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AAP को बड़ा झटका: जसविंदर सिद्धू का सभी पदों से इस्तीफा; कर्मचारियों पर लाठीचार्ज और अधूरे वादों से नाराजगी

पंजाब डेस्क : पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय एक बड़ा झटका लगा, जब गाडा पंजाब के डायरेक्टर और बाघापुराना विधानसभा हलका के कोऑर्डिनेटर जसविंदर सिंह सिद्धू ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह फैसला चंडीगढ़ में बजट सत्र के दौरान अपने हकों के लिए प्रदर्शन कर रहे मुलाजिमों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में लिया है।

इस्तीफे के मुख्य कारण:पुलिसिया कार्रवाई का विरोध: एलिमिनेटरी अध्यापक यूनियन के पूर्व प्रधान रहे सिद्धू ने पुलिस द्वारा कर्मचारियों पर किए गए जुल्म को ‘बेहद निंदनीय’ बताया और कहा कि वे ऐसी स्थिति में पार्टी के पद पर बने रहना उचित नहीं समझते।

अधूरे चुनावी वादे: उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी ने पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) बहाल करने जैसे कई बड़े वादे किए थे, जिन्हें सरकार बनने के बाद भुला दिया गया है।

सरकार पर झूठ का आरोप: सिद्धू ने सरकार की बयानबाजी को ‘खोखला’ करार दिया और कहा कि वे सरकार के झूठ के लिए उसकी वाहवाही नहीं कर सकते।

हालांकि जसविंदर सिद्धू ने पार्टी की सभी गतिविधियों से खुद को अलग कर लिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि मुलाजिमों के हकों के लिए चल रहे संघर्ष में उनका समर्थन पहले की तरह जारी रहेगा। उनके इस कदम से बाघापुराना की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पाकिस्तान में तेल संकट से हाहाकार: 2 हफ्ते के लिए स्कूल बंद, वर्क फ्रॉम होम लागू और अफसरों की कटेगी सैलरी

इंटरनेशनल डेस्क : पाकिस्तान में तेल संकट (Oil Crisis) के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई है और पूरे देश में कोहराम मचा हुआ है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे यह संकट और गहरा गया है। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कई कड़े फैसलों का ऐलान किया है।

ईंधन बचाने के लिए उठाए गए बड़े कदम:

स्कूलों की छुट्टी: प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि इस हफ्ते के बाद अगले 2 हफ्तों के लिए सभी स्कूल बंद रहेंगे।ऑनलाइन पढ़ाई और WFH: हायर एजुकेशन को तुरंत ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही, संघीय संस्थानों के 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) अनिवार्य कर दिया गया है।

4 दिन का वर्किंग वीक: ईंधन की खपत कम करने के लिए अब हफ्ते में केवल 4 दिन काम करने का फैसला लिया गया है।

सैलरी और अलाउंस में कटौती: सरकारी विभागों के फ्यूल अलाउंस में 50% की कटौती की गई है। इसके अलावा, ग्रेड-20 और उससे ऊपर के वे अधिकारी जो महीने में 3 लाख रुपये से अधिक कमाते हैं, उनकी दो दिन की सैलरी काटी जाएगी।पाकिस्तान इस समय भारी आर्थिक संकट से भी जूझ रहा है और उसने सऊदी अरब से 5-5 अरब डॉलर की डिपॉजिट और ऑयल फैसिलिटी की मांग की है।

तिलोत्तमा ने राष्ट्रीय ट्रायल के 50 मीटर थ्री पी राइफल में लगाई जीत की हैट्रिक

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) राष्ट्रीय चैंपियन तिलोत्तमा सेन ने शानदार लय जारी रखते हुए डॉ. कर्णी सिंह निशानेबाजी परिषर में चल रहे राष्ट्रीय चयन ट्रायल (ग्रुप ए) में सोमवार को 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन महिला के फाइनल में लगातार तीसरी जीत दर्ज की।

उन्होंने इससे पहले जनवरी में हुए राष्ट्रीय चयन ट्रायल टी1 और टी2 के फाइनल भी परचम लहराया था।

पुरुष वर्ग के फाइनल में किरण अंकुश जाधव ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि 10 मीटर एयर पिस्टल टी3 फाइनल में उधयवीर सिद्धू विजेता बने।

तिलोत्तमा प्रोन चरण के बाद चौथे स्थान पर थीं लेकिन उन्होंने स्टैंडिंग चरण में शानदार वापसी करते हुए 357.0 के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया। निश्चल सिंह 356.6 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जो तिलोत्तमा से सिर्फ 0.4 अंक पीछे थीं।

ओलंपियन अंजुम मौदगिल ने 345.8 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। साक्षी सुनील पडेकर, मेहुली घोष, श्रियांका सदांगी, लज्जाकुमारी गोस्वामी और नुपुर कुमरावत फाइनल में पहुंचने वाली निशानेबाजों में शामिल रही।

पुरुषों के फाइनल में 10 मीटर एयर राइफल के राष्ट्रीय चैंपियन किरण अंकुश जाधव ने रोमांचक मुकाबले में शीर्ष स्थान हासिल किया।

नौसेना के इस निशानेबाज ने 353.6 का स्कोर बनाया और नीरज कुमार (353.3) को महज 0.3 अंक से पीछे छोड़ दिया। गोल्डी गुर्जर 342.4 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

निशान बुधा (329.6), अखिल श्योरान (321.7), सिधार्थ गौर (311.0), अर्जुन बाबूता (297.5) और सूर्य प्रताप सिंह (296.4) शीर्ष आठ में शामिल रहे।

दस मीटर एयर पिस्टल पुरुष वर्ग में उधयवीर ने शुरुआत से ही शानदार निरंतरता बनाए रखी और 243.2 के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया।

क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहने वाले केदारलिंग उचगांवें फाइनल में 242.6 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि 50 मीटर पिस्टल के विश्व चैंपियन रविंदर सिंह 221.9 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

न्यायालय ने सेंगर के खिलाफ सीबीआई की याचिका में पीड़िता को पक्षकार बनने की अनुमति दी

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता को पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा के निलंबन को चुनौती देने संबंधी सीबीआई की याचिका में पक्षकार बनने की सोमवार को अनुमति दे दी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि पीड़िता को कार्यवाही में अपना पक्ष रखने का अधिकार है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पीड़िता को मामले में पक्षकार बनाए जाने की अनुमति देते हुए कहा कि पीड़ितों को अपने हितों को प्रभावित करने वाली कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है, जो लखीमपुर खीरी मामले में शीर्ष अदालत के पूर्व के फैसले के अनुरूप है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हमारा मानना ​​है कि पीड़िता को अपना पक्ष रखने का अधिकार है’’ और उन्होंने दोषी की आजीवन कारावास की सजा के निलंबन के खिलाफ हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।

हालांकि, पीठ ने दुष्कर्म पीड़िता के एक रिश्तेदार द्वारा दायर हस्तक्षेप अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उसके जीवन और स्वतंत्रता को खतरे का दावा किया गया था।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि वह सीबीआई की याचिका में हस्तक्षेप करने के बजाय स्वतंत्र उपाय का सहारा ले सकते हैं और सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय में अपील कर सकते हैं। इसके बाद पीठ ने उनकी याचिका खारिज कर दी।

पीठ ने सजा निलंबन के खिलाफ दायर सीबीआई की याचिका पर सुनवाई नहीं की, क्योंकि जांच एजेंसी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सोमवार को उपलब्ध नहीं थे।

सेंगर का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने मामले की सुनवाई जल्द से जल्द कराने का अनुरोध किया। इस पर, प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि सुनवाई की तारीख जल्द ही तय की जाएगी।

पिछले साल 29 दिसंबर को, शीर्ष अदालत ने 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले में सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने संबंधी दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी थी और कहा था कि उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा।

उन्नाव दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सेंगर की जेल की सजा को उच्च न्यायालय ने उसकी अपील पर सुनवाई लंबित रहने तक निलंबित कर दिया था।

सेंगर ने मामले में दिसंबर 2019 के अधीनस्थ अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। हालांकि, वह तब से जेल में ही है, क्योंकि वह पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में भी 10 साल की कैद की सजा काट रहा है और उस मामले में उसे जमानत नहीं मिली है।

तुर्किये के तट के पास प्रवासियों की नौका तटरक्षक बल की नौका से टकरायी, कम से कम 14 प्रवासी डूबे

अंकारा (तुर्किये), नौ मार्च (एपी) तुर्किये के भूमध्यसागरीय तट के पास प्रवासियों को ले जा रही एक नौका की तटरक्षक बल की नौका से टक्कर होने के बाद कम से कम 14 प्रवासी डूब गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सरकारी ‘अनादोलू’ एजेंसी ने गवर्नर हुलुसी साहिन के हवाले से बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब अंताल्या प्रांत के डेमरे तट के पास अफगानों को ले जा रही एक नौका ने रुकने के निर्देशों को नजरंदाज किया और तटरक्षक नौकाओं से बचने के लिए तेज गति से भागने का प्रयास किया।

साहिन ने बताया कि तटरक्षक दल ने समुद्र से सात लोगों को बचाया और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की। उन्होंने बताया कि किनारे पर पहुंचे 14 अन्य लोगों को बल ने हिरासत में ले लिया।

लापता लोगों का पता लगाने के लिए भूमि, समुद्र और हवाई अभियान जारी हैं।

‘अनादोलू’ ने बताया कि अधिकारियों ने इस घटना की न्यायिक और प्रशासनिक दोनों तरह की जांच शुरू कर दी है।

नेशनल हेराल्ड मामला: सोनिया, राहुल के खिलाफ ईडी की याचिका पर 20 अप्रैल को होगी सुनवाई

 नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेशनल हेराल्ड धनशोधन मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर संज्ञान न लेने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ ईडी की याचिका को 20 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि अदालत आज (सोमवार) सुनवाई नहीं कर सकती।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू

ने मामले की सुनवाई के लिए कम समयावधि की कोई तारीख तय करने का अनुरोध किया।

इसके बाद अदालत ने याचिका 20 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दी।

उच्च न्यायालय ने 22 दिसंबर को गांधी परिवार और अन्य लोगों को मुख्य याचिका और ईडी के आवेदन पर नोटिस जारी किया था, जिसमें 16 दिसंबर, 2025 के निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था। निचली ने कहा था कि मामले में एजेंसी की शिकायत का संज्ञान ‘‘कानूनी रूप से अस्वीकृत’’ है, क्योंकि यह प्राथमिकी पर आधारित नहीं है।

पीआईबी चंड़ीगढ़ द्वारा पत्रकार प्रतिनिधिमंडल 08 मार्च से 14 मार्च तक राजस्थान के दौरे पर

जोधपुर में बनेगा वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो का अत्याधुनिक विस्तार, बहुद्देश्यीय वर्कशॉप और विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटरवंदे भारत सहित सेमी हाई स्पीड ट्रेनों के रखरखाव और प्रशिक्षण की सुविधा अब जोधपुर मेंदेश के इंजीनियरों व सहायक स्टाफ एवं लोको पायलट को हाई स्पीड ट्रेनों के अनुरक्षण का मिलेगा प्रशिक्षण

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), चंड़ीगढ़ द्वारा पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ के विभिन्न मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ  पत्रकारों का पत्रकार दल 08 से 14 मार्च 2026 के दौरान राजस्थान के दौरे पर है। पत्रकारों का प्रदेश में दौरे का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति तथा विभिन्न विभागों की बेस्ट प्रेक्टिसेस का अवलोकन एवं प्रचार प्रसार करना है।

पीआईबी चंड़ीगढ़ के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने आज जोधपुर में रेलवे द्वारा संचालित महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के अंतर्गत भगत की कोठी वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो की प्रगति का अवलोकन किया।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में भगत की कोठी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में विकसित किए जा रहे वंदे भारत स्लीपर कोच मेंटेनेंस डिपो के विस्तार के लिए रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 195 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी प्रदान की गई है। इस स्वीकृति से यहां अत्याधुनिक बहुद्देश्यीय वर्कशॉप और विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

जोधपुर रेल मंडल के डीआरएम श्री अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि परियोजना के तहत वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के मेंटेनेंस डिपो के विस्तार के साथ-साथ आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी, जहां वंदे भारत सहित सभी हाई स्पीड ट्रेनों के रखरखाव से जुड़े इंजीनियरों और लोको पायलट एवं सहायक कर्मचारियों को उच्च तकनीक आधारित मशीनरी के संचालन व अनुरक्षण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने बताया ने कि भगत की कोठी वाशिंग लाइन के पास लगभग 167 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। परियोजना के दूसरे चरण में बहुद्देश्यीय, आधुनिक तथा आवासीय ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा, जिससे देशभर के इंजीनियर और तकनीकी स्टाफ को हाई स्पीड ट्रेनों के लोको पायलट रखरखाव का प्रशिक्षण जोधपुर में ही उपलब्ध हो सकेगा।
ट्रेनिंग सेंटर की इमारत का निर्माण पूर्व निर्मित लोहे की संरचनाओं (प्रिफैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर) के उपयोग से किया जा रहा हैं जिससे तापमान को बरकरार रखने में सहायक होगा और निर्माण कार्य कम समय में पूरा किया जा सकेगा। प्रस्तावित परियोजना में समूचे डिपो और प्रशिक्षण केंद्र क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए 32 केवी के जीएसएस सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं का भी प्रावधान रखा गया है।

सऊदी अरब ने ईरान को चेतावनी दी:अरब देशों पर हमला जारी रहा तो उसे होगा सबसे बड़ा नुकसान’

दुबई, नौ मार्च (एपी) सऊदी अरब ने सोमवार को ईरान को आगाह किया कि अगर वह अरब देशों पर हमले करता रहा तो उसे अब तक का ‘‘सबसे बड़ा नुकसान’’ उठाना पड़ेगा।

सऊदी अरब का यह बयान उस नए ड्रोन हमले के बाद आया, जिसमें जाहिर तौर पर उसके बड़े शायबा तेल क्षेत्र को निशाना बनाया गया।

इसने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा शनिवार को दिये गये इस बयान को भी खारिज कर दिया कि ईरान ने खाड़ी अरब देशों पर अपने हमले रोक दिए हैं।

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “देश इस बात की पुष्टि करता है कि ईरानी पक्ष ने इस बयान पर अमल नहीं किया, न तो राष्ट्रपति के भाषण के दौरान और न ही उसके बाद। ईरान ने बिना किसी ठोस वजह के अपना आक्रमण जारी रखा है।”

बयान में कहा गया कि ईरानी हमले का मतलब है, “तनाव में और वृद्धि, जिसका वर्तमान और भविष्य में संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा।”

पश्चिम बंगाल में एसआईआर : जिनके नाम हटे, उनमें से कुछ की याचिका पर विचार करेगा न्यायालय

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उन मतदाताओं की एक नयी याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति व्यक्त कर दी जिनके नाम पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा हटा दिए गए थे

भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्य बागची की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता मनेका गुरुस्वामी के तर्क पर गौर किया कि यह याचिका मतदाता सूचियों से पूर्ववर्ती मतदाताओं के नाम हटाए जाने से संबंधित है।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, “ये मतदाता हैं, इन्होंने पहले मतदान किया था, लेकिन अब उनके दस्तावेज स्वीकार नहीं किए गए।”

प्रधान न्यायाधीश ने कहा ‘‘हम न्यायिक अधिकारियों के निर्णयों के खिलाफ अपील को रोक नहीं सकते।”

एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि अपील विचारयोग्य है। इस पर पीठ ने कहा कि याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

उच्चतम न्यायालय ने 24 फरवरी को एसआईआर प्रक्रिया में 80 लाख दावों और आपत्तियों को निपटाने के लिए पश्चिम बंगाल के 250 जिला न्यायाधीशों के अतिरिक्त, दीवानी न्यायाधीशों की तैनाती और झारखंड और ओडिशा से न्यायिक अधिकारियों को बुलाने की अनुमति दी थी।

पीठ ने 22 फरवरी को लिखे कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल के पत्र पर भी गौर किया जिसमें कहा गया था कि एसआईआर में तैनात 250 जिला न्यायाधीशों को भी दावों और आपत्तियों को निपटाने में लगभग 80 दिन और लग सकते हैं।

साल 2002 की मतदाता सूची में दर्ज तर्कसंगत विसंगतियों में माता-पिता के नाम का मेल न होना और मतदाता व उसके माता-पिता की उम्र का अंतर 15 साल से कम या 50 साल से अधिक होना शामिल है।

पूर्व न्यायाधीश सूर्यकांत ने नए निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा था कि यदि प्रत्येक न्यायिक अधिकारी प्रतिदिन 250 दावे और आपत्तियों को निपटाए, तब भी यह प्रक्रिया लगभग 80 दिन में पूरी होगी। पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की समयसीमा 28 फरवरी थी।

उच्चतम न्यायालय ने नौ फरवरी को स्पष्ट किया था कि कोई भी व्यक्ति एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में बाधा नहीं डाल सकता। साथ ही न्यायालय ने पश्चिम बंगाल डीजीपी को चुनाव आयोग की ओर से भेजे गये नोटिस कुछ लोगों द्वारा जलाए जाने के आरोपों पर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।

सऊदी अरब ने ईरान को चेतावनी दी, मोजतबा खामेनेई बने ईरान के अगले सर्वोच्च नेता

दुबई, नौ मार्च (एपी) सऊदी अरब ने सोमवार को ईरान को आगाह किया कि अगर वह अरब देशों पर हमले करता रहा तो उसे अब तक का ‘‘सबसे बड़ा नुकसान’’ उठाना पड़ेगा।

सऊदी अरब का यह बयान उस नए ड्रोन हमले के बाद आया, जिसमें जाहिर तौर पर उसके बड़े शायबा तेल क्षेत्र को निशाना बनाया गया।

सऊदी अरब ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा शनिवार को दिए गए इस बयान को भी खारिज कर दिया कि ईरान ने खाड़ी अरब देशों पर अपने हमले रोक दिए हैं।

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “देश इस बात की पुष्टि करता है कि ईरानी पक्ष ने इस बयान पर अमल नहीं किया, न तो राष्ट्रपति के भाषण के दौरान और न ही उसके बाद। ईरान ने बिना किसी ठोस वजह के अपना आक्रमण जारी रखा है।”

बयान में कहा गया कि ईरानी हमले का मतलब है, “और अधिक तनाव की स्थिति, जिसका वर्तमान और भविष्य में संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा।”

ईरान के अधिकारियों ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान के इस्लामी शासन का अगला शासक नामित किया गया है।

एक सप्ताह से अधिक समय से अमेरिका और इजराइल की ओर से जारी हमलों के बीच ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने अगले सर्वोच्च नेता के रूप में एक गुप्त 56 वर्षीय धर्मगुरु (मोजतबा खामेनेई) को चुना, जो देश की अर्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के करीब हैं।

‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को हत्या कर दिये जाने के बाद से इजराइल और खाड़ी अरब देशों पर मिसाइल और ड्रोन दाग रहा है।

युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से बहुत कम देखा है या उनके बारे में बहुत कम सुना गया है, लेकिन उन्हें अपने पिता के जिंदा रहने के दौरान ही ही इस पद का उम्मीदवार माना जा रहा था।

हालांकि, उनके चयन को लेकर कुछ असहमति भी दिखाई दी। ईरान की राजनीतिक हस्तियों ने सर्वोच्च नेता का पद वंशानुगत रूप से सौंपने के विचार की आलोचना की। लेकिन ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के उच्च धार्मिक नेता शायद चाहते थे कि मोजतबा खामेनेई युद्ध को आगे बढ़ाएं।

माना जाता है कि मोजतबा खामेनेई के विचार अपने दिवंगत पिता से भी अधिक कट्टरपंथी हैं। अब वह ईरान के सशस्त्र बलों और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित किसी भी निर्णय के लिए स्वतंत्र होंगे।

वैसे तो, ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकाने जून में 12 दिन चले इजराइल-ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा की गई बमबारी में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे, लेकिन में देश अब भी काफी मात्रा में यूरेनियम मौजूद है, जो हथियार बनाने के स्तर से बस एक तकनीकी कदम दूर है। मोजतबा खामेनेई वह कर सकते हैं जो उनके पिता कभी नहीं कर पाए — बम बनाने की दिशा में आगे बढ़ना।

इजराइल पहले ही ऐलान कर चुका है कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता उसका “निशाना” होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को सत्ता सौंपने के विचार की आलोचना की।

ट्रंप ने कहा, “खामेनेई का बेटा मुझे स्वीकार्य नहीं है। हम चाहते हैं कि कोई ऐसा नेता आए जो ईरान में सामंजस्य और शांति लाए।”

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने मोजतबा खामेनेई के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया। ईरान समर्थित लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह ने भी ऐसा किया है।