पीएम विश्वकर्मा को 3 साल हुए पूरे, संगरूर शिविर में 121 कारीगरों को मिला प्रशिक्षण साथ ही 11 क्यूआर कोड किए जारी
संगरूर / सत्ता संदेश
- तीन वर्ष पूरे होने की ओर पीएम विश्वकर्मा, संगरूर शिविर में 121 कारीगरों को प्रशिक्षण, मौके पर ही 27 उद्यम पंजीकरण और 11 क्यूआर कोड जारी
- कारीगरों ने सीखा एआई, साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन बिक्री का हुनर, अबई-कॉमर्स मंच पर विक्रेता बनाने के लिए विशेष सत्र की तैयारी
पीएम विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर को अपने तीन वर्ष पूरे करने जा रही है और इसी कड़ी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, लुधियाना द्वारा स्थानीय होटल न्यू मयूर में पीएम विश्वकर्मा ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यालय की ओर से लगाए गए इस आठवें शिविर में जिले भर के 121 पंजीकृत पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों ने भाग लिया।
शिविर के दौरान महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, संगरूर के कर्मचारियों द्वारा मौके पर ही 27 उद्यम पंजीकरण पूर्ण किए गए। इसके साथ ही इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा 11 कारीगरों को डिजिटल भुगतान लेने हेतु क्यूआर कोड बनाकर दिए गए। जो कारीगर सुबह अपने कारोबार की किसी औपचारिक पहचान के बिना पहुँचे थे, उनमें से अनेक शाम को पंजीकृत उद्यमी के रूप में लौटे।
दिन भर में छह तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। लाभार्थियों को सबसे पहले योजना के घटकों, पात्रता तथा लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक सत्र में कारीगरों को बताया गया कि एआई साधनों की सहायता से वे अपने उत्पाद की फोटो कैसे बेहतर बना सकते हैं, उत्पाद का विवरण कैसे तैयार कर सकते हैं और ग्राहकों से किस प्रकार संपर्क कर सकते हैं। लेबलिंग एवं ब्रांडिंग सत्र में ऐसे निःशुल्क तथा कम लागत वाले डिज़ाइन साधनों की जानकारी दी गई, जिनका उपयोग कारीगर बिना किसी डिज़ाइनर की सहायता के स्वयं कर सकता है।
साइबर सुरक्षा सत्र में ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताए गए, जिसे हिंदीमें प्रस्तुत किया गया ताकि प्रत्येक प्रतिभागी उसे भली भाँति समझ सके। इसके उपरांत निर्यात, डिज़ाइन एवं पैकेजिंग, विपणन एवं ऑनलाइन बिक्री तथा वित्तीय साक्षरता एवं उद्यमिता पर सत्र आयोजित हुए, जिनमें ऋण अनुशासन, औपचारिक बैंकिंग माध्यमों तथा व्यवसाय नियोजन को शामिल किया गया।
ऑनलाइन बिक्री को लेकर कारीगरों में विशेष उत्साह देखा गया। अनेक लाभार्थियों ने कम से कम औपचारिकताओं के साथ अपना कारोबार ऑनलाइन शुरू करने की इच्छा जताई, जिन्हें मीशो पर पंजीकरण की प्रक्रिया समझाई गई। इन कारीगरों को वास्तविक ऑनलाइन विक्रेता बनाने के लिए शीघ्र ही एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
शिविर की सफलता में सभी सहयोगी संस्थाओं के आपसी तालमेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, लुधियाना ने शिविर का आयोजन किया, पंजाब की पीएम विश्वकर्मा राज्य स्तरीय परियोजना प्रबंधन इकाई ने लाभार्थियों को जोड़ने तथा तकनीकी प्रशिक्षण देनेमें अहम भूमिका निभाई, जिला उद्योग केंद्र संगरूर ने पंजीकरण की सुविधा मौके पर उपलब्ध कराई, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने डिजिटल भुगतान की व्यवस्था की तथा अग्रणी जिला प्रबंधक, संगरूर ने बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी। पाँचों संस्थाओं के एक मंच पर आने से ही कारीगर सुबह जानकारी लेकर दोपहर तक पंजीकरण प्राप्त कर सका।
अधिकारियों ने कहा कि योजना के आरंभिक वर्षों में कारीगरों को पहचान और पंजीकरण दिलाने पर बल रहा और अब लक्ष्य यह है कि यह पहचान बेहतर आजीविका तथा मजबूत बाज़ार पहुँच में बदले, जिसकी दिशा में इस प्रकार के शिविर ठोस भूमिका निभा रहे हैं।
पीएम विश्वकर्मा के विषय में
पीएम विश्वकर्मा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की केंद्रीयक्षेत्र योजना है, जिसका शुभारंभ 17 सितंबर 2023 को हुआ। योजना के अंतर्गत हाथ और औज़ार से कार्य करने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगरों को प्रमाणपत्र एवं पहचान पत्र, वजीफे सहित कौशल प्रशिक्षण, औज़ार प्रोत्साहन राशि, बिना गारंटी रियायती ब्याज दर पर ऋण, डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन तथा विपणन सहायता प्रदान की जाती है।

