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हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज का मुनाफा 79.9 प्रतिशत बढ़ा, चौथी तिमाही में 61.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Happiest Minds Technologies ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की इस कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 79.9 प्रतिशत बढ़कर 61.17 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी के इस मजबूत प्रदर्शन को आईटी सेवाओं की बढ़ती मांग, डिजिटल समाधान कारोबार में विस्तार और परिचालन क्षमता में सुधार से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में लाभ में यह उल्लेखनीय वृद्धि निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड सेवाओं, साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधानों की बढ़ती मांग ने आईटी कंपनियों के कारोबार को मजबूती प्रदान की है। हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज भी इन क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति लगातार बढ़ा रही है।

कंपनी ने हाल के वर्षों में वैश्विक ग्राहकों के साथ साझेदारी बढ़ाने और नई तकनीकी सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया है। इससे उसके राजस्व और लाभप्रदता दोनों में सुधार देखने को मिला है।

आईटी उद्योग से जुड़े विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय आईटी कंपनियां तकनीकी सेवाओं और डिजिटल समाधान के क्षेत्र में मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं। विशेष रूप से मध्यम आकार की टेक कंपनियां नए बाजारों और विशेषीकृत सेवाओं के जरिए तेजी से विकास कर रही हैं।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर तिमाही नतीजों से कंपनी के शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ सकती है। हालांकि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, विदेशी ग्राहकों का खर्च और मुद्रा विनिमय दरें आने वाले समय में आईटी क्षेत्र की वृद्धि को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे।

फिलहाल कंपनी का यह प्रदर्शन भारतीय आईटी सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर तकनीकी निवेश और डिजिटल सेवाओं की मांग लगातार बदल रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने TOFEI ऐप के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया

दिल्ली / सत्ता संदेश

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कर्तव्य भवन में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान एप्लिकेशन के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया। यह तंबाकू और निकोटीन की लत के विनाशकारी स्वास्थ्य, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय परिणामों से वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों की रक्षा के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने देखा है कि तंबाकू और निकोटीन उत्पादों को अक्सर इस तरह से डिजाइन और विपणन किया जाता है जिससे विशेषकर युवाओं को लुभाने के लिए वे आकर्षक लगें। इसके लिए आकर्षक स्वाद, पैकेजिंग, अप्रत्यक्ष विज्ञापन और सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले चित्रण का उपयोग किया जाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऐसी रणनीतियां तंबाकू और निकोटीन के सेवन के बारे में गलत धारणा पैदा कर सकती हैं और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर बल दिया ताकि वे जागरूक रहें, सतर्क रहें और तंबाकू एवं निकोटीन के सेवन को अस्वीकार करने के लिए प्रतिबद्ध हों।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस का इस वर्ष का विषय, “अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको अडिक्शन”, अर्थात निकोटीन और तंबाकू की लत को छुड़ाने की अपील का व्यापक स्तर पर प्रसार रणनीति। यह विषय युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू और निकोटीन की लत के हानिकारक प्रभावों से बचाने के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक है।

TOFEI एक डिजिटल पहल है जिसका उद्देश्य देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में तंबाकू मुक्त मानदंडों के कार्यान्वयन और निगरानी को मजबूत करना है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यक्रम अधिकारियों को मानकीकृत निगरानी, ​​रिपोर्टिंग और अनुपालन मूल्यांकन तंत्र के माध्यम से सहयोग मिलने की आशा है, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और बच्चों और किशोरों के लिए स्वस्थ, तंबाकू मुक्त वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।

WNTD 2026 का आयोजन WHO द्वारा घोषित विषय “अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको अडिक्शन” के अनुरूप है। यह अभियान तंबाकू और निकोटीन उद्योगों द्वारा युवाओं को लुभाने के लिए अपनाई जा रही विभिन्न रणनीतियों पर ध्यान आकर्षित करता है, जिनमें आकर्षक स्वाद, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और भ्रामक उत्पाद प्रचार शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान “तंबाकू निषेध की शपथ” दिलाई गई, जिसमें तंबाकू मुक्त और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने NTCP वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन “तंबाकू निषेध की शपथ” की सुविधा भी उपलब्ध कराई है और सहयोगी मंत्रालयों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों को इस शपथ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया है।

दिल्ली के राजौरी गार्डन में तेज रफ्तार कार ने पद यात्री को कुचला, मौत

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

New Delhi के पश्चिमी इलाके राजौरी गार्डन में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक पद यात्री की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि हादसा बृहस्पतिवार देर रात करीब ढाई बजे राजौरी गार्डन स्थित मार्बल बाजार के पास रिंग रोड पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार काफी तेज गति में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिसके बाद सड़क पार कर रहे व्यक्ति को उसने जोरदार टक्कर मार दी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे के समय चालक नशे में था या नहीं तथा वाहन की गति कितनी थी।

दिल्ली में लगातार बढ़ते सड़क हादसों को लेकर चिंता बनी हुई है। विशेष रूप से देर रात तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग कई गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि गति सीमा का पालन और सख्त निगरानी ऐसे हादसों को कम करने के लिए बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

सीजेआई सूर्यकांत ने न्यायमूर्ति माहेश्वरी और न्यायमूर्ति मित्तल के योगदान को सराहा, कहा- न्यायिक विवेक और विनम्रता के प्रतीक

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Surya Kant ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त हो रहे न्यायाधीशों J. K. Maheshwari और Pankaj Mithal की न्यायिक सेवा और व्यक्तित्व की सराहना करते हुए उन्हें न्यायपालिका के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

Supreme Court of India में आयोजित विदाई संबोधन के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि दोनों न्यायाधीशों ने अपने कार्यकाल में विनम्रता, संतुलन और गहरे न्यायिक विवेक का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में केवल कानूनी ज्ञान ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता और मर्यादित व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है, और दोनों न्यायाधीशों ने इन मूल्यों को अपने कार्य में प्रतिबिंबित किया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्यायमूर्ति माहेश्वरी और न्यायमूर्ति मित्तल ने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के दौरान शांत, निष्पक्ष और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने कहा कि दोनों न्यायाधीशों की कार्यशैली आने वाले न्यायाधीशों और युवा वकीलों के लिए मार्गदर्शक रहेगी।

दोनों न्यायाधीश शीर्ष अदालत में एक जून से 12 जुलाई तक चलने वाली आंशिक अदालती कार्य अवधि के दौरान सेवानिवृत्त होंगे। इस अवधि में उच्चतम न्यायालय सीमित पीठों के माध्यम से आवश्यक और नियमित मामलों की सुनवाई करता है।

कानूनी समुदाय में न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति पंकज मित्तल को शांत स्वभाव, संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और संतुलित फैसलों के लिए जाना जाता है। अपने कार्यकाल के दौरान दोनों कई अहम संवैधानिक, प्रशासनिक और नागरिक मामलों से जुड़ी पीठों का हिस्सा रहे।

विदाई कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ताओं और न्यायपालिका से जुड़े कई लोगों ने भी दोनों न्यायाधीशों के योगदान की सराहना की। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि उच्चतम न्यायालय में इस प्रकार की विदाई परंपरा न्यायिक संस्थानों की गरिमा और पारस्परिक सम्मान की संस्कृति को दर्शाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, न्यायपालिका में अनुभव और संतुलित दृष्टिकोण का विशेष महत्व होता है, और न्यायमूर्ति माहेश्वरी तथा न्यायमूर्ति मित्तल ने अपने फैसलों और व्यवहार से इस परंपरा को मजबूत किया है।

फिलहाल न्यायिक समुदाय दोनों न्यायाधीशों की सेवाओं को सम्मानपूर्वक याद कर रहा है और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहा है।

रक्षा खडसे ने मेघालय सरकार के साथ खेल और युवा विकास पहलों की समीक्षा की

मेघालय / सत्ता संदेश

केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने आज मेघालय की खेल एवं युवा कार्य मंत्री श्री वालदमिकी शिला और मेघालय सरकार के आयुक्त एवं सचिव डॉ. विजय कुमार डी के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य राज्य में चल रही खेल एवं युवा विकास पहलों का आकलन करना और केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करने के अवसरों का पता लगाना था। इस बैठक में मेघालय सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण, मेघालय राज्य ओलंपिक संघ और राज्य में खेल और युवा विकास से जुड़े अन्य हितधारकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान मेघालय के खेल इकोसिस्टम, युवा सहभागिता पहलों, अवसंरचना परियोजनाओं और एथलीट विकास कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई। इनका उद्देश्य जमीनी स्तर पर भागीदारी को मजबूत करना और खेल उत्कृष्टता के लिए मार्ग प्रशस्त करना है।

राज्य सरकार ने खेल क्लबों, संघों और खिलाड़ियों को सहयोग देने के लिए शुरू की गई विभिन्न पहलों की जानकारी दी। इसमें युवाओं और खेल संबंधी गतिविधियों के लिए अनुदान आधारित सहायता व्यवस्था, लक्षित युवा विकास योजनाएं और खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य खेल छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्तमान में लगभग 900 खिलाड़ियों को सहायता दी जा रही है।

इस समीक्षा बैठक में मेघालय की मावखानू फुटबॉल स्टेडियम की प्रगति के अलावा राज्य में खेल अवसंरचना को मजबूत करने की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। इस स्टेडियम को क्षेत्र के सबसे बड़े फुटबॉल स्टेडियमों में से एक के रूप में परिकल्पित किया गया है और राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह के लिए संभावित स्थल के रूप में इस पर विचार किया जा रहा है। बैठक के दौरान उमसावली स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और उमथम स्थित स्लैलम कोर्स सहित अवसंरचना परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

रक्षा खडसे ने जमीनी स्तर पर खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने, युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य की पहलों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया।

बैठक में मेघालय की युवा-केंद्रित पहलों की भी समीक्षा की गई। इनमें छात्रों के लिए युवा सहभागिता और सशक्तिकरण योजना (YESS मेघालय) भी शामिल है, जिसके तहत युवा कार्यक्रम चलाने वाले क्लबों और संगठनों को सहायता प्रदान की जा रही है।

युवा भागीदारी और स्वयंसेवी जुड़ाव को बढ़ाने में मेरा युवा भारत (MY भारत) की भूमिका और एमवाई भारत पोर्टल के माध्यम से राष्ट्रीय खेलों सहित आगामी खेल आयोजनों के लिए स्वयंसेवा के अवसरों को बढ़ाने के संबंध में भी चर्चा की गई।

मेघालय राज्य ओलंपिक संघ के प्रतिनिधियों में , मेघालय ओलंपिक संघ (MSOA) के कार्यकारी अध्यक्ष और मेघालय शूटिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जॉन खारशिंग, एमएसओए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मेघालय एथलेटिक्स एसोसिएशन के सदस्य ईएमएच पासह, एमएसओए संयुक्त सचिव और मेघालय बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष नबियांग लालू, अखिल मेघालय कराटे एसोसिएशन के महासचिव कसन कुपर वारजरी और एमएसओए के कोषाध्यक्ष  शामिल थे।

रक्षा खडसे ने उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए खेलो इंडिया से मान्यता प्राप्त अकादमियों को मजबूत करने और राज्य के खेल बुनियादी ढांचे को एथलीट विकास प्रणालियों के साथ संरेखित करने के महत्व पर भी जोर दिया।

रक्षा खडसे ने मेघालय में खेल अवसंरचना, एथलीट सहायता प्रणालियों और राज्य तथा उत्तर पूर्वी क्षेत्र में युवा विकास पहलों को मजबूत करने के लिए मेघालय के साथ मिलकर काम करने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दोहराया।

रक्षा खडसे ने कहा कि मेघालय में खेल की अपार संभावनाएं और एक जीवंत युवा इकोसिस्टम केंद्र, राज्य सरकार, खेल संस्थानों और सामुदायिक संगठनों के बीच समन्वित प्रयास प्रतिभाओं के पोषण और देश में एक मजबूत खेल संस्कृति की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

भारत ने अपनी 2026 की अध्यक्षता के तहत ब्रिक्स एमएसएमई सहयोग को आगे बढ़ाया

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

नई औद्योगिक क्रांति के लिए ब्रिक्स साझेदारी के तहत एसएमई कार्य समूह का नेतृत्व भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत मंत्रालय तीन एसएमई कार्य समूह की बैठकों और पहले ब्रिक्स एमएसएमई फोरम का आयोजन करेगा, जो एमएसएमई के लिए वित्त तक पहुंच, प्रौद्योगिकी तक पहुंच और स्थिरता-उन्मुख विकास जैसे तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित होंगे।

24 अप्रैल को आयोजित प्रथम एसएमई कार्य समूह की बैठक के बाद एमएसएमई मंत्रालय ने 26 मई को ब्रिक्स पार्टएनआईआर ट्रैक के तहत “एमएसएमई के लिए प्रौद्योगिकी तक पहुंच बढ़ाना” विषय पर द्वितीय एसएमई कार्य समूह की बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की। ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच चर्चा “एमएसएमई के लिए नवाचारों और प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण का लाभ उठाना” और “एमएसएमई प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए उद्योग-तैयार मानव संसाधन के कौशल उन्नयन और विकास” पर केंद्रित रही।

इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी रही और इसने अनुभवों और सर्वोत्तम विधियों के आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान किया, साथ ही आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन, नवाचार और समावेशी विकास में एमएसएमई की भूमिका को भी रेखांकित किया। चर्चाओं में क्षेत्रीय और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एमएसएमई के एकीकरण को समर्थन देने के लिए अधिक डिजिटल समावेशन, मजबूत नवाचार क्षमताओं और बेहतर प्रौद्योगिकीय तत्परता के माध्यम से प्रौद्योगिकी के अंतर को पाटने के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया गया।

इस बैठक में प्रौद्योगिकी तक पहुंच, नवाचार इको-सिस्टम और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए कौशल विकास में ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच गहन सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया गया। इन विचार-विमर्शों ने समान विकासात्मक चुनौतियों का सामना कर रहे देशों के बीच मूल्यवान नीतिगत आदान-प्रदान को संभव बनाया और ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं में सुदृढ़, समावेशी और वैश्विक रूप से स्तर प्रतिस्पर्धी एमएसएमई क्षेत्रों के निर्माण के लिए साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

यह बैठक अत्यंत सफल और फलदायी रही, जिसने सार्थक विचार-विमर्श को बढ़ावा दिया, ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत किया और ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं में एमएसएमई के लिए प्रौद्योगिकीय पहुंच तथा क्षमता निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए।

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भारत-कनाडा व्यापार संबंधों को नई रफ्तार, CEPA वार्ता इस साल पूरी करने का लक्ष्य

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की है ताकि दोनों देशों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और व्यवसायों के लिए कारोबारी अवसरों को बढ़ाने वाले मजबूत परिणाम प्राप्त किए जा सकें। हाल ही में हुई मंत्रिस्तरीय बैठकों से मिली गति को आगे बढ़ाते हुए, कनाडा के मंत्री मनिंदर सिद्धू ने पीयूष गोयल के नेतृत्व में विश्व के अब तक सबसे बड़े भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि-खाद्य, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी और कौशल विकास जैसे पूरक क्षेत्रों में सहयोग को परिपुष्ट करने के अवसरों पर बल दिया।

दोनों मंत्रियों ने एक महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस साल के अंत तक वार्ता को पूरा करने के अपने साझा लक्ष्य की पुष्टि की। उन्होंने बाजार पहुंच बढ़ाने, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं का समर्थन करने और द्विपक्षीय आर्थिक विकास को सक्षम बनाने में सीईपीए के महत्व पर बल दिया।

दोनों मंत्रियों ने कनाडा-भारत व्यापार और निवेश मंच का शुभारंभ एक प्रमुख मंच के रूप में किया। यह कनाडा और भारतीय उद्योगजगत प्रमुखों को एक साथ लाते हुए नई वाणिज्यिक साझेदारियों और व्यापारिक जुड़ाव को बढ़ावा देता है।

दोनों मंत्रियों ने भारत और कनाडा के बीच संपर्क बढ़ाने के महत्व पर भी बल दिया- जिसमें लोगों के बीच संबंध, व्यावसायिक गतिशीलता और प्रत्यक्ष वाणिज्यिक संपर्क शामिल हैं और यह विस्तारित व्यापार और निवेश के लिए आवश्यक कारक हैं।

कनाडा और भारत ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में दीर्घकालिक, उच्च गुणवत्ता वाले निवेश को प्रोत्साहित करना जारी रखने और दोनों देशों के व्यवसायों, नवोन्मेषकों और संस्थागत भागीदारों के बीच गहन सहयोग का समर्थन करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों ने नियमित संवाद बनाए रखने और आगामी महीनों में ठोस परिणाम प्राप्त करने की भी प्रतिबद्धता जताई।

नीट-यूजी पुन: परीक्षा के अभ्यर्थियों को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा मिलेगी: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

New Delhi की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने घोषणा की है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 की पुन: परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा कि यह सुविधा 21 जून को आयोजित होने वाली पुन: परीक्षा के लिए लागू होगी। उन्होंने बताया कि जिन अभ्यर्थियों के पास वैध प्रवेश पत्र होगा, वे डीटीसी बसों में निशुल्क यात्रा कर सकेंगे।

सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को राहत प्रदान करना और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परिवहन संबंधी परेशानी से बचाना है।

अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को बस में यात्रा के दौरान अपना प्रवेश पत्र दिखाना होगा, जिसके आधार पर उन्हें मुफ्त यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में छात्रों के लिए आयोजित परीक्षाओं के दौरान परिवहन सुविधा एक महत्वपूर्ण मुद्दा होता है। विशेषकर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचना छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

दिल्ली सरकार पहले भी विभिन्न अवसरों पर छात्रों और महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन में विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराती रही है। इस फैसले को छात्रों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

नीट-यूजी देशभर में मेडिकल और संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रमुख परीक्षा है। पुन: परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच पहले से ही काफी चर्चा रही है, ऐसे में मुफ्त यात्रा सुविधा से कई अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने सेवानिवृत्त हो रहे न्यायमूर्ति माहेश्वरी और न्यायमूर्ति मित्तल की सराहना की

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Surya Kant ने उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त हो रहे न्यायाधीशों J. K. Maheshwari और Pankaj Mithal की शुक्रवार को खुलकर सराहना की। प्रधान न्यायाधीश ने दोनों न्यायाधीशों की विनम्रता, न्यायिक विवेक और न्यायपालिका के प्रति समर्पण को उल्लेखनीय बताया।

उच्चतम न्यायालय में आयोजित विदाई संबोधन के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि दोनों न्यायाधीशों ने अपने कार्यकाल में संतुलित दृष्टिकोण, संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और न्यायिक मर्यादा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति पंकज मित्तल ने जटिल मामलों की सुनवाई के दौरान गहरी कानूनी समझ और शांत स्वभाव का परिचय दिया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि उनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के न्यायाधीशों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी।

दोनों न्यायाधीश एक जून से 12 जुलाई तक की आंशिक अदालती कार्य अवधि के दौरान सेवानिवृत्त होंगे। इस अवधि में उच्चतम न्यायालय में सीमित पीठों के माध्यम से नियमित और जरूरी मामलों की सुनवाई की जाती है।

Supreme Court of India में अपने कार्यकाल के दौरान दोनों न्यायाधीश कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई का हिस्सा रहे हैं। कानूनी समुदाय में उन्हें शांत, संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण रखने वाले न्यायाधीशों के रूप में देखा जाता है।

न्यायपालिका से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की विदाई केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं होती, बल्कि यह उनके योगदान और न्यायिक विरासत को सम्मान देने का अवसर भी होती है।

कानूनी जगत में यह भी माना जाता है कि न्यायमूर्ति माहेश्वरी और न्यायमूर्ति मित्तल ने विभिन्न संवैधानिक, प्रशासनिक और नागरिक मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय देकर न्यायिक प्रणाली को मजबूत बनाने में योगदान दिया है।

फिलहाल न्यायिक समुदाय और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी दोनों न्यायाधीशों के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

आरबीआई का बही-खाता 20.6 प्रतिशत बढ़कर 91.97 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, सोना और निवेश बने प्रमुख कारण

मुंबई / सत्ता संदेश

Reserve Bank of India का बही-खाता (बैलेंस शीट) वित्त वर्ष 2025-26 में 20.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ 91.97 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। केंद्रीय बैंक की शुक्रवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई के बही-खाते का आकार 31 मार्च 2025 को 76,25,421.93 करोड़ रुपये था, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 91,97,121.08 करोड़ रुपये हो गया। इस प्रकार एक वर्ष में इसमें 15,71,699.15 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

केंद्रीय बैंक ने बताया कि इस वृद्धि के पीछे घरेलू निवेश, सोने के भंडार और विदेशी निवेश में हुई बढ़ोतरी प्रमुख कारण रहे। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोने में निवेश और विदेशी परिसंपत्तियों के मूल्य में बढ़ोतरी ने आरबीआई की कुल संपत्ति को मजबूत किया।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट उसकी वित्तीय क्षमता, विदेशी मुद्रा प्रबंधन और मौद्रिक स्थिरता का महत्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है। आरबीआई की बैलेंस शीट में यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि भारत की वित्तीय प्रणाली और विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में हैं।

आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया कि केंद्रीय बैंक ने वित्तीय स्थिरता बनाए रखने, मुद्रास्फीति नियंत्रण और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए विभिन्न नीतिगत कदम जारी रखे। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि सोने के भंडार में वृद्धि केंद्रीय बैंकों की वैश्विक रणनीति का हिस्सा बनती जा रही है, क्योंकि इसे आर्थिक अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है। भारत सहित कई देशों के केंद्रीय बैंक हाल के वर्षों में अपने स्वर्ण भंडार को लगातार बढ़ा रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि विदेशी निवेश और घरेलू परिसंपत्तियों के मूल्य में सुधार से आरबीआई की आय और परिसंपत्तियों की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, आरबीआई की मजबूत बैलेंस शीट देश की बैंकिंग और मौद्रिक प्रणाली के लिए भरोसे का संकेत है। इससे वित्तीय बाजारों में स्थिरता और निवेशकों का विश्वास बनाए रखने में मदद मिलती है।

फिलहाल आर्थिक जगत की नजर इस बात पर भी है कि आने वाले समय में वैश्विक बाजारों की स्थिति, तेल कीमतें और ब्याज दरों का आरबीआई की नीतियों और बैलेंस शीट पर क्या प्रभाव पड़ता है।