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क्वाड की वास्तविक चुनौती उसके उद्देश्यों को धरातल पर उतारना: विशेषज्ञ

वाशिंगटन / सत्ता संदेश

Quadrilateral Security Dialogue यानी क्वाड को लेकर अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विशेषज्ञों ने कहा है कि समूह की वास्तविक परीक्षा अब उसके घोषित उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने में है। विशेषज्ञों ने यह टिप्पणी भारत की ओर से हाल में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के संदर्भ में की।

क्वाड में India, United States, Japan और Australia शामिल हैं। यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला, प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में क्वाड ने अपनी उपस्थिति और गतिविधियों को काफी विस्तार दिया है, लेकिन अब सदस्य देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे घोषणाओं और बैठकों से आगे बढ़कर वास्तविक परिणाम प्रस्तुत करें।

हाल ही में आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठक में समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सहयोग और मुक्त एवं समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी। भारत ने इस बैठक में क्षेत्रीय स्थिरता और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया।

रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्वाड की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने में कितनी प्रभावी भूमिका निभा पाता है। विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच इस समूह की भूमिका पर वैश्विक नजर बनी हुई है।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि क्वाड को केवल सुरक्षा मंच के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। जलवायु परिवर्तन, वैक्सीन सहयोग, उभरती प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा जैसे गैर-सैन्य क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव महत्वपूर्ण हो सकता है।

कूटनीतिक जानकारों के अनुसार, भारत क्वाड में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और वह समूह को संतुलित, समावेशी और व्यावहारिक दिशा देने की कोशिश कर रहा है। भारत लगातार यह रेखांकित करता रहा है कि क्वाड का उद्देश्य किसी एक देश के खिलाफ गठबंधन बनाना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता को बढ़ावा देना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में क्वाड की सफलता इस बात से तय होगी कि सदस्य देश अपने साझा हितों को किस हद तक ठोस परियोजनाओं और दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग में बदल पाते हैं।

दिल्ली-NCR में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी… बाकि राज्यों में कैसा रहेगा मौसम

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली-एनसीआर और यूपी में कल हुई बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है। बता दें कि यूपी में बदायूं, झांसी सहित कई जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, साथ ही लोगों की तपती गर्मी से राहत मिली. आज भी आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है। आईएमडी ने दिल्ली में आज बारिश और आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौमस में ये बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है।

कल दिल्ली का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। आईएमडी ने दिल्ली में आज आंधी, बारिश और बिजली कड़कने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ये सिलसिला 31 मई तक जारी रहेगा।

यूपी में आंधी-बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आज यूपी में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने 60 जिलों में ओलावृष्टि और 10 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसमें मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, सहारनपुर और शामली सहित कई जिलों शामिल हैं। आईएमडी के अनुसार पश्चिमी-मध्य यूपी के कई जिलों और बुंदेलखंड में ओलावृष्टि की संभावना है।

बिहार में कैसा रहेगा मौसम?

आईएमडी ने बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश, बिजली और आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा और बिहार में भारी बारिश के साथ तेज आंधी लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।

एमपी-राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?

एमपी और राजस्थान के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है. कल दमोह में बारिश के साथ ओले भी गिरे थे। आईएमडी के अनुसार आंधी, बारिश और ओले गिरने का सिलसिला 31 मई तक जारी रहेगा और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।

उत्तराखंड और हिमाचल में भी अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश, आंधी और ओलावृष्टि को लेकर उत्तराखंड और हिमाचल में भी अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली सहित 7 जिलों में बारिश और आंधी लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं हिमाचल के कांगड़ा, कुल्लू और मंडी सहित कई जिलो में बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई गई है।

पंजाब में कैसा रहेगा मौसम ?

पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। आज 29 मई को मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने बारिश के साथ तेज आंधी और बिजली गिरने का रेड अलर्ट जारी किया है साथ ही ओले भी गिर सकते हैं और कुछ जगहों पर लू चलने की संभावना है। गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में तेज आंधी, बिजली गिरने के साथ ही ओले गिरने की संभावना है।

मर्लिन मुनरो के अंतिम घर को लेकर फिर छिड़ी बहस, अभिनेत्री की विरासत और अधूरे सपनों पर नई चर्चा

एडिनबरा / सत्ता संदेश

Marilyn Monroe का जीवन और उनकी रहस्यमयी मृत्यु आज भी दुनिया भर में लोगों की जिज्ञासा और चर्चा का विषय बनी हुई है। अब एक बार फिर उनके अंतिम घर को लेकर नई बहस शुरू हो गई है, जिसने अभिनेत्री की विरासत, निजी संघर्षों और अधूरे सपनों को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ दी है।

हॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित और चर्चित अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली मर्लिन मुनरो का निधन 1962 में महज 36 वर्ष की आयु में हो गया था। उनकी असामयिक मौत को लेकर वर्षों से अनेक सिद्धांत और अटकलें सामने आती रही हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर उनकी मौत को संभावित आत्महत्या माना गया था, लेकिन इसके बावजूद रहस्य और विवाद कभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए।

अब चर्चा का केंद्र उनका वह अंतिम घर बन गया है, जहां उन्होंने अपने जीवन के आखिरी दिन बिताए थे। इस घर को लेकर संरक्षण, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो गई है। कई लोग इसे हॉलीवुड इतिहास की महत्वपूर्ण धरोहर मानते हैं, जबकि कुछ इसे निजी संपत्ति के रूप में देखते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मर्लिन मुनरो केवल एक फिल्म अभिनेत्री नहीं थीं, बल्कि वे 20वीं सदी की लोकप्रिय संस्कृति का वैश्विक प्रतीक बन चुकी थीं। उनकी छवि ग्लैमर, प्रसिद्धि और निजी संघर्षों के जटिल मेल का प्रतिनिधित्व करती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबरा की शोधकर्ता एना साल्जबर्ग के अनुसार, मुनरो के जीवन को अक्सर केवल उनकी प्रसिद्धि और सौंदर्य तक सीमित कर दिया जाता है, जबकि वे अपने करियर में गंभीर अभिनेत्री और निर्माता के रूप में पहचान बनाने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने हॉलीवुड की पारंपरिक छवि से बाहर निकलकर अपने पेशेवर नियंत्रण और रचनात्मक स्वतंत्रता के लिए भी संघर्ष किया था।

इतिहासकारों का कहना है कि मर्लिन मुनरो का अंतिम घर केवल एक इमारत नहीं, बल्कि उनकी निजी पहचान और भावनात्मक स्थिरता की खोज का प्रतीक भी माना जाता है। कहा जाता है कि यह घर उन कुछ स्थानों में से था जिसे मुनरो ने वास्तव में “अपना” महसूस किया था।

सोशल मीडिया और फिल्म जगत में अब यह बहस तेज हो गई है कि इस घर को संग्रहालय या संरक्षित सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए या नहीं। प्रशंसकों का एक बड़ा वर्ग मानता है कि इससे आने वाली पीढ़ियों को मुनरो के जीवन और हॉलीवुड इतिहास को समझने का अवसर मिलेगा।

मर्लिन मुनरो की लोकप्रियता आज भी बरकरार है। उनकी फिल्मों, तस्वीरों और जीवन से जुड़े किस्सों पर लगातार किताबें, डॉक्यूमेंट्री और शोध प्रकाशित होते रहते हैं। यही कारण है कि उनकी विरासत से जुड़ा कोई भी मुद्दा वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मर्लिन मुनरो की कहानी प्रसिद्धि की चमक के पीछे छिपे मानसिक दबाव, अकेलेपन और सामाजिक अपेक्षाओं को भी उजागर करती है। शायद यही वजह है कि उनकी जिंदगी और मृत्यु दोनों आज भी लोगों को आकर्षित करती हैं।

आईपीएल 2026: वैभव सूर्यवंशी की निरंतरता ने सबको प्रभावित किया, अनिल कुंबले ने की जमकर तारीफ

मुंबई / सत्ता संदेश

Indian Premier League 2026 में Anil Kumble ने Rajasthan Royals के युवा खिलाड़ी Vaibhav Suryavanshi के प्रदर्शन की खुलकर सराहना की है। भारतीय स्पिन दिग्गज कुंबले ने कहा कि वैभव ने पूरे टूर्नामेंट में जिस निरंतरता और परिपक्वता के साथ खेल दिखाया है, वह बेहद प्रभावशाली है।

कुंबले के अनुसार, आईपीएल जैसे बड़े और दबाव भरे मंच पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने अपने खेल से यह साबित किया है कि उनमें लंबी रेस का खिलाड़ी बनने की क्षमता है।

उन्होंने कहा कि वैभव ने केवल प्रतिभा ही नहीं दिखाई, बल्कि मैच परिस्थितियों को समझने और दबाव में संयम बनाए रखने की क्षमता भी प्रदर्शित की। यही गुण किसी खिलाड़ी को विशेष बनाते हैं।

आईपीएल 2026 के दौरान राजस्थान रॉयल्स के लिए वैभव सूर्यवंशी कई मुकाबलों में महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनकर उभरे। उनकी बल्लेबाजी और मैच के अहम क्षणों में जिम्मेदारी निभाने की क्षमता ने टीम को कई मौकों पर मजबूती प्रदान की।

कुंबले ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि युवा खिलाड़ियों के लिए निरंतरता सबसे बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने कहा कि एक-दो अच्छी पारियां खेलना अलग बात है, लेकिन पूरे सीजन में लगातार योगदान देना खिलाड़ी की मानसिक मजबूती और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी भविष्य में राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों में भी आ सकते हैं। भारतीय क्रिकेट में युवा प्रतिभाओं को मंच देने में आईपीएल की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है।

राजस्थान रॉयल्स की टीम प्रबंधन ने भी इस सीजन में कई युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, और वैभव का प्रदर्शन उस रणनीति की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि वैभव सूर्यवंशी आने वाले मुकाबलों और भविष्य के घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने प्रदर्शन को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।

टी20 सीरीज में भारत की दमदार शुरुआत, इंग्लैंड को 38 रन से हराया; रोड्रिग्स, यास्तिका और नंदनी चमकीं

लंदन / सत्ता संदेश

India women’s national cricket team ने इंग्लैंड दौरे की टी20 श्रृंखला में शानदार शुरुआत करते हुए England women’s national cricket team को 38 रन से हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। भारतीय टीम की जीत में Jemimah Rodrigues, Yastika Bhatia और पदार्पण कर रहीं Nandini Kashyap का प्रदर्शन बेहद अहम रहा।

भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए संतुलित और आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। जेमिमा रोड्रिग्स ने मध्यक्रम में शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्होंने तेज रन गति बनाए रखते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया।

यास्तिका भाटिया ने भी महत्वपूर्ण योगदान देते हुए टीम की पारी को स्थिरता दी। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई साझेदारी ने भारत को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।

मैच की सबसे खास बात रही युवा खिलाड़ी नंदनी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण। पहली बार भारतीय टीम की ओर से खेलते हुए उन्होंने आत्मविश्वास से भरा प्रदर्शन किया और अपने खेल से सभी का ध्यान आकर्षित किया। क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनके प्रदर्शन को भारतीय महिला क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत बताया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने लगातार संघर्ष करती नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए। इंग्लैंड की बल्लेबाजी कभी भी लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ती नहीं दिखी।

भारतीय टीम की क्षेत्ररक्षण भी बेहद प्रभावशाली रही। खिलाड़ियों ने कैच पकड़ने और रन बचाने में शानदार तालमेल दिखाया, जिससे इंग्लैंड की टीम पर दबाव लगातार बना रहा।

इस जीत के साथ भारत ने श्रृंखला में बढ़त हासिल कर ली है और टीम का आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों और अनुभवी बल्लेबाजों के संयोजन ने भारतीय टीम को संतुलन दिया है।

महिला क्रिकेट में भारत का लगातार बेहतर प्रदर्शन यह संकेत देता है कि टीम आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए मजबूत तैयारी कर रही है। अब सभी की नजर श्रृंखला के अगले मुकाबले पर टिकी है, जहां इंग्लैंड वापसी की कोशिश करेगा जबकि भारत अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगा।

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में तेजी, अंतरिम समझौते के करीब पहुंचे दोनों देश: पीयूष गोयल

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और United States के बीच चल रही व्यापार वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत “उत्साहजनक” दिशा में आगे बढ़ रही है और एक अंतरिम व्यापार समझौता जल्द होने की संभावना है।

गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच विभिन्न व्यापारिक मुद्दों पर लगातार सकारात्मक चर्चा हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों पक्ष कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहमति के करीब पहुंच चुके हैं और जल्द ही एक अंतरिम व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश वस्तुओं, सेवाओं, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और निवेश के क्षेत्र में व्यापक आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। व्यापार वार्ता का उद्देश्य शुल्क, बाजार पहुंच, आपूर्ति श्रृंखला और निवेश से जुड़े मुद्दों को सरल बनाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरिम समझौता होता है तो इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई गति मिल सकती है। भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर मिलने की संभावना है, वहीं अमेरिकी कंपनियों को भी भारत के बड़े उपभोक्ता बाजार तक अधिक पहुंच मिल सकती है।

गोयल ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और व्यावहारिक समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार घरेलू उद्योगों और किसानों के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बदलते व्यापारिक समीकरणों और आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन के बीच भारत और अमेरिका के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। तकनीक, रक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग तेजी से बढ़ा है।

फिलहाल व्यापार जगत की नजर इस संभावित अंतरिम समझौते पर टिकी है, क्योंकि इससे निवेश माहौल और निर्यात क्षेत्र को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।

तेल कीमतों में नरमी से शेयर बाजार को सहारा, सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में चढ़े

मुंबई / सत्ता संदेश

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती देखने को मिली। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों प्रमुख सूचकांकों ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों से समर्थन मिला।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम को 60 दिन और बढ़ाने पर सहमति बनने की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई। इसका सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल आयात करता है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई और आयात बिल को लेकर चिंता कम होती है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है। इसके अलावा आईटी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी भी बाजार की तेजी का प्रमुख कारण रही।

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। एशियाई और अमेरिकी बाजारों में मजबूती के चलते भारतीय बाजार में भी शुरुआती कारोबारी सत्र में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, वैश्विक भू-राजनीतिक हालात और तेल कीमतों की दिशा आने वाले दिनों में बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बाजार में बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई, जबकि कुछ रक्षात्मक क्षेत्रों में सीमित उतार-चढ़ाव रहा। निवेशकों की नजर अब घरेलू आर्थिक आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनी रहती है और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में आगे भी सकारात्मक रुख जारी रह सकता है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में: आरबीआई

मुंबई / सत्ता संदेश

Reserve Bank of India ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, घरेलू मांग, स्थिर वित्तीय प्रणाली और सरकारी सुधारों के कारण भारत की आर्थिक स्थिति अन्य कई देशों की तुलना में बेहतर बनी हुई है।

आरबीआई ने अपने ताजा आकलन में कहा कि दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई, ऊंची ब्याज दरें और वैश्विक व्यापार में सुस्ती जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। इसके बावजूद भारत की विकास दर, बैंकिंग प्रणाली और निवेश गतिविधियां सकारात्मक संकेत दे रही हैं।

केंद्रीय बैंक के अनुसार, देश में उपभोग और निवेश दोनों क्षेत्रों में गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। साथ ही, बुनियादी ढांचा विकास, विनिर्माण क्षेत्र में सुधार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार ने आर्थिक वृद्धि को सहारा दिया है।

आरबीआई ने यह भी कहा कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली पहले की तुलना में अधिक मजबूत और पूंजीगत रूप से बेहतर स्थिति में है। बैंकों की बैलेंस शीट में सुधार, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में कमी और ऋण वितरण में वृद्धि आर्थिक स्थिरता के संकेत माने जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक दबावों के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत संतुलित बनी हुई है। सरकार की पूंजीगत व्यय योजनाएं, डिजिटल भुगतान प्रणाली का विस्तार और सेवा क्षेत्र की मजबूती भी विकास को गति दे रही हैं।

हालांकि आरबीआई ने यह भी संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक वित्तीय जोखिमों पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि मुद्रास्फीति नियंत्रण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखना उसकी प्राथमिकता रहेगी।

आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत की बड़ी घरेलू बाजार क्षमता और सुधार आधारित नीतियां उसे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में बनाए हुए हैं। आने वाले महीनों में मानसून, वैश्विक मांग और निवेश प्रवाह जैसे कारक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव बड़ी चुनौती, जरूरत पड़ी तो और कड़े कानून सुझाए जाएंगे: न्यायमूर्ति नावलेकर

इंदौर / सत्ता संदेश

Madhya Pradesh के इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष और उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश Prakash Prabhakar Naolekar ने कहा कि अवैध घुसपैठ और उसके कारण होने वाला जनसांख्यिकीय परिवर्तन देश के लिए एक “बहुत बड़ी चुनौती” बन चुका है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि मौजूदा कानूनी प्रावधान पर्याप्त नहीं पाए गए, तो समिति और अधिक कड़े कानूनों की सिफारिश कर सकती है।

न्यायमूर्ति नावलेकर ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और प्रशासनिक व्यवस्था पर अवैध घुसपैठ का दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय नीति और सामाजिक स्थिरता से जुड़े विषय के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समिति विभिन्न राज्यों और संबंधित एजेंसियों से जानकारी जुटा रही है और इस बात का अध्ययन किया जा रहा है कि किन क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव तेजी से हो रहे हैं तथा उसके पीछे क्या कारण हैं। समिति यह भी देख रही है कि मौजूदा कानून और प्रशासनिक व्यवस्था इस चुनौती से निपटने के लिए कितने प्रभावी हैं।

नावलेकर ने स्पष्ट किया कि यदि जांच और अध्ययन के दौरान यह महसूस हुआ कि मौजूदा कानूनी ढांचा पर्याप्त नहीं है, तो समिति केंद्र सरकार को “और कड़े कानून” बनाने का सुझाव दे सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सिफारिश का उद्देश्य संवैधानिक प्रावधानों और मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना होगा।

हाल के वर्षों में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव का मुद्दा देश की राजनीति और सुरक्षा बहस का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। कई राज्यों में इस संबंध में राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली है। केंद्र सरकार पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को लेकर अपनी चिंता जाहिर करती रही है।

विशेषज्ञों का मानना है that जनसांख्यिकीय परिवर्तन का मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी संवेदनशील है। इसलिए किसी भी नीति या कानूनी कदम के लिए संतुलित और तथ्य आधारित दृष्टिकोण जरूरी होगा।

फिलहाल समिति विभिन्न पक्षों से राय और आंकड़े एकत्र कर रही है। आने वाले समय में इसकी सिफारिशें राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा का विषय बन सकती हैं।

NIA Raid : यूपी-महारष्ट्र समेत 4 राज्यों के 12 ठिकानों पर छापा, ड्रोन-तस्करी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने देश की सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर आतंकी साजिश मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेटिव जसवीर चौधरी के नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है, जिस पर ड्रोन के जरिए भारत में हथियार, गोला-बारूद और आईईडी की तस्करी कर बड़े हमलों की साजिश रचने का आरोप है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क के खिलाफ देशभर में व्यापक कार्रवाई शुरू की है। एजेंसी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में कुल 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर रही है। यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है जिसमें पाकिस्तान से जुड़े एक ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और उसके भारतीय सहयोगियों पर ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और आईईडी की बड़ी खेप भारत में भेजने का आरोप है।

4 राज्यों में एक साथ 12 ठिकानों पर छापे

एनआईए की टीमें यूपी में 5, राजस्थान में 2, बिहार में 2 और महाराष्ट्र में 3 स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। इस दौरान डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और संदिग्ध सामग्री की जांच की जा रही है।  जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क भारत-पाकिस्तान सीमा के जरिए ड्रोन का इस्तेमाल कर हथियार और विस्फोटक सामग्री की तस्करी कर रहा था। इन हथियारों का उद्देश्य पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बड़े हमलों को अंजाम देना बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस साजिश का मकसद आम नागरिकों की जान-माल को नुकसान पहुंचाना और देश में दहशत फैलाना था।