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पटियाला : ATM लूट की कोशिश नाकाम, बरनाला के दो आरोपी गिरफ्तार

पटियाला: पटियाला के गांधी नगर इलाके में ATM लूटने की कोशिश के मामले में लाहौरीगेट थाना पुलिस और CIA पटियाला की टीम ने बरनाला निवासी दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने रात के समय ATM काटकर नकदी निकालने की कोशिश की थी, लेकिन अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके।

जानकारी के अनुसार, 14 तारीख की रात दो अज्ञात लोगों ने लाहौरीगेट थाना क्षेत्र के गांधी नगर में स्थित एक ATM को काटने की कोशिश की। घटना के संबंध में लाहौरीगेट पुलिस स्टेशन में केस नंबर 167 दर्ज किया गया था।

मामले की जांच के दौरान लाहौरीगेट थाना पुलिस ने CIA पटियाला की टीमों के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए बरनाला के रहने वाले दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उनका रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इस मामले में आगे भी कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पंजाब में फिर बदलेगा मौसम, अगले 3-4 दिनों में बारिश के आसार; रात के तापमान ने 50 साल का रिकॉर्ड छुआ

चंडीगढ़ / पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश के बाद अब मौसम वैज्ञानिकों ने प्रदेश के कई जिलों में अगले 3 से 4 दिनों के दौरान बारिश की संभावना जताई है। इससे दिन के तापमान के साथ मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल दिन का तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, लेकिन रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तापमान में हुई इस बढ़ोतरी ने पिछले करीब 50 वर्षों के आंकड़ों में नया रिकॉर्ड दर्ज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में अब तक का दूसरा सबसे अधिक रात का तापमान दर्ज किया गया है।

मानसून की विदाई के बाद पंजाब में अधिकांश स्थानों पर बारिश नहीं हुई और केवल कुछ इलाकों में ही छिटपुट बारिश देखने को मिली। अब अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना के चलते मौसम का मिजाज बदल सकता है।

मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की ओर से भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम और अन्य मौसमी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के बीच अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

लुधियाना में नशा पीड़ित परिवारों से मिले पंजाब BJP अध्यक्ष केवल ढिल्लों, बोले- घर-घर पहुंचाया जा रहा ड्रग्स

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भाजपा की ओर से चलाए जा रहे अभियान के बीच पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने लुधियाना में नशे से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान कई परिवारों ने अपने परिजनों को नशे के कारण खोने की पीड़ा साझा की। कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने नशे से संबंधित मामलों और प्रभावित परिवारों की एक सूची भी जारी की।

कार्यक्रम के दौरान जगरांव क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि उसने नशे के कारण अपने छह बेटों को खो दिया। वहीं, लुधियाना के मनजीत नगर और अन्य इलाकों से पहुंचे परिवारों ने भी नशे की वजह से अपने परिजनों की मौत और परिवारों पर पड़े प्रभाव के बारे में जानकारी दी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेताओं ने नशे की उपलब्धता को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए। केवल ढिल्लों ने आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग्स लोगों के घरों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने पंजाब को पांच दरियाओं की धरती बताते हुए नशे के फैलाव को “छठा दरिया” तक बताया। यह उनके द्वारा किया गया राजनीतिक आरोप है।

इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता विनीत जोशी भी मौजूद रहे। भाजपा की ओर से नशे से प्रभावित परिवारों के मामलों की सूची सामने रखी गई। नेताओं ने कहा कि नशे के कारण प्रभावित परिवारों की आवाज को सामने लाने के लिए पार्टी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। यह यात्रा 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होने का कार्यक्रम है।

वहीं, गुजरात में ड्रग्स की खेप पकड़े जाने से जुड़े सवाल पर ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में जिस तरह नशे के घर-घर पहुंचने का आरोप लगाया जा रहा है, वैसी स्थिति को लेकर उन्होंने पंजाब के हालात पर चिंता जताई। इस पूरे मुद्दे पर भाजपा और पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं।

मानसा : नेहरू कॉलेज में 30 लाख की पाइपलाइन पर सवाल, फिर भी नहीं पहुंचा नहर का पानी; विजिलेंस जांच की मांग

मानसा / सत्ता संदेश

नेहरू मेमोरियल गवर्नमेंट कॉलेज, मानसा में नहर का पानी पहुंचाने के लिए करीब 30 लाख रुपये की लागत से बिछाई गई पाइपलाइन को लेकर छात्रों और पुराने छात्रों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पाइपलाइन ठीक तरीके से नहीं बिछाए जाने के कारण आज तक कॉलेज के अंदर बने वाटर वर्क्स तक नहर का पानी नहीं पहुंच पाया है।

कॉलेज के छात्रों और पुराने छात्रों के मुताबिक, वाटर वर्क्स तक नहर का पानी पहुंचाने के उद्देश्य से पाइपलाइन बिछाने पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। उनका दावा है कि पाइपलाइन खाई के स्तर से करीब दो फीट ऊंची होने के कारण पानी वाटर वर्क्स तक नहीं पहुंच सका।

छात्रों का कहना है कि 2025 में इस मामले की जांच भी की गई थी और रिपोर्ट तैयार हुई थी। आरोप है कि रिपोर्ट में पाइपलाइन को सही तरीके से नहीं बिछाए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी संबंधित अधिकारी या इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।

पुराने छात्रों और मौजूदा विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट को दबा दिया गया और बाद में रिपोर्ट वापस ले ली गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

छात्रों का कहना है कि कॉलेज में नहर का पानी नहीं पहुंचने के कारण उन्हें ग्राउंडवॉटर पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने पूरे मामले की विजिलेंस जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और कॉलेज के वाटर वर्क्स तक नहर का पानी पहुंचाने की मांग की है।

नोट: पाइपलाइन की लागत, तकनीकी खामी और जांच रिपोर्ट से जुड़े आरोप छात्रों एवं पुराने छात्रों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग या अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।

स्कूल ऑफ एमिनेंस के शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक ड्यूटी से राहत, अमृतसर में टीचर्स और प्रिंसिपल्स ने फैसले का किया स्वागत

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार की ओर से स्कूल ऑफ एमिनेंस के शिक्षकों को अतिरिक्त गैर-शैक्षणिक ड्यूटी से राहत देने के फैसले का शिक्षकों और स्कूल प्रिंसिपल्स ने स्वागत किया है। शिक्षकों का कहना है कि इससे वे अब अपना अधिक समय कक्षा में विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और सिलेबस पूरा करने में दे सकेंगे।

स्कूल ऑफ एमिनेंस के शिक्षकों को अतिरिक्त ड्यूटी से राहत देने के संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से पहले भी निर्देश जारी किए गए हैं। अप्रैल 2026 में जारी एक निर्देश में स्कूल ऑफ एमिनेंस के शिक्षकों की शैक्षणिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी।

अमृतसर के स्कूल ऑफ एमिनेंस, मॉल रोड की प्रिंसिपल मंदीप कौर ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षकों की मुख्य जिम्मेदारी विद्यार्थियों को पढ़ाना है। उनके मुताबिक, उनके स्कूल के करीब 8 से 10 शिक्षक BLO और SIR जैसी ड्यूटी में लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि चुनाव और अन्य सरकारी कार्य जरूरी हैं, लेकिन स्कूल ऑफ एमिनेंस के शिक्षकों को इन अतिरिक्त ड्यूटी से राहत मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई को फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि परीक्षा नजदीक होने के कारण शिक्षकों की कक्षा में मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण है। जब शिक्षक कई दिनों तक गैर-शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं तो पढ़ाई का क्रम प्रभावित होता है और विद्यार्थियों को रिवीजन तथा विषय से जुड़े मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।

14 वर्षों से स्कूल ऑफ एमिनेंस में कार्यरत शिक्षिका मंदीप कौर ने कहा कि शिक्षक के स्कूल से बाहर रहने पर शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच पढ़ाई का नियमित सिलसिला टूटता है। खासकर टर्मिनल और फाइनल परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को रिवीजन और व्यक्तिगत मार्गदर्शन की जरूरत होती है।

बायोलॉजी लेक्चरर प्रतिभा मिश्रा और इंग्लिश लेक्चरर सदर शर्मा ने भी फैसले का स्वागत किया। प्रतिभा मिश्रा ने कहा कि गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों से राहत मिलने के बाद शिक्षक विद्यार्थियों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। वहीं सदर शर्मा ने कहा कि कई बार बड़ी संख्या में स्टाफ बाहरी ड्यूटी पर चला जाता है, जिसका असर स्कूल में नियमित शिक्षण व्यवस्था पर पड़ता है।

पंजाब में शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटी का मुद्दा हाल के दिनों में चर्चा में रहा है। सितंबर 2026 में सरकारी स्कूल शिक्षकों ने राशन कार्ड सत्यापन जैसी अतिरिक्त ड्यूटी के विरोध में आंदोलन और बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी।

शिक्षकों का कहना है कि कक्षा में नियमित मौजूदगी से विद्यार्थियों को सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करने में ही मदद नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें व्यक्तिगत मार्गदर्शन और आवश्यक मानसिक एवं नैतिक सहयोग भी मिल सकेगा। शिक्षकों और प्रिंसिपल्स ने सरकार के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी को केंद्र में रखने वाला कदम बताया है।

कपूरथला : मेडिकल कॉलेज के निर्माण का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने 149 पेड़ हटाने की दी अनुमति

कपूरथला / सत्ता संदेश

कपूरथला में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य पर लगी रोक हटने के बाद अब इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने 8 सितंबर को मामले की सुनवाई करते हुए निर्माण की जद में आ रहे 149 पेड़ों को हटाने की अनुमति दे दी। साथ ही कोर्ट ने इन पेड़ों के एवज में पांच गुना अधिक पेड़ लगाने के निर्देश दिए हैं।

मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए कपूरथला सरकारी अस्पताल की पुरानी इमारत को गिराया जाना है। इसके अलावा नए निर्माण के नक्शे में कुछ पुराने पेड़ भी आ रहे थे। पेड़ों को हटाने के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होने के कारण मामला हाईकोर्ट पहुंचा था और निर्माण कार्य पर रोक लग गई थी।

मामले में कपूरथला के आम आदमी पार्टी नेता और जिला विरासत सेवा संगठन के प्रधान परविंदर ढोट ने भी पहल की। उन्होंने याचिका दायर करने वाले मोहाली निवासी वकील से मुलाकात कर मेडिकल कॉलेज की जरूरत और जनहित को देखते हुए मामले में नरम रुख अपनाने की अपील की।

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार निर्माण की जद में आने वाले 149 पेड़ों को हटाया जा सकेगा, लेकिन इसके बदले पांच गुना अधिक पौधे लगाए जाएंगे। परविंदर ढोट के अनुसार पौधारोपण की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी, जबकि आम आदमी पार्टी के वालंटियर भी पौधे लगाने और उनकी देखभाल में सहयोग करेंगे।

कोर्ट के आदेश के बाद मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है। निर्माण स्थल पर पुरानी इमारत को गिराने का काम भी जारी है। परविंदर ढोट ने निर्माण स्थल का दौरा कर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा और जनहित से जुड़े ऐसे कार्यों में उनका सहयोग जारी रहेगा।

चंडीगढ़ : ‘स्वर-साधना एवं शब्द-संवेदना’ कार्यक्रम, भक्ति के स्वरों के साथ गूंजी समकालीन कविता

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

हिन्दी पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (विपणन प्रभाग), पंजाब राज्य कार्यालय, चंडीगढ़ और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेक्टर-11, चंडीगढ़ के हिन्दी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्वर-साधना एवं शब्द-संवेदना’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में भजन-गायन और काव्य-पाठ प्रतियोगिताएं करवाई गईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) रमा अरोड़ा के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। इस अवसर पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी डॉ. जगजीत कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। डॉ. जगजीत कुमार महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के पूर्व विद्यार्थी भी रहे हैं। उन्होंने हिन्दी भाषा के महत्व, राजभाषा के प्रयोग और विद्यार्थियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने पर अपने विचार रखे।

प्राचार्या प्रो. (डॉ.) रमा अरोड़ा ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने हिन्दी भाषा एवं साहित्य के प्रति विद्यार्थियों में रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए हिन्दी विभाग के प्रयासों की सराहना की।

हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम ने अतिथियों, निर्णायक मंडल, प्राध्यापकों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भजन के स्वर जहां आस्था और आत्मिक अनुभूति को अभिव्यक्ति देते हैं, वहीं कविता अपने समय की संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को आवाज देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा पहचानने और आत्मविश्वास के साथ मंच पर अभिव्यक्त होने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। भजन-गायन में प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया, जबकि काव्य-पाठ में समसामयिक विषयों, मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

निर्णायक मंडल ने विभिन्न मानदंडों के आधार पर प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया और विद्यार्थियों को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में लगातार भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिताओं के परिणाम

भजन-गायन प्रतियोगिता

  • प्रथम स्थान — नैन्सी, बीए द्वितीय वर्ष
  • द्वितीय स्थान — अनन्या सिंह, बीए द्वितीय वर्ष
  • तृतीय स्थान — कशिश, बीए प्रथम वर्ष

काव्य-पाठ प्रतियोगिता

  • प्रथम स्थान — अनन्या सिंह, बीए द्वितीय वर्ष
  • द्वितीय स्थान — राघव, बीए तृतीय वर्ष
  • तृतीय स्थान — चांदनी, बीए प्रथम वर्ष

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजिका डॉ. नीतू बंसल और डॉ. निशा का विशेष योगदान रहा।

पावरग्रिड अंतर-क्षेत्रीय ब्रिज टूर्नामेंट-2026: उत्तर-पश्चिम और पूर्वी क्षेत्र-I टीम चैंपियनशिप के फाइनल में

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

चंडीगढ़ में आयोजित किए जा रहे तीन दिवसीय पावरग्रिड अंतर-क्षेत्रीय ब्रिज टूर्नामेंट-2026 के दूसरे दिन टीम चैंपियनशिप के मुकाबलों में रोमांच देखने को मिला। उत्तर-पश्चिम क्षेत्र (NWR) और पूर्वी क्षेत्र-I (ER-I) ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर टीम चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई।

उत्तर-पश्चिम क्षेत्र ने सेमीफाइनल में पश्चिमी क्षेत्र-I (WR-I) को 29-1 के स्कोर से हराया। वहीं, पूर्वी क्षेत्र-I ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में 34-16 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया।

टूर्नामेंट के पेयर्स इवेंट में भी दूसरे दिन खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। प्रतियोगिता में कुल 35 जोड़ियों ने हिस्सा लिया और दिनभर में नौ राउंड आयोजित किए गए।

पेयर्स इवेंट के दौरान खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन के लिए अपनी रणनीति और कौशल का इस्तेमाल किया। प्रतिद्वंद्वी जोड़ियों के बीच बढ़त हासिल करने की कोशिशों के चलते मुकाबलों में लगातार रोमांच बना रहा।

तीन दिवसीय टूर्नामेंट के अगले चरण में टीम चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले पर सभी की नजरें रहेंगी।