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धर्मशाला में दिल्ली का धमाका: पंजाब किंग्स को 3 विकेट से रौंदा, प्लेऑफ की उम्मीदें बरकरार

स्पोर्टस डेस्क : हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स को 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली ने टूर्नामेंट के प्लेऑफ की अपनी उम्मीदों को जीवित रखा है, वहीं पंजाब किंग्स के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि यह उनकी लगातार चौथी हार है।

पंजाब का विशाल स्कोर: अय्यर और प्रियांश के अर्धशतक:टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत काफी तेज रही। सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य ने मात्र 24 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और कुल 56 रन बनाए। उनके बाद श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला और नाबाद 59 रनों की कप्तानी पारी खेली। इन पारियों की बदौलत पंजाब ने 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 210 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

अक्षर और मिलर का पलटवार:211 रनों के कड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उनके शीर्ष क्रम के बल्लेबाज केएल राहुल और अभिषेक पोरेल सस्ते में आउट हो गए। इसके बाद कप्तान अक्षर पटेल ने जिम्मेदारी संभाली और 30 गेंदों में 56 रन की तेज पारी खेलकर टीम को संकट से निकाला। डेविड मिलर ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए 28 गेंदों में 51 रन (4 छक्के) बनाए।

अंतिम ओवरों का रोमांच:मैच के आखिरी क्षणों में आशुतोष शर्मा (10 गेंद में 24 रन), माधव तिवारी (8 गेंद में 18 रन) और आकिब नबी (2 गेंद में 10 रन) की छोटी लेकिन असरदार पारियों ने दिल्ली को जीत की दहलीज के पार पहुँचा दिया। दिल्ली ने अंतिम ओवर में यह लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम किया।

PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…11-05-2026

पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ में आज का दिन राजनीतिक हलचल, चुनावी बिगुल और प्रशासनिक कार्रवाइयों से भरा रहा। जहाँ एक ओर राज्य में निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है, वहीं पंजाब बोर्ड के 10वीं के नतीजों ने छात्रों के चेहरों पर खुशी ला दी है। राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई का भाजपा में शामिल होना चर्चा का विषय बना रहा, तो वहीं पुलिस प्रशासन में अनुशासनहीनता और अपराध की कुछ दुखद घटनाओं ने भी सुर्खियां बटोरीं।

1. पंजाब में निकाय चुनाव का ऐलान; 26 मई को होगी वोटिंग पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने निकाय चुनावों की घोषणा कर दी है। राज्य के 8 नगर निगमों (मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट), 76 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों में 26 मई को वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे 29 मई को आएंगे। नामांकन की प्रक्रिया 13 मई से शुरू होगी। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

2. पंजाब बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी; लड़कियों ने मारी बाजी पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस साल फरीदकोट की हरleen शर्मा ने 650 में से 650 अंक हासिल कर राज्य में टॉप किया है। टॉप तीन स्थानों में से दो पर लड़कियों का कब्जा रहा। अमृतसर जिला 98.41% पास प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि लुधियाना का प्रदर्शन सबसे कम रहा।

3. CM भगवंत मान के भाई भाजपा में शामिल : मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने सोमवार को भाजपा का दामन थाम लिया। चंडीगढ़ में पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। ज्ञान सिंह इससे पहले आम आदमी पार्टी में लंबे समय तक सक्रिय रहे थे और संगरूर सांसद कार्यालय के प्रभारी भी रह चुके थे।

4. नशे की डिलीवरी लेते ASI सस्पेंड : फाजिल्का के अबोहर में एक ASI बलविंदर सिंह को नशीला पदार्थ (चिट्टा) खरीदने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। एक सोशल मीडिया वीडियो में वह डायल 112 की सरकारी गाड़ी में बैठकर दो युवकों से 500 रुपये देकर नशीली वस्तु लेते हुए दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

5. लुधियाना में निहंग बाणा उतारने पर युवक की पिटाई : लुधियाना के ढोलनवाल में एक युवक द्वारा निहंगों की पारंपरिक वेशभूषा (बाणा) उतारकर पायजामा-टीशर्ट पहनने पर निहंग जत्थे ने उसकी पिटाई कर दी। निहंगों का आरोप था कि युवक ने मर्यादा का उल्लंघन किया है। बाद में युवक ने माफी मांगी और दोबारा ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया।

6. फरीदकोट में विवाहिता से गैंगरेप; वीडियो वायरल करने की धमकी फरीदकोट के गांव मल्ला में 20 वर्षीय विवाहिता के साथ दो युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपियों ने महिला की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे प्रताड़ित किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

7. लुधियाना में पिता ने बेटे को मारी गोली, फिर खुद किया सुसाइड: लुधियाना में एक पूर्व फौजी सुरिंदर सिंह ने घरेलू विवाद के चलते अपने इकलौते बेटे गुरशरण सिंह की बीच सड़क पर गोलियां मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद पिता ने खुद भी जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। विवाद की वजह पिता की दूसरी शादी करने की इच्छा बताई जा रही है।

8. क्रिकेटर अर्शदीप सिंह गर्लफ्रेंड के साथ नजर आए : भारतीय क्रिकेटर अर्शदीप सिंह और मॉडल समरीन कौर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। दोनों को चंडीगढ़ एयरपोर्ट और हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला की गलियों में एक साथ देखा गया है। अर्शदीप ने खुद भी सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीरें साझा की थीं, जिससे उनकी रिलेशनशिप को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

9. मनीला में पंजाबी महिला की गोली मारकर हत्या: फिलीपींस की राजधानी मनीला में फरीदकोट की सुखवीर कौर बराड़ की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। सुखवीर कौर अपने पति के साथ वहां फाइनेंस का कारोबार करती थीं। जब वह कलेक्शन के लिए बाजार जा रही थीं, तब हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

10. टोल बचाने के लिए बने ‘नकली पुलिसवाले’, 3 युवक गिरफ्तार: पठानकोट पुलिस ने तीन ऐसे युवकों को पकड़ा है जो टोल टैक्स और पुलिस नाकों से बचने के लिए खुद को पंजाब पुलिस का कांस्टेबल बताते थे। आरोपियों के पास से एक फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुआ है, जिसे वे असली बताकर इस्तेमाल कर रहे थे। तीनों युवक होशियारपुर के रहने वाले हैं।

पंजाब कैबिनेट में बड़ा फेरबदल: गिरफ्तार मंत्री संजीव अरोड़ा के विभाग 3 मंत्रियों में बंटे; तरूणप्रीत को मिला बिजली विभाग

चंडीगढ़: पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के विभागों का नया बंटवारा कर दिया है। अरोड़ा के पास रहे तीन महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अब सरकार के तीन मौजूदा मंत्रियों—तरुणप्रीत सिंह सौंध, हरजोत सिंह बैंस और अमन अरोड़ा को सौंपी गई है।

किसे क्या मिला?

तरुणप्रीत सिंह सौंध: वर्तमान में पर्यटन, सांस्कृतिक मामले और श्रम मंत्रालय संभाल रहे तरुणप्रीत सिंह सौंध को अब पावर (बिजली) विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

हरजोत सिंह बैंस: शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को लोकल बॉडी (स्थानीय निकाय) विभाग सौंपा गया है। गौरतलब है कि मार्च 2022 में सरकार बनने के बाद से इस विभाग के नेतृत्व में यह 7वीं बार बदलाव है।

अमन अरोड़ा: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अमन अरोड़ा को अब उद्योग एवं वाणिज्य (Industries & Commerce) तथा निवेश प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इस विभाग में मौजूदा सरकार के दौरान यह चौथा बड़ा बदलाव है।

कैबिनेट का वर्तमान गणित: संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी और विभागों के पुनर्वितरण के बाद 11 मई 2026 तक पंजाब मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित कुल 16 मंत्री कार्यरत हैं। संवैधानिक नियमों के अनुसार पंजाब में अधिकतम 18 मंत्री हो सकते हैं, जिसका अर्थ है कि अभी भी दो पद खाली हैं। सरकार में हरपाल सिंह चीमा अभी भी सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में शामिल हैं, जो वित्त और आबकारी जैसे अहम विभाग देख रहे हैं।

दिल्लीः राजनाथ की अगुवाई में IGoM की बैठक

दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली में रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अगुवाई में पश्चिम एशिया संकट को लेकर Informal Empowered Group of Ministers (IGoM) की उच्चस्तरीय बैठक हुई। खाड़ी क्षेत्र में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है।

बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, भारत की सुरक्षा तैयारियों, ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार ने रणनीतिक और आर्थिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को हुई इस अहम बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों से हालात पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। केंद्र सरकार खाड़ी क्षेत्र में भारतीयों की सुरक्षा और देश के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए हर संभावित कदम पर काम कर रही है।

बंगाल ने खुद को फिर से ढूंढ़ लिया
  • हरदीप सिंह पुरी

हावड़ा कभी एशिया का शेफील्ड कहलाता था। हुगली नदी के किनारे स्थित जूट मिलें इस उपमहाद्वीप के संगठित उद्योग का सबसे बड़ा केन्द्र हुआ करती थीं। कोलकाता भारत की वाणिज्यिक राजधानी हुआ करती थी। बिड़ला एवं टाटा घरानों के साथ-साथ आईटीसी, ब्रिटानिया, कोल इंडिया, हिंदुस्तान मोटर्स और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स के मुख्यालय भी यहीं स्थित थे। बर्नपुर स्थित इस्को की स्थापना 1918 में हुई थी, जबकि दुर्गापुर इस्पात संयंत्र द्वितीय पंचवर्षीय योजना का हिस्सा था। वर्ष 1950-51 में, बंगाल ने देश के कुल मैन्यूफैक्चरिंग उत्पादन में लगभग 27 प्रतिशत हिस्से का योगदान किया था। मैं उस कलकत्ता को जानता था। विदेश सेवा में शामिल होने से पहले, मेरी शुरुआती नौकरियों में से एक इसी शहर में हिंदुस्तान लीवर में थी। कलकत्ता तब भी एक ऐसी जगह थी, जहां अपने संदूक के साथ आने वाला एक युवक इस बात के लिए आश्वस्त हो सकता था कि वह उस जगह पर आ गया है जहां से इस देश का वाणिज्य संचालित होता है। बत्तियां जलती रहीं। ट्रामें चलती रहीं। कंपनियों ने भर्तियां जारी रखीं।

जिस चीज को बनाने में एक सदी लगी थी, उसे आर्थिक कुप्रबंधन से कहीं बढ़कर सोची-समझी साजिश के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। वाम मोर्चा ने 1977 में सत्ता संभाली। यह मोर्चा चौंतीस वर्षों तक सत्ता पर काबिज रहा। श्रमिक वर्ग के हितों की नारेबाजी का आड़ में, एक संगठित समानांतर राज्य ने जड़ें जमा लीं। मकान बनाने से लेकर दुकान चलाने, भट्टी स्थापित करने, परिवहन मार्ग को पंजीकृत कराने और पंचायत की बैठक आयोजित करने तक के लिए इजाजत लेनी होती थी। ये इजाजतें एक चंदे की एवज में मिलती थीं। कार्यकर्ता ये चंदा इकट्ठा करते थे। सत्तारूढ़ पार्टी में उसे अपने खाते में जमा करती थी। पूंजीपतियों को राज्य से निकाल बाहर करने वाली ट्रेड यूनियनबाजी इसका प्रत्यक्ष पहलू थी। जबरन वसूली से त्रस्त आम नागरिकों के वहां से निकल जाने की परिघटना तो खैर कैमरों में कैद ही नहीं हुई। वर्ष 2000 के दशक में, जब वाम मोर्चा ने खुद अपना रुख बदलने और टाटा मोटर्स को सिंगूर लाने की कोशिश की, तो विपक्ष में बैठी तृणमूल कांग्रेस ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। परिणामस्वरूप, यह परियोजना 2008 में गुजरात चली गई। माफिया ने अपना चोला बदल लिया; वह खत्म नहीं हुआ।

वर्ष 2011 में, तृणमूल कांग्रेस ‘परिवर्तन’ के वादे पर सत्ता में आई। इसके बाद जो कुछ हुआ, वह नए रूप में पुरानी ही व्यवस्था के लौट आने जैसा था। चंदा, अब एवजी-रकम बन गया। कार्यकर्ता सिंडिकेट बन गए। राष्ट्रीय स्तर पर मैन्यूफैक्चरिंग में बंगाल की 27 प्रतिशत की हिस्सेदारी घटकर 5 प्रतिशत से भी नीचे आ गई है। कभी राष्ट्रीय औसत का 127 प्रतिशत रहने वाली, प्रति व्यक्ति आय लुढ़कर 84 प्रतिशत पर आ गई है। छह हजार से अधिक पंजीकृत कंपनियों ने अपने मुख्यालय कोलकाता से बाहर स्थानांतरित कर दिए हैं। कभी हावड़ा या साल्ट लेक में काम करने वाले बंगाल के बच्चे, अब बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में रहते हैं। अपनी नौकरी और अपने पैसों को राज्य से बाहर जाता देखने वाले, मतदाताओं को अपना हिसाब बराबर करना था और उनके हाथ में हिसाब बराबर करने का जरिया एक मतपत्र ही था।

इस बदले के केन्द्र में महिलाओं से जुड़ा एक ऐसा रिकॉर्ड था, जिसका बचाव आजाद भारत के  किसी भी सत्ताधारी को नहीं करना पड़ा। एक महिला मुख्यमंत्री के शासनकाल में राज्य की महिलाओं पर निर्मम अत्याचार हुए और उनकी हत्याएं हुईं। अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार हुआ और उसकी हत्या कर दी गई। रात भर घटनास्थल पर एक भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की गई। कोलकाता पुलिस ने इस भीड़ को तितर-बितर करने की कोई कोशिश नहीं की। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस निष्कर्ष के आधार पर जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश दिया कि कोलकाता पुलिस की जांच भरोसेमंद नहीं है। जूनियर डॉक्टरों की 42 दिनों की हड़ताल हुई। इस हड़ताल में कई महिला डॉक्टर शामिल रहीं।

जनवरी 2024 में, संदेशखाली की घटना हुई। सुंदरबन के एक द्वीप की महिलाएं तृणमूल के एक जिला परिषद सदस्य के खिलाफ सड़कों पर उतर आईं। तृणमूल का वह नेता पचपन दिनों तक फरार रहा। जबकि, राज्य की पुलिस चुपचाप बैठी रही और उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया। कभी अपने आंदोलनों के दौरान ‘परिवर्तन’ की बात करने वाली, एक मुख्यमंत्री ने एक ऐसे शासन का नेतृत्व किया जिसमें उनके राज्य की महिलाओं को उनके ही कार्यकर्ताओं के खिलाफ अदालतों व केन्द्रीय एजेंसियों की शरण लेनी पड़ी और सड़कों पर उतरना पड़ा। यह बेहद निंदनीय है। और घोर अन्यायपूर्ण भी।

बंगाल की महिलाओं को जो पीड़ा सहनी पड़ी, उसकी बराबरी केवल राज्य के युवाओं द्वारा उठाए गए नुकसान से ही की जा सकती है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई पहली छापेमारी की रात सॉल्ट लेक के एक बंद फ्लैट से 21 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। संबंधित संपत्तियों से हुई बरामदगी के बाद कुल राशि 50 करोड़ रुपये से अधिक की हो गई। तत्कालीन कैबिनेट मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी हुई। उन्होंने शिक्षा मंत्री के रूप में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की अध्यक्षता की थी। अप्रैल 2024 में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक भर्ती के तहत 25 हजार सात सौ तिरपन शिक्षकों, ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया। इन नियुक्तियों को भर्ती प्रक्रिया के शुरुआती दौर से ही अवैध पाया गया था। इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में ले जाया गया और देश की सर्वोच्च अदालत ने 2025 में इसे बरकरार रखा।

बंगाल के युवाओं को जीवन में एक मजबूत आधार प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई स्कूली भर्ती की पूरी प्रक्रिया एक ऐसे अड्डे में तब्दील हो गई, जहां पदों को बेचा जा रहा था और वैध उम्मीदवार को भर्ती की कतार दिखाई ही नहीं दे रही थी। राशन घोटाला तो इस घोटाले से भी ऊपर था। इसमें एक और मौजूदा कैबिनेट मंत्री ज्योतिप्रिया मल्लिक फंस गईं। इसके ऊपर मवेशी घोटाला, रिश्वतखोरी का धंधा और सिंडिकेट का राज था। मतदाता इन सभी गठजोड़ों को समझ गया। माफिया द्वारा संचालित राज्य में रिश्वत देने से इनकार करने वाला नागरिक सबसे पहले पीड़ित होता है।

इस रिकॉर्ड के सामने एक अलग ही तरह का रिकॉर्ड था। पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चार करोड़ इक्कीस लाख घरों का निर्माण पूरा हुआ। जल जीवन मिशन के तहत पंद्रह करोड़ नल-जल के कनेक्शन लगाए गए। जबकि, 2019 में यह आंकड़ा तीन करोड़ का था। आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग पचपन करोड़ लाभार्थियों को पांच लाख रुपये का वार्षिक कवरेज मिला। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण ने बंगाल के हर कल्याणकारी कार्यक्रम में होने वाले भ्रष्टाचार को खत्म कर दिया। ये सभी काल्पनिक बातें नहीं हैं। बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के हर कार्यकर्ता ने इन्हीं बातों को आधार बनाकर वोट मांगा।

उस आधार के पीछे एक नेटवर्क खड़ा था। पार्टी के बूथ के स्तर के कार्यकर्ताओं, पन्ना प्रमुखों, और चुनावी चक्रों के दौरान धमकियों, डरा-धमकाने और शारीरिक हिंसा का सामना करने वाले कार्यकर्ताओं ने प्रतिकूल परिस्थितियों में मतदाताओं के पंजीकरण, परिवहन और मतदान कराने के उन गैर-आकर्षक कामों को पूरा किया जिन्हें अन्य पार्टियों ने छोड़ दिया था। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ धमकियां, केन्द्रीय बलों के लौट जाने के बाद होने वाले हाल से जुड़ी घोषणाएं और चुनाव के बाद की हिंसा के पिछले दौरों में गई जानें, ये सब कार्यकर्ताओं के लिए हवाई बातें नहीं थी। वे इन सब अनुभवों से गुजर चुके थे। माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह खुद बंगाल के विभिन्न जिलों में घूम-घूम कर देख रहे थे। कभी-कभी तो कुछ ही हफ्तों के भीतर पुराने कस्बे में दुबारा आते थे, क्योंकि वे जानते थे कि उनके कार्यकर्ता क्या कर रहे हैं। वे जो करने की कोशिश कर रहे थे, वह महज चुनावी उलटफेर भर नहीं था। यह एक गढ़ को ढहाने जैसा था।

इस अभूतपूर्व जीत का सिरमौर बने चेहरे खुद अपनी कहानी बयान करते हैं। आर.जी. कर हत्याकांड के पीड़िता की मां श्रीमती रत्ना देबनाथ, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी ने पानीहाटी से उम्मीदवार बनाया था, ने 15 साल से चले आ रहे तृणमूल के गढ़ को ध्वस्त करते हुए भारी बहुमत से जीत हासिल की। ​​श्रीमती रेखा पात्रा, जिन्होंने संदेशखाली में अपनी ही धरती पर राज्य द्वारा ठुकराए गए अधिकार की मांग रखी और उसी मांग को लेकर हिंगलगंज में चुनाव लड़ा। कुल 30 वर्षों तक  वामपंथ और 15 वर्षों से तृणमूल के गढ़ रहे जिलों के मतदाताओं ने पहली बार कमल के निशान  को चुना। रविवार, 4 मई 2026 को बंगाल ने हिसाब चुकता कर दिया। भारतीय जनता पार्टी ने 293 सीटों में से 206 सीटें जीतीं। दो अलग-अलग दलों के 49 वर्षों के माफिया शासन का अंत हो गया। यह केवल एक चुनावी जनादेश भर नहीं, बल्कि एक नैतिक जनादेश भी था।

जनता के इस निर्णायक फैसले पर पहले से ही सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत, 90 लाख अपात्र नाम हटा दिए गए। इन अपात्र नामों को 15 वर्षों से बनाए रखा गया था। अपात्र नामों को हटाने की कार्रवाई को हारने वाला पक्ष मतदाताओं  का दमन बता रहा है। आंकड़े इस सवाल का जवाब देते हैं। जिन बीस निर्वाचन क्षेत्रों में संशोधन के दौरान सबसे अधिक नाम हटाए गए, उनमें से तृणूल कांग्रेस ने तेरह सीटें जीतीं। समसेरगंज, लालगोला, भगबानगोला, रघुनाथगंज और मेतियाबुरुज वैसे पांच निर्वाचन क्षेत्र हैं, जहां सबसे अधिक नाम हटाए गए। इन सभी में 2021 और 2026 के दोनों चुनावों में तृणूल के विधायक चुने गए। जीत का अंतर पुनरीक्षण के दौरान हटाए गए मतदाताओं की संख्या से कम रहने वाले उनतालीस निर्वाचन क्षेत्रों में से, छब्बीस सीटें भारतीय जनता पार्टी, इक्कीस सीटें तृणूल कांग्रेस  और दो सीटें कांग्रेस ने जीतीं। लक्षित बहिष्करण से जीतने और हारने वाले दलों के बीच लगभग बराबर का बंटवारा नहीं होता। राज्य के इतिहास में सबसे अधिक 92.93 प्रतिशत मतदान ने इस सवाल का निपटारा कर दिया कि मतदाता सूची विश्वसनीय थी या नहीं। मतदाताओं के फैसले पर विवाद पैदा करके, पराजित दल केवल उस दादागिरी की ही पुष्टि कर रहा है जिसे मतदाताओं ने नकार दिया है।  यह जनादेश मतदाताओं द्वारा किए जाए चयन के पीछे की बुद्धिमत्ता को भी साबित करता है।

बंगाल ने मतदान कर दिया है और वहां के लोगों ने अपना चुनाव कर लिया है। मतदाताओं की चाहत को समझना बहुत मुश्किल नहीं है। शांति और सड़कों पर पसरी हिंसा से मुक्ति। समृद्धि और उनके शहरों में रोजगारों की वापसी। स्थिरता और एक ऐसा प्रशासन, जो जीने देने के एवज में उनसे कोई रकम न ले। उस राज्य में सांस्कृतिक और आर्थिक पुनर्जागरण, जिसने देश को पहला औद्योगिक क्षेत्र, उसकी वाणिज्यिक राजधानी और राष्ट्रीय प्रशासन के प्रारंभिक निर्माता दिए। जिस कलकत्ता में मैंने काम किया, उसे फिर से हासिल किया जा सकता है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत की दिशा में अपना योगदान फिर से देने के लिए बंगाल बिल्कुल तैयार है। पिछले दशक में लिए गए हर कल्याणकारी और अवसंरचना संबंधी निर्णय के पीछे एक ऐसा प्रधानमंत्री रहा है, जो नागरिक को सर्वोपरि मानता है। उस नागरिक के प्रति विश्वास बनाए रखने के फल को अब दर्ज किया जा चुका है।

(लेखक केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हैं)     

नाईपर, मोहाली में आईटेक (ITEC) कार्यक्रम 2026 “ग्लोबल साउथ में चिकित्सा उपकरण नीतियों को सशक्त बनाना” का 11 मई 2026 को शुभारंभ

मोहाली/ सत्ता संदेश

मोहाली, 11 मई 2026: राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईपर), मोहाली के मेडिकल डिवाइसेज़ विभाग द्वारा भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के अंतर्गत “ग्लोबल साउथ में मेडिकल डिवाइस नीतियों को सशक्त बनाना” विषय पर दो सप्ताह का अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 से 22 मई 2026 तक नाईपर, मोहाली, पंजाब के कन्वेंशन सेंटर में प्रारंभ किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रातः 10:30 बजे प्रो. दुलाल पांडा, निदेशक, नाईपर द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों, संकाय सदस्यों, आमंत्रित विशेषज्ञों एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर प्रो. पांडा ने विभिन्न देशों से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आईटेक कार्यक्रम भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक क्षमता निर्माण तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि भारत की “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना ऐसे सहयोगात्मक प्रयासों की मूल आधारशिला है।

प्रो. पांडा ने बताया कि पिछले पाँच दशकों में भारत ने विभिन्न क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से 2,25,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षण प्रदान किया है। उन्होंने मेडिकल डिवाइसेज़ के व्यापक क्षेत्र, वैश्विक नियामक ढांचे तथा नीति तंत्रों के विकसित होते स्वरूप पर भी जानकारी दी |

प्रो. इंदर पाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1964 में आईटेक कार्यक्रम की स्थापना के बाद यह पहला समर्पित मेडिकल डिवाइस पाठ्यक्रम है, जिसे नाईपर, मोहाली द्वारा आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने इसे संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

इससे पूर्व प्रो. तरुण शर्मा ने 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके बहुविषयक स्वरूप की जानकारी दी। उद्घाटन दिवस पर पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) तथा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) मंडी के विशेषज्ञों द्वारा स्टेम सेल्स एवं बायोमटेरियल्स जैसे उभरते क्षेत्रों पर व्याख्यान दिए गए।

इस पहल के अंतर्गत 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों सहित शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों तथा उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया गया है, जहां मेडिकल डिवाइसेज़ के क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों, नियामक ढांचे, विनिर्माण प्रक्रियाओं, ट्रांसलेशनल रिसर्च, इनोवेशन इकोसिस्टम तथा नीतिगत हस्तक्षेपों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

यह कार्यक्रम नवाचार-आधारित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा विकासशील देशों में सुलभ, किफायती एवं मेडिकल डिवाइस पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता 

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, चंडीगढ़ में MY Bharat द्वारा कार्यक्रम का आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत MY Bharat Chandigarh द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 का आयोजन गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (GMSSS), सेक्टर 32, चंडीगढ़ में उत्साहपूर्वक किया गया, जिसमें लगभग 60 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

यह कार्यक्रम MY Bharat से संबद्ध संस्थाओं — करुणा इको कंपेनियन फाउंडेशन एवं ग्लोबल यूथ फेडरेशन — के सहयोग से “विकसित भारत के लिए युवा नवाचार” विषय के अंतर्गत आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जीएमएसएसएस सेक्टर 32 की प्राचार्या संगीता छाबड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों एवं नवाचार आधारित शिक्षा को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान संसाधन व्यक्तियों शिखा, रोहित एवं श्री नवीन द्वारा आधुनिक तकनीकों पर रोचक एवं व्यवहारिक सत्र आयोजित किए गए। विशेष रूप से दैनिक जीवन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने डिजिटल नवाचार, साइबर जागरूकता एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग से संबंधित गतिविधियों एवं चर्चाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में युवाओं के बीच तकनीकी जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश के युवा आधुनिक तकनीकों एवं डिजिटल कौशल से सशक्त होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल कठिन परिश्रम ही नहीं, बल्कि शिक्षा एवं दैनिक जीवन में तकनीक का प्रभावी उपयोग कर स्मार्ट वर्क अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नवाचार, डिजिटल जिम्मेदारी एवं तकनीक के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम का समापन सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, आयोजकों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया, जिन्होंने इस आयोजन को सफल एवं प्रभावशाली बनाया।

*राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर जीएमएसएसएस सेक्टर 32, चंडीगढ़ में MY Bharat द्वारा कार्यक्रम आयोजित*

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 11 मई 2026: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत MY Bharat Chandigarh द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 का आयोजन गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (GMSSS), सेक्टर 32, चंडीगढ़ में उत्साहपूर्वक किया गया, जिसमें लगभग 60 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

यह कार्यक्रम MY Bharat से संबद्ध संस्थाओं — करुणा इको कंपेनियन फाउंडेशन एवं ग्लोबल यूथ फेडरेशन — के सहयोग से “विकसित भारत के लिए युवा नवाचार” विषय के अंतर्गत आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जीएमएसएसएस सेक्टर 32 की प्राचार्या श्रीमती संगीता छाबड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों एवं नवाचार आधारित शिक्षा को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान संसाधन व्यक्तियों श्रीमती शिखा, श्री रोहित एवं श्री नवीन द्वारा आधुनिक तकनीकों पर रोचक एवं व्यवहारिक सत्र आयोजित किए गए। विशेष रूप से दैनिक जीवन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने डिजिटल नवाचार, साइबर जागरूकता एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग से संबंधित गतिविधियों एवं चर्चाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में युवाओं के बीच तकनीकी जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश के युवा आधुनिक तकनीकों एवं डिजिटल कौशल से सशक्त होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल कठिन परिश्रम ही नहीं, बल्कि शिक्षा एवं दैनिक जीवन में तकनीक का प्रभावी उपयोग कर स्मार्ट वर्क अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नवाचार, डिजिटल जिम्मेदारी एवं तकनीक के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम का समापन सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, आयोजकों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया, जिन्होंने इस आयोजन को सफल एवं प्रभावशाली बनाया।

IAF ने 7 मई से 10 मई तक “ऑपरेशन सिंदूर यादगार श्रृंखला दौड़” का आयोजन किया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने 7 मई से 10 मई, 2026 तक नई दिल्ली में 88 घंटे की “ऑपरेशन सिंदूर यादगार श्रृंखला दौड़” का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए 88 घंटों के सफल हवाई अभियानों की पहली वर्षगांठ मनाई गई, जिसने निर्णायक और सटीक हमले करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना की सभी कमानों से कुल 600 धावकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

इस दौड़ को 7 मई 2026 को सुबह 1:05 बजे एयर ऑफिसर इन चार्ज एडमिनिस्ट्रेशन (एओए) द्वारा इंडिया गेट से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और इसका समापन 10 मई, 2026 को शाम 5:00 बजे एयर फोर्स स्टेशन नई दिल्ली (एएफएनडी) में चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (सीएएस) द्वारा फ्लैग-इन के साथ हुआ।

यह दौड़ 88 घंटे तक चलने वाली निरंतर रिले प्रारूप में आयोजित की गई थी, जिसमें आयोजन के संचालन में असैनिक अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नागरिक स्वयंसेवकों ने भी दौड़ में पूरे जोश के साथ भाग लिया।

इसका रूट दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थलों से होकर गुजरा, जिनमें इंडिया गेट, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, वायु सेना मुख्यालय वायु भवन, नेहरू पार्क और न्यू मोती बाग रोड शामिल हैं, और अंत में नई दिल्ली वायुसेना स्टेशन पर समाप्त हुआ।

इस दौड़ का उद्देश्य भारतीय वायु सेना के कर्मियों के बीच एकजुटता की भावना को बढ़ावा देना और साथ ही भारतीय रक्षा बलों की आम लोगों तक पहुंच और उपस्थिति को बढ़ाना था।

“ऑपरेशन सिंदूर यादगार श्रृंखला दौड़” का सफल आयोजन न केवल भारतीय वायु सेना के संचालन के इतिहास के महत्वपूर्ण उपलब्धि के प्रति एक सम्मान है, बल्कि आम लोगों की भागीदारी के माध्यम से हासिल की गई उत्कृष्ट टीम वर्क का भी प्रमाण है, जो भारतीय वायु सेना के उत्साह को दर्शाता है।

संबंधित गतिविधियों के एक भाग के रूप में, भारतीय वायु सेना के जैज बैंड ने भी 10 मई, 2026 को नेहरू पार्क में सुबह 6:30 बजे से सुबह 8:00 बजे तक लाइव प्रस्तुति दी।

J&K: खान मंत्रालय चूना पत्थर ब्लॉकों की नीलामी का दूसरा चरण 12 मई को श्रीनगर में शुरू किया जाएगा

जम्मू-कश्मीर / सत्ता संदेश

भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में चूना पत्थर ब्लॉकों की नीलामी का दूसरा चरण 12 मई को श्रीनगर में शुरू किया जाएगा। केंद्र शासित प्रदेश में खनिज ब्लॉकों की नीलामी की सफल शुरुआत के बाद, यह क्षेत्र की खनिज क्षमता का दोहन करने और विकसित भारत एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन में इसके योगदान को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्रालय दूसरे चरण के तहत, जम्मू-कश्मीर सरकार के सहयोग से 12 चूना पत्थर के ब्लॉकों की नीलामी करेगा। ये ब्लॉक अनंतनाग, राजौरी और पुंछ जिलों में स्थित हैं और इनमें नव चिन्हित ब्लॉक और दूसरी बार पुनः नीलाम किए जा रहे ब्लॉक दोनों शामिल हैं, जो संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल और उद्योग जगत की सतत भागीदारी को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

इस शुभारंभ समारोह का आयोजन श्रीनगर में किया जाएगा। इसमें खान मंत्रालय के सचिव पीयूष गोयल मुख्य अतिथि होंगे। जम्मू-कश्मीर सरकार के अपर मुख्य सचिव अश्वनी कुमार, खान मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश सरकार की जम्मू-कश्मीर में खनिज विकास, औद्योगिक विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति को गति देने की साझा प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला जाएगा।

इन ब्लॉकों को व्यापक रूप से यूएनएफसी जी3 और जी4 अन्वेषण चरणों के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है, जो पर्याप्त औद्योगिक-श्रेणी के चूना पत्थर भंडार के साथ आशाजनक भूवैज्ञानिक क्षमता का संकेत देते हैं। ये संसाधन सीमेंट, निर्माण और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं और क्षेत्र में औद्योगिक विकास और आर्थिक उन्नति में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका की उम्मीद है।

यह नीलामी खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 और खनिज (नीलामी) नियम, 2015 (संशोधित रूप में) के प्रावधानों के तहत आयोजित की जा रही है। यह प्रक्रिया पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और वैश्विक सर्वोत्तम प्रणालियों के अनुरूप बनाई गई है, जिसमें बोली प्रक्रिया डिजिटल ई-नीलामी प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की जाएगी।

खान मंत्रालय वैज्ञानिक और सतत खनन प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन ब्लॉकों की सफल नीलामी और संचालन से पर्याप्त राजस्व प्राप्त होने, रोजगार के अवसर सृजित होने, औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने और जम्मू-कश्मीर के समावेशी विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है।