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Ludhiana : ईशर नगर में ‘क्लीन पंजाब–प्राउड पंजाब’ अभियान, MLA राजिंदरपाल की अगुवाई में चला सफाई अभियान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब को स्वच्छ, हरा-भरा और सुंदर बनाने के उद्देश्य से आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से चलाए जा रहे ‘क्लीन पंजाब–प्राउड पंजाब’ अभियान के तहत लुधियाना साउथ विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 38 स्थित ईशर नगर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। सफाई ड्राइव का नेतृत्व लुधियाना साउथ की विधायक राजिंदरपाल कौर छीना ने किया।

अभियान के दौरान इलाके की गलियों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई की गई। इस मौके पर AAP नेता हरप्रीत सिंह छीना ने भी सफाई अभियान में हिस्सा लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।

लोगों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक

सफाई अभियान के दौरान स्थानीय लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें और सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें।

पार्टी नेताओं ने कहा कि किसी भी इलाके को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए केवल प्रशासन या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर्याप्त नहीं है। इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।

‘साफ पंजाब’ मुख्यमंत्री भगवंत मान का विजन: छीना

MLA राजिंदरपाल कौर छीना ने प्रेस नोट के माध्यम से कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का विजन पंजाब के शहरों और गांवों को साफ-सुथरा बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल शहरों की सुंदरता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और पंजाब के भविष्य से है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस विजन को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने लुधियाना के लोगों से अपील की कि सरकार और प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझे और सफाई अभियानों में सहयोग करे।

‘क्लीन पंजाब–प्राउड पंजाब’ सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

MLA छीना ने कहा कि ‘क्लीन पंजाब–प्राउड पंजाब’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि पंजाब को स्वच्छ और बेहतर बनाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश है।

उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति अपने घर के साथ-साथ अपने मोहल्ले और आसपास के क्षेत्र की सफाई का ध्यान रखेगा, तभी एक स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब का सपना साकार हो सकेगा।

AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा

ईशर नगर में आयोजित सफाई अभियान में संगठन इंचार्ज परमिंदर गिल, ट्रेड विंग के चेयरमैन इंदरजीत, सुनहरा विंग के चेयरमैन हरदेव गोल्डी, ब्लॉक प्रेसिडेंट विक्की बेगोआना, यूथ विंग ब्लॉक प्रेसिडेंट सनी, हलका कोऑर्डिनेटर वॉर ऑन ड्रग्स लखविंदर जोरा, ब्लॉक प्रेसिडेंट सुनील ढींगरा, ब्लॉक प्रेसिडेंट बंटी, हलका कोऑर्डिनेटर सोशल मीडिया जोगा संधू, ब्लॉक प्रेसिडेंट सोशल मीडिया खड़क सिंह और सेनेटरी इंचार्ज राजिंदर कुमार सहित कृष्ण कुमार, परमजीत कौर, आदित्य, रामबख्श निषाद, रामू, सतिंदर बावा और अमनप्रीत सिंह मौजूद रहे।

इस मौके पर पार्टी नेताओं ने कहा कि इलाके को साफ-सुथरा रखना किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में प्रशासन व सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें।

पार्टी नेताओं ने लोगों से आह्वान किया कि सभी मिलकर पंजाब को साफ, हरा-भरा और सुंदर बनाने की दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

केंद्र सरकार ने सुखविंदर सिंह बिंद्रा को दूसरी बार बनाया NISD मेंबर

सुखविंदर सिंह बिंद्रा को केंद्र सरकार ने दूसरी बार NISD मेंबर बनाया है। बिंद्रा ने युवाओं को नशे से दूर रखने, यूथ एम्पावरमेंट और स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

भारत सरकार ने सामाजिक क्षेत्र में सुखविंदर सिंह बिंद्रा की सेवाओं और योगदान को देखते हुए उन्हें दूसरी बार NISD (National Institute of Social Defence) का मेंबर बनाया है। बिंद्रा वर्तमान में भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत NISD मेंबर के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही वह NCCDR में स्पेशल मेंबर/इनवाइट के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

केंद्र सरकार की ओर से उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का फैसला सामाजिक क्षेत्र में उनके कार्यों और योगदान को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस जिम्मेदारी के लिए सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का आभार जताया।

बिंद्रा ने कहा कि उनका विभाग युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में युवाओं की भलाई, विकास और नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर आगे भी मिलकर काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ड्रग्स के गलत इस्तेमाल को रोकने में यूथ एम्पावरमेंट और अवेयरनेस प्रोग्राम की अहम भूमिका है। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।

सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने कहा कि वह और उनका विभाग पंजाब तथा देश के युवाओं की भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं। युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ अन्य जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने विशेष रूप से खेलों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए उन्हें खेलों से जोड़ना बेहद जरूरी है। आने वाले समय में युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने और उन्हें नशे से दूर रखने के उद्देश्य से स्पोर्ट्स किट भी वितरित की जाएंगी।

बिंद्रा ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाकर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जाएगा।

उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से युवाओं के विकास और नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर आने वाले समय में और प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

Ludhiana : 1 सितबंर से शुरु होंगे C-Pyte कैंप के ट्रायल, सभी तरह की भर्ती की मिलेगी फ्री ट्रेनिंग

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना और मलेरकोटला जिले के युवाओं के लिए सरकारी भर्ती की तैयारी का अच्छा अवसर सामने आया है। C-Pyte कैंप लुधियाना में CAPF (GD), CISF, CRPF, ITBP, SSB और SSF की भर्ती के लिए ट्रेनिंग हेतु ट्रायल 1 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रहे हैं।

C-Pyte कैंप लुधियाना के ट्रेनिंग ऑफिसर इंदरजीत कुमार ने बताया कि दोनों जिलों के इच्छुक युवा ट्रायल में हिस्सा लेकर भर्ती की तैयारी के लिए ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं।

ITI गिल रोड कैंप में होंगे ट्रायल

ट्रेनिंग ऑफिसर के अनुसार, इच्छुक उम्मीदवार 1 सितंबर से C-Pyte कैंप, ITI गिल रोड, लुधियाना में ट्रायल के लिए पहुंच सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे निर्धारित स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट करें और भर्ती की तैयारी के इस अवसर का लाभ उठाएं।

इन सुरक्षा बलों की भर्ती के लिए मिलेगी ट्रेनिंग

C-Pyte कैंप में युवाओं को निम्नलिखित भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी:

  • CAPF (GD)
  • CISF
  • CRPF
  • ITBP
  • SSB
  • SSF

बताया गया है कि इन भर्तियों के लिए सितंबर और अक्टूबर महीने में रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।

ट्रायल के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?

ट्रेनिंग ऑफिसर इंदरजीत कुमार के मुताबिक, ट्रायल में आने वाले उम्मीदवार अपने जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी साथ लेकर आएं।

इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • 10वीं का सर्टिफिकेट
  • 12वीं का सर्टिफिकेट
  • उच्च शिक्षा से संबंधित शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो

युवाओं को सलाह दी गई है कि वे दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ कैंप में रिपोर्ट करें।

ट्रायल पास करने वालों को मिलेगी फ्री ट्रेनिंग, रहने-खाने की सुविधा

C-Pyte कैंप के अनुसार, ट्रायल में सफल रहने वाले युवाओं को पंजाब सरकार की ओर से CAPF (GD), CISF, CRPF, ITBP, SSB और SSF की भर्ती के लिए मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी।

इसके साथ ही चयनित उम्मीदवारों के लिए रहने और खाने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

युवाओं के लिए रोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर

सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे लुधियाना और मलेरकोटला जिलों के युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। इच्छुक उम्मीदवार 1 सितंबर से C-Pyte कैंप पहुंचकर ट्रायल में भाग ले सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क

ट्रायल और ट्रेनिंग से संबंधित अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

78885-86296
98766-17258

उम्मीदवारों को सलाह है कि ट्रायल में शामिल होने से पहले फोन पर आवश्यक प्रक्रिया, समय और अन्य शर्तों की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

लुधियाना की सड़कों पर बिना नंबर प्लेट ऑटो? प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

लुधियाना में बिना स्पष्ट नंबर प्लेट वाले ऑटो, कचरा वाहन और टिपरों को लेकर सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। जानिए प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस से पूछे जाने कुछ सवाल।

लुधियाना / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : बसंत सिंह रोरियां

लुधियाना शहर की सड़कों पर चल रहे कुछ ऑटो-रिक्शा, कचरा उठाने वाले वाहनों और टिपरों की पहचान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप हैं कि कुछ वाहन बिना नंबर प्लेट या ऐसी नंबर प्लेट के साथ सड़कों पर चल रहे हैं जो साफ दिखाई नहीं देतीं। अगर ऐसा है, तो यह केवल ट्रैफिक नियमों का मामला नहीं बल्कि यात्रियों और आम राहगीरों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है।

खास चिंता उन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर है जो अकेले ऑटो में सफर करते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य कमजोर यात्रियों के लिए वाहन की स्पष्ट पहचान और उसका रिकॉर्ड होना बेहद महत्वपूर्ण है। सवाल यह है कि अगर किसी ऐसे वाहन से कोई हादसा या आपराधिक घटना हो जाए, तो पुलिस उस वाहन की पहचान कितनी आसानी से कर पाएगी?

हादसा या अपराध होने पर कैसे होगी वाहन की पहचान?

मान लीजिए किसी ऑटो, टिपर या कचरा उठाने वाले वाहन से सड़क पर दुर्घटना हो जाती है और वाहन मौके से निकल जाता है। अगर उसकी नंबर प्लेट ही मौजूद नहीं है या स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती, तो जांच एजेंसियों के सामने वाहन की पहचान करना बड़ी चुनौती बन सकता है।

इसी तरह अगर किसी यात्री के साथ ऑटो के अंदर या उससे संबंधित कोई घटना होती है—जैसे लूटपाट, धमकी या मारपीट—तो वाहन की पहचान जांच का अहम हिस्सा बन जाती है।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना स्पष्ट और वैध नंबर प्लेट वाले वाहनों को सार्वजनिक सड़कों पर चलने की अनुमति मिलनी चाहिए?

मामला सिर्फ नंबर प्लेट का नहीं, सुरक्षा का है

शहर में कचरा उठाने वाले ट्रक और टिपर भी बड़ी संख्या में सड़कों पर चलते हैं। इन भारी वाहनों की स्पष्ट पहचान और जरूरी दस्तावेजों का होना सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

अगर किसी वाहन की नंबर प्लेट साफ दिखाई नहीं देती, तो दुर्घटना की स्थिति में प्रत्यक्षदर्शियों या सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है।

इसलिए सवाल यह नहीं है कि बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध नंबर प्लेट वाले कितने वाहन सड़क पर चल रहे हैं। असली सवाल यह है कि ऐसे वाहनों को सड़क पर उतरने से पहले ही रोकने के लिए प्रशासन का निगरानी तंत्र कितना प्रभावी है?

प्रशासन की जिम्मेदारी हादसे से पहले शुरू होती है

सड़क सुरक्षा का उद्देश्य केवल दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि दुर्घटना और अपराध की संभावना को पहले ही कम करना भी है।

इसके लिए प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक सड़कों पर चलने वाले वाहनों की नंबर प्लेट स्पष्ट और वैध हो। साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस और अन्य जरूरी दस्तावेज भी नियमों के अनुसार हों।

अगर कोई वाहन इन बुनियादी नियमों का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रशासन पर उठे सवाल

लुधियाना की सड़कों पर ऑटो-रिक्शा और अन्य व्यावसायिक वाहनों की निगरानी को लेकर प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस से इन सवालों के जवाब जरूरी हैं:

1. शहर में इस समय कुल कितने ऑटो-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं और इनमें से कितने नियमों के मुताबिक वैध नंबर प्लेट के साथ चल रहे हैं?

2. पिछले एक साल में बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध/नकली नंबर प्लेट वाले कितने ऑटो पकड़े गए?

3. ऐसे वाहनों के खिलाफ कितने चालान किए गए और कितने वाहन जब्त किए गए?

4. क्या ट्रैफिक पुलिस ऐसे ऑटो की पहचान के लिए विशेष अभियान या नियमित चेकिंग चला रही है?

5. क्या चेकिंग के दौरान हर ऑटो का नंबर प्लेट, रजिस्ट्रेशन, परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र जांचा जाता है?

6. अगर कोई ऑटो कथित तौर पर नकली नंबर प्लेट के साथ पकड़ा जाता है, तो क्या सिर्फ ट्रैफिक चालान किया जाता है या मामले की गंभीरता के अनुसार अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाती है?

7. पिछले एक साल में ऑटो के जरिए यात्रियों के साथ लूटपाट, धमकी या मारपीट की कितनी शिकायतें पुलिस के पास पहुंची हैं?

8. ऐसे मामलों में कितने वाहनों की पहचान नंबर प्लेट, रजिस्ट्रेशन या अन्य रिकॉर्ड के जरिए हुई?

9. क्या प्रशासन के पास ऑटो ड्राइवरों, वाहन रजिस्ट्रेशन और परमिट की निगरानी के लिए कोई केंद्रीय या डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम मौजूद है?

10. अगर प्रशासन के संज्ञान में बिना रजिस्ट्रेशन या संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहन हैं, तो अब तक कितनी ठोस कार्रवाई की गई है और आगे की कार्रवाई के लिए क्या समय-सीमा तय की गई है?

कार्रवाई का इंतजार या पहले से रोकथाम?

लुधियाना जैसे बड़े शहर में रोजाना हजारों लोग ऑटो, दोपहिया और अन्य सार्वजनिक वाहनों से सफर करते हैं। ऐसे में हर वाहन की स्पष्ट पहचान केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रशासन के सामने अब सीधा सवाल है—क्या किसी दुर्घटना या अपराध के बाद वाहन की पहचान करने की कोशिश की जाएगी, या उससे पहले ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शहर की सड़कों पर चलने वाला हर वाहन स्पष्ट पहचान और वैध दस्तावेजों के साथ चले?

अगर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन वास्तव में सड़कों पर चल रहे हैं, तो उनकी पहचान कर कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं, यदि ऐसी शिकायतें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं, तो प्रशासन को आंकड़ों और आधिकारिक रिकॉर्ड के जरिए स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहें

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में अकाली समागम हुआ। बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से गुरु की शिक्षाओं पर चलने की अपील की, जबकि सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट और पंथिक एकता को लेकर चिंता जताई।

बाबा बकाला / सत्ता संदेश

रखड़ पुण्या के पवित्र अवसर पर बाबा बकाला की धरती पर आयोजित राजनीतिक समागम में शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने पंथिक एकता, पार्टी की मजबूती और गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और विरोधियों पर निशाना साधते हुए पंथिक ताकत को मजबूत करने की अपील की।

बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं को दिया चढ़दी कला में रहने का संदेश

अपने संबोधन में बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में घबराने के बजाय सिखों को गुरु साहिबानों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर मजबूती के साथ खड़ा रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिख इतिहास हर कठिन परिस्थिति में हिम्मत, दृढ़ता और सच्चाई के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह के दबाव में न झुकने और गुरु की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीने की अपील की।

मजीठिया ने कहा कि अचानक आने वाली मुश्किल परिस्थिति से कोई भी व्यक्ति कुछ समय के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन मजबूत इरादों वाला व्यक्ति हालात का डटकर सामना करता है। उन्होंने अकाली कार्यकर्ताओं से भी मुश्किल समय में संयम बनाए रखने और पार्टी के लिए मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया।

सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट को लेकर जताई चिंता

समागम के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने पंथिक मुद्दों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सिख इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जगहों और स्मारकों को याद करने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने बाबा बंदा सिंह बहादुर की यादगार, छोटा घल्लूघारा और वड्डा घल्लूघारा जैसी ऐतिहासिक जगहों का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्थानों से सिख समुदाय के इतिहास, संघर्ष और कुर्बानियों की प्रेरणा मिलती है।

‘अकाली दल कमजोर हुआ तो बढ़ा सरकारी दखल’

सुखबीर बादल ने कहा कि जब शिरोमणि अकाली दल मजबूत स्थिति में था, तब कई महत्वपूर्ण गुरुद्वारों का प्रबंधन पंथिक संगठनों के हाथों में था। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल के कमजोर होने के बाद कुछ धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में सरकारी दखल बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि गुरु घरों का प्रबंधन मजबूत पंथिक संस्थाओं के हाथों में रहना जरूरी है। सुखबीर बादल ने कार्यकर्ताओं से पंथिक ताकत को मजबूत करने और धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।

माझा को बताया अकाली दल की पारंपरिक ताकत

सुखबीर बादल ने माझा क्षेत्र को शिरोमणि अकाली दल की पारंपरिक ताकत बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी का साथ दिया है।

उन्होंने पंजाब के पिछले दशकों के राजनीतिक और सामाजिक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने कई मुश्किल दौर देखे हैं और लोगों ने अलग-अलग समय पर बड़ी कुर्बानियां दी हैं।

पंथिक एकता और अकाली दल को मजबूत करने की अपील

समागम के दौरान अकाली नेताओं ने कार्यकर्ताओं से सिख इतिहास से प्रेरणा लेने, पंथिक एकता को मजबूत करने और शिरोमणि अकाली दल को दोबारा मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में आयोजित यह समागम अकाली दल के लिए धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां पार्टी नेताओं ने पंथिक मुद्दों के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने का संदेश कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया।


बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहे

टांडा में पंजाब सरकार के खिलाफ कर्मचारियों-पेंशनर्स का प्रदर्शन, AAP ऑफिस तक निकाला मार्च

टांडा उर्मुर मे पंजाब कर्मचारियों और पेंशनर्स के ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। कर्मचारियों ने DA, पुरानी पेंशन, नियमित भर्ती और खाली पद भरने समेत कई मांगें उठाईं।

होशियारपुर / सत्ता संदेश

Report : जसप्रीत सिंह सैनी

पंजाब सरकार के खिलाफ अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों और पेंशनर्स ने टांडा उर्मुर में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब कर्मचारियों और पेंशनर्स के ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक, PSPCL कर्मचारी, मिनिस्टीरियल स्टाफ, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आशा वर्कर्स, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ सामूहिक छुट्टी लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।

कर्मचारियों और पेंशनर्स ने स्थानीय शिमला पहाड़ी पर एकत्रित होकर आम आदमी पार्टी के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

महंगाई भत्ता जारी करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने पंजाब सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों की अनदेखी करने के आरोप लगाए। नेताओं ने दावा किया कि कर्मचारियों और पेंशनर्स का 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) रोका गया है, जिससे महंगाई के इस दौर में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारी नेताओं ने सरकार से लंबित महंगाई भत्ते को जारी करने और कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों का समाधान करने की मांग की।

पुरानी पेंशन योजना को लेकर भी सरकार पर निशाना

प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर भी पंजाब सरकार पर वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन से संबंधित नोटिफिकेशन के बावजूद कर्मचारियों की मांगों को लागू नहीं किया जा रहा।

नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों के भविष्य और बुढ़ापे की सुरक्षा को लेकर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और भर्ती की मांग

प्रदर्शन के दौरान विभिन्न विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारी नेताओं ने एसोसिएट टीचर्स और फॉरेस्ट्री वर्कर्स को नियमित करने, कंप्यूटर टीचर्स को रेगुलर करने तथा मिड-डे मील वर्कर्स, आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की।

नेताओं ने कहा कि अलग-अलग विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर नियमित भर्ती की जानी चाहिए, ताकि पंजाब के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके।

शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक काम लेने का विरोध

प्रदर्शन में शिक्षक संगठनों ने शिक्षकों से चुनाव ड्यूटी, जनगणना, BLO और विभिन्न सर्वे जैसे गैर-शैक्षणिक कार्य करवाने का विरोध किया।

शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने के बजाय स्कूलों में पढ़ाई पर ध्यान देने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने नई शिक्षा नीति को लेकर भी विरोध जताया और इसे वापस लेने की मांग रखी।

मोहल्ला क्लीनिकों के डॉक्टरों और स्टाफ को नियमित करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने मोहल्ला क्लीनिकों में कार्यरत डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को पूरे ग्रेड के साथ नियमित करने की मांग उठाई।

नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों को स्थायी रोजगार और उचित वेतनमान दिया जाना जरूरी है।

‘डमी बेनिफिट स्कीमों’ के बजाय खाली पद भरने की मांग

प्रदर्शन के दौरान एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को आकर्षित करने वाली कथित डमी या डुप्लीकेट बेनिफिट स्कीमों के बजाय पंजाब के अलग-अलग विभागों में खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती की जानी चाहिए।

नेताओं के मुताबिक, इससे लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सकता है और सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी भी दूर होगी।

इन नेताओं ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व

टांडा उर्मुर में हुए इस विरोध प्रदर्शन और मार्च का नेतृत्व टीचर लीडर रमेश होशियारपुरी, लेफ्टिनेंट अमर सिंह, गुरदीप सिंह खुनखुन, पेंशनर लीडर हरदीप खुदा और सुखदेव जाजा सहित अन्य नेताओं ने किया।

Punjab : वारिस पंजाब पार्टी की सक्रियता तेज, जगजीत सिंह धालीवाल ने धार्मिक स्थलों पर टेका माथा

पंजाब में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कपूरथला में वारिस पंजाब पार्टी के हलका इंचार्ज जगजीत सिंह धालीवाल ने धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर पंजाब की खुशहाली और अमन-शांति की कामना की।

कपूरथला / सत्ता संदेश

पंजाब में चुनावी माहौल नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने लगी है। विभिन्न पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच पहुंचकर जनसंपर्क मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में वारिस पंजाब पार्टी के कपूरथला हलका इंचार्ज जगजीत सिंह धालीवाल ने कपूरथला शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुरुद्वारा साहिब में की अरदास, मंदिरों में भी लिया आशीर्वाद

जगजीत सिंह धालीवाल ने कपूरथला शहर में विभिन्न धार्मिक स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर अरदास की। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग मंदिरों में पहुंचकर भी उन्होंने पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।

इस दौरान उन्होंने पंजाब में अमन-शांति, आपसी भाईचारे और लोगों की खुशहाली की कामना की।

लोगों के हितों की रक्षा करना पार्टी का उद्देश्य: धालीवाल

जगजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना या सत्ता हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों के हितों के लिए काम करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य पंजाब के लोगों के अधिकारों की रक्षा करना है।

धालीवाल के मुताबिक, पार्टी का प्रयास है कि पंजाब में किसी भी व्यक्ति के साथ धक्केशाही न हो और हर व्यक्ति को न्याय मिल सके।

सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को खुला निमंत्रण

धालीवाल ने कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के साथ अन्याय या धक्केशाही होती है तो वह अपनी समस्या लेकर उनके पास आ सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को अपनी समस्याएं उनके सामने रखने का खुला निमंत्रण दिया।

उन्होंने कहा कि वह पार्टी की विचारधारा से ऊपर उठकर लोगों की समस्याओं को सुनने का प्रयास करेंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनकी समस्याओं को उठाया जाएगा।

न्यायप्रिय समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील

जगजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ राजनीति करना नहीं है। उनका कहना है कि लोगों का भला करना और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है तो उसकी आवाज उठाना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर वह आला अधिकारियों से मुलाकात कर लोगों की समस्याओं को उनके सामने रखेंगे।

धालीवाल ने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को लेकर बेझिझक उनसे संपर्क करें, ताकि उनकी आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके।

उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करना होना चाहिए।

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां

पंजाब में चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। नेता लगातार धार्मिक स्थलों, सामाजिक कार्यक्रमों और आम लोगों के बीच पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। ऐसे में कपूरथला हलके में जगजीत सिंह धालीवाल की धार्मिक स्थलों की यात्रा को भी राजनीतिक और जनसंपर्क गतिविधियों के तौर पर देखा जा रहा है।