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पंजाब स्टेट कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से की मुलाकात
  • क्लर्कों की मूल वेतन संबंधी मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

लुधियाना/ सत्ता संदेश

पंजाब स्टेट जिला (डी.सी. ऑफिस) कर्मचारी यूनियन की जिला इकाई, लुधियाना के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से मुलाकात कर 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए क्लर्कों को पहले से कार्यरत कर्मचारियों की तर्ज पर मूल वेतन देने की मांग रखी।

डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, लुधियाना में फरवरी और मार्च 2023 के दौरान लगभग 70 क्लर्कों की नियुक्ति हुई थी। पंजाब सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र संख्या 7/42/2020-5FP1/741-746 दिनांक 17.07.2020 के अनुसार केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के आधार पर पंजाब राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत क्लर्कों का मूल वेतन 19,900 रुपये निर्धारित किया गया था। इसके तहत 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को 19,900 रुपये की निश्चित मूल वेतन मिलने लगी।

गौरतलब है कि 17.07.2020 से पहले भर्ती कर्मचारियों को 33,300 रुपये मूल वेतन मिल रहा है। यह मामला पहले ही CWP नंबर 15896 ऑफ 2023 (सौरभ शर्मा व अन्य बनाम पंजाब राज्य) में उठाया गया था, जिसका फैसला 13.09.2024 को आया था। इसके अलावा LPA नंबर 2977 ऑफ 2024, पंजाब सरकार व अन्य बनाम डॉ. सौरभ शर्मा व अन्य, का फैसला 10.12.2024 को सुनाया गया।

इन फैसलों में माना गया कि किसी भी कार्यकारी निर्णय (Executive Decision) के जरिए वैधानिक नियमों (Statutory Rules) के तहत मिलने वाले वेतनमान को कम नहीं किया जा सकता।

कर्मचारी यूनियन ने डिप्टी कमिश्नर के ध्यान में यह भी लाया कि माननीय अदालत के फैसले के बाद विभिन्न विभागों ने नए भर्ती क्लर्कों की बेसिक सैलरी 19,900 रुपये से बढ़ाकर 31,100 रुपये तय कर दी है।

यूनियन ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से मांग की कि 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए क्लर्कों, जिनकी बेसिक पे 19,900 रुपये है, की बेसिक पे बढ़ाकर 31,100 रुपये निर्धारित की जाए।

आधार ऐप के माध्यम से साझा किए गए आधार प्रमाण-पत्र पहचान सत्यापन के लिए वैध: यूआईडीएआई

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 12 मई 2026: भारत सरकार के विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने सूचित किया है कि आधार ऐप के माध्यम से दिखाए गए, साझा किए गए और/या सत्यापित आधार प्रमाण-पत्र आधार नंबर धारक की पहचान स्थापित करने के लिए विधिक रूप से वैध हैं।

यूआईडीएआई द्वारा लॉन्च किया गया आधार ऐप आधार नंबर धारकों को मोबाइल उपकरणों के माध्यम से अपनी पहचान को सुरक्षित रूप से दिखाने, साझा करने और सत्यापित करने में सक्षम बनाता है। यह ऐप एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म्स दोनों पर उपलब्ध है तथा निवासियों को पहचान सत्यापन का सुविधाजनक, पेपरलेस और सुरक्षित साधन प्रदान करता है।

आधार ऐप के माध्यम से ऑफलाइन सत्यापन चाहने वाली इकाई (ओवीएसई) के साथ पहचान विवरण साझा करते समय पूर्ण 12-अंकीय आधार नंबर हस्तांतरित नहीं किया जाता। निवासी अपनी आवश्यकता के अनुसार पूर्ण या आंशिक पहचान विवरण साझा करने का चयन कर सकते हैं, जिससे गोपनीयता और उपयोगकर्ता नियंत्रण में वृद्धि होती है।

यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि आधार ऐप के माध्यम से साझा किए गए आधार प्रमाण-पत्र आधार पत्र, ई-आधार, मास्क्ड ई-आधार, आधार पीवीसी कार्ड और एम-आधार जैसे अन्य स्वीकृत आधार रूपों के समान ही वैधता रखते हैं।

आधार को पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार करने वाले सभी मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, स्वायत्त निकायों और अन्य एजेंसियों को आधार ऐप के माध्यम से साझा किए गए आधार प्रमाण-पत्रों को वैध पहचान प्रमाण के रूप में मान्यता देने तथा उचित निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।

क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ के निवासियों से डिजिटल आधार सत्यापन अपनाने का आग्रह किया है ताकि तेज, सुरक्षित और निर्बाध सेवा वितरण सुनिश्चित हो सके।

आज बटाला में जातीय जनगणना के फॉर्म में एससी समाज के प्रति अपमानजनक शब्दों के खिलाफ मजदूर मुक्ति मोर्चा आजाद पंजाब द्वारा केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया गया।

बटाला / सत्ता संदेश

इस मौके पर मांग की गई कि फॉर्म छापने वाले अधिकारियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए और मुख्यमंत्री मान एससी समाज से माफी मांगें। इस प्रदर्शन की अगुवाई जिला प्रधान सरूप सिंह चाहल कला और जिला सचिव राकेश कुमार गोपी ने की।

इस दौरान मजदूर मुक्ति मोर्चा आजाद के माझा ज़ोन के जनरल सचिव मनजीत राज बटाला ने संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब सरकार द्वारा जनगणना 2026 के लिए जारी किए गए फॉर्म में जाति कॉलम भरने हेतु अनुसूचित जाति के लिए अपमानजनक और देश की माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित शब्द दर्ज किए गए हैं। साथ ही वाल्मीकि समुदाय और मजहबी सिखों के कॉलम में केवल “मजबी” लिखकर इस समाज को सिख धर्म से अलग करने की कोशिश की गई है।

उन्होंने कहा कि इससे मजहबी सिख समाज और वाल्मीकि समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। सरकारी दस्तावेजों में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल सत्ताधारी नेताओं और उच्च अधिकारियों की जातिवादी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना के बाद आबादी के हिसाब से अधिकार मिलने तो दूर, पंजाब सरकार पहले ही अनुसूचित जाति समाज का अपमान कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी के कागजों में खुलेआम अपमानजनक शब्द लिखकर दलित समाज को जलील करने के मुद्दे पर विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की भी जुबान बंद है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पंजाब की दलित संगठनों की संयुक्त बैठक में सरकार के खिलाफ तीखे आंदोलन का ऐलान किया गया है। इसके तहत 9 से 16 जून तक अर्थियां फूंकी जाएंगी और 1 जून को संगरूर में बड़ा एकत्र कर पंजाब की मान सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।

इस मौके पर मजदूर मुक्ति मोर्चा आजाद के सूबा नेता दलबीर सिंह भट्टी, सरजीत सिंह, बलकार सिंह, हीरा सिंह और कई अन्य साथियों ने भी हिस्सा लिया।

इमान सिंह मान ने ‘वंदे मातरम’ और बेअदबी कानून को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार की कड़ी आलोचना की।

पंजाब / सत्ता संदेश

अकाल तख्त साहिब पर इमान सिंह मान का कहना है कि सिखों पर मातृ पूजा थोपने का प्रयास किया जा रहा है।

श्री अकाल तक़्त साहिब पहुंचे शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के कार्यकारी अध्यक्ष इमान सिंह मान ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और एसजीपीसी के कामकाज पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा घोर अपमान भारत देश द्वारा किया जा रहा है, जहाँ सिखों पर “वंदे मातरम” थोपा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस गीत में देश को माता और देवी-देवताओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जो सिख धर्म के मानदंडों के विरुद्ध है। इमान सिंह मान ने कहा कि “राष्ट्रीय स्मारकों के अपमान की रोकथाम” अधिनियम के तहत, यदि बच्चे “वंदे मातरम” नहीं गाते हैं, तो उन्हें तीन साल की कैद और जुर्माना हो सकता है। उन्होंने इसे सिख धर्म के विरुद्ध एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि सिखों को पहले ही हिंदू के रूप में चित्रित किया जा चुका है, जबकि यह बात गुरु ग्रंथ साहिब में स्पष्ट रूप से लिखी है।— “न हिंदू, न मुसलमान।” ईमान सिंह मान ने कहा कि वह आज अकाल तक़्त साहिब के मुख्य ग्रंथी के पास यह स्पष्टीकरण लेने आए हैं कि सिखों के लिए माता की पूजा, मूर्ति पूजा और देवी-देवताओं की पूजा करना जायज़ है या नहीं।उन्होंने बेअदबी मामलों पर पंजाब सरकार के कानूनों और मुख्यमंत्री भगवंत मान की “शुकराना यात्रा” पर भी निशाना साधा।उन्होंने कहा कि सरकार ने समय पर एसजीपीसी चुनाव नहीं कराए और सिख गुरुद्वारा अधिनियम का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि सरकार गुरुघरों के प्रबंधन में हस्तक्षेप कर रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रही है।इमान सिंह मान ने कहा कि सिख समुदाय को देवी-देवताओं की पूजा की ओर धकेलने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका वह कड़ा विरोध करते हैं।

पंजाब में निकाय चुनाव का ऐलान, 26 मई को वोटिंग, 29 को आएंगे नतीजे

पंजाब / सत्ता संदेश


पंजाब में आठ नगर निगमों समेत 105 स्थानीय निकायों के लिए मतदान 26 मई को होगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजकमल चौधरी ने सोमवार को यह घोषणा की। जानकारी के मुताबिक इस चुनाव की मतगणना 29 मई को होगी। राजकमल चौधरी ने मीडिया को चुनावों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ये चुनाव मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट स्थित आठ नगर निगमों में होंगे।
76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के लिए चुनाव
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजकमल चौधरी ने बताया कि इसके अलावा 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के लिए चुनाव होंगे, जिससे 105 नगर निकायों के अंतर्गत कुल 2,019 वार्ड में मतदान होगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चौधरी ने बताया कि इन नगर निकायों के लिए 36,72,932 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 17,73,716 महिलाएं हैं।
सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होगा मतदान
बताया जा रहा है कि मतदान 3,977 केंद्रों पर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होगा। चौधरी ने बताया कि नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 13 मई से शुरू होगी और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 मई है। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच 18 मई को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 19 मई है। उन्होंने कहा कि चुनावों के मद्देनजर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस के 35 हजार से अधिक कर्मियों को तैनात किया जायेगा।

थाना जमालपुर पुलिस ने 200 ग्राम हैरोइन सहित दो नशा तस्कर किये गिरफ्तार।

सत्ता सन्देश / संजय भाटिया
लुधियाना, 11 मई : पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस लुधियाना के थाना जमालपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 200 ग्राम हेरोइन, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा तथा नशा पैक करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 20 खाली पारदर्शी पाउच बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रगट सिंह निवासी बसंत नगर, लुधियाना तथा पृथ्वीराज सिंह उर्फ प्रिथी निवासी अटारी, जिला अमृतसर के रूप में हुई है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए थाना जमालपुर के एस.एच.ओ. सब इंस्पेक्टर दलबीर सिंह ने बताया कि एएसआई गुरमीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस द्वारा सरपंच कॉलोनी के पीछे ब्लाइंड स्कूल के पास नाकाबंदी और चेकिंग की जा रही थी।

उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रगट सिंह निवासी बसंत नगर, लुधियाना और पृथ्वीराज सिंह उर्फ प्रिथी निवासी अटारी, जिला अमृतसर नशा बेचने का धंधा करते हैं और अपने ग्राहकों को हेरोइन सप्लाई करने के लिए जमालपुर इलाके की तरफ आ रहे हैं।

सूचना के आधार पर नाकाबंदी कर दोनों आरोपियों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्रगट सिंह के पास से 195 ग्राम हेरोइन तथा पृथ्वीराज सिंह उर्फ प्रिथी के पास से 5 ग्राम हेरोइन, एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक कांटा और 20 खाली पारदर्शी पाउच बरामद कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना जमालपुर में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा तथा रिमांड के दौरान गहन पूछताछ कर नशा तस्करी से जुड़े अन्य लिंक के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।

नाईपर, मोहाली में आईटेक (ITEC) कार्यक्रम 2026 “ग्लोबल साउथ में चिकित्सा उपकरण नीतियों को सशक्त बनाना” का 11 मई 2026 को शुभारंभ

मोहाली/ सत्ता संदेश

मोहाली, 11 मई 2026: राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईपर), मोहाली के मेडिकल डिवाइसेज़ विभाग द्वारा भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के अंतर्गत “ग्लोबल साउथ में मेडिकल डिवाइस नीतियों को सशक्त बनाना” विषय पर दो सप्ताह का अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 से 22 मई 2026 तक नाईपर, मोहाली, पंजाब के कन्वेंशन सेंटर में प्रारंभ किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रातः 10:30 बजे प्रो. दुलाल पांडा, निदेशक, नाईपर द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों, संकाय सदस्यों, आमंत्रित विशेषज्ञों एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर प्रो. पांडा ने विभिन्न देशों से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आईटेक कार्यक्रम भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक क्षमता निर्माण तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि भारत की “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना ऐसे सहयोगात्मक प्रयासों की मूल आधारशिला है।

प्रो. पांडा ने बताया कि पिछले पाँच दशकों में भारत ने विभिन्न क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से 2,25,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षण प्रदान किया है। उन्होंने मेडिकल डिवाइसेज़ के व्यापक क्षेत्र, वैश्विक नियामक ढांचे तथा नीति तंत्रों के विकसित होते स्वरूप पर भी जानकारी दी |

प्रो. इंदर पाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1964 में आईटेक कार्यक्रम की स्थापना के बाद यह पहला समर्पित मेडिकल डिवाइस पाठ्यक्रम है, जिसे नाईपर, मोहाली द्वारा आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने इसे संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

इससे पूर्व प्रो. तरुण शर्मा ने 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके बहुविषयक स्वरूप की जानकारी दी। उद्घाटन दिवस पर पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) तथा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) मंडी के विशेषज्ञों द्वारा स्टेम सेल्स एवं बायोमटेरियल्स जैसे उभरते क्षेत्रों पर व्याख्यान दिए गए।

इस पहल के अंतर्गत 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों सहित शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों तथा उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया गया है, जहां मेडिकल डिवाइसेज़ के क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों, नियामक ढांचे, विनिर्माण प्रक्रियाओं, ट्रांसलेशनल रिसर्च, इनोवेशन इकोसिस्टम तथा नीतिगत हस्तक्षेपों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

यह कार्यक्रम नवाचार-आधारित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा विकासशील देशों में सुलभ, किफायती एवं मेडिकल डिवाइस पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता 

*राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर जीएमएसएसएस सेक्टर 32, चंडीगढ़ में MY Bharat द्वारा कार्यक्रम आयोजित*

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

चंडीगढ़, 11 मई 2026: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत MY Bharat Chandigarh द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 का आयोजन गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (GMSSS), सेक्टर 32, चंडीगढ़ में उत्साहपूर्वक किया गया, जिसमें लगभग 60 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

यह कार्यक्रम MY Bharat से संबद्ध संस्थाओं — करुणा इको कंपेनियन फाउंडेशन एवं ग्लोबल यूथ फेडरेशन — के सहयोग से “विकसित भारत के लिए युवा नवाचार” विषय के अंतर्गत आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जीएमएसएसएस सेक्टर 32 की प्राचार्या श्रीमती संगीता छाबड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों एवं नवाचार आधारित शिक्षा को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान संसाधन व्यक्तियों श्रीमती शिखा, श्री रोहित एवं श्री नवीन द्वारा आधुनिक तकनीकों पर रोचक एवं व्यवहारिक सत्र आयोजित किए गए। विशेष रूप से दैनिक जीवन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने डिजिटल नवाचार, साइबर जागरूकता एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग से संबंधित गतिविधियों एवं चर्चाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में युवाओं के बीच तकनीकी जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश के युवा आधुनिक तकनीकों एवं डिजिटल कौशल से सशक्त होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल कठिन परिश्रम ही नहीं, बल्कि शिक्षा एवं दैनिक जीवन में तकनीक का प्रभावी उपयोग कर स्मार्ट वर्क अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नवाचार, डिजिटल जिम्मेदारी एवं तकनीक के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम का समापन सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, आयोजकों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया, जिन्होंने इस आयोजन को सफल एवं प्रभावशाली बनाया।

मजदूरों की जिंदगी में एक नए सवेरे का आगाज़ हो रहा है- शिवराज सिंह चौहान

दिल्ली / सत्ता संदेश


मजदूर, किसान और गांव; तीनों को ताकत देगा नया ग्रामीण रोजगार कानून- शिवराज सिंह चौहान

विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम, VB–G RAM G Act की अधिसूचना जारी- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 1 जुलाई से ग्रामीण भारत में रोजगार का नया युग, अब 100 नहीं 125 दिन की गारंटी- शिवराज सिंह

1.51 लाख करोड़ रु. से बदलेगी गांवों की तस्वीर, रोज़गार से इंफ्रा तक बड़ा अभियान- शिवराज सिंह चौहान

समय पर मज़दूरी, देरी पर मुआवज़ा, काम न मिले तो बेरोज़गारी भत्ता- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह

भारत के ग्रामीण विकास इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित करते हुए केंद्र सरकार ने आज 11 मई 2026 को विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB–G RAM G Act के क्रियान्वयन की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कानून ग्रामीण गरीब, श्रमिक परिवारों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और किसानों के जीवन में नई आशा, अधिक आय सुरक्षा और गांवों में बड़े पैमाने पर टिकाऊ विकास कार्यों का मार्ग खोलेगा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि विकसित भारत जी-राम जी अधिनियम की अधिसूचना जारी कर दी गई है और 1 जुलाई से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार चाहने वाले मजदूर भाई-बहनों को अब साल में 100 नहीं, 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीच के समय में मनरेगा के सारे प्रावधान लागू रहेंगे और अधूरे काम 1 जुलाई के पहले तक मनरेगा के अंतर्गत ही पूरे किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्यों से व्यापक स्तर पर सलाह-मशविरा कर नियम बनाने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन सरकार की चिंता यह है कि ट्रांजिशन पीरियड में कोई भी मजदूर भाई-बहन रोजगार से वंचित न हो, और इसकी संपूर्ण व्यवस्था कर दी गई है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत जी-राम जी के अंतर्गत अधिकांश राज्यों को अपेक्षित तैयारी के लिए अधिकतम छह माह का समय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 1 जुलाई तक कोई राज्य अपेक्षित तैयारी नहीं कर पाया, तो 1 जुलाई के बाद कामों का फंडिंग पैटर्न विकसित भारत जी-राम जी योजना के अंतर्गत होगा।

शिवराज सिंह ने कहा कि योजना के तहत रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने अपने बजट में 95,000 करोड़ रु. से अधिक की राशि का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि राज्यों ने भी अपने-अपने बजट में इसे लागू करने के लिए प्रावधान किया है और केंद्र व राज्यों की कुल राशि 1,51,000 करोड़ रु. से अधिक होगी।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मजदूरों को भुगतान DBT के माध्यम से उनके बैंक या डाकघर के खातों में किया जाएगा। कोशिश होगी कि तीन दिन के अंदर भुगतान हो, लेकिन अधिकतम 15 दिन के भीतर प्रक्रियाएं पूरी कर उनके खाते में पैसा पहुंच जाए। उन्होंने कहा कि 15 दिन के भीतर पैसा नहीं आने पर मजदूर भाई-बहन विलंबित भुगतान के पात्र होंगे और देरी से भुगतान करने पर अतिरिक्त राशि देनी पड़ेगी।

शिवराज सिंह ने कहा कि मांगने पर यदि रोजगार नहीं मिला, तो बेरोज़गारी भत्ता भी देना पड़ेगा। उन्होंने इसे मजदूरों के हित की व्यापक योजना बताते हुए कहा कि 1,51,000 करोड़ रु. से अधिक की सालाना धनराशि से गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर के काम बड़े पैमाने पर होंगे।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, गांवों में अधोसंरचना, सड़क, पुल, पुलिया, स्कूल, आंगनवाड़ी भवन, खेतों से जुड़े जरूरी काम किए जा सकेंगे। आजीविका मूलक कार्यों के तहत स्वयं सहायता समूहों की दीदियों और एफपीओ के लिए वर्किंग शेड जैसी अधोसंरचनाएं भी बनाई जा सकेंगी। प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए नदी किनारे के गांवों या जलभराव वाले क्षेत्रों में रिटेनिंग वॉल जैसे कार्य भी इस योजना के अंतर्गत किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारी साथियों को पर्याप्त और समय पर वेतन का भुगतान हो, इसके लिए प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने विश्वास जताया कि मजदूरों की जिंदगी में एक नए सवेरे का आगाज़ हो रहा है और विकसित भारत के लिए विकसित गांव बनाने का संकल्प यह योजना पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

हरियाणा में 52,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में जनगणना एवं हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस का शुभारंभ  चंडीगढ़: 1 मई ,2026

हरियाणा / सत्ता संदेश

हरियाणा राज्य के 52,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में आज जनगणना एवं हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस का विधिवत शुभारंभ हो गया। यह कार्य प्रशिक्षित प्रगणकों द्वारा किया जा रहा है, जो विभिन्न सरकारी विभागों एवं निजी संस्थाओं के अधिकारी और कर्मचारी हैं। पिछले एक माह के दौरान सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि जनगणना कार्य सुचारु, सटीक एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।

इस बार की जनगणना पूर्णतः डिजिटल होगी और संपूर्ण हाउस लिस्टिंग एवं डेटा संकलन मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जाएगा। जिन नागरिकों ने पहले सेल्फ-एन्यूमरेशन कर लिया है, उन्हें केवल अपनी स्वगणना ID प्रगणक को बतानी होगी।

आज से प्रारंभ हुए ऑपरेशंस में प्रगणकों द्वारा मकानों पर क्रमवार संख्या अंकित की जा रही है। प्रत्येक एन्यूमरेशन ब्लॉक में मकानों को सीरियल नंबर से चिन्हित किया जाएगा। सेक्टर आधारित आवासीय क्षेत्रों में सेक्टर नंबर एवं मकान संख्या को ही अंकन हेतु प्रयोग किया जाएगा। साथ ही, प्रगणक अपने क्षेत्र की प्रत्येक गली, मोहल्ले एवं बस्ती का सर्वेक्षण कर नज़री नक्शा तैयार करेंगे, ताकि कोई भी मकान अथवा परिवार जनगणना से वंचित न रहे।

निदेशक जनगणना, हरियाणा, डॉ. ललित जैन ने प्रदेशवासियों से प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को पूर्ण सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिक संदेह होने पर संबंधित अधिकारी का पहचान पत्र जांच सकते हैं, जिस पर स्कैन कोड भी उपलब्ध है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि प्रगणकों का सम्मानपूर्वक स्वागत करें तथा सही एवं सटीक जानकारी दें। पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निकायों से भी सहयोग का अनुरोध किया गया, क्योंकि यह राष्ट्रहित का महत्वपूर्ण कार्य है।

डॉ. जैन ने कहा, “प्रगणक एवं सुपरवाइजर जनगणना विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं और पूरा विभाग उनके साथ मजबूती से खड़ा है।” उन्होंने बताया कि सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1885 प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक उपलब्ध है, जिसका उपयोग नागरिक, प्रगणक एवं सुपरवाइजर कर सकते हैं। चूंकि यह देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना है, इसलिए प्रारंभिक चरण में कुछ तकनीकी चुनौतियाँ स्वाभाविक हैं, जिनका विभाग तत्काल समाधान कर रहा है।

उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स से मौसम को ध्यान में रखते हुए फील्ड में जाने तथा पानी एवं टोपी साथ रखने का आग्रह किया। अंत में डॉ. जैन ने चार्ज ऑफिसर के रूप में कार्यरत तहसीलदारों, सचिवों, कार्यकारी अधिकारियों एवं जोनल टैक्सेशन अधिकारियों का विशेष धन्यवाद किया, जो जनगणना अभियान को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।