ब्रेकिंग न्यूज़
बॉलीवुड पर मंडराया खतरा: सलमान खान के बाद अब उनके जीजा आयुष शर्मा को मिली धमकी, मुंबई पुलिस अलर्ट

मनोरंजन डेस्क : बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं। सुपरस्टार सलमान खान के बाद अब उनके जीजा और अभिनेता आयुष शर्मा को बुधवार को एक धमकी भरा ईमेल मिला है,। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूरी फिल्म इंडस्ट्री हालिया धमकियों और फायरिंग की घटनाओं से पहले ही सहमी हुई है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ होने का शक: पुलिस सूत्रों के अनुसार, आयुष शर्मा को भेजे गए इस ईमेल में प्रेषक ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया है। हालांकि, ईमेल की पूरी सामग्री को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह वाकई किसी संगठित गैंग की करतूत है या किसी शरारती तत्व का काम है। हालांकि आयुष की ओर से अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

इंडस्ट्री में धमकियों का सिलसिला: आयुष शर्मा को मिली यह धमकी कोई इकलौती घटना नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले अभिनेता रणवीर सिंह के असिस्टेंट को भी व्हाट्सऐप पर एक वॉइस नोट के जरिए धमकी मिली थी, जिसमें कथित तौर पर करोड़ों रुपये की मांग की गई थी,। इसके अलावा, पिछले सप्ताह फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर भी 5 राउंड फायरिंग की गई थी। पुलिस ने रोहित शेट्टी केस में पुणे से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर मकोका (MCOCA) के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस की कड़ी निगरानी: मुंबई पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या आयुष शर्मा, रणवीर सिंह और रोहित शेट्टी से जुड़े इन सभी मामलों के पीछे कोई एक ही कड़ी है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। आयुष शर्मा, जिन्होंने 2018 में ‘लवयात्री’ से डेब्यू किया था, उन्हें आखिरी बार 2024 में फिल्म ‘रुस्लान’ में देखा गया था।

कनाडा में 18 साल की लड़की का खूनी तांडव: पहले मां और भाई को मौत के घाट उतारा, फिर स्कूल में की अंधाधुंध फायरिंग; 9 की मौत

इंटरनेशनल डेस्क : कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के एक छोटे से कस्बे टंबलर रिज में मंगलवार (10 फरवरी) को हुई एक भयावह गोलीबारी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक 18 वर्षीय युवती ने पहले अपने ही घर में कत्लेआम मचाया और उसके बाद स्कूल पहुँचकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस पूरे घटनाक्रम में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 25 अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

घर से शुरू हुआ खूनी खेल: रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के अनुसार, स्कूल में शूटिंग करने से पहले संदिग्ध आरोपी ने अपने ही घर में 39 वर्षीय मां और 11 वर्षीय सौतेले भाई की हत्या कर दी थी। पुलिस को इस घटना की जानकारी तब मिली जब घर में मौजूद एक अन्य नाबालिग लड़की किसी तरह बचकर पड़ोसी के घर पहुँची और मदद मांगी। पुलिस ने बाद में घर पहुँचकर दोनों शव बरामद किए।

स्कूल में मचाई तबाही: घर पर हत्याएं करने के बाद, आरोपी टंबलर रिज सेकेंडरी स्कूल पहुँची, जहाँ कक्षा 7 से 12 तक के करीब 160 छात्र पढ़ते हैं। वहां उसने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिससे स्कूल और पूरे समुदाय में दहशत फैल गई। करीब 2,400 की आबादी वाले इस शांत कस्बे के लिए यह घटना एक गहरे सदमे जैसी है।

हमलावर की पहचान और पृष्ठभूमि: पुलिस के अनुसार, 18 वर्षीय हमलावर इसी कस्बे की निवासी है और उसने 4 साल पहले इसी स्कूल से पढ़ाई छोड़ दी थी। जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि हमलावर जैविक रूप से पुरुष के रूप में पैदा हुई थी, लेकिन लगभग 6 साल पहले उसने खुद को महिला के रूप में पहचानना शुरू किया था। पुलिस ने यह भी बताया कि उसके पास पहले एक वैध गन लाइसेंस था, जो अब समाप्त हो चुका था।

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पुराने मामले: जांच में पता चला है कि पिछले कुछ वर्षों में आरोपी के घर पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के कारण कई बार पुलिस को बुलाया गया था। आखिरी बार वसंत ऋतु में पुलिस वहां पहुँची थी। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद आरोपी के पास हथियार कहाँ से आया।

रूस में WhatsApp पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’: 10 करोड़ यूजर्स को ब्लॉक करने की तैयारी, सरकारी ऐप ‘MAX’ पर शिफ्ट करने का दबाव

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच रूस ने WhatsApp को पूरी तरह से ब्लॉक करने की कोशिश की है। रूस की इस ‘डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक’ का मुख्य उद्देश्य देश के लगभग 10 करोड़ (100 मिलियन) यूजर्स को सुरक्षित निजी बातचीत से अलग कर उन्हें सरकारी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करना है।

WhatsApp ने जताई कड़ी आपत्ति: WhatsApp ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए इस जानकारी की पुष्टि की है। कंपनी का कहना है कि रूस सरकार लोगों को सरकारी सर्विलांस ऐप की तरफ धकेलने के लिए यह कदम उठा रही है। WhatsApp के प्रवक्ता के अनुसार, 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को सुरक्षित संचार से अलग करना एक “पिछड़ा कदम” है, जिससे रूस में लोगों की सुरक्षा कम होगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि रूस सरकार इंटरनेट स्पेस पर ज्यादा नियंत्रण चाहती है।

सरकारी ऐप ‘MAX’ पर गहराया विवाद: रूस में ‘MAX’ नामक सरकारी समर्थित प्रतियोगी ऐप को प्रमोट किया जा रहा है। हालांकि, आलोचकों का दावा है कि इस ऐप का इस्तेमाल यूजर्स को ट्रैक करने और उनकी निगरानी (सर्विलांस) के लिए किया जा सकता है। दूसरी ओर, रूस की सरकारी मीडिया ने इन निगरानी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

विदेशी टेक कंपनियों से बढ़ता विवाद: फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से ही विदेशी टेक प्रोवाइडर्स और मॉस्को के बीच विवाद गहरा गया है। पिछले साल भी मेटा (Meta) ने रूसी अधिकारियों पर आरोप लगाए थे कि वे नागरिकों से उनकी निजी बातचीत का अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल, रूस सरकार अपने देश में बने प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम कर रही है।