ब्रेकिंग न्यूज़
इमान सिंह मान ने ‘वंदे मातरम’ और बेअदबी कानून को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार की कड़ी आलोचना की।

पंजाब / सत्ता संदेश

अकाल तख्त साहिब पर इमान सिंह मान का कहना है कि सिखों पर मातृ पूजा थोपने का प्रयास किया जा रहा है।

श्री अकाल तक़्त साहिब पहुंचे शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के कार्यकारी अध्यक्ष इमान सिंह मान ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और एसजीपीसी के कामकाज पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा घोर अपमान भारत देश द्वारा किया जा रहा है, जहाँ सिखों पर “वंदे मातरम” थोपा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस गीत में देश को माता और देवी-देवताओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जो सिख धर्म के मानदंडों के विरुद्ध है। इमान सिंह मान ने कहा कि “राष्ट्रीय स्मारकों के अपमान की रोकथाम” अधिनियम के तहत, यदि बच्चे “वंदे मातरम” नहीं गाते हैं, तो उन्हें तीन साल की कैद और जुर्माना हो सकता है। उन्होंने इसे सिख धर्म के विरुद्ध एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि सिखों को पहले ही हिंदू के रूप में चित्रित किया जा चुका है, जबकि यह बात गुरु ग्रंथ साहिब में स्पष्ट रूप से लिखी है।— “न हिंदू, न मुसलमान।” ईमान सिंह मान ने कहा कि वह आज अकाल तक़्त साहिब के मुख्य ग्रंथी के पास यह स्पष्टीकरण लेने आए हैं कि सिखों के लिए माता की पूजा, मूर्ति पूजा और देवी-देवताओं की पूजा करना जायज़ है या नहीं।उन्होंने बेअदबी मामलों पर पंजाब सरकार के कानूनों और मुख्यमंत्री भगवंत मान की “शुकराना यात्रा” पर भी निशाना साधा।उन्होंने कहा कि सरकार ने समय पर एसजीपीसी चुनाव नहीं कराए और सिख गुरुद्वारा अधिनियम का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि सरकार गुरुघरों के प्रबंधन में हस्तक्षेप कर रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रही है।इमान सिंह मान ने कहा कि सिख समुदाय को देवी-देवताओं की पूजा की ओर धकेलने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका वह कड़ा विरोध करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *