसेना के बीच अटूट मित्रता एवं सहयोग के बंधन को दर्शाती है। अपनी यात्रा के दौरान, यह जहाज अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले सेल250 मैरीलैंड समारोह से पहले समुद्री गतिविधियों और सामुदायिक संपर्क गतिविधियों में भाग लेगा।

बाल्टीमोर पहुंचने से पहले, सुदर्शनी ने 19-23 जून तक नॉरफ़ॉक में आयोजित सेल 250 वर्जीनिया समारोह में भाग लिया जहां इस पोत ने दुनिया भर के बड़े जहाजों के साथ मिलकर परेड ऑफ सेल और सिटी क्रू परेड में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

कोच्चि से नॉरफ़ॉक तक पांच महीनों में 13,000 समुद्री मील से अधिक की दूरी तय करने वाली यह समुद्री यात्रा भारत की समुद्री परंपराओं और वसुधैव कुटुंबकम की भावना का प्रमाण है , जो महासागरों के पार मित्रता, सहयोग और आपसी विश्वास को बढ़ावा देती है।

जेपी नड्डा 29 जून को आरोग्य सेतु 2.0 और डिजिटल पहल का करेंगे शुभारंभ

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत के डिजिटल स्वास्थ्य ईकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा सोमवार, 29 जून को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई डिजिटल पहल का शुभारंभ करेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और राष्ट्रीय EHR मानक संसाधन केंद्र के तत्वावधान में विकसित इन पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना, डेटा आदान-प्रदान को मजबूत करना और देशभर में स्वास्थ्य के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को अपनाने में तेजी लाना है।

आरोग्य सेतु 2.0 , जो नागरिकों के लिए एक व्यापक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड एप्लिकेशन है । कोविड-19 महामारी के दौरान स्थापित विश्वास और पहुंच का लाभ उठाते हुए, यह नई एप्लिकेशन एक ही प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रदान करती है।
यह एप्लिकेशन आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता बनाने और प्रबंधन करने, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंच और साझा करने, सहमति आधारित स्वास्थ्य सूचना आदान-प्रदान, एआई-संचालित स्वास्थ्य अंतर्दृष्टि और स्मार्ट स्वास्थ्य रिपोर्ट और रजिस्टर के माध्यम से ओपीडी पंजीकरण, स्कैन और पे के माध्यम से अस्पताल भुगतान और परिवार स्वास्थ्य प्रबंधन को सक्षम बनाता है।

इसके अलावा, यह एप्लिकेशन PM-JAY सेवाओं तक पहुंच प्रदान करती है, जिसमें PM-JAY सूचीबद्ध अस्पतालों की खोज, AB PM-JAY वॉलेट और आयुष्मान CAPF पॉलिसी विवरण तक पहुंच के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य सेवाओं तक निर्बाध पहुंच शामिल है।

आयुष्मान ऐप आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाओं की सुविधा प्रदान करेगा। इस उन्नत एप्लिकेशन की मदद से लाभार्थी पात्रता सत्यापन, आयुष्मान कार्ड सेवाएं, उपचा, अस्पताल की जानकारी, शिकायत निवारण और लाभार्थी सहायता सहित योजना से संबंधित आवश्यक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज जो स्वास्थ्य दावों के निर्बाध प्रसंस्करण के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना है, सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रमों में प्रदाताओं और भुगतानकर्ताओं के बीच स्वास्थ्य दावों की जानकारी के मानकीकृत आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा, जिससे प्रशासनिक बोझ कम होगा और दावों के प्रसंस्करण में तेजी और अधिक कुशलता आएगी।


मानसा जिला ट्रांसपोर्ट कार्यालय में विजिलेंस की रेड, कार्यालय में मिले सिर्फ दो कर्मचारी

अचानक जांच के दौरान एजेंटों में मची भगदड़, अधिकारियों की हाजिरी भी जांच के दायरे में

मानसा / सत्ता संदेश

मानसा जिला ट्रांसपोर्ट कार्यालय में शुक्रवार को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने अचानक छापेमारी कर जांच की। रेड की सूचना मिलते ही कार्यालय परिसर में मौजूद कई एजेंट मौके से भाग निकले।

मौके पर मौजूद डीएसपी विजिलेंस कुलवंत सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई औचक निरीक्षण के तहत की गई। जांच के दौरान कार्यालय में केवल दो कर्मचारी ही मौजूद मिले, जबकि कई अधिकारी अवकाश पर बताए गए। उन्होंने कहा कि छुट्टी पर रहने वाले अधिकारियों की हाजिरी और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

डीएसपी कुलवंत सिंह ने बताया कि जांच के दौरान कार्यालय की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की उपस्थिति और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि जिला ट्रांसपोर्ट कार्यालय को लेकर लंबे समय से रिश्वतखोरी और एजेंटों की सक्रियता की शिकायतें सामने आती रही हैं। आम लोगों का आरोप रहा है कि विभिन्न कार्यों के लिए उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है और एजेंटों के माध्यम से काम करवाने का दबाव बनाया जाता है।

फिलहाल विजिलेंस की कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।

वार्ड नंबर 44 में MLA कुलवंत सिंह सिद्धू ने सुनी समस्याएं, मौके पर समस्याओं के किए समाधान
  • वार्ड नंबर 44 में महिलाओं के लिए सहायता शिविर, MLA ने सुनीं समस्याएं
  • जनसभा के दौरान कई शिकायतों का मौके पर हुआ समाधान, 2027 के चुनाव में समर्थन की अपी

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना शहर के वार्ड नंबर 44 में महिलाओं के लिए ₹1000 और ₹1500 से संबंधित आवेदन फॉर्म भरवाने के लिए एक विशेष सहायता शिविर लगाया गया। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने जनसभा को भी संबोधित किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, विशेषकर महिलाएं, शामिल हुईं।

शिविर के दौरान महिलाओं को संबंधित योजनाओं के आवेदन फॉर्म भरने में सहायता प्रदान की गई। साथ ही उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और पात्रता संबंधी जानकारी भी दी गई।

जनसभा के दौरान क्षेत्रवासियों ने सड़क, सीवरेज, सफाई, पेयजल और अन्य स्थानीय समस्याओं को विधायक के समक्ष रखा। विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने लोगों की शिकायतें ध्यानपूर्वक सुनीं और कई मामलों में संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही बातचीत कर समाधान करवाया। शेष समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का भी आश्वासन दिया।

इस अवसर पर कई लोगों ने राज्य सरकार के पिछले चार वर्षों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों में तेजी आई है और जनसुविधाओं में पहले की तुलना में सुधार देखने को मिला है।

अपने संबोधन में विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने कहा कि राज्य सरकार लोगों की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं पर लगातार कार्य कर रही है।

विधायक ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि वे विकास की इस गति को आगे भी बनाए रखना चाहते हैं तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का समर्थन करें।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहायता शिविर का लाभ उठाया। इस दौरान पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।

हज़रत पीर बाबा सुनेत शाह वली दरबार में 14वां सालाना झंडा चढ़ाने का कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक संपन्न

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने टेका माथा, अकाली दल के वरिष्ठ नेता परोपकार सिंह घुम्मन और प्रताप सिंह रहे मुख्य अतिथि

लुधियाना / सत्ता संदेश

हैबोवाल कला स्थित गोपाल नगर की गली नंबर 1 में स्थित हज़रत पीर बाबा सुनेत शाह वली दरबार में 14वां सालाना झंडा चढ़ाने का धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दरबार में पहुंचकर माथा टेका और झंडा चढ़ाने की रस्म में भाग लेते हुए बाबा जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम में अकाली दल के वरिष्ठ नेता परोपकार सिंह घुम्मन और प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दरबार में मत्था टेककर प्रदेश और समाज की सुख-समृद्धि एवं आपसी भाईचारे की कामना की।

धार्मिक समारोह के दौरान दरबार का माहौल पूरी तरह श्रद्धा और भक्ति में रंगा रहा। श्रद्धालुओं ने बाबा जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कार्यक्रम का सफल आयोजन विक्की जी की अध्यक्षता में किया गया, जिनकी देखरेख में झंडा चढ़ाने की रस्म और अन्य धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुए।

आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं, गणमान्य अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारे, प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया और सभी की सुख-शांति एवं खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।

Goa: पर्यावरण संरक्षण की बड़ी पहल, दक्षिण गोवा की 1.03 करोड़ वर्ग मीटर जमीन नो डेवलपमेंट जोन घोषित

गोवा / सत्ता संदेश

गोवा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दक्षिण गोवा के सालसेत तालुका में 1.03 करोड़ वर्ग मीटर भूमि को ‘नो डेवलपमेंट जोन’ (एनडीजेड) घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद इन इलाकों में निर्माण और विकास से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लग जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों, कृषि भूमि और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना है।

गोवा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री विश्वजीत राणे ने शुक्रवार को बताया कि अधिसूचित क्षेत्र में नमक के खेत, धान के खेत और अन्य पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील जमीन शामिल हैं। ये जमीनें सालसेत तालुका के सात गांवों में फैली हुई हैं। राज्य सरकार ने इसे क्षेत्रीय योजना के तहत ‘नो डेवलपमेंट जोन’ घोषित किया है, ताकि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को बचाया जा सके।

किन इलाकों को नो डेवलपमेंट जोन में शामिल किया गया है?

सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक 29.13 लाख वर्ग मीटर भूमि तालाउलिम गांव में अधिसूचित की गई है। इसके बाद माजोर्डा में 17.64 लाख वर्ग मीटर, सेराउलिम में 16.81 लाख वर्ग मीटर, लौटोलिम में 16.71 लाख वर्ग मीटर, उटोरडा में 9.92 लाख वर्ग मीटर, ओरलिम में 9.49 लाख वर्ग मीटर और कालाटा में 4.08 लाख वर्ग मीटर भूमि को एनडीजेड में शामिल किया गया है।विज्ञापन

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया है?

गोवा सरकार का कहना है कि यह निर्णय राज्य के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए लिया गया है। समुद्र तटों और हरित क्षेत्रों के लिए प्रसिद्ध गोवा में तेजी से शहरीकरण हो रहा है। ऐसे में पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील इलाकों को संरक्षण देना जरूरी हो गया था। सरकार का मानना है कि इससे प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ कृषि विरासत भी सुरक्षित रहेगी।

क्या इन इलाकों में विकास कार्य पूरी तरह रुक जाएंगे?

‘नो डेवलपमेंट जोन’ घोषित होने के बाद इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निर्माण और व्यावसायिक विकास गतिविधियों पर रोक रहेगी। हालांकि, सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि स्थानीय लोगों की पारंपरिक कृषि गतिविधियों और अन्य सीमित उपयोगों को लेकर क्या दिशा-निर्देश होंगे। क्षेत्रीय योजना के तहत इन इलाकों की निगरानी की जाएगी, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को रोका जा सके

गोवा में पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे क्या योजना है?

इस महीने की शुरुआत में ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील भूमि की पहचान शुरू की थी। सरकार का उद्देश्य ऐसे इलाकों को विकास के दबाव से बचाना और प्राकृतिक परिदृश्य को संरक्षित रखना है। ताजा अधिसूचना को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले समय में राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं।

PM मोदी सेशेल्स दौरे के लिए हुए रवाना, आजादी के स्वर्ण जयंती समारोह में होंगे मुख्य अतिथि

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स दौरे के लिए रवाना हुए । यहां वे देश के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स की यात्रा कर रहे हैं।

कई मुद्दें पर होगी चर्चा
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति हरमिनी के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा को संबोधित करने और भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करने वाले हैं। पीएम मोदी सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। 

भारत के महासागर विजन में सेशेल्स का अहम स्थान
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ‘भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-संबंधों पर आधारित दीर्घकालिक साझेदारी है। हिंद महासागर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी होने के नाते, सेशेल्स भारत के विजन महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) और वैश्विक दक्षिण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता में विशेष स्थान रखता है।

इसमें आगे कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी मित्रता की पुष्टि करेगी और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करेगी। इससे पहले अप्रैल में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉरीशस में आयोजित 9वें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान अपने सेशेल्स समकक्ष बैरी फॉरे से मुलाकात की और विक्टोरिया को उसकी वर्तमान आर्थिक चुनौतियों से निपटने में सहायता करने के लिए नई दिल्ली की प्रतिबद्धता व्यक्त की।


सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित रातीश ने क्या कहा?
भारत-सेशेल्स संबंधों को ‘गतिशील और उत्कृष्ट’ बताते हुए, सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित रातीश ने शुक्रवार को कहा कि दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबरस्पेस, साइबर सुरक्षा, समुद्री विज्ञान और संरक्षण और नीली अर्थव्यवस्था जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के इच्छुक हैं। प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले आईएएनएस से बात करते हुए, रतीश ने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने और विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों की घोषणा होने की उम्मीद है।

उन्होंने फरवरी में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा और पिछले साल अक्टूबर में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सेशेल्स यात्रा का भी जिक्र किया, जिससे उच्च स्तरीय द्विपक्षीय संबंधों में आई तेजी का पता चलता है।

रामगढ़िया गर्ल्स कॉलेज में कन्वोकेशन और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन

लुधियाना / सत्ता संदेश

रामगढ़िया गर्ल्ज़ कॉलेज, मिल्लर गंज,लुधियाना में दीक्षांत तथा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गई। कॉलेज परिवार के लिए यह हर्ष का विषय रहा कि पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कारगुज़ारी दिखाने वाली छात्राओं को रॉल ऑफ ऑनर दे कर सम्मानित भी किया गया|विभिन्न गतिविधियों की विजेता छात्राओं को पुरस्कार भी वितरित किए गए।

इस अवसर पर डॉ.दविंदर सिंह,प्रधान कलगीधर ट्रस्ट बडू साहिब मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।इस अवसर पर डॉ.नीलम कौर,वाइस चांसलर ईटरनल यूनिवर्सिटी बड़ू साहिब, हिमाचल प्रदेश विशेष मेहमान के रूप में उपस्थित हुए,जबकि इस अवसर पर मिस ऋतु सिंगल (लेखिका तथा एम.डी निप्पॉन लेदररीट प्राइवेट लिमिटेड) तथा श्रीमती संदीप रियात (एम डी अकाल स्प्रिंग लिमिटेड ) भी विशेष रूप से उपस्थित हुए।रामगढ़िया ऐजुकेश्नल कौंसिल के प्रधान स. रणजोध सिंह,सचिव स.गुरचरण सिंह लोट्टे तथा कॉलेज प्रिंसीपल डॉ.अजीत कौर ने सम्मानित मेहमानों का गर्म-जोशी से स्वागत किया| डॉ.सतीश शर्मा,डॉ बलबीर शाह और स.अमरजीत सिंह टिक्का ने भी समागम की शोभा को बढ़ाया।

समारोह का प्रारम्भ एम.ए. संगीत-गायन की छात्राओं दृारा “देहि शिवा बर मोहि इहै” शब्द के गायन से किया गया।ज्योति प्रज्वलन के द्वारा समारोह का आरंभ किया गया।तदोपरांत मुख्य अतिथि दृारा ग्रेजुएट एवं पोस्ट-ग्रेजुएट स्तर पर लगभग 400 छात्राओं को डिग्रियां दी गईं| शिक्षा व अन्य गतिविधियों में बढिया कारगुज़ारी दिखाने वाली छात्राओं को रॉल आफ़ आनर से सम्मानित किया गया|मुख्य अतिथि ने डिग्रियां तथा पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि,” उन्होंने जो ज्ञान इस कॉलेज से अर्जित किया है,उसे अपने देश एवं मानवता की भलाई के लिए प्रयोग करें, यहीं उनकी असली प्राप्ति है।”कॉलेज प्रिंसीपल डॉ.अजीत कौर ने कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी और कॉलेज की प्राप्तियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि,”कॉलेज ने सदैव नैतिक मूल्यों से भरपूर शिक्षा पर बल दिया है,जिसके साथ शैक्षणिक बुलंदियां भी जुड़ी हुई हैं और हम आशा करते हैं कि हमारी होनहार छात्राएं आने वाले जीवन में ऐसे ही खूब कमाती रहें।”

रामगढ़िया एजुकेशनल कौंसिल के प्रधान स. रणजोध सिंह ने छात्राओं की शानदार प्राप्तियों की प्रशंसा की और कहा कि,”छात्राओं ने अपनी सख्त मेहनत, दृढ़ लगन तथा जनून से ज़िन्दगी के इन ऊंचे शिखरों को छुआ, कॉलेज व मां बाप का नाम रौशन किया है|” इस अवसर पर रामगढ़िया एजुकेशनल कॉन्सिल के भी विभिन्न सदस्य व रामगढ़िया एजुकेशनल कॉन्सिल की शिक्षण संस्थानों के प्रिंसिपल भी उपस्थित हुए| सभी गणमान्य अतिथियों को कॉलेज परिवार की तरफ से सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।  सचिव स.गुरचरण सिंह लोट्टे जी ने आये हुए मेहमानों का धन्यवाद किया।राष्ट्रीय गान के गायन द्वारा समारोह का समापन किया गया।