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सुल्तानपुर लोधी में संदिग्ध हालात में युवक की मौत, वेई नदी से मिला शव

सुल्तानपुर लोधी / सत्ता संदेश

परिवार ने खेत मालिकों पर लगाए प्रताड़ना के आरोप, पुलिस जांच में जुटी

सुल्तानपुर लोधी के नजदीकी गांव आहली कलां से संबंधित एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान लवप्रीत सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह के रूप में हुई है, जो खेत मजदूर के तौर पर काम करता था। युवक का शव वेई नदी से मिलने के कारण मामला और भी गंभीर हो गया है।

परिवार के सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लवप्रीत सिंह जिस स्थान पर काम करता था, वहां उसके साथ अक्सर मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का कहना है कि इन परेशानियों के कारण वह लंबे समय से दबाव में था और मानसिक तनाव का सामना कर रहा था।

परिवार ने आरोप लगाया कि लवप्रीत कई बार अपने साथ हो रहे व्यवहार के बारे में घर में बता चुका था, लेकिन गरीबी और मजबूरी के कारण वह काम छोड़ नहीं सका। अब उसका शव वेई नदी से मिलने के बाद परिवार ने मामले की गहराई से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में भी शोक की लहर फैल गई है। लोगों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की जा रही है।

टांडा पुलिस द्वारा मियाणी ब्लाइंड मर्डर केस में दो शूटर गिरफ्तार

टांडा / सत्ता संदेश

टांडा पुलिस ने गांव मियाणी में हुए ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाते हुए सुपारी लेकर हत्या करने वाले दो शूटरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

जानकारी के अनुसार, 15-01-2026 को गांव मियाणी, थाना टांडा, जिला होशियारपुर में बलविंदर सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी वार्ड नंबर 4 मियाणी की उसकी दुकान पर बैठे समय तीन अज्ञात हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस संबंध में थाना टांडा में 16-01-2026 को मुकदमा नंबर 20 के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था।

इस मामले को लेकर टांडा पुलिस ने डीएसपी जगविंदर सिंह की अगुवाई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों गुरमन सिंह और स्वरज सिंह उर्फ अवी निवासी पंज गराइयां, थाना रंगड़ नंगल, जिला गुरदासपुर को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी विभिन्न मामले दर्ज हैं। आरोपियों का पुलिस रिमांड हासिल कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

टांडा पुलिस द्वारा गांव मियाणी में हुए ब्लाइंड मर्डर केस में दो शूटरों की गिरफ्तारी के बाद अब तीसरे आरोपी को भी इस मामले में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

डीएसपी जगविंदर सिंह ने बताया कि हत्याकांड में शामिल तीसरा व्यक्ति अभी तक इस केस में गिरफ्तार नहीं किया गया है, क्योंकि वह पहले से ही किसी अन्य मामले में पुलिस हिरासत में है। पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाकर इस केस में नामजद करेगी और पूछताछ के बाद अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और इस हत्याकांड से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।

टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।

टांडा / सत्ता संदेश

चुनावों के दौरान अमन-कानून की स्थिति बनाए रखने के लिए टांडा पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किया गया।आगामी नगर कौंसिल चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करवाने के लिए टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के उद्देश्य से आज टांडा पुलिस द्वारा इलाके में एक विशेष फ्लैग मार्च निकाला गया। सब डिवीजन टांडा पुलिस के डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा और एसएचओ गुरिंदर सिंह नागरा की अगुवाई में पुलिस टीम ने टांडा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करते हुए अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग भी की।

यह फ्लैग मार्च स्थानीय थाना प्रभारी की अगुवाई में निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और सुरक्षा बल शामिल थे।

शहर के मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों से गुजरा मार्च

पुलिस द्वारा निकाला गया यह फ्लैग मार्च टांडा थाने से शुरू होकर शहर के विभिन्न मुख्य बाजारों, चौकों और खासकर चुनाव की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों से होकर गुजरा। पुलिस की गाड़ियों और पैदल मार्च कर रहे जवानों ने शहरवासियों को सुरक्षा का एहसास करवाया।

पुलिस प्रशासन की मुख्य चेतावनी और अपील

इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चुनावों के दौरान किसी भी शरारती तत्व को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पुलिस द्वारा जारी मुख्य निर्देश:

  • सख्त कार्रवाई: चुनावों के दौरान अफवाहें फैलाने, हुड़दंग करने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • असला जमा करवाने की अपील: लाइसेंसी हथियार रखने वाले लोगों से चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए अपने हथियार तुरंत नजदीकी थाने या गन हाउस में जमा करवाने को कहा गया है।
  • सहयोग की मांग: पुलिस ने आम जनता से अपील की कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए।

बाइट: डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा

नशा और गैर-कानूनी हथियार तस्करी मॉड्यूल का अमृतसर में पर्दाफाश; 2.1 किलो हेरोइन और सात पिस्तौल सहित एक गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

वर्चुअल नंबरों के जरिए अपने विदेशी हैंडलर के संपर्क में था गिरफ्तार आरोपी: डीजीपी गौरव यादव

बरामद पिस्तौल अपराधियों को आगे सप्लाई की जानी थीं: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर

पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा और अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल में सक्रिय एक व्यक्ति को 2.1 किलोग्राम हेरोइन और सात आधुनिक पिस्तौलों सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां साझा की।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान खुश कुमार उर्फ भोलू (26) निवासी गुरवाली गेट, अमृतसर के रूप में हुई है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा स्नैचिंग के मामले पहले से दर्ज हैं।

बरामद पिस्तौलों में एक 9 एमएम ग्लैडिएटर (तुर्की निर्मित), एक 9 एमएम जिगाना एक्स-शॉट, एक .30 बोर बेरेटा (इटली निर्मित), एक .30 बोर जिगाना (चीन निर्मित), एक .30 बोर (ऑस्ट्रिया निर्मित), एक .30 बोर (चीन निर्मित) और एक .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी वर्चुअल नंबरों के माध्यम से विदेशी तस्करों के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि हेरोइन और हथियारों की अवैध खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही थी, जिन्हें आरोपी आगे अपराधियों तक पहुंचाता था।

डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।

ऑपरेशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी खुश उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 2.1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। उन्होंने बताया कि आरोपी से लगातार पूछताछ और आगे की जांच के दौरान सात पिस्तौल भी बरामद किए गए।

सीपी ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद पिस्तौल अपराधियों को आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सप्लाई की जानी थीं। कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हथियारों की खेप आगे पहुंचने से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 60 दिनांक 12-05-2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-सी और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत पुलिस स्टेशन सी-डिवीजन, अमृतसर में मामला दर्ज किया गया है।

लुधियाना के अमन गोयल ने भूमाफिया द्वारा झूठे मुकदमे से राहत की मांग

इंडिपेंडेंट जांच करवा लें पुलिस कमिश्नर लुधियाना , ताकि भूमाफिया की मंशा हो जाये उजागर

लुधियाना- 13 अप्रैल 2026 निवासी अमन गोयल और उनकी पत्नी मेघा गोयल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर और उनके परिवारजनों पर विपक्षी पक्ष ने मिलीभगत से झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है, जबकि मामला पूरी तरह से दीवानी प्रकृति का है।

राहुल गोयल ने बताया कि मामला थाना सदर लुधियाना में दर्ज मुकदमा नंबर 0148 दिनांक 15 जुलाई 2025, धाराएं 406, 420 और 120-बी आईपीसी से जुड़ा है, जिसे कुलदीप कुमार बांसल ने “झूठी कहानी” बनाकर दर्ज करवाया है। उन्होंने दावा किया कि कुलदीप बांसल का उद्देश्य पुराना सौदा रद्द होने के बावजूद उनकी जमीन पर कब्जा करना है।

अमन गोयल के अनुसार, वर्ष 2012 में लगभग 8,972 वर्ग गज जमीन का सौदा हुआ था, जिसमें से विपक्षी पक्ष ने केवल 2,810 वर्ग गज जमीन का ही रजिस्ट्री कराया, बाकी हिस्से का भुगतान न कर पाने के कारण सौदा रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि बाद में इसी जमीन को लेकर दीवानी मामले पहले से अदालत में लंबित हैं, जिनमें अगली सुनवाई जल्द ही तय है।

परिवार का आरोप है कि न केवल विपक्षी पक्ष बल्कि भूमाफिया की भूमिका निभा रहे कुछ डेवलपर्स भी उनकी लगभग 8,400 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि करीब 6,000 वर्ग गज जमीन पर पहले ही जबरन दीवार खड़ी कर दी गई, जिस पर एक अन्य मुकदमा भी चल रहा है।

मेघा गोयल ने कहा, “यह मामला पूरी तरह से दीवानी है, कोई आपराधिक तत्व इसमें नहीं है। पुलिस को उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यह झूठा मुकदमा रद्द किया जाना चाहिए।”

संदीप पाठक पर पंजाब में 2 FIR! गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पहुंची पुलिस; AAP छोड़ BJP में हुए थे शामिल

पंजाब डेस्क: आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब सरकार ने बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ राज्य के दो अलग-अलग थानों में मामले दर्ज किए हैं।

गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज : संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज की गई इन दो एफआईआर (FIR) में गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं,। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये मामले पंजाब के किन विशिष्ट थानों में दर्ज किए गए हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची पंजाब पुलिस : सांसद की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंच गई है। यह घटनाक्रम उनके ‘आप’ छोड़कर भाजपा में शामिल होने के कुछ ही समय बाद सामने आया है, जिससे राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने की संभावना है। पुलिस इस मामले में लगातार अपडेट जुटा रही है और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर सक्रिय है।

2 किलो हेरोइन के साथ SHO गिरफ्तार, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आई थी नशे की खेप

अमृतसर: पंजाब पुलिस ने अमृतसर के भिंडी सैदां थाने में तैनात SHO शशपाल सिंह को 2 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन की एक खेप आई थी, जिसे SHO ने बरामद तो किया लेकिन उसे सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने के बजाय खुद के पास रख लिया।

पुलिस की कार्रवाई और रिमांड: जैसे ही पुलिस के उच्चाधिकारियों को इस बात की भनक लगी कि SHO ने हेरोइन को खुर्द-बुर्द कर दिया है, तुरंत जांच शुरू की गई। जांच में दोषी पाए जाने पर एसएसपी सोहेल मीर ने शशपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को आरोपी को अजनाला कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

थाने का पिछला रिकॉर्ड: गौरतलब है कि यह वही भिंडी सैदां थाना है जहाँ 30 मार्च को ग्रेनेड अटैक हुआ था, जिसकी जिम्मेदारी बाद में खालिस्तान लिब्रेशन आर्मी (KLA) ने ली थी। पुलिस अब इस मामले में गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

सस्पेंड DIG भुल्लर पर ED का शिकंजा: चंडीगढ़ समेत 11 ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा

पंजाब डेस्क : भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं,। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत भुल्लर और उनके सहयोगियों से जुड़े 11 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। यह छापेमारी चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य बेनामी संपत्तियों और अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का पता लगाना है।

सीबीआई की जांच में मिला था कुबेर का खजाना : इससे पहले सीबीआई (CBI) द्वारा की गई छापेमारी में भुल्लर के ठिकानों से चौंकाने वाली बरामदगी हुई थी। जांच एजेंसी को लगभग ₹7.36 करोड़ कैश, 2.5 किलो सोना, और ₹2.32 करोड़ के चांदी के आभूषण मिले थे। इसके अलावा, उनके पास से 26 लग्जरी घड़ियां (रोलेक्स और राडो), मर्सिडीज और ऑडी जैसी कारें, और 108 विदेशी शराब की बोतलें बरामद की गई थीं। दस्तावेजों के अनुसार, उनके परिवार के नाम पर 50 से अधिक अचल संपत्तियां दर्ज हैं।

क्या है पूरा मामला? डीआईजी भुल्लर को 16 अक्टूबर 2025 को एक कबाड़ कारोबारी से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और 5 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। उन पर आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया है। फिलहाल वे चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। हाल ही में, 10 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद : चंडीगढ़ की विशेष अदालत ने सीबीआई को अन्य अज्ञात लोक सेवकों और बिचौलियों के खिलाफ नई जांच की अनुमति दे दी है। जांच के दौरान मिली एक डायरी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से संकेत मिले हैं कि पंजाब के कई अन्य वरिष्ठ आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारी भी इस संगठित भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।

दुष्कर्म मामले में AAP विधायक हरमीत पठानमाजरा गिरफ्तार: ग्वालियर से दबोचे गए, कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

पंजाब डेस्क: सनौर (पटियाला) से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पंजाब पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पठानमाजरा पिछले साल सितंबर में दर्ज हुए एक दुष्कर्म (मिसडीड) मामले में पिछले कई महीनों से फरार चल रहे थे। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

4 दिन की पुलिस रिमांड: गिरफ्तारी के बाद पठानमाजरा को पटियाला के सीआईए (CIA) स्टाफ लाया गया और जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जहाँ पुलिस उनसे गहन पूछताछ करेगी।

मामले की पृष्ठभूमि और फरारी: विधायक के खिलाफ पटियाला के सिविल लाइन थाने में जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इससे पहले जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए हरियाणा के एक गांव में पहुंची थी, तो वह कथित तौर पर पुलिस पार्टी पर हमला करके फरार हो गए थे। फरारी के दौरान उनके ऑस्ट्रेलिया में होने की खबरें भी सामने आई थीं।

अपनी ही सरकार पर लगाए थे आरोप: फरार रहने के दौरान पठानमाजरा सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट जारी कर अपनी ही सरकार के खिलाफ हमलावर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह कार्रवाई बदले की राजनीति के तहत की गई है क्योंकि उन्होंने बाढ़ के समय अपने सनौर हलके के लोगों के हक के लिए सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी।

जालंधर में खाकी दागदार: फर्जी नाका लगाकर उगाही कर रहा था PAP कांस्टेबल, निहंग सिंह की मुस्तैदी से पकड़ा गया

पंजाब डेस्क: पंजाब के जालंधर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) के एक कांस्टेबल ने ही फर्जी नाका लगाकर राहगीरों से अवैध वसूली शुरू कर दी। यह घटना जालंधर के नकोदर रोड पर हुई, जहाँ असली पुलिस जवान के इस कारनामे को देखकर लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी।

ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज: घटना के वक्त आरोपी कांस्टेबल सिविल वर्दी में था और अपने एक साथी के साथ सड़क पर वाहनों को रोक रहा था। वे दस्तावेजों की जांच के नाम पर लोगों से पैसों की मांग कर रहे थे। मामला तब बिगड़ा जब उन्होंने वहां से गुजर रहे एक निहंग सिंह को रुकने का इशारा किया।

निहंग सिंह के पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे, इसके बावजूद आरोपी उनसे उलझने लगा और पैसों की मांग की। शक होने पर जब निहंग सिंह ने सख्ती से पूछताछ की और पुलिस बुलाने की बात कही, तो आरोपी घबरा गया। इस बीच मौका पाकर उसका साथी कार में बैठकर फरार हो गया।

आक्रोशित भीड़ ने सिखाया सबक: हंगामा बढ़ता देख आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और उन्होंने आरोपी कांस्टेबल को दबोच लिया। गुस्साई भीड़ ने उसकी बीच सड़क जमकर पिटाई की। आरोपी काफी देर तक अपना चेहरा छिपाता रहा, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

पुलिस हिरासत में आरोपी: घटना की सूचना मिलते ही थाना लांबड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जालंधर में पहले भी फर्जी नाके लगाकर वसूली के मामले सामने आ चुके हैं, जो पुलिस की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।