सस्पेंड DIG भुल्लर पर ED का शिकंजा: चंडीगढ़ समेत 11 ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा
पंजाब डेस्क : भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं,। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत भुल्लर और उनके सहयोगियों से जुड़े 11 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। यह छापेमारी चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य बेनामी संपत्तियों और अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का पता लगाना है।
सीबीआई की जांच में मिला था कुबेर का खजाना : इससे पहले सीबीआई (CBI) द्वारा की गई छापेमारी में भुल्लर के ठिकानों से चौंकाने वाली बरामदगी हुई थी। जांच एजेंसी को लगभग ₹7.36 करोड़ कैश, 2.5 किलो सोना, और ₹2.32 करोड़ के चांदी के आभूषण मिले थे। इसके अलावा, उनके पास से 26 लग्जरी घड़ियां (रोलेक्स और राडो), मर्सिडीज और ऑडी जैसी कारें, और 108 विदेशी शराब की बोतलें बरामद की गई थीं। दस्तावेजों के अनुसार, उनके परिवार के नाम पर 50 से अधिक अचल संपत्तियां दर्ज हैं।
क्या है पूरा मामला? डीआईजी भुल्लर को 16 अक्टूबर 2025 को एक कबाड़ कारोबारी से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और 5 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। उन पर आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया है। फिलहाल वे चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। हाल ही में, 10 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद : चंडीगढ़ की विशेष अदालत ने सीबीआई को अन्य अज्ञात लोक सेवकों और बिचौलियों के खिलाफ नई जांच की अनुमति दे दी है। जांच के दौरान मिली एक डायरी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से संकेत मिले हैं कि पंजाब के कई अन्य वरिष्ठ आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारी भी इस संगठित भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।

