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सिद्धू मूसेवाला का नया धमाका: नए गाने ‘Eyes On Me’ का पोस्टर रिलीज, रेकी चार्ट में खुलासों ने चौंकाया

मनोरंजन डेस्क: दिवंगत पंजाबी गायक शुभदीप सिंह सिद्धू मूसेवाला के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मूसेवाला के सोशल मीडिया अकाउंट पर उनके नए गीत ‘आईज ऑन मी’ (Eyes On Me) का पोस्टर जारी किया गया है। यह पोस्टर महज एक तस्वीर नहीं, बल्कि एक ‘रेकी चार्ट’ की तरह है, जिसमें गायक पर हुए हमलों और उनकी जासूसी से जुड़ी रूह कंपा देने वाली जानकारियां दी गई हैं।

पोस्टर में रेकी का पूरा विवरण: पोस्टर में इस बात का जिक्र है कि मूसेवाला की हत्या से करीब सवा साल पहले, 25 मार्च 2021 से ही उन पर बारीकी से नजर रखी जा रही थी। इसमें उनकी हवेली के सटीक भौगोलिक निर्देशांक (Coordinates) भी लिखे गए हैं ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक की जा सके।सुरक्षा और हथियारों की जानकारी: पोस्टर में मूसेवाला के सुरक्षा तंत्र का विस्तार से विवरण दिया गया है:

हथियार: मूसेवाला के पास रहने वाले .30 बोर, .45 बोर और .315 राइफल जैसे हथियारों का उल्लेख है।

सुरक्षा: उनकी सुरक्षा में तैनात 3 से 4 गनमैन और हवेली के गेटों पर लगे 6 CCTV कैमरों की जानकारी दी गई है।

वाहन और रूटीन: इसमें उनकी बुलेटप्रूफ फॉर्च्यूनर, थार और स्कॉर्पियो का जिक्र है। साथ ही यह भी दर्ज है कि वे अक्सर शाम 4-5 बजे हवेली से निकलते थे और आधी रात को लौटते थे।

‘चूके हुए मौके’ और अगला प्लान: पोस्टर का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा “Chances Missed” (चूके हुए मौके) कॉलम है। इसमें चंडीगढ़, मोहाली और लुधियाना GT रोड का जिक्र है, जहाँ उन पर हमले की कोशिशें नाकाम रही थीं। इसके अलावा “NEXT PLAN” के आगे “COURT ROOM” लिखा गया है।

प्रशंसकों में भारी उत्साह: सिद्धू मूसेवाला की मौत के बाद यह उनका 13वां गीत होगा। इससे पहले रिलीज हुए गीत ‘बरोटा’ को 10 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। मई में उनकी मौत को चार साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और फैंस इस नए गाने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

पंजाब में एलपीजी की कमी नहीं: सरकार ने जमाखोरी के खिलाफ दी चेतावनी, कहा- घबराकर अतिरिक्त बुकिंग न करें

पंजाब डेस्क: पंजाब सरकार ने राज्य में घरेलू एलपीजी (LPG) की कमी की अफवाहों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। लुधियाना में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई किल्लत नहीं है।

मंत्री की अपील और चेतावनी: कैबिनेट मंत्री ने जनता से अपील की है कि वे घबराकर (Panic Booking) ज्यादा सिलेंडर बुक न करें। इसके साथ ही उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति एलपीजी, पेट्रोल या डीजल की जमाखोरी (Hoarding) करता पाया गया, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंजाब पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन ने भी लुधियाना में पुष्टि की है कि तेल की कोई कमी नहीं है।

कमर्शियल गैस में अस्थाई कमी: मंत्री संजीव अरोड़ा ने स्वीकार किया कि कमर्शियल एलपीजी में अस्थाई कमी जरूर है। हालांकि, अस्पतालों और छात्रावासों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। शादी-ब्याह जैसे आयोजनों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके लिए लोग जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।

उपभोक्ताओं की शिकायतें: प्रशासनिक दावों के विपरीत, पटियाला और अन्य क्षेत्रों के उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि बुकिंग के दो-दो हफ्ते बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है। उपभोक्ताओं ने कुछ लोगों को जल्दी सिलेंडर मिलने पर भेदभाव के आरोप भी लगाए हैं।

प्रशासन की कार्रवाई: प्रशासन का कहना है कि वे लगातार सप्लाई की निगरानी कर रहे हैं। गलत तरीके से इस्तेमाल किए जा रहे घरेलू सिलेंडरों को जब्त करने के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है और आने वाले दिनों में यह छापेमारी और तेज की जाएगी।

ग्लोबल ऑयल मार्केट में हलचल: 1 अप्रैल से पेट्रोल निर्यात पर पूरी तरह रोक लगाएगा रूस; जानें क्या है पुतिन सरकार का मास्टर प्लान

इंटरनेशनल डेस्क: वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर बड़ी हलचल होने वाली है। दुनिया के प्रमुख ऊर्जा निर्यातक देश रूस ने 1 अप्रैल 2026 से पेट्रोल (गैसोलीन) के निर्यात पर पूरी तरह से रोक लगाने का फैसला किया है। रूसी सरकार की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पाबंदी अगले चार महीनों यानी 31 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी।

उप प्रधानमंत्री का बड़ा निर्देश: रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने शुक्रवार को ऊर्जा मंत्रालय को एक विशेष निर्देश जारी किया है, जिसमें 1 अप्रैल से इस प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। रूसी समाचार एजेंसी तास (TASS) ने भी इस खबर की पुष्टि की है।

वैश्विक बाजार में अस्थिरता: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। रूस का उद्देश्य इस अस्थिरता से अपनी अर्थव्यवस्था को बचाना है।

घरेलू कीमतों पर नियंत्रण: रूसी सरकार चाहती है कि देश के भीतर पेट्रोल की कीमतें स्थिर रहें और आम नागरिकों को महंगाई का सामना न करना पड़े।

किल्लत और रिफाइनरियों पर खतरा: पिछले साल रूस और उसके नियंत्रण वाले इलाकों में ईंधन की भारी कमी देखी गई थी, जिसका कारण यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों पर किए गए हमले और घरेलू मांग में अचानक हुई बढ़ोतरी थी। सरकार इस बार पहले से ही सतर्क रहकर स्थानीय आपूर्ति सुरक्षित करना चाहती है।

कितना बड़ा है रूस का निर्यात? आंकड़ों के अनुसार, रूस ने पिछले साल लगभग 50 लाख मीट्रिक टन पेट्रोल का निर्यात किया था, जो करीब 1,17,000 बैरल प्रतिदिन बैठता है। अब इस बड़ी मात्रा को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजने के बजाय घरेलू उपयोग के लिए रिजर्व रखा जाएगा। हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया है कि देश में कच्चे तेल की रिफाइनिंग पिछले साल के स्तर पर ही बनी हुई है, इसलिए आपूर्ति में फिलहाल कोई तकनीकी कमी नहीं है।

गोल्फ दिग्गज टाइगर वुड्स फिर गिरफ्तार: फ्लोरिडा में कार एक्सीडेंट के बाद लगा ‘DUI’ का आरोप, भेजे गए जेल

स्पोर्ट्स डेस्क: दुनिया के पूर्व नंबर एक गोल्फर और 15 बार के मेजर चैंपियन टाइगर वुड्स को अमेरिका के फ्लोरिडा में ‘ड्राइविंग अंडर द इन्फ्लुएंस’ (DUI) के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई उनके जुपिटर आइलैंड स्थित घर के पास हुए एक सड़क हादसे के बाद की गई।

हादसे का विवरण: पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार (27 मार्च 2026) दोपहर टाइगर वुड्स अपनी लैंड रोवर कार से तेज रफ्तार में जा रहे थे। एक ट्रेलर खींच रहे वर्क ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश में उनकी गाड़ी ट्रेलर के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वुड्स की कार अनियंत्रित होकर पलट गई और ड्राइवर साइड पर जा गिरी। गनीमत रही कि इस हादसे में वुड्स या दूसरे चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई और वुड्स खुद ही दरवाजा खोलकर कार से बाहर निकल आए थे।

नशे का शक और जांच: हिरासत में लिए जाने के बाद वुड्स का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया गया, जिसमें शराब की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि, जांच अधिकारियों का मानना है कि वह किसी दवा (Medication) के प्रभाव में गाड़ी चला रहे थे, जिससे उनकी ड्राइविंग क्षमता प्रभावित हुई।

अतिरिक्त कानूनी मुश्किलें: टाइगर वुड्स ने पुलिस द्वारा मांगे गए यूरिन टेस्ट को देने से इनकार कर दिया। फ्लोरिडा के कानून के तहत परीक्षण से इनकार करना एक अलग अपराध माना जाता है, जिसके कारण उन पर एक अतिरिक्त चार्ज लगाया गया है। उन पर कुल मिलाकर तीन आरोप लगे हैं:

-DUI (नशे या दवा के प्रभाव में गाड़ी चलाना)

-संपत्ति को नुकसान पहुंचाना

-वैध परीक्षण से इनकार करना

8 घंटे जेल में रहना अनिवार्य: फ्लोरिडा के सख्त नियमों के मुताबिक, DUI के मामले में गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत पर रिहा होने से पहले कम से कम 8 घंटे जेल में बिताने होते हैं। बता दें कि यह दूसरी बार है जब वुड्स को ऐसे आरोपों का सामना करना पड़ा है; इससे पहले साल 2017 में भी उन्हें फ्लोरिडा में लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

नेपाल में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: पूर्व PM केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री गिरफ्तार; जेन-जी प्रदर्शनों में मौतों का है मामला

इंटरनेशनल डेस्क: नेपाल की राजनीति में शनिवार, 28 मार्च 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके भक्तपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई के तहत पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है।

यह कार्रवाई नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेन शाह के शपथ लेने के तुरंत बाद की गई है।

क्या है पूरा मामला? द सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी सितंबर 2025 में हुए ‘जेन-जी’ (Gen-Z) विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और मौतों से जुड़ी है।हिंसा और मौतें: उन प्रदर्शनों के दौरान महज दो दिनों में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

सरकार का पतन: उस समय देश में केपी शर्मा ओली की सरकार थी, लेकिन इन हिंसक प्रदर्शनों के दबाव के कारण उनकी सरकार गिर गई थी।

सख्त सजा का प्रावधान: यदि ओली इस मामले में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की जेल हो सकती है।

प्रधानमंत्री बालेन शाह का सख्त संदेश: महज 35 साल की उम्र में नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने बालेन शाह ने पद संभालते ही यह सख्त कदम उठाया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन, जो कभी एक रैपर और फिर मेयर रहे, इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि वह जेन-जी मामलों और न्याय व्यवस्था पर किसी तरह के समझौते के मूड में नहीं हैं।

ओली का राजनीतिक सफर: केपी शर्मा ओली नेपाल की राजनीति का एक कद्दावर नाम रहे हैं। प्रधानमंत्री बनने से पहले वह देश के गृह मंत्री, उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। साल 2026 के आम चुनावों में भी वह अपनी पार्टी CPN (UML) की ओर से प्रधानमंत्री पद के मुख्य दावेदार के रूप में सक्रिय थे।