मानसा : नेहरू कॉलेज में 30 लाख की पाइपलाइन पर सवाल, फिर भी नहीं पहुंचा नहर का पानी; विजिलेंस जांच की मांग
मानसा / सत्ता संदेश
नेहरू मेमोरियल गवर्नमेंट कॉलेज, मानसा में नहर का पानी पहुंचाने के लिए करीब 30 लाख रुपये की लागत से बिछाई गई पाइपलाइन को लेकर छात्रों और पुराने छात्रों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पाइपलाइन ठीक तरीके से नहीं बिछाए जाने के कारण आज तक कॉलेज के अंदर बने वाटर वर्क्स तक नहर का पानी नहीं पहुंच पाया है।
कॉलेज के छात्रों और पुराने छात्रों के मुताबिक, वाटर वर्क्स तक नहर का पानी पहुंचाने के उद्देश्य से पाइपलाइन बिछाने पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। उनका दावा है कि पाइपलाइन खाई के स्तर से करीब दो फीट ऊंची होने के कारण पानी वाटर वर्क्स तक नहीं पहुंच सका।
छात्रों का कहना है कि 2025 में इस मामले की जांच भी की गई थी और रिपोर्ट तैयार हुई थी। आरोप है कि रिपोर्ट में पाइपलाइन को सही तरीके से नहीं बिछाए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी संबंधित अधिकारी या इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
पुराने छात्रों और मौजूदा विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट को दबा दिया गया और बाद में रिपोर्ट वापस ले ली गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
छात्रों का कहना है कि कॉलेज में नहर का पानी नहीं पहुंचने के कारण उन्हें ग्राउंडवॉटर पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने पूरे मामले की विजिलेंस जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और कॉलेज के वाटर वर्क्स तक नहर का पानी पहुंचाने की मांग की है।
नोट: पाइपलाइन की लागत, तकनीकी खामी और जांच रिपोर्ट से जुड़े आरोप छात्रों एवं पुराने छात्रों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग या अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।

