नेशनल हाईवे पर टोल नहीं दिया तो अब आएगा ई-नोटिस: 72 घंटे में भुगतान की छूट, देरी पर लगेगा डबल जुर्माना
नेशनल डेस्क: सरकार ने नेशनल हाईवे पर बिना टोल दिए निकलने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए ‘नेशनल हाईवे फीस नियम 2026’ में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत, यदि कोई वाहन इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम (ETC) में दर्ज होने के बावजूद टोल का भुगतान नहीं करता है, तो उसे ‘अनपेड यूजर फी’ माना जाएगा और वाहन मालिक को SMS, ईमेल या मोबाइल ऐप के जरिए सीधे ई-नोटिस भेजा जाएगा। इस नोटिस में वाहन की पूरी जानकारी, समय और स्थान के साथ-साथ देय टोल राशि का विवरण भी उपलब्ध होगा।
72 घंटे की मोहलत: यदि वाहन मालिक नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर भुगतान कर देता है, तो उसे केवल वास्तविक टोल राशि ही देनी होगी और कोई जुर्माना नहीं लगेगा।
दोगुना जुर्माना: 72 घंटे की समय सीमा बीत जाने के बाद, वाहन मालिक को टोल की राशि का दोगुना भुगतान करना पड़ेगा।
शिकायत निवारण: यदि किसी को लगता है कि नोटिस गलत भेजा गया है, तो वह 72 घंटे के भीतर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है, जिसका निपटारा 5 दिनों के भीतर किया जाएगा।
VAHAN सिस्टम में रिकॉर्ड: अगर 15 दिनों तक न तो भुगतान किया जाता है और न ही कोई शिकायत की जाती है, तो बकाया राशि को सीधे VAHAN सिस्टम में दर्ज कर दिया जाएगा, जिससे भविष्य में वाहन से जुड़ी सरकारी सेवाओं पर रोक लग सकती है।
फास्टैग (FASTag) पास भी हुआ महंगा: हाईवे पर नियमित सफर करने वालों के लिए एक और बड़ा बदलाव यह है कि 1 अप्रैल से FASTag के सालाना टोल पास की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है।
पहले इस सालाना पास की कीमत ₹3000 थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹3075 कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से देश में बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा और नियमों का पालन बेहतर तरीके से हो सकेगा।

