प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से ‘शक्ति की सप्तधारा’ का विजन देश के सामने रखा. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देश को नई ऊर्जा और नई दिशा की जरूरत है. प्रधानमंत्री ने भारत की सात प्रमुख शक्तियों को रेखांकित करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में सामर्थ्य बढ़ाकर भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलानी होगी.
सप्तधारा की पहली शक्ति- मैन्युफैक्चरिंग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘शक्ति की सप्तधारा’ में पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर है. भारत को डिजाइन से लेकर उत्पादन तक पूरी वैल्यू चेन तैयार करनी होगी. उन्होंने कहा कि भारत को लागत, गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता के वैश्विक मानकों पर खरा उतरते हुए दुनिया के लिए एक भरोसेमंद ग्लोबल सप्लाई चेन पार्टनर बनना होगा.
दूसरी शक्ति- कृषि और खाद्य उत्पादन
सप्तधारा की दूसरी शक्ति कृषि और खाद्य उत्पादन है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक बाजार भारत के लिए खुल रहे हैं और मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए नए बाजारों तक पहुंच बढ़ रही है. भारत के मसाले और मोटे अनाज यानी मिलेट्स दुनिया में भारतीय ब्रांड के रूप में पहचान बनाने चाहिए.
तीसरी शक्ति- टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
प्रधानमंत्री ने सप्तधारा की तीसरी शक्ति टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बताया. उन्होंने कहा कि यह रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और डेटा सेंटर का दौर है. भारत को उभरती तकनीकों में वैश्विक इनोवेशन हब बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा.
उन्होंने कहा कि यूपीआई और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए भारत अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन कर चुका है. अब देश को नेक्स्ट जेनरेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में अगली छलांग लगाने की जरूरत है.
चौथी शक्ति- गति शक्ति
सप्तधारा की चौथी शक्ति गति शक्ति है. प्रधानमंत्री मोदी ने तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए कहा कि शहरों को हाई-स्पीड रेल से जोड़ना होगा. इसके साथ ही पोर्ट-लेड डेवलपमेंट पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि देश की आर्थिक गतिविधियों को और गति मिल सके.
पांचवीं शक्ति- रक्षा शक्ति
प्रधानमंत्री ने पांचवीं शक्ति रक्षा शक्ति को बताया. उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना अब भारत के लिए जरूरी है. भारत केवल दुनिया के लिए बाजार बनकर नहीं रह सकता, बल्कि उसे रक्षा क्षेत्र में वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा.
उन्होंने कहा कि नेक्स्ट जेनरेशन डिफेंस टेक्नोलॉजी विकसित कर भारत को हाइपरसोनिक रक्षा तकनीक समेत अत्याधुनिक क्षेत्रों में नेतृत्व हासिल करने का प्रयास करना चाहिए.
छठी शक्ति- ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी
सप्तधारा की छठी शक्ति ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी स्टोरेज के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने की दिशा में काम करना होगा. उन्होंने ब्लू इकोनॉमी में मत्स्य पालन, तटीय पर्यटन और समुद्री तकनीक को बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया. प्रधानमंत्री के मुताबिक इन क्षेत्रों से भारत के विकास के नए रास्ते खुल सकते हैं.
सातवीं शक्ति- भारत का सॉफ्ट पावर
सप्तधारा की सातवीं और अहम शक्ति भारत का सॉफ्ट पावर है. प्रधानमंत्री मोदी ने योग का उदाहरण देते हुए कहा कि योग ने पूरी दुनिया को भारत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि योग दुनिया के लिए ऊर्जा और भारत के लिए विश्वास का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है.
विकसित भारत के लिए नई धारा का आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की क्षमता को पहले ‘सप्तसिंधु’ के रूप में जाना और समझा जाता था. अब विकसित भारत के निर्माण के लिए देश को ‘शक्ति की सप्तधारा’ के साथ आगे बढ़ना होगा. मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, टेक्नोलॉजी, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन- ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर को मजबूत कर भारत को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लेना होगा.
राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईपर), एस.ए.एस. नगर, मोहाली में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह, उल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद नाईपर के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं अन्य सदस्यों ने राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया नमन
समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. दुलाल पांडा ने देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि तिरंगे के नीचे एकत्रित होकर हम उन वीरों के साहस, त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिनके संघर्ष से देश को अमूल्य स्वतंत्रता मिली।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के 79 वर्षों में भारत ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। देशवासियों की प्रतिभा, कौशल और बौद्धिक क्षमता ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आत्मनिर्भरता और नवाचार पर जोर
प्रो. पांडा ने कहा कि वर्ष 2026 का स्वतंत्रता दिवस ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस की भावना स्वदेशी प्रौद्योगिकियों, हरित परिवर्तन और आत्मनिर्भर रक्षा के माध्यम से विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार, वैज्ञानिक सोच और निरंतर विकास भी इसके महत्वपूर्ण आधार हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख
नाईपर निदेशक ने कहा कि वर्ष 2026 में भारत ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने 500 मेगावाट प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) की सफल क्रिटिकलिटी, गगनयान और LuPEX मिशनों में प्रगति तथा क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रही प्रगति का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां भारत की वैश्विक स्तर पर एक मजबूत नवाचार केंद्र के रूप में बढ़ती भूमिका को दर्शाती हैं।
नाईपर मोहाली में दो नए मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम शुरू
प्रो. पांडा ने कहा कि नाईपर, मोहाली को स्वास्थ्य सेवा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की विकास यात्रा में योगदान देने पर गर्व है। उन्होंने बताया कि संस्थान में बायोफार्मास्युटिकल्स में मास्टर डिग्री और फार्मास्युटिकल रेगुलेटरी साइंसेज में मास्टर डिग्री के दो नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ये पाठ्यक्रम फार्मास्युटिकल उद्योग की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ट्रांसलेशनल रिसर्च और इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग प्राथमिकता
आने वाले वर्षों के लिए नाईपर, मोहाली की संस्थागत प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए प्रो. पांडा ने कहा कि ट्रांसलेशनल रिसर्च, उद्योग-अकादमिक सहयोग, क्लिनिकल रिसर्च इकोसिस्टम, बौद्धिक संपदा का सृजन एवं लाइसेंसिंग, वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्कृष्टता, अनुपालन एवं सुशासन, क्षमता निर्माण और विद्यार्थियों का सशक्तिकरण प्रमुख क्षेत्रों में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आज देश के प्रमुख और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल हैं तथा भारत के भविष्य में इसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने वाली है।
विकसित भारत@2047 में नाईपर की अहम भूमिका
अपने संबोधन के अंत में प्रो. दुलाल पांडा ने कहा कि तिरंगे को नमन करते हुए जब देश विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तब यह समझना जरूरी है कि स्वतंत्रता जिम्मेदारी के साथ ही कायम रहती है।
उन्होंने कहा कि नाईपर, मोहाली की जिम्मेदारी है कि वह भारत के फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र को ऐसे भविष्य की ओर ले जाने में योगदान दे, जो नवाचार, अनुपालन और वैश्विक प्रासंगिकता से परिभाषित हो। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से भारत को और अधिक गौरवशाली एवं सशक्त बनाया जा सकता है।
देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बांधा समां
ध्वजारोहण एवं संबोधन के बाद संस्थान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें नाईपर के विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बच्चों ने देशभक्ति की थीम पर विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का माहौल देखने को मिला।
समारोह का समापन उपस्थितजनों के बीच मिठाई वितरण के साथ हुआ।
PGIMER ने प्रो. विवेक लाल, निदेशक, PGIMER के नेतृत्व में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई। इसके बाद नर्सिंग अधिकारियों द्वारा भावपूर्ण ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ की प्रस्तुति तथा जीवंत सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए गए। समारोह में PGI परिवार के सदस्यों ने एकजुट होकर राष्ट्रीय गौरव, संस्थागत एकता और राष्ट्र के प्रति नए संकल्प की भावना को अभिव्यक्त किया।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. लाल ने संस्थान के कर्मयोगियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “ये वे लोग हैं जो PGI के मरीजों के लिए अपने पसीने की एक-एक बूंद बहाते हैं। मरीज के कल्याण से बढ़कर इनके लिए कुछ भी मायने नहीं रखता; मरीज के हित से ऊपर कुछ नहीं है।” उन्होंने मरीज सेवा के प्रति कर्मयोगियों की इस अटूट प्रतिबद्धता को PGIMER की सबसे बड़ी उपलब्धि और उसकी स्थायी शक्ति का स्रोत बताया।
इस अवसर को विशेष बताते हुए प्रो. लाल ने पिछले महीने चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री की यात्रा और PGIMER के उन्नत स्वास्थ्य सेवा केंद्रों के उद्घाटन को स्नेहपूर्वक याद किया। उन्होंने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री ने PGI की गौरवगाथा को स्वीकार करने के लिए विशेष रूप से समय निकाला।” निदेशक ने आगे कहा, “मेरे मन से केवल एक बात निकली—उनके शब्द हम सभी की विजय थे।”
PGIMER में उपचार के लिए आने वाले 30 लाख से अधिक मरीजों का उल्लेख करते हुए प्रो. लाल ने संस्थान की विशाल जिम्मेदारी को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हमारे पास मरीजों को देने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन जब करीब 30 लाख मरीज हमारे पास आते हैं, तो कभी-कभी यह सब भी इतनी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए कम पड़ जाता है। लेकिन आपकी प्रतिबद्धता और आपका समर्पण—यही PGI को आगे बढ़ाता है।”
13 कुमाऊँ रेजिमेंट के रेजांग ला में अदम्य साहस और वीरता से प्रेरणा लेते हुए प्रो. लाल ने विषम परिस्थितियों में सैनिकों के दृढ़ संकल्प का उल्लेख किया। PGIMER की मरीजों के प्रति जिम्मेदारी से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “युद्ध का मैदान अलग है, लेकिन प्रतिबद्धता वही है। जब परिस्थितियाँ विपरीत हों तो सैनिक पीछे नहीं हटता; उसी तरह PGI में जब कोई मरीज हमारे पास आता है, तो चुनौती कठिन होने के कारण हम पीछे नहीं हट सकते। हमारे पास जो भी संसाधन हैं, उनसे हम अपने मरीजों के लिए जो कुछ कर सकते हैं, हमें करना है।”
हर कर्मयोगी से साहस और गरिमा के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, “अपना सिर मत झुकाइए। और अगर कभी सिर झुकाना पड़े, तो केवल उस मरीज के सामने झुकाइए, जो आपको दिल से आशीर्वाद देता है। सिर ऊँचा रखकर काम कीजिए। किसी से डरिए मत।”
प्रो. लाल ने 1992 से लंबित लगभग 1,200 पदोन्नतियों के मुद्दे के समाधान के लिए टीम को बधाई दी और इसे दशकों से संस्थान की सेवा कर रहे कर्मचारियों के योगदान की महत्वपूर्ण मान्यता बताया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी कल्याण और समय पर करियर प्रगति, मनोबल और प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।
अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में PGIMER की राष्ट्रीय उपलब्धि का उल्लेख करते हुए प्रो. लाल ने लगातार तीसरी बार सर्वश्रेष्ठ ROTTO पुरस्कार प्राप्त करने पर प्रकाश डाला। पुरस्कार समारोह में माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल द्वारा की गई सराहना पर अपनी प्रतिक्रिया को याद करते हुए उन्होंने कहा, “हम अपने मरीजों के लिए, अपने पास उपलब्ध हर साधन के साथ, जो कुछ कर सकते हैं, करते हैं। उपलब्ध संसाधनों के साथ जो भी संभव है, हम करते हैं और आगे भी करते रहेंगे।”
उन्होंने प्रोजेक्ट SARATHi का भी उल्लेख किया और बताया कि PGIMER से एक छोटी-सी पहल के रूप में शुरू हुआ यह प्रयास आज मरीज सेवा एवं सुविधा के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है तथा इसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का समर्थन और मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने इसे करुणा और प्रतिबद्धता से प्रेरित एक ऐसी पहल बताया, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव पैदा किया है।
प्रो. लाल ने समर्पित कार्डियक इमरजेंसी का भी उल्लेख किया, जो 26 जनवरी 2026 को शुरू हुई और अब पूरी क्षमता से कार्य कर रही है। इस सुविधा ने हृदय संबंधी आपात स्थितियों में त्वरित एवं विशेषज्ञ उपचार को मजबूत करने के साथ-साथ मरीजों के प्रवाह को बेहतर बनाया है। उन्होंने आगे बताया कि PGIMER कर्मचारियों और उनके निकट संबंधियों के लिए इमरजेंसी में 12 बेड आरक्षित किए गए हैं, जिसे समय के साथ कार्डियक सेंटर में भी और मजबूत किया जाएगा।
तकनीकी एवं सुरक्षा कर्मचारियों से लेकर लॉन्ड्री और किचन में कार्यरत कर्मचारियों तक, प्रत्येक श्रेणी के स्टाफ के योगदान को स्वीकार करते हुए प्रो. लाल ने कहा कि मरीज सेवा में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। लॉन्ड्री के अपने हालिया दौरे को याद करते हुए उन्होंने कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की, जिसके बाद उनके काम को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए एक महीने के भीतर नए उपकरण उपलब्ध कराए गए। उन्होंने मरीजों के लिए चौबीसों घंटे भोजन उपलब्ध कराने और खाद्य सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के लिए किचन स्टाफ की भी सराहना की।
पीडियाट्रिक इमरजेंसी का एक प्रसंग साझा करते हुए प्रो. लाल ने बताया कि वे एक ओवरऑल पहनकर वहां गए थे और उन्हें निदेशक के रूप में पहचाना नहीं गया। उन्होंने कहा, “सभी लोग इमरजेंसी में इतने व्यस्त होकर काम कर रहे थे कि उन्हें निदेशक की भी परवाह नहीं थी। मुझे बहुत खुशी हुई।” उन्होंने इसे “प्रतिबद्धता की शक्ति” बताया।
रेजिडेंट्स को संबोधित करते हुए प्रो. लाल ने PGIMER में प्रशिक्षण और क्लिनिकल अनुभव की गुणवत्ता पर पूरा विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “आप दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं।” संस्थान की रेजिडेंसी व्यवस्था में अपने विश्वास को दोहराते हुए उन्होंने कहा, “मेरा दृढ़ विश्वास है कि पूरी दुनिया में सबसे अच्छी रेजिडेंसी PGI चंडीगढ़ में है।” उन्होंने रेजिडेंट्स से एक अग्रणी चिकित्सा संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ जुड़ी जिम्मेदारी को समझने और PGIMER की उत्कृष्टता, करुणा एवं सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
भविष्य की ओर देखते हुए प्रो. लाल ने कहा कि PGIMER को मानवीय प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए तकनीक को अपनाने की अपनी क्षमता पर विश्वास रखना होगा। उन्होंने कहा, “अगर आपको लगता है कि हम तकनीक के आधार पर दुनिया का मुकाबला नहीं कर सकते, तो आप बहुत गलत हैं। जहाँ प्रतिबद्धता है, वहाँ विजय है। जहाँ प्रतिबद्धता है, वहाँ गौरव है।”
प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के संबंध में उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा, “हमें उम्मीद है कि माननीय प्रधानमंत्री फिर आएँगे और इसकी आधारशिला रखेंगे तथा अगले वर्ष तक MBBS की पढ़ाई शुरू हो जानी चाहिए।”
PGIMER में हाल ही में स्थापित विशाल राष्ट्रीय ध्वज का उल्लेख करते हुए प्रो. लाल ने कहा, “मुझे लगा कि इस ध्वज के साथ-साथ PGI का गौरव और प्रतिष्ठा भी इसी ऊँचाई तक उठेगी और हमेशा यहीं बनी रहेगी।” उन्होंने कहा, “PGI की जिम्मेदारी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। लेकिन PGI के कंधे कभी नहीं झुकते।”
हर कर्मयोगी से साहस और गरिमा के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए निदेशक, PGIMER ने अपने संबोधन का समापन PGI परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया। उन्होंने कहा, “यह प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है। और हमें इस प्रतिबद्धता को आगे लेकर जाना है।”
समारोह का समापन इंजीनियरिंग विभाग के नेतृत्व में वृक्षारोपण अभियान के साथ हुआ। प्रो. विवेक लाल ने प्लूमेरिया एक्यूटिफोलिया (चंपा) का पौधा रोपकर मानसून के दौरान 300 पौधे लगाने की पहल का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य परिसर की सुंदरता बढ़ाने, हरित आवरण को मजबूत करने और सूक्ष्म जलवायु को बेहतर बनाना है।
समारोह का समापन मिठाइयों के वितरण के साथ हुआ, जो एकता और सौहार्द का प्रतीक रहा। इस अवसर पर करुणा, प्रतिबद्धता और समर्पण के संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
आयकर विभाग, उत्तर पश्चिम क्षेत्र, चंडीगढ़ की ओर से 15 अगस्त 2026 को आयकर भवन, सेक्टर-17ई में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों, आयकर परिवार के सदस्यों, एनसीसी कैडेटों, विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मयंक प्रियदर्शी, आईआरएस, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर पश्चिम क्षेत्र, चंडीगढ़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के साथ हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रगान हुआ। कुंदन इंटरनेशनल स्कूल के एनसीसी कैडेटों ने भी ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान की कार्यवाही में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रीय एकता एवं प्रगति के प्रतीक तिरंगे गुब्बारे भी आकाश में छोड़े।
देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बांधा समां
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बच्चों ने शिवालिक पब्लिक स्कूल और कुंदन इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों के साथ मिलकर देशभक्ति गीत, नृत्य, कविताएं और संगीत प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का माहौल और अधिक मजबूत किया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण मंथन ग्रुप द्वारा प्रस्तुत नाटक “नशा मुक्ति—नशे से आजादी” रहा। नाटक के माध्यम से नशे की लत से मुक्ति, सामाजिक जागरूकता और नागरिक जिम्मेदारी का प्रभावशाली संदेश दिया गया।
राष्ट्र निर्माण में आयकर विभाग की भूमिका पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए श्री मयंक प्रियदर्शी ने राष्ट्र निर्माण में आयकर विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने संसाधन जुटाने, कुशल कर प्रशासन, करदाता सेवाओं, पारदर्शिता, डिजिटल पहलों और स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में विभाग के योगदान को रेखांकित किया।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनसे सत्यनिष्ठा, व्यावसायिकता और जनसेवा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया।
राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता हरजिंदर कौर का सम्मान
समारोह के दौरान एक विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। वेटलिफ्टिंग में राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता हरजिंदर कौर, जो आयकर निरीक्षक के रूप में कार्यरत हैं, का अभिनंदन किया गया। उन्हें यह सम्मान उनकी उत्कृष्ट खेल उपलब्धि और राष्ट्र के प्रति योगदान के लिए प्रदान किया गया।
समारोह में प्रतिभागियों के सम्मान के साथ-साथ तिरंगा-थीम वाला सेल्फी पॉइंट भी आकर्षण का केंद्र रहा। अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अतिथियों की उत्साही भागीदारी ने विभाग में सौहार्द, सेवा भावना और सामूहिक राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। इस अवसर पर आयकर विभाग ने कुशल, पारदर्शी और जन-केंद्रित सार्वजनिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पंजाब की जनता के साथ शिवजी से भी भगवंत मान को फिर से सीएम बनने का आशीर्वाद मिला- केजरीवाल
भगवंत मान के करिश्माई नेतृत्व पर पंजाब की जनता का भरोसा और बढ़ा- केजरीवाल
अपने बुजुर्गों को धर्म स्थलों की तीर्थयात्रा करा कर पुण्य कमा रही भगवंत मान सरकार- केजरीवाल
सनातन धर्म के लिए आजतक कभी इतना काम नहीं हुआ, जितना भगवंत मान सरकार ने किया- केजरीवाल
राज्य के 23 शहरों में हो रहा ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या बना आकर्षण का केंद्र- केजरीवाल
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल लुधियाना में आयोजित ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या में हुए शामिल
लुधियाना / सत्ता संदेश
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल लुधियाना में आयोजित ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता के साथ भगवान शिवजी से भी भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री बनने का आशीर्वाद मिला है। भगवंत सिंह मान के करिश्माई नेतृत्व पर पंजाब की जनता का भरोसा और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान की सरकार अपने बुजुर्गों को धर्म स्थलों की तीर्थयात्रा करा कर पुण्य कमा रही है। सनातन धर्म के लिए आजतक कभी इतना काम नहीं हुआ, जितना भगवंत मान सरकार ने किया। यही कारण है कि राज्य के 23 शहरों में हो रहा ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या का कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
भजन संध्या को सुनने उमड़े जन सैलाब को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिन माताओं-बहनों के फोन में पैसे आने के मैसेज आ गए हैं, वे बहुत खुश हैं। जिनके पास अभी मैसेज नहीं आए हैं, उनके खाते में भी बहुत जल्द पैसे आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि एक गरीब परिवार की बेटी ब्यूटीशियन का कोर्स कर रही थी। उसने अपने पिता से हेयर ड्रायर मांगा, लेकिन पिता के पास पैसे नहीं थे। उसी वक्त उसके खाते में भगवंत मान सरकार की तरफ से पैसे आ गए और वह अपने पैसों से हेयर ड्रायर ले आई। इस योजना से माताएं, बहनें और बच्चियां बहुत खुश हैं। इसके अलावा, पंजाब में अब लोगों का बिजली का बिल भी जीरो आ रहा है। लोग भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की दोबारा सरकार बनाना चाहते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि भगवंत मान सरकार ने ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ का बहुत शानदार आयोजन किया है। पंजाब के 23 शहरों में यह कार्यक्रम किया जा रहा है और बड़ी तादात में लोग कैलाश खेर के साथ भजन गाने के लिए इकट्ठे हो रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में अभी तक केवल दो रूट होते थे। पहले रूट पर तीर्थयात्री दरबार साहिब, दुर्ग्याणा मंदिर, वाल्मीकि मंदिर और वाघा बॉर्डर जाते थे, जबकि दूसरे रूट पर आनंदपुर साहिब और नैना देवी जाते थे। अब सरकार ने इसमें खाटू श्याम-सालासर, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन के तीन नए रूट और जोड़ दिए हैं। तीर्थयात्रियों का आना- जाना, खाना-पीना और रहना सब कुछ बिल्कुल फ्री है। एसी लग्जरी बसों से यात्रा करवाई जाती है और एसी होटलों में रुकने का शानदार इंतजाम किया जाता है। सनातन के लिए आज तक किसी भी सरकार या पार्टी ने इतना काम नहीं किया है।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पटियाला स्थित माता काली मंदिर की बहुत मान्यता है। वहां जो मांगो, वह मिलता है। भगवंत मान 80 करोड़ रुपए खर्च करके उस मंदिर का पुनर्विकास कर रहे हैं, जो 10 अक्टूबर तक बनकर तैयार हो जाएगा। उसके बाद भक्त मंदिर में एक बार माथा टेकने जरूर जाएं। इसके अलावा, पंजाब सरकार पूरे राज्य में ‘हमारे राम’ नामक शानदार नाटक भी करवा रही है। जिसने भी यह नाटक देखा है, उसे यकीन नहीं होता कि भगवान राम का ऐसा नाटक भी हो सकता है। जल्द ही यह नाटक लुधियाना में भी आएगा, जिसकी टिकटें बिल्कुल फ्री हैं। दिल्ली में इस नाटक की टिकट 8,000 रुपए की थी, लेकिन भगवंत मान ने इसे पंजाब के लोगों के लिए फ्री कर दिया है। सनातन के लिए जितना काम भगवंत मान की सरकार कर रही है, उतना आज तक किसी ने नहीं किया।
इस मौके पर राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, विधायक अशोक पराशर पप्पी, विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू, विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, विधायक मदन लाल बग्गा, विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा भी मौजूद रहे।
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लुधियाना के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स में पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान माननीय डिस्ट्रिक्ट एवं सेशंस जज-कम-चेयरपर्सन, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA), लुधियाना हरप्रीत कौर रंधावा ने पौधे लगाए।
इस अवसर पर जिले के सभी माननीय न्यायिक अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत: हरप्रीत कौर रंधावा
पौधारोपण के दौरान हरप्रीत कौर रंधावा ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना आज की महत्वपूर्ण जरूरत है और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरा-भरा वातावरण सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पेड़ हमें स्वच्छ हवा और छांव देने के साथ-साथ प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने तथा प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी नियमित देखभाल भी करे।
उन्होंने बताया कि डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी, लुधियाना की ओर से पौधारोपण अभियान को जिले के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के तहत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स लुधियाना के अलावा पायल, खन्ना, जगराओं और समराला के कोर्ट कॉम्प्लेक्स में भी पौधे लगाए जाएंगे।
उन्होंने पौधों को केवल लगाने तक सीमित न रखने, बल्कि उनकी लगातार देखभाल और रखरखाव सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
गांवों और विभिन्न स्थानों पर भी पौधे लगाएंगे पैरा लीगल वॉलंटियर्स
इस अवसर पर हिमांशु अरोड़ा, माननीय सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट-कम-सेक्रेटरी, DLSA लुधियाना ने बताया कि जिला लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के पैरा लीगल वॉलंटियर्स द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों और गांवों में भी पौधारोपण किया जाएगा।
DLSA लुधियाना ने जिले के लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, संस्थानों, गांवों और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी नियमित देखभाल करें।
पौधारोपण अभियान के माध्यम से न्यायिक प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को हरियाली बढ़ाने और पौधों के संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।
पंजाब सरकार की ओर से शहीद मास्टर करनैल सिंह इसरू के शहीदी दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को गांव इसरू में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए खन्ना की सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) स्वाति टिवाना ने शुक्रवार को गांव इसरू में सिविल और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कार्यक्रम को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से संपन्न करवाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपीं।
हरपाल सिंह चीमा देंगे शहीद को श्रद्धांजलि
SDM स्वाति टिवाना ने बताया कि पंजाब के वित्त, योजना, कार्यक्रम क्रियान्वयन, कराधान एवं आबकारी और परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा राज्य स्तरीय समारोह में विशेष रूप से शामिल होकर शहीद मास्टर करनैल सिंह इसरू को श्रद्धांजलि देंगे। इस अवसर पर पंजाब सरकार के अन्य कैबिनेट मंत्री, विधायक और कई प्रमुख हस्तियां भी शहीद को नमन करेंगी।
गर्मी को देखते हुए किए जाएंगे विशेष इंतजाम
SDM ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समारोह में आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था की जाए। गर्मी के मौसम को देखते हुए शामियाने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के उचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
उन्होंने बताया कि शहीद मास्टर करनैल सिंह इसरू की आदमकद प्रतिमा और स्मारक को सजाने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को दी गई है। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा, पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस को
समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए खन्ना पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग को पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
वहीं, PSPCL अधिकारियों को कार्यक्रम के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक ड्यूटी सौंपी गई है।
कई अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक के दौरान चेयरमैन ब्लॉक समिति खन्ना लखवीर सिंह गिल, जिला परिषद सदस्य मास्टर अवतार सिंह दैहिरू, OSD करण अरोड़ा, अमरदीप सिंह पुरेवाल, BDPO खन्ना सतविंदर सिंह कंग, सेक्रेटरी मार्केट कमेटी खन्ना कमलदीप सिंह, SMO खन्ना मनिंदर भसीन, पंचायत अधिकारी कुलदीप सिंह, सरपंच जतिंदरजोत सिंह इसरू सहित पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
15 अगस्त को आयोजित होने वाला यह राज्य स्तरीय समारोह गोवा की आजादी के महान शहीद मास्टर करनैल सिंह इसरू के बलिदान और देश के प्रति उनके योगदान को याद करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
स्पोर्ट्स होमलैंड पंजाब-2026 को लेकर पंजाब सरकार के खेल विभाग की ओर से शुरू की गई टॉर्च रिले शुक्रवार को लुधियाना पहुंची। 12 अगस्त को संगरूर जिले से शुरू हुई यह टॉर्च मानसा और बरनाला से होते हुए 14 अगस्त को लुधियाना जिले के गांव दधाहुर में बरनाला-लुधियाना बॉर्डर पर पहुंची।
गांव दधाहुर में डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिस लुधियाना के कोच तथा गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल दधाहुर के प्रिंसिपल और स्टाफ सदस्यों ने टॉर्च का स्वागत किया। इसके बाद टॉर्च को सुबह करीब 11:30 बजे लुधियाना के फुहारा चौक लाया गया। यहां नेशनल और इंटरनेशनल स्तर के खिलाड़ियों ने टॉर्च को सम्मान के साथ गुरु नानक स्टेडियम पहुंचाया।
गुरु नानक स्टेडियम में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (J) शिखा भगत PCSG ने टॉर्च का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया। उन्होंने युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया।
खिलाड़ियों को खेल वतन पंजाब-2026 में भाग लेने के लिए किया प्रेरित
इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी श्री मंदीप कौशल ने खिलाड़ियों को खेल वतन पंजाब-2026 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने खिलाड़ियों से इन खेलों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को खेलों से जोड़ना और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध करवाना इस तरह के आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
कई नामी खिलाड़ी और खेल प्रशिक्षक रहे मौजूद
टॉर्च रिले के स्वागत समारोह में पंजाब के खेल जगत से जुड़े कई प्रमुख खिलाड़ी, प्रशिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे। इनमें पंजाब बास्केटबॉल एसोसिएशन के सचिव तेजा सिंह धालीवाल, द्रोणाचार्य अवार्डी सुखदेव सिंह पन्नू, वेटलिफ्टिंग में तीन बार के कॉमनवेल्थ चैंपियन प्रवेश चंद्र शर्मा और इंटरनेशनल एथलीट प्रेम सिंह शामिल रहे।
इसके अलावा स्पोर्ट्स होमलैंड पंजाब-2026 लुधियाना के नोडल अधिकारी एवं एथलेटिक्स कोच संजीव शर्मा, साइकिलिंग कोच सतविंदर सिंह, शूटिंग कोच गुरजीत सिंह, वेटलिफ्टिंग कोच शुभकरणजीत सिंह, हैंडबॉल कोच गुरप्रीत सिंह, जूडो कोच प्रवीण ठाकुर, एथलेटिक्स कोच गरप्रीत सिंह, जिमनास्टिक कोच शैलजा, बास्केटबॉल कोच सलोनी, हॉकी कोच गुरसतिंदर सिंह, बास्केटबॉल कोच जसप्रीत सिंह और सॉफ्टबॉल कोच निर्मलजीत कौर भी उपस्थित रहे।
15 अगस्त को मलेरकोटला जाएगी टॉर्च
स्पोर्ट्स होमलैंड पंजाब-2026 की टॉर्च रिले अब 15 अगस्त 2026 को मलेरकोटला-लुधियाना बॉर्डर स्थित गांव पोहिर पहुंचेगी। यहां मलेरकोटला जिले के स्पोर्ट्स ऑफिस के कोच टॉर्च को सम्मान के साथ रिसीव करेंगे।
टॉर्च रिले का उद्देश्य पंजाब के युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और प्रदेश में खेलों के प्रति जागरूकता को और मजबूत करना है।
बुड्ढे नाले की जल्द होगी सफाई, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना के हैबोवाल में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट की रखी आधारशिला
सीबीजी प्लांट से बुड्ढे नाले में कूड़ा-कचरा जाने पर लगेगी रोक: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
यह परियोजना बुड्ढे नाले में सीवरेज जाम होने की समस्या के समाधान और प्रदूषण कम करने में मदद करेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के तहत 435 डेयरी मालिकों को पशुओं के गोबर से आय के नए स्रोत पैदा करने में मिलेगी मदद: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
डेयरी कॉम्प्लेक्स में प्रतिदिन पैदा होने वाले 300 टन पशुओं के गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
2.5 एकड़ में स्थापित किया जा रहा 65 करोड़ रुपये की लागत वाला यह सीबीजी प्लांट सितंबर 2027 तक चालू हो जाएगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
यह प्लांट प्रतिदिन लगभग 5 टन सीबीजी का उत्पादन करेगा और इसमें जैविक खाद तैयार की जाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पंजाब भर में ऐसे और प्लांट लगाए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पिछली सरकारों ने कई कार्यक्रम शुरू किए, लेकिन पंजाब का विकास करने के बजाय विकास के फंड अपनी जेबों में डाल लिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
‘आप’ पंजाब में दोबारा सरकार बनाएगी और विपक्ष की जमानतें जब्त हो जाएंगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
लुधियाना / सत्ता संदेश
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज हैबोवाल में 65 करोड़ रुपये की लागत वाले कम्प्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट की आधारशिला रखी, जिससे बुड्ढे नाले में कूड़ा-कचरा जाने से रोकने में मदद मिलेगी और पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके साथ ही यह प्लांट सीवरेज जाम होने की समस्या के समाधान और बुड्ढे नाले में प्रदूषण कम करने में भी मदद करेगा। यह परियोजना 2.5 एकड़ में बनाई जा रही है और सितंबर 2027 तक इसके चालू होने की संभावना है। इस प्लांट में ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के तहत डेयरी कॉम्प्लेक्स से प्रतिदिन पैदा होने वाले 300 टन पशुओं के गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा और 435 डेयरी मालिकों को सीधे लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लांट प्रतिदिन लगभग पांच टन सीबीजी और जैविक बायो-खाद का उत्पादन करेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के लिए पूरे राज्य में ऐसे और प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
अपने एक्स अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज हैबोवाल, लुधियाना में 65 करोड़ रुपये की लागत वाले कम्प्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट की आधारशिला रखी, जो सितंबर 2027 तक चालू हो जाएगा। ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के तहत यह प्लांट प्रतिदिन पशुओं के 300 टन गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करेगा। यह कूड़े-कचरे को बुड्ढे नाले में जाने से रोकेगा, सीवरेज जाम होने की समस्या को हल करने में मदद करेगा और इससे 435 डेयरी मालिकों को सीधा लाभ होगा। पंजाब के जल स्रोतों की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए हमारी सरकार की जनहितैषी सोच हमारे किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी रहेगी।”
हैबोवाल में सीबीजी प्लांट की आधारशिला रखने के बाद सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आज एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि यहां कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट की आधारशिला रखी जा रही है। मैं इस परियोजना को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों का धन्यवाद करता हूं। यह पहल बुड्ढे नाले के पुनर्जीवन कार्यक्रम के तहत एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। यह परियोजना 65 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी और सितंबर 2027 तक इसके चालू होने की संभावना है।”
इस परियोजना के क्रियान्वयन में पंजाब सरकार की भूमिका को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए 2.5 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई गई है और हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स में प्रतिदिन पैदा होने वाले लगभग 300 टन पशुओं के गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस और निस्तारित किया जाएगा। यह परियोजना बुड्ढे नाले में बिना उपचारित गोबर और कचरे को जाने से रोकेगी, जिससे जल प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण में सुधार आएगा। यह परियोजना डेयरी कॉम्प्लेक्स और इसके आसपास स्वच्छता में भी बड़े स्तर पर सुधार करेगी।”
परियोजना के आर्थिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस परियोजना से ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ के तहत क्षेत्र के लगभग 435 डेयरी मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा। पशुओं के गोबर के वैज्ञानिक उपयोग से डेयरी किसानों के लिए आय के नए स्रोत पैदा होंगे। यह प्लांट जैविक बायो-खाद भी तैयार करेगा, जिससे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और जैविक खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। प्लांट प्रतिदिन लगभग पांच टन कम्प्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन करेगा और युवाओं के लिए प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।”
पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार पंजाब को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह परियोजना पंजाब में पर्यावरण अनुकूल निवेश को भी बड़ा प्रोत्साहन देगी। यह सिर्फ एक गैस प्लांट नहीं है; यह पंजाब को प्रदूषण मुक्त, हरा-भरा और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”
स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण के खतरे को रोकने के लिए पंजाब भर में ऐसे और प्लांट लगाए जाएंगे। मैं लोगों से यह भी अपील करता हूं कि वे यह सुनिश्चित करें कि राज्य के जल स्रोतों में गंदा पानी न डाला जाए, ताकि मानव कल्याण के लिए इन स्रोतों की शुद्धता बरकरार रखी जा सके।”
उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य का पानी अब पीने योग्य नहीं रहा और अधिकांश क्षेत्र डार्क जोन में जा रहे हैं। जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब राज्य में सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन आज यह 88 प्रतिशत से अधिक हो गया है।”
नहरी सिंचाई के विस्तार के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने किसानों को नहरी पानी उपलब्ध करवाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई हैं, जो कनाडा और बाघापुराना के बीच की दूरी के बराबर है। इसके अलावा, इस वर्ष के अंत तक और 7,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी। हमने राज्य के हर कोने में किसानों की सुविधा के लिए पाइपलाइनें बिछाई हैं और खालों को बहाल किया है। इससे किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतें पूरी हो रही हैं, जिससे उन्हें बहुत लाभ मिल रहा है। नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, ताकि पानी का स्तर बढ़ाया जा सके। इन प्वाइंट्स के माध्यम से 21 लाख क्यूसेक पानी रिचार्ज किया गया है, जिससे जल स्तर में दो से चार मीटर तक वृद्धि हुई है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया, “हमारी सरकार द्वारा 43,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण करवाया जा रहा है, जिनके रखरखाव के लिए ठेकेदार जिम्मेदार होंगे।”
राज्य सरकार द्वारा पैदा किए जा रहे रोजगार के व्यापक अवसरों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, “राज्य सरकार ने पंजाब के युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के पूरी तरह योग्यता के आधार पर 69,000 से अधिक नौकरियां प्रदान की हैं। ‘आप’ सरकार भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम से पैदा हुई है और आम लोगों को सशक्त बनाने के लिए अथक मेहनत कर रही है। हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है और बदले की राजनीति या लोगों अथवा विपक्ष के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करवाने में विश्वास नहीं रखती।”
लोगों के पैसे के उचित इस्तेमाल के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए कर रही है। पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और आज किसानों को भी दिन के समय बिजली मिल रही है, जो राज्य सरकार की क्रांतिकारी पहल है। लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है और हम इसे पूरी समझदारी के साथ उनकी भलाई पर खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों तक वापस पहुंच रहा है।”
लोगों द्वारा सरकार की पहलों को मिल रहे भरपूर समर्थन के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, “राज्य सरकार द्वारा की गई शानदार पहलों के कारण पंजाब भर के लोग मुझे प्यार दे रहे हैं, जबकि वे विपक्षी नेताओं से हाथ मिलाने से भी परहेज कर रहे हैं। लुधियाना मेरी कर्मभूमि है, क्योंकि मैं 1992 में पहली बार यहां आया था।”
मावां-धीयां सत्कार योजना पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार ने अपनी तरह की पहली मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की पंजाब की सभी महिलाएं इस योजना का लाभ लेने के योग्य हैं। अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये मिल रहे हैं, जबकि बाकी वर्गों की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये मिल रहे हैं। एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है और 72.13 लाख लाभार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इस योजना के तहत 97 प्रतिशत से अधिक महिलाएं लाभ ले रही हैं, जिससे यह योजना देश की सबसे व्यापक महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा पहलों में शामिल हो गई है।”
मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह योजना पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार प्रदान करती है। यह बेहद गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य देखभाल कवरेज प्रदान करने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए जनता पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम किया है। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना है और इसके तहत लोगों ने अब तक 937 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार प्राप्त किया है।”
2027 के चुनाव में भी आएंगी सरकार
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारें केवल ऐसी परियोजनाओं की योजना बनाती रहीं, लेकिन विकास के लिए पैसा खर्च करने के बजाय उन्होंने इस पैसे को अपनी जेब में डाल लिया, जिससे राज्य के विकास को नुकसान पहुंचा। आम आदमी पार्टी (आप) 2027 में दोबारा सरकार बनाएगी और विपक्ष की जमानतें जब्त हो जाएंगी।”
इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का स्वागत करते हुए और परियोजना के लाभों के बारे में बात करते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि हैबोवाल सीबीजी प्लांट डेयरी कॉम्प्लेक्स में पैदा होने वाले पशुओं के गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करेगा और पर्यावरण संरक्षण तथा बुड्ढे नाले के पुनर्जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और हरदीप सिंह मुंडियां, राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सीबीजी प्लांट का होगा उत्पादन
65 करोड़ रुपये की लागत वाला यह कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए 2.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा और यह प्लांट हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स में प्रतिदिन पैदा होने वाले लगभग 300 टन पशुओं के गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करेगा। इस प्लांट के सितंबर 2027 तक चालू होने की संभावना है। यह प्लांट प्रतिदिन लगभग पांच टन सीबीजी और जैविक बायो-खाद का उत्पादन करेगा। इससे बिना उपचारित गोबर और कचरा बुड्ढे नाले में नहीं जाएगा, जिससे डेयरी कॉम्प्लेक्स और इसके आसपास स्वच्छता में भी बड़े स्तर पर सुधार होगा।
इस परियोजना से पशुओं के गोबर का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जाएगा, जिससे लगभग 435 डेयरी मालिकों को सीधे लाभ मिलेगा। इसके साथ ही आय के नए अवसर पैदा होंगे, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल निवेश को बढ़ावा मिलेगा।