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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने TOFEI ऐप के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया

दिल्ली / सत्ता संदेश

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कर्तव्य भवन में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान एप्लिकेशन के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया। यह तंबाकू और निकोटीन की लत के विनाशकारी स्वास्थ्य, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय परिणामों से वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों की रक्षा के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने देखा है कि तंबाकू और निकोटीन उत्पादों को अक्सर इस तरह से डिजाइन और विपणन किया जाता है जिससे विशेषकर युवाओं को लुभाने के लिए वे आकर्षक लगें। इसके लिए आकर्षक स्वाद, पैकेजिंग, अप्रत्यक्ष विज्ञापन और सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले चित्रण का उपयोग किया जाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऐसी रणनीतियां तंबाकू और निकोटीन के सेवन के बारे में गलत धारणा पैदा कर सकती हैं और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर बल दिया ताकि वे जागरूक रहें, सतर्क रहें और तंबाकू एवं निकोटीन के सेवन को अस्वीकार करने के लिए प्रतिबद्ध हों।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस का इस वर्ष का विषय, “अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको अडिक्शन”, अर्थात निकोटीन और तंबाकू की लत को छुड़ाने की अपील का व्यापक स्तर पर प्रसार रणनीति। यह विषय युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू और निकोटीन की लत के हानिकारक प्रभावों से बचाने के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक है।

TOFEI एक डिजिटल पहल है जिसका उद्देश्य देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में तंबाकू मुक्त मानदंडों के कार्यान्वयन और निगरानी को मजबूत करना है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यक्रम अधिकारियों को मानकीकृत निगरानी, ​​रिपोर्टिंग और अनुपालन मूल्यांकन तंत्र के माध्यम से सहयोग मिलने की आशा है, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और बच्चों और किशोरों के लिए स्वस्थ, तंबाकू मुक्त वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।

WNTD 2026 का आयोजन WHO द्वारा घोषित विषय “अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको अडिक्शन” के अनुरूप है। यह अभियान तंबाकू और निकोटीन उद्योगों द्वारा युवाओं को लुभाने के लिए अपनाई जा रही विभिन्न रणनीतियों पर ध्यान आकर्षित करता है, जिनमें आकर्षक स्वाद, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और भ्रामक उत्पाद प्रचार शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान “तंबाकू निषेध की शपथ” दिलाई गई, जिसमें तंबाकू मुक्त और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने NTCP वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन “तंबाकू निषेध की शपथ” की सुविधा भी उपलब्ध कराई है और सहयोगी मंत्रालयों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों को इस शपथ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया है।

आरबीआई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: वित्तीय संस्थानों में 48,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 10,000 से ज्यादा मामले दर्ज

मुंबई / सत्ता संदेश

Reserve Bank of India की ताजा वार्षिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश के वित्तीय संस्थानों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी से जुड़े 10,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट ने बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली में बढ़ते साइबर जोखिम तथा वित्तीय अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

आरबीआई के अनुसार, धोखाधड़ी के मामलों में डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, ऋण लेनदेन और फर्जी दस्तावेजों के जरिए की गई वित्तीय अनियमितताएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ वित्तीय अपराधों के तरीके भी अधिक जटिल होते जा रहे हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि धोखाधड़ी के कुल मामलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि इनमें से कई मामलों का संबंध पुराने ऋण खातों और पूर्व अवधि की अनियमितताओं से भी है, जिन्हें अब रिपोर्ट किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन में तेजी आने से ग्राहकों को सुविधा तो मिली है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी, फर्जीवाड़ा और डेटा सुरक्षा की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। बैंकिंग क्षेत्र में तकनीकी सुरक्षा और निगरानी तंत्र को लगातार मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

आरबीआई ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को जोखिम प्रबंधन प्रणाली मजबूत करने, साइबर सुरक्षा उपायों को उन्नत करने और संदिग्ध लेनदेन की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय बैंक ने ग्राहकों को भी सतर्क रहने और अनजान लिंक, कॉल या डिजिटल भुगतान अनुरोधों से बचने की सलाह दी है।

आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि बड़ी रकम से जुड़े धोखाधड़ी मामलों का असर केवल संबंधित संस्थानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे निवेशकों और आम ग्राहकों का भरोसा भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए समय पर पहचान, सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।

रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया कि वित्तीय क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी प्रणाली और उन्नत डेटा विश्लेषण तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है, ताकि धोखाधड़ी के मामलों का जल्दी पता लगाया जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता भारतीय बैंकिंग प्रणाली की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगी।

पारंपरिक स्विंग से आधुनिक विविधताओं तक, भुवनेश्वर कुमार की कला फिर बल्लेबाजों पर भारी

अहमदाबाद / सत्ता संदेश

Bhuvneshwar Kumar ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनुभव, नियंत्रण और गेंदबाजी की समझ आज भी टी20 क्रिकेट में उतनी ही प्रभावी है जितनी पहले हुआ करती थी। Shubman Gill का विकेट इसका ताजा उदाहरण बना, जब भारतीय तेज गेंदबाज ने अपनी पारंपरिक स्विंग कला और आधुनिक विविधताओं के बेहतरीन मिश्रण से बल्लेबाज को पूरी तरह छका दिया।

मुकाबले के दौरान शुभमन गिल आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भुवनेश्वर कुमार की अच्छी लेंथ पर पड़ी और हल्की अंदर आती गेंद ने उनका संतुलन बिगाड़ दिया। गेंद सीधे स्टंप्स से जा टकराई और गुजरात टाइटंस के कप्तान का विकेट बिखर गया। यह सिर्फ एक विकेट नहीं था, बल्कि तेज गेंदबाजी की सूक्ष्म कला का शानदार प्रदर्शन माना गया।

भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से अपनी स्विंग गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते रहे हैं। हालांकि टी20 क्रिकेट में जहां बल्लेबाजों का दबदबा लगातार बढ़ा है, वहां उन्होंने अपनी गेंदबाजी में विविधताएं जोड़कर खुद को प्रासंगिक बनाए रखा है। धीमी गेंद, कटर, लेंथ में बदलाव और सटीक लाइन-लेंथ ने उन्हें अभी भी सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल रखा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भुवनेश्वर की सबसे बड़ी ताकत उनकी नियंत्रण क्षमता और बल्लेबाज की मानसिकता को पढ़ने की कला है। वे केवल गति पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि परिस्थितियों और बल्लेबाज की चाल के अनुसार अपनी रणनीति बदलते हैं।

आईपीएल जैसे तेज और आक्रामक प्रारूप में जहां बल्लेबाज शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं, वहां भुवनेश्वर जैसे गेंदबाज अपनी बुद्धिमत्ता और अनुभव से अंतर पैदा करते हैं। शुभमन गिल जैसे तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज का विकेट इस बात का प्रमाण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक क्रिकेट में केवल तेज गति ही सफलता की गारंटी नहीं है। सही समय पर सही गेंद डालना, बल्लेबाज को जाल में फंसाना और दबाव बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भुवनेश्वर कुमार इसी कला के माहिर माने जाते हैं।

भारतीय क्रिकेट में भुवनेश्वर कुमार को लंबे समय से नई गेंद के सबसे कुशल स्विंग गेंदबाजों में गिना जाता रहा है। चोटों और उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने अपने अनुभव और तकनीकी कौशल के दम पर वापसी की है।

अब आईपीएल 2026 के आगे के मुकाबलों में भी उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर उन परिस्थितियों में जहां अनुभव और रणनीतिक गेंदबाजी मैच का रुख बदल सकती है।

रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित सैनिकों के अनुभवों की स्मारक पुस्तक का विमोचन किया

दिल्ली / सत्ता संदेश

क्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 मई को ऑपरेशन सिंदूर पर स्मारक पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने वाले 100 अधिकारियों, नौसैनिकों, वायुसैनिकों और अन्य सैनिकों के व्यक्तिगत अनुभवों का संकलन है। रक्षा मंत्री ने एक पोस्ट में इस प्रकाशन को ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने वालों को श्रद्धांजलि बताते हुए सैनिकों के समर्पण और साहस से जुड़ाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “लोगों को इस पुस्तक से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संप्रभुता बनाए रखने के लिए किए गए बलिदान को समझना चाहिए।”

राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को अभूतपूर्व सफलता बताया, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को चार दिनों के भीतर युद्धविराम के लिए बाध्य कर दिया। उन्होंने कहा कि यह भारत द्वारा अब तक लड़े गए सभी युद्धों से अलग था, और यह स्मारक प्रकाशन ऐतिहासिक विवरण से परे बहादुर सैनिकों के व्यक्तिगत अनुभवों का संकलन है। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक युद्ध के मानवीय पहलू की भी जानकारी देता है, जहां नेतृत्व, साहस, दबाव में निर्णय लेने की क्षमता और प्रतिबद्धता ने रणनीति को सफलता में बदल दिया।

यह पुस्तक आधिकारिक सैन्य इतिहास लेखन परंपराओं से हटकर लिखी गई है। युद्ध के अधिकांश वृत्तांत मुख्यालय और ऑपरेशन रूम के दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हैं, जहां कमांडरों के निर्णयों को दर्ज किया जाता है, उनका विश्लेषण किया जाता है और उन पर बहस की जाती है। फिर भी, युद्ध का वास्तविक स्वरूप, जैसा कि नियंत्रण रेखा पर दुश्मन के बंकरों को निशाना बनाते सैनिक, हवाई रक्षा संचालक जो आने वाले ड्रोनों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय कर रहा था, हथियार से मार करने के समय कॉकपिट में बैठा पायलट और बेड़े के उच्चतर स्थिति में आने पर कार्रवाई स्टेशनों पर तैनात नौसैनिक के अनुभव लगभग अकथ्य रह जाते हैं। यह पुस्तक उसी स्वरूप को पुनः प्राप्त करने का प्रयास है।

इसमें तीनों सेनाओं के साथ-साथ मुख्यालय, एकीकृत रक्षा स्टाफ के वृत्तांत, युद्धक विमान चालक, नौसेना के चौकसकर्मी, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के दल, विशेष बल के संचालक, सिग्नलर, लॉजिस्टिक्स कर्मी, चिकित्सा अधिकारी और संयुक्त एवं एकीकृत संगठनों के कर्मी सम्मिलित हैं जो इस अभियान में एक साथ शामिल रहे हैं।

इस प्रकाशन का विमोचन नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह के दौरान किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, नौ सेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और वायु सेना अध्यक्ष एयर मार्शल एपी सिंह उपस्थित रहे।

मोरक्को राइजिंग स्टार्स गोल्फ टूर्नामेंट में चमके भारतीय खिलाड़ी, त्रिशूल चिनप्पा समेत चार खिलाड़ी शीर्ष-10 में

अल जदीदा / सत्ता संदेश

Trishul Chinnappa ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Morocco Rising Stars 2026 के पहले दौर के बाद शीर्ष-10 में जगह बना ली है। भारतीय गोल्फर ने आखिरी छह होल में पांच बर्डी लगाकर दमदार वापसी की और प्रतियोगिता में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

1.60 लाख डॉलर इनामी राशि वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में चिनप्पा संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर हैं। उनके साथ भारत के तीन अन्य खिलाड़ी Sudhir Sharma, Raghav Chugh और Syed Saqib Ahmed भी संयुक्त रूप से इसी स्थान पर मौजूद हैं।

त्रिशूल चिनप्पा का प्रदर्शन विशेष रूप से चर्चा में रहा, क्योंकि उन्होंने अंतिम चरण में लगातार शानदार शॉट खेलकर स्कोर में तेजी से सुधार किया। आखिरी छह होल में पांच बर्डी लगाना किसी भी गोल्फर के लिए बेहद प्रभावशाली माना जाता है और इससे उनकी मानसिक मजबूती तथा खेल पर नियंत्रण का अंदाजा लगाया जा सकता है।

भारतीय खिलाड़ियों के सामूहिक प्रदर्शन ने भी गोल्फ जगत का ध्यान आकर्षित किया है। चार भारतीय खिलाड़ियों का एक साथ शीर्ष-10 में होना देश में गोल्फ के बढ़ते स्तर और युवा खिलाड़ियों की उभरती प्रतिभा को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन भारतीय गोल्फरों के आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों ने वैश्विक प्रतियोगिताओं में अपनी उपस्थिति मजबूत की है और अब वे बड़े मंचों पर अधिक प्रतिस्पर्धी नजर आ रहे हैं।

मोरक्को राइजिंग स्टार्स प्रतियोगिता को युवा और उभरते खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय सर्किट में पहचान बनाने का अवसर मिलता है।

अब टूर्नामेंट के अगले दौरों में भारतीय खिलाड़ियों पर सभी की नजर रहेगी। यदि वे इसी लय को बरकरार रखते हैं तो खिताब की दौड़ में भी मजबूत चुनौती पेश कर सकते हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों संग खरीफ अभियान 2026 की तैयारियों पर चर्चा की

दिल्ली / सत्ता संदेश

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-खरीफ अभियान 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों के साथ कृषि के समग्र विकास पर गहन मंथन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब खेती को नई गति देने के लिए नीति, नवाचार और निष्ठा के साथ समयबद्ध, परिणामकारी और किसान-केंद्रित काम करना होगा। सम्मेलन में राज्यों के कृषि मंत्रियों की बड़ी भागीदारी ने इसे “टीम इंडिया” की सशक्त कृषि बैठक का रूप दिया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-खरीफ अभियान 2026 के दूसरे दिन देशभर के कृषि मंत्रियों, वरिष्ठ कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों की महत्त्वपूर्ण सहभागिता रही। शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि खेती केवल उत्पादन का विषय नहीं, बल्कि देश की जीवनरेखा है, इसलिए कृषि विभाग से जुड़े हर व्यक्ति को मिशन मोड में काम करना होगा। सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से दलहन मिशन, तिलहन मिशन, कॉटन मिशन और अन्य प्रमुख अभियानों की व्यक्तिगत समीक्षा करने का आग्रह किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि वे किसानों की जरूरत के अनुसार तेज, व्यवहारिक और मांग-आधारित शोध करें। विशेष रूप से तुअर, सोयाबीन और तिलहन जैसी फसलों के लिए कम अवधि वाली और अधिक उपयुक्त किस्मों के विकास पर तेजी से काम करने को कहा गया।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बीज भंडार की व्यवस्था की गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित क्षेत्रों तक तुरंत बीज पहुंचाया जा सके। साथ ही उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे कम वर्षा या अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए जिला स्तर तक तैयारी रखें। उनका संदेश साफ था कि संकट से डरना नहीं है, बल्कि पहले से तैयारी करके उसका सामना करना है।

शिवराज सिंह चौहान ने उर्वरक वितरण में पारदर्शिता, कालाबाजारी पर रोक और जरूरतमंद किसानों तक सही आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद भारत सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह भी जरूरी है कि खाद का उपयोग खेती के लिए ही हो और उसका दुरुपयोग न होने पाए।

कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लाभकारी खेती के लिए किसानों को समय पर पूंजी मिलना बहुत आवश्यक है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ राज्यों में कृषि ऋण का प्रवाह अच्छा है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अब भी कमी है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर बैंकों के साथ जल्द बैठक की जाएगी और राज्यों के सहयोग से कृषि ऋण की पहुंच बढ़ाई जाएगी। उन्होंने राज्यों से कहा कि वे अपने यहां बचे हुए किसान क्रेडिट कार्ड मामलों की समीक्षा करें और किसानों की वास्तविक जरूरत के अनुसार ऋण व्यवस्था को मजबूत करें।

मशीनीकरण के संबंध में मंत्री ने जोर देकर कहा कि केवल मशीनें बांट देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह देखना होगा कि सही मशीन सही किसान तक पहुंचे और उसका वास्तविक उपयोग हो। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटरों की प्रभावशीलता की समीक्षा करने की बात कही और राज्यों से कहा कि वे स्थानीय जरूरत के अनुसार मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने पारदर्शी चयन प्रक्रिया, ऑनलाइन आवेदन और सार्वजनिक वितरण व्यवस्था जैसी अच्छी प्रथाओं को बढ़ावा देने की बात भी कही।

एफपीओ, कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालयों की भूमिका पर भी मंत्री ने विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र जमीन पर शोध, नवाचार और तकनीक पहुंचाने की बड़ी ताकत बन सकते हैं। इसके लिए राज्यों, कृषि विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों और कृषि छात्रों को एक साथ जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने एफपीओ को भी किसानों की बाजार शक्ति बढ़ाने का मजबूत माध्यम बताया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब हर राज्य को अपने एग्रीक्लाइमेटिक हालात, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय संभावनाओं के आधार पर कृषि रोडमैप तैयार करना चाहिए। केंद्र सरकार, वैज्ञानिक संस्थान और मंत्रालय की पूरी टीम राज्यों के साथ इस दिशा में काम करने को तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसान हित में जो भी आवश्यक सहयोग होगा, केंद्र सरकार पूरी तत्परता से देगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नियम और प्रक्रियाएं किसानों की सुविधा के लिए हैं, किसान नियमों के लिए नहीं। इसलिए जहां भी अनावश्यक जटिलता है, वहां सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यों से खुलकर सुझाव देने को कहा और दोहराया कि सरकार का असर केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जनता के जीवन में दिखना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी रिफॉर्म की बात जोर देकर कही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, राज्यों के सहयोग, वैज्ञानिकों के प्रयास और किसानों की मेहनत से भारत कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि भारत केवल अपनी जरूरतें पूरी करने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि खाद्यान्न, फल, सब्जी, दलहन, तिलहन और अन्य कृषि उत्पादों के क्षेत्र में दुनिया के लिए भी एक मजबूत उदाहरण बनेगा।

सिंगापुर ओपन: पीवी सिंधू क्वार्टर फाइनल में बाहर, सात्विक-चिराग की जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंची

सिंगापुर / सत्ता संदेश

P. V. Sindhu का अभियान Singapore Open सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल में हार के साथ समाप्त हो गया। भारतीय स्टार खिलाड़ी को विश्व नंबर एक An Se-young के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा। वहीं पुरुष युगल में भारत की स्टार जोड़ी Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty ने शानदार जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।

कोरिया की एन से यंग ने सिंधू को 21-17, 21-14 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। मुकाबले में सिंधू ने कई मौकों पर अच्छी वापसी की कोशिश की, लेकिन वह पूरे मैच में निरंतर दबाव बनाए रखने में सफल नहीं रहीं।

पहले गेम में सिंधू ने आक्रामक शुरुआत की और कुछ समय तक मुकाबला बराबरी पर रहा, लेकिन निर्णायक क्षणों में एन से यंग ने अपनी तेज गति और सटीक शॉट्स के दम पर बढ़त बना ली। दूसरे गेम में भी कोरियाई खिलाड़ी ने नियंत्रण बनाए रखा और सिंधू को वापसी का मौका नहीं दिया।

बैडमिंटन विशेषज्ञों का कहना है कि एन से यंग के खिलाफ सिंधू का रिकॉर्ड लगातार चुनौतीपूर्ण रहा है। विश्व नंबर एक खिलाड़ी की फिटनेस, गति और रक्षात्मक खेल ने उन्हें महिला बैडमिंटन में बेहद मजबूत प्रतिद्वंद्वी बना दिया है।

हालांकि भारतीय प्रशंसकों के लिए राहत की खबर पुरुष युगल से आई, जहां सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने कड़े मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली। दोनों खिलाड़ियों ने दबाव की स्थिति में संयम बनाए रखा और निर्णायक अंक हासिल किए।

भारतीय बैडमिंटन में सात्विक-चिराग की जोड़ी को दुनिया की सबसे मजबूत युगल जोड़ियों में गिना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को सफलता दिलाई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीफाइनल में पहुंचने से इस जोड़ी का आत्मविश्वास और मजबूत होगा, खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का स्तर लगातार कठिन होता जा रहा है।

अब भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की नजर सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी है, जहां सात्विक और चिराग खिताब की दौड़ में अपनी चुनौती मजबूत करने उतरेंगे।

सुप्रीम कोर्ट से राहत, एशियाई खेल 2026 चयन ट्रायल्स में उतरेंगी विनेश फोगाट

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Vinesh Phogat को बड़ी राहत देते हुए Supreme Court of India ने शुक्रवार को एशियाई खेल 2026 के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी। इसके बाद अब विनेश 30 और 31 मई को आयोजित होने वाले ट्रायल्स में भाग ले सकेंगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति P. S. Narasimha और न्यायमूर्ति Alok Aradhe की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिया। मामला Wrestling Federation of India (डब्ल्यूएफआई) की उस याचिका से जुड़ा था, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले विनेश फोगाट को चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। इसके खिलाफ डब्ल्यूएफआई उच्चतम न्यायालय पहुंचा था। हालांकि शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए विनेश को ट्रायल्स में भाग लेने की मंजूरी दे दी।

इस फैसले के बाद भारतीय कुश्ती जगत में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि विनेश फोगाट देश की सबसे चर्चित और अनुभवी महिला पहलवानों में गिनी जाती हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए कई महत्वपूर्ण पदक जीते हैं और महिला कुश्ती को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

पिछले कुछ समय से भारतीय कुश्ती प्रशासन और खिलाड़ियों के बीच विवाद लगातार चर्चा में रहा है। ऐसे में विनेश फोगाट का चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेना खेल जगत और प्रशंसकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

खेल विशेषज्ञों का कहना है कि चयन ट्रायल्स में अनुभवी और शीर्ष खिलाड़ियों की मौजूदगी से प्रतिस्पर्धा का स्तर मजबूत होगा और भारतीय टीम को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनने में मदद मिलेगी।

एशियाई खेल 2026 को ध्यान में रखते हुए भारतीय पहलवान अभी से तैयारी में जुटे हुए हैं। चयन ट्रायल्स को आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए टीम गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि विनेश फोगाट ट्रायल्स में कैसा प्रदर्शन करती हैं और क्या वह एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने में सफल हो पाती हैं।

अमित शाह ने भुज में G-7 बॉर्डर पोस्ट पर जवानों से संवाद किया, G-7 और G-13 BOP का लोकार्पण किया

गुजरात / सत्ता संदेश

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित G-7 बॉर्डर आउट पोस्ट पर जवानों से संवाद और G-7 एवं G-13 बॉर्डर आउट पोस्ट का लोकार्पण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बीएसएफ ने स्थापना से लेकर अब तक बीते 60 साल में देश की दो सबसे कठिन सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाई है। उन्होंने कहा कि इन सीमाओं पर तैनात बीएसएफ जवानों को -45 डिग्री से लेकर +45 डिग्री से अधिक तापमान तक हर परिस्थिति का सामना करना पड़ता है। कहीं कच्छ का दुर्गम रेगिस्तान है, सरक्रीक और हरामी नाले की दलदली जमीन है, तो कहीं राजस्थान के रेत के टीलों के बीच तैनात रह कर बीएसएफ जवानों को काम करना पड़ता है। श्री शाह ने कहा कि कश्मीर की बर्फीली चोटियों और सुंदरबन के जंगलों के बीच गंगासागर के किनारे से लेकर मेघालय और असम के पहाड़ी और वन क्षेत्रों तक बीएसएफ ने बीते छह दशकों में फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस का दायित्व बहुत अच्छे तरीके से निभाया है। बल के 2000 जवानों ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। इसी कारण भारत सरकार और देश की 140 करोड़ जनता हमेशा बीएसएफ के प्रति आदर का भाव रखती है और चैन की नींद भी सोती है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बनासकांठा में एक केन्द्र बनाया गया है, ताकि आम जनता को बीएसएफ जवानों की कठिन ड्यूटी का पता चल सके। उन्होंने कहा कि बीते एक महीने में लगभग 2.5 लाख से ज्यादा लोगों ने इस केन्द्र में जाकर बीएसएफ की ड्यूटी के बारे में जाना-समझा है। श्री शाह ने कहा कि शुरू में फीडबैक फॉर्म के जरिए एक सर्वे करवा कर लोगों से बीएसएफ की ड्यूटी के बारे में उनके विचार पूछे गए थे। उस समय कई महिलाओं ने लिखा था कि अगर उनके बेटे-बेटियां बड़े होकर बीएसएफ में जाएं तो उन्हें गर्व होगा। देश के लिए इतना कठिन जीवन जीना बहुत बड़ी बात है। देश की जनता के लिए फीडबैक फॉर्म को ऑनलाइन कर दिया गया है।

अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ की स्थापना के 60वें साल में हमने बीएसएफ की सीमा सुरक्षा की अवधारणा को पूरी तरह बदलने का निर्णय किया है। हम आने वाले दिनों में एक ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ बनाएंगे और बॉर्डर की सुरक्षा की जगह ‘टेरिटोरियल सुरक्षा’ का नया कॉन्सेप्ट लॉन्च करेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें जनता, सिविल प्रशासन, स्थानीय पुलिस और मिलिट्री के साथ ही बीएसएफ जवानों की भी प्रमुख जिम्मेदारी होगी। श्री शाह ने कहा कि हम स्मार्ट बॉर्डर सिक्युरिटी प्रोजेक्ट के तहत सीमा पर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत बनाने का काम कर रहे हैं। इसमें हजारों करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है और उन्हें विश्वास है कि ड्रोन, रेडार, वॉच टावर, अत्याधुनिक तकनीक और जवानों की तैनाती से एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड खड़ी होगी। इसके बाड़ कोई हमारी सरहद को भेदने की हिम्मत नहीं कर पाएगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हम नए क्षेत्रों को भी बीएसएफ को देने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सुरक्षा ग्रिड में सबसे बड़ी कमी बंगाल में बॉर्डर पर अधूरी फेंसिंग थी। भौगोलिक परिस्थिति को तो नहीं बदला जा सकता, लेकिन जहां जमीन है और बॉर्डर फेंस बन सकती है, वहां भी हमें जमीन नहीं मिली थी। लेकिन पिछले दिनों बंगाल की जनता के आशीर्वाद से बंगाल में हमारी पार्टी की सरकार बनी और मुख्यमंत्री जी ने एक सप्ताह के भीतर ही बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए जमीन देने का फैसला सैद्धांतिक तौर पर कर दिया है और कुछ जमीन दे भी दी है। उन्होंने कहा कि फेंसिंग पूरी होते ही हम घुसपैठ रोकने में सफल होंगे। जंगल एवं नदी-नालों के रास्ते घुसपैठ रोकने के लिए वहाँ भी तकनीकी फेंसिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में बीएसएफ के जवानों के पराक्रम, साहस और कर्तव्य निष्ठा के कारण पूरा बॉर्डर सुरक्षित होगा।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम का अंतिम मौका, मानसून से पहले बंद होंगी पर्यटन गतिविधियां

देहरादू / सत्ता संदेश

Jim Corbett National Park में पर्यटकों के लिए रात्रि विश्राम और जंगल सफारी का यह अंतिम दौर माना जा रहा है, क्योंकि मानसून सीजन शुरू होने से पहले पार्क के कई पर्यटन जोन और रात्रि ठहराव सुविधाएं बंद की जाने वाली हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हर वर्ष मानसून के दौरान सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पार्क के अधिकांश हिस्सों में पर्यटकों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी जाती है। भारी बारिश, नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और जंगल के रास्तों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका के कारण यह कदम उठाया जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि मानसून बंदी से पहले बड़ी संख्या में पर्यटक पार्क का रुख कर रहे हैं, ताकि वे जंगल सफारी, वन्यजीव दर्शन और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें। विशेष रूप से रात्रि विश्राम की सुविधा पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है, क्योंकि इससे उन्हें जंगल के शांत और प्राकृतिक माहौल को करीब से अनुभव करने का अवसर मिलता है।

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क देश के सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है और यह बाघ संरक्षण के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता है। यहां हर वर्ष देश-विदेश से हजारों पर्यटक पहुंचते हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून अवधि के दौरान पार्क को बंद करना पर्यावरणीय संतुलन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी होता है। इस दौरान जंगलों को प्राकृतिक रूप से पुनर्जीवित होने का समय मिलता है और वन्यजीवों को मानवीय हस्तक्षेप से राहत मिलती है।

पर्यटन विभाग और वन अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा अधिकृत माध्यमों से ही बुकिंग कराएं।

फिलहाल मानसून से पहले पार्क में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है और होटल, रिसॉर्ट तथा जंगल लॉजों में भी अच्छी बुकिंग देखने को मिल रही है।