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बठिंडा में अनोखा प्रदर्शन: सिलेंडर की किल्लत पर ‘डाकू’ बने पूर्व पार्षद, घोड़े पर सवार होकर छीना गैस सिलेंडर

पंजाब डेस्क: पंजाब के बठिंडा में रसोई गैस (LPG) की किल्लत और कालाबाजारी के खिलाफ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। शहर के पूर्व पार्षद विज कुमार शर्मा ने गैस सिलेंडरों की अनुपलब्धता से परेशान होकर ‘डाकू’ का वेश धारण किया और घोड़े पर सवार होकर अपना रोष प्रकट किया।

प्रतीकात्मक लूट और विरोध का कारण: प्रदर्शन के दौरान विज कुमार शर्मा ने सड़क से गुजर रहे एक व्यक्ति से प्रतीकात्मक रूप से सिलेंडर छीन लिया। उन्होंने बताया कि उन्हें स्वयं गैस सिलेंडर लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। पूर्व पार्षद ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो जारी होने के बाद, जिसमें लॉकडाउन जैसी स्थितियों की आशंका जताई गई है, आम लोगों के लिए सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है।

प्रशासन के दावों पर सवाल: विज कुमार शर्मा ने बठिंडा के उपायुक्त (DC) और स्थानीय प्रशासन के उन दावों को चुनौती दी है जिनमें कहा गया था कि जिले में सिलेंडर की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत प्रशासन के दावों से बिल्कुल अलग है और लोग दर-दर भटक रहे हैं।

सरकार से मांग: पूर्व पार्षद ने पंजाब सरकार से मांग की है कि गैस एजेंसी मालिकों द्वारा की जा रही कालाबाजारी को रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि आम जनता को बिना किसी परेशानी के समय पर सिलेंडर मिल सकें।

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पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ क्षेत्र में शनिवार को कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए, जिनमें ईंधन आपूर्ति की चिंता और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरें प्रमुख रहीं।

पेट्रोल-डीजल का संकट: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पंजाब के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत देखी गई। शनिवार को अमृतसर और बठिंडा के कुछ पंपों पर तेल पूरी तरह खत्म हो गया। वहीं, मोगा में प्रशासन ने जमाखोरी रोकने के लिए ड्रमों और कैनियों में डीजल भरने पर रोक लगा दी है।

CM मान की प्रेस कॉन्फ्रेंस: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि राज्य में लॉकडाउन जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि पंजाब में पेट्रोल का 12 दिन, डीजल का 14 दिन और गैस का 6 दिन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

पूर्व मंत्री लाल सिंह का निधन: पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री लाल सिंह का मोहाली के अस्पताल में निधन हो गया। वे 5 बार विधायक रह चुके थे और पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे थे।

सुखना लेक पर एयर शो: चंडीगढ़ में आयोजित दो दिवसीय एयर शो संपन्न हुआ, जिसमें वायुसेना की सूर्यकिरण टीम ने आसमान में डायमंड और तेजस जैसे हैरतअंगेज फॉर्मेशन बनाए। इसे देखने के लिए पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्री भी पहुंचे थे।

लुधियाना में फायरिंग: एक डिलीवरी बॉय से बहस के बाद कुछ युवकों ने दूसरे युवक के घर पर 4 से 5 गोलियां चलाईं, जिसमें राह चलते एक अन्य व्यक्ति के पैर में गोली लग गई।

SP पर रेप के आरोप और कॉल रिकॉर्डिंग: रेप के आरोपों का सामना कर रहे एक रिटायर्ड SP की दो अश्लील कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई हैं। पीड़िता ने दावा किया है कि आरोपी अन्य महिलाओं के साथ भी अश्लील बातें करता था और उस पर भी दबाव बनाता था।

भ्रष्टाचार मामले में CBI जांच: सस्पेंड DIG हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में CBI जांच तेज हो गई है। जांच एजेंसी को कई बड़े अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की संलिप्तता के नए सबूत मिले हैं।

शादी के नाम पर धोखाधड़ी: फाजिल्का में राजस्थान के एक परिवार के साथ ठगी हुई, जहाँ शादी के वक्त पता चला कि दुल्हन पहले से ही दो शादियां कर चुकी है और एक बच्ची की मां है। खुलासा होते ही दुल्हन और उसके परिजन फरार हो गए।

सुसाइड केस में बिजली काटने का आरोप: अमृतसर में आत्महत्या करने वाले वेयरहाउस के DM रंधावा के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस जांच के दौरान उनके घर की बिजली की तारें जानबूझकर काटी गईं ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके।

स्पा सेंटर में फंसी पुलिस: जालंधर में एक स्पा सेंटर में रेड करने गई पुलिस टीम को ही वहां के कर्मचारियों ने बिल्डिंग में बंद कर दिया और बाहर से ताला लगाकर भाग गए।

पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति: 109 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू, केजरीवाल और मान ने दी बड़ी सौगात

पंजाब डेस्क : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने फतेहगढ़ साहिब में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान 109 नए आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए। इस विस्तार के साथ ही राज्य में इन क्लीनिकों की कुल संख्या अब 990 हो गई है। अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में 400 और नए क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे, जिसके बाद पूरे पंजाब में लगभग 1500 क्लीनिक कार्यशील हो जाएंगे।

मुफ्त इलाज और रिकॉर्ड ओपीडी: इन क्लीनिकों के माध्यम से लोगों को 107 प्रकार की दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरी तरह मुफ्त प्रदान किए जा रहे हैं। पिछले चार सालों में इस स्वास्थ्य नेटवर्क की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लगभग 5 करोड़ ओ.पी.डी. विजिट दर्ज की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में है, जिनमें से 30 लाख कार्ड पहले ही बनाए जा चुके हैं।

महिलाओं और किसानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस अवसर पर अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया:मां-बेटी सम्मान योजना: 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिसमें जनरल वर्ग की महिलाओं को ₹1000 और अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को ₹1500 प्रति महीना मिलेंगे।

सिंचाई प्रोजेक्ट: फतेहगढ़ साहिब में 41.22 करोड़ रुपए के निवेश से दो बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिससे 70 गांवों के 41,726 एकड़ रकबे को नहरी पानी की सुविधा मिलेगी।

टोल प्लाजा: मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 19 टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे आम लोगों को रोजाना 64 लाख रुपए की बचत हो रही है।

विपक्ष पर साधा निशाना: संबोधन के दौरान अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के साथ तुलना करते हुए जनता को आगाह किया कि अगर अन्य पार्टियां सत्ता में आईं तो मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य जैसी योजनाएं बंद हो सकती हैं। वहीं, सीएम मान ने बादल परिवार पर निजी हितों के लिए पंजाब की पीढ़ियों को बर्बाद करने का आरोप लगाया और स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का एकमात्र एजेंडा पंजाब की तरक्की है।

एंडोक्राइनोलॉजी में उत्कृष्टता की विरासत का उत्सव: 3rd रस्तोगी–दाश क्लिनिकल केस कॉन्फ्रेंस का आयोजन

 “एंडोक्राइनोलॉजी की आत्मा है—रोकथाम; जीवनशैली है पहली दवा” — प्रो. विवेक लाल, निदेशक, PGIMER
चंडीगढ़, 28 मार्च 2026: PGIMER के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग ने आज प्रतिष्ठित दो दिवसीय 3rd Rastogi–Dash Clinical Case Conference का उद्घाटन किया, जिसका थीम है—गैस्ट्रो-एंटेरो-पैंक्रियाटिक न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर्स (GEP-NETs).इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख विशेषज्ञों, विशिष्ट पूर्व छात्र-छात्राओं तथा संकाय सदस्यों ने भाग लिया, जो जटिल क्लिनिकल मामलों और एंडोक्राइनोलॉजी के उभरते आयामों पर चर्चा करेंगे।

 सम्मेलन का उद्घाटन PGIMER के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने प्रेरणादायक संबोधन के साथ किया। उन्होंने पुराने समय के नैदानिक अनुशासन को याद करते हुए कहा कि एक समय हर मरीज को एक संपूर्ण अकादमिक अभ्यास की तरह लिया जाता था, जिससे गहन नैदानिक समझ और आलोचनात्मक सोच विकसित होती थी। आधुनिक युग में उन्नत जांचों के महत्व को स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि “एंडोक्राइनोलॉजी की आत्मा आज भी रोकथाम ही है,” विशेषकर मधुमेह जैसे तेजी से बढ़ते गैर-संचारी रोगों के संदर्भ में।

 व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए प्रो. लाल ने जीवनशैली में बदलाव की उपचारात्मक क्षमता पर प्रकाश डाला और चिकित्सकीय अभ्यास में निवारक स्वास्थ्य सेवा तथा शारीरिक फिटनेस को आधारभूत तत्व बताया।उन्होंने युवा एंडोक्राइनोलॉजिस्ट्स से आग्रह किया कि वे उदाहरण प्रस्तुत करें और संस्थान के संस्थापक दिग्गजों द्वारा स्थापित मूल्यों को आगे बढ़ाएँ।

 प्रो. आर. जे. दाश और डॉ. गोपाल कृष्ण रस्तोगी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने उन्हें दूरदर्शी अग्रदूत और कर्मयोगी बताया, जिन्होंने PGIMER में एंडोक्राइनोलॉजी की नींव रखी । उन्होंने प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से उनकी रोगी-सेवा और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति अद्वितीय समर्पण को याद किया और कहा कि “उनकी निष्ठा और उत्कृष्टता की खोज का कोई मुकाबला नहीं था।”

प्रो. लाल ने एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की सराहना करते हुए कहा कि अत्यधिक जटिल रोगियों के भारी बोझ के बावजूद विभाग सेवा प्रदान करने में उत्कृष्ट है, और शिकायतों की अनुपस्थिति उनके समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने तेजी से बढ़ते एंडोक्राइन विकारों के मद्देनज़र संकाय और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए संस्थागत समर्थन जारी रखने का आश्वासन भी दिया।

 कार्यक्रम के आरंभ में एंडोक्राइनोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. संजय भदाड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया और सम्मेलन की अकादमिक रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि Rastogi–Dash Clinical Case Conference अब एक राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित अकादमिक मंच बन चुका है, जो PGIMER की समृद्ध नैदानिक परंपरा को आगे बढ़ाता है, जहां रोगी-केंद्रित सीखना सर्वोपरि है।

उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन पूर्णतः केस-आधारित मंच के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो विश्लेषणात्मक सोच, खुली चर्चा और सहकर्मी-शिक्षण को बढ़ावा देता है, और जहाँ वरिष्ठतम चिकित्सक भी एक सीखने वाले के रूप में भाग लेते हैं।

 प्रो. भदाड़ा ने कहा कि इस वर्ष का थीम—GEP-NETs—क्लिनिकल जटिलताओं और आधुनिक डायग्नोस्टिक चुनौतियों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्रित विमर्श साक्ष्यों, बहु-विषयक देखभाल और वास्तविक दुनिया के क्लिनिकल परिदृश्यों के बीच की दूरी कम करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

 उन्होंने देशभर के प्रमुख संस्थानों की उत्साही भागीदारी तथा प्रतिष्ठित पूर्व छात्र-छात्राओं व अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों—जिनमें Mayo Clinic की प्रो. सुमिता दाश और प्रो. पंकज शाह शामिल हैं—के बहुमूल्य योगदान को भी रेखांकित किया।

विभाग की बढ़ती अकादमिक और अनुसंधान क्षमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष PGIMER को 200 करोड़ रुपये के एक्स्ट्राम्यूरल रिसर्च ग्रांट प्राप्त हुए, जिसमें से 50 करोड़ रुपये अकेले एंडोक्राइनोलॉजी विभाग द्वारा अर्जित किए गए—जो अत्याधुनिक अनुसंधान में उसकी अग्रणी भूमिका को दर्शाता है।

उत्कृष्टता के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ते एंडोक्राइन विकारों से निपटने के लिए सतत् सीखना, सहयोग और नवाचार अत्यंत आवश्यक हैं—साथ ही संस्थापक दिग्गजों की विरासत को आगे बढ़ाना भी।

 इस अवसर पर वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. आर. वी. जयकुमार और डॉ. एस. मूर्ति को एंडोक्राइनोलॉजी में उनके विशिष्ट योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किए गए।डॉ. गोपाल कृष्ण रस्तोगी और प्रो. आर. जे. दाश की जीवन-यात्रा एवं उनकी स्थायी विरासत पर आधारित एक विशेष प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक किया और उनके गहन प्रभाव को रेखांकित किया।
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 सम्मेलन में देश के प्रमुख संस्थानों—जैसे AIIMS जोधपुर, SGPGI लखनऊ, अमृता इंस्टीट्यूट कोच्चि और PGIMER चंडीगढ़—से प्रस्तुत दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामलों पर आधारित व्यापक ई-पोस्टर सत्र भी आयोजित किया गया। प्रस्तुतियों में प्रसवोत्तर अवधि में MEN-1, दुर्लभ फीओक्रोमोसायटोमा म्यूटेशन, और जटिल एंडोक्राइन ट्यूमर्स में नवीन शल्य-प्रविधियों जैसे विविध विषय शामिल थे।

 उद्घाटन दिवस में समृद्ध अकादमिक चर्चाएँ हुईं, जिनमें पैंक्रियाटिक न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर्स (NETs)—फंक्शनिंग, नॉन-फंक्शनिंग तथा सिंड्रोमिक NETs—में उपचार संबंधी प्रगति पर केंद्रित सत्र शामिल थे। चर्चाओं में लक्षित उपचारों, PRRT, और दीर्घकालीन सोमेटोस्टैटिन एनालॉग उपयोग की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

जटिल केस-आधारित चर्चाओं—जैसे इंसुलिनोमा पुनरावृत्ति, MEN-1 से संबद्ध ट्यूमर्स, एक्टोपिक ACTH उत्पादन, और मेटास्टेटिक NETs—ने व्यक्तिगत, सुस्पष्ट देखभाल के महत्व को रेखांकित किया। सम्मेलन में GEP-NETs के प्रबंधन में बहु-विषयक दृष्टिकोण की अनिवार्य भूमिका को विशेष महत्व दिया गया, जिसमें एंडोक्राइनोलॉजी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, रेडियोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन और सर्जिकल विशेषज्ञताओं का सहयोग शामिल है।

 सम्मेलन का दूसरा दिन कल जारी रहेगा, जिसमें उच्च-स्तरीय अकादमिक सत्र और केस-आधारित चर्चाएँ आयोजित होंगी।

कायाकल्प पुरस्कार 2025–26 में पीजीआईएमईआर ने दूसरा स्थान हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया गौरवचंडीगढ़

28 मार्च 2026: पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER),  चंडीगढ़ ने कायाकल्प  योजना के अंतर्गत वर्ष 2025–26 में केंद्रीय सरकारी अस्पतालों/संस्थानों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने स्वच्छता, हाइजीन, संक्रमण नियंत्रण, अस्पताल रखरखाव तथा रोगी-अनुकूल वातावरण बनाए रखने में पीजीआईएमईआर के निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हुए संस्थान को रुपये 1,50,00,000/- (एक करोड़ पचास लाख रुपये) की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है।

 कायाकल्प  पहल का उद्देश्य देशभर के सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण तथा समग्र रोगी देखभाल वातावरण में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। पीजीआईएमईआर की यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने और राष्ट्रीय मानकों का अनुपालन करने की संस्थान की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

 अपनी खुशी व्यक्त करते हुए प्रो. विवेक लाल, निदेशक, PGIMER ने कहा, “यह उपलब्धि रोगी देखभाल और अस्पताल स्वच्छता में पीजीआईएमईआर की उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे संपूर्ण कार्यबल की निष्ठा और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जो हमारे लिए वास्तविक कर्मयोगी हैं। हम अपने सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ बनाते रहेंगे ताकि भविष्य में और ऊँचे मानक स्थापित कर सकें।”

उसी भावना को दोहराते हुए श्री पंकज राय, उपनिदेशक (प्रशासन), PGIMER ने कहा,  “कायकल्प केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि सतत गुणवत्ता सुधार की यात्रा है। यह मान्यता हमारे प्रशासनिक प्रक्रियाओं, मॉनिटरिंग तंत्र और स्टाफ की भागीदारी रणनीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाती है, जिन्होंने स्वच्छता और अस्पताल प्रबंधन के उच्च मानकों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

 प्रो. विपिन कौशल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, PGIMER ने कहा,  “यह उपलब्धि स्वच्छ और सुरक्षित अस्पताल वातावरण सुनिश्चित करने में क्लिनिकल टीमों, नर्सिंग स्टाफ और सफाई कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। संक्रमण नियंत्रण और रोगी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं, और हम इन मानकों को बनाए रखने तथा और अधिक उन्नत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

 पीजीआईएमईआर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर निरंतर अग्रसर है और देशभर के संस्थानों के लिए नए मानक स्थापित कर रहा है।

विधायक ग्रेवाल ने वार्ड संख्या 5 में काकोवाल रोड के निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया
  • उन्होंने कहा कि 80 लाख रुपये की लागत से पूरे हुए इन विकास कार्यों से क्षेत्र के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
    लुधियाना: 27 मार्च () पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला और प्रधान महापौर महोदया इंदरजीत कौर ने आज वार्ड संख्या 5 के काकोवाल रोड पर लगभग 80 लाख रुपये की लागत से निर्मित काकोवाल रोड के निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला और प्रधान महापौर इंदरजीत कौर ने बताया कि क्षेत्र के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए वार्ड संख्या 5 में काकोवाल रोड के निर्माण कार्य का आज उद्घाटन किया गया है। इन कार्यों पर लगभग 80 लाख रुपये की लागत आएगी और ये विकास कार्य आने वाले दिनों में शीघ्र ही पूरे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस सड़क के पुनर्निर्माण से न केवल क्षेत्र के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि आसपास के गांवों से आने-जाने वाले लोगों को भी कोई परेशानी नहीं होगी। विधायक ग्रेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में राज्य में किए गए विकास कार्यों के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान राज्य की जनता को दिए गए सभी वादे पूरे किए गए हैं। विधायक ग्रेवाल और प्रधान महापौर महोदया इंदरजीत कौर ने कहा कि अपना विश्वास और आशीर्वाद बनाए रखें, आने वाले दिनों में हमारा राज्य विकास के मामले में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा। इस अवसर पर पार्षद लखविंदर चौपरी बाबू राम शर्मा (प्रभारी, वार्ड संख्या 4), दर्शन सिंह माहितो, महावीर मनजीत सिंह

इस मौके पर विपिन शर्मा, मानस मिश्रा, गगनदीप मेहता, अंश वैद, बंटी सेंगर, हर्ष राय, सरबजीत टिंकू, अमरजीत गणेश आदि के अलावा चिंकी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद थे।

पंजाब सरकार ने चार वर्षों में क्रांतिकारी बदलाव लाए – विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू
  • ‘शानदार चार साल भगवंत मन दे साल’ अभियान के तहत सरकार का रिपोर्ट कार्ड सीधे जनता को सौंपा गया

लुधियाना, 27 मार्च (000) – आतम नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लेकर क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं।

आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के चार साल पूरे होने पर चलाए जा रहे ‘शानदार चार साल भगवंत मन दे नाल’ अभियान के तहत स्थानीय वार्ड संख्या 49 के अंतर्गत डुगरी के फेज-1 में एक सभा को संबोधित करते हुए विधायक सिद्धू ने कहा कि राज्य सरकार ने सत्ता में आने से पहले जनता से किए गए हर वादे को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि मन सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों का चेहरा बदल दिया है।

इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश कुमार, बलजिंदर सिंह, सतवीर सिंह बिंद्रा, बॉबी, गुरदर्शन सिंह धमीजा, जतिंदर सेवक, गुरप्रीत बराड़, प्रधान बेनीपाल, भूपिंदर सोहल, दविंदर सिंह, हरविंदर सिंह लोटे, वरिंदर सिंह बाजवा, अक्षय ढांडा, जतिंदर धुना, विधायक सिद्धू के मीडिया प्रभारी सुखविंदर सिंह गिल भी मौजूद थे।

बाद में, विधायक सिद्धू ने वार्ड नंबर 40 के तहत संधू डॉक्टर लेन, गली नंबर 3, मोहल्ला क्लिनिक के पास, शिमलापुरी में क्षेत्र के निवासियों के साथ बातचीत की और पिछले चार वर्षों में पंजाब सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

विधायक सिद्धू ने कहा कि भगवंत मान सरकार के चार साल पूरे होने पर शुरू किए गए राज्य स्तरीय जन अभियान ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ के तहत, सरकार की कार्य-प्रणाली 16,000 रैलियों, जनसभाओं और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से सीधे जनता तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान में मंत्रिमंडल के मंत्री, विधायक, अध्यक्ष, सरपंच, पंच, नगर निगम, जिला अध्यक्ष और पार्टी स्वयंसेवक शामिल होंगे, जो सरकार की कार्य-प्रणाली लेकर हर गांव, गली और घर-घर पहुंचेंगे।

इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष विपिन सेठी, अजिंदर पाल कौर, राजिंदर सिंह सरहाली, रीगल जस्सल, लाली शर्मा, सन्नी केसला, जसवीर जस्सी, विजय पाल सिंह, हैप्पी, नीरू, मनजीत कौर, परमजीत कौर, नरिंदर कौर भी मौजूद थे।

“भगवंत मान के साथ शानदार चार साल”

-विधायक छीना ने धांधारी कलां में जनसभा आयोजित की

-चार साल का लेखा-जोखा जनता के सामने प्रस्तुत किया

लुधियाना, 27 मार्च (000) – पंजाब सरकार के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, “भगवंत मान के साथ शानदार चार साल” अभियान के तहत, विधायक राजिंदरपाल कौर छीना ने वार्ड संख्या 32 के धांधारी कलां गांव में एक जनसभा आयोजित की, जिसमें क्षेत्र के निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

विधायक छिना ने इस दौरान क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी और लोगों के बहुमूल्य सुझावों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना और भविष्य के विकास की योजनाओं पर चर्चा करना था।

उन्होंने कहा,
“ईमानदार नीतियों, स्पष्ट इरादों और जनता के भरोसे के बल पर पंजाब में बदलाव की लहर जारी है। आम आदमी पार्टी की सरकार जनता के लिए, जनता के साथ खड़ी है और भविष्य में भी इसी तरह सेवा करती रहेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है और जनता के सहयोग से ‘रंगला पंजाब’ का पुनर्निर्माण किया जाएगा।

विधायक अशोक पाराशर पप्पी ने वार्ड संख्या 30 में 1.38 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया

लुधियाना, 27 मार्च (000) – लुधियाना सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र के विधायक अशोक पाराशर पप्पी ने वार्ड संख्या 30 में 1 करोड़ 38 लाख रुपये की कुल लागत से चल रही व्यापक विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

विधायक पाराशर ने बताया कि इस परियोजना के तहत नरिंदर नगर में 56.41 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जिससे क्षेत्र की टूटी-फूटी और क्षतिग्रस्त सड़कें मजबूत और सुगम बनेंगी।

इसके साथ ही, ट्रांसपोर्ट नगर में 71 लाख रुपये की लागत से आरएमसी सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जो लंबे समय तक टिकाऊ साबित होंगी और यातायात की सुगमता में भी सहायक होंगी। वहीं, 10.20 लाख रुपये की लागत से नई सीवेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी शुरू किया गया है, जिससे जल निकासी और प्रदूषण संबंधी समस्याओं का समाधान होगा।

इस अवसर पर विधायक अशोक पाराशर पप्पी ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है और हर वार्ड में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाएंगे ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। विधायक ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वार्ड निवासियों ने इन विकास कार्यों पर खुशी व्यक्त की और कहा कि इससे क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं में काफी सुधार आएगा। उन्होंने विधायक और स्थानीय प्रशासन को धन्यवाद भी दिया।

इस अवसर पर वार्ड पार्षद निक्कू भारती, स्थानीय निवासी, स्वयंसेवी सहयोगी और आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

लुधियाना में प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी मिली, मंत्री संजीव अरोड़ा ने उच्च स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक की।

घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है, जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी।

व्यावसायिक एलपीजी में अस्थायी कमी, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति।

लुधियाना में सड़कों, पार्कों और आम आदमी क्लीनिकों के कार्यों की भी समीक्षा की गई।

कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने शुक्रवार को लुधियाना में लुधियाना के प्रमुख बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए एक उच्च स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कई प्रमुख विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई और चल रहे कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए निर्देश जारी किए गए।

नए बुनियादी ढांचे को मंजूरी देते हुए, श्री संजीद अरोरा ने लोधी रोड पर एक नए अग्निशमन केंद्र के निर्माण की मंजूरी की घोषणा की, जिससे इस क्षेत्र में अग्निशमन सेवाओं की लंबे समय से चली आ रही कमी दूर हो जाएगी। पैदल यात्रियों की सुरक्षा में सुधार के लिए, बस स्टैंड के बाहर रैंप से सुसज्जित एक फुट ओवर ब्रिज को भी मंजूरी दी गई, जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए भी व्यवस्था होगी।

मंत्री अरोड़ा ने जवाहर कैंप और हैबोवाल क्षेत्रों में छतों की मरम्मत के लिए 2 करोड़ रुपये और शहर के तीन स्कूलों में विकास कार्यों के लिए 1.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। शहरी विकास के लिए, नगर निगम को मानसून से पहले दो महीने के भीतर पूरे शहर में सीवरेज की गाद निकालने का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

मुख्य प्रवेश बिंदुओं, फिरोजपुर रोड, जालंधर बाईपास, चंडीगढ़ रोड और दिल्ली रोड पर बुनियादी ढांचे की समीक्षा करते हुए, 22 चौराहों के पुनर्निर्माण और पांच चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाने का निर्देश दिया गया। जगराओं पुल की दीवार की मरम्मत और वेरका अंडरब्रिज के उन्नयन के लिए निविदाएं जारी की जाएंगी। धोलेवाल और ग्रैंड वॉक क्षेत्रों में पंप मोटरें लगाई जाएंगी। 43 सड़क मरम्मत कार्यों, आम आदमी क्लीनिकों और छह पार्कों की प्रगति की समीक्षा की गई।

प्रस्तावित साइकिल वैली बाईपास के लिए GLADA और सिंचाई विभाग को चंडीगढ़ रोड को दिल्ली जीटी रोड से जोड़ने वाले 3 किलोमीटर लंबे बाईपास का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था, जिसका उद्देश्य जमालपुर, सेक्टर 32 और समराला चौक सहित भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से भारी वाणिज्यिक वाहनों को दूसरी ओर मोड़ना है।

मंत्री संजीव अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि पंजाब और लुधियाना में आवासीय उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह से पर्याप्त है। उन्होंने नागरिकों से शांत रहने और घबराहट में खरीदारी या थोक बुकिंग से बचने की अपील की। ​​मंत्री ने कड़ी चेतावनी जारी की कि एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल या डीजल की जमाखोरी करते पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि व्यावसायिक एलपीजी की कमी केवल अस्थायी है,

व्यावसायिक एलपीजी की कमी फिलहाल अस्थायी है, लेकिन अस्पतालों और छात्रावासों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति की जा रही है। जिन परिवारों को व्यावसायिक सिलेंडर की आवश्यकता है या जो शादी समारोह आयोजित कर रहे हैं, वे जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं, क्योंकि ऐसी जरूरतों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

बैठक में उपायुक्त हिमांशु जैन, नगर आयुक्त डॉ. नीरू कात्याल गुप्ता और कई अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।