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बंगाल में खूनी खेल: शुभेंदु अधिकारी के PA की सरेआम हत्या, बीजेपी बोली- ‘ये प्री-प्लान्ड मर्डर है’

नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के परिणाम आने के बाद राजनीतिक हिंसा का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। बीती रात नॉर्थ 24 परगना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहे शुभेंदु अधिकारी के पीए (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

अंधाधुंध फायरिंग और मौत: यह वारदात कल रात करीब 10:30 से 11:00 बजे के बीच हुई। जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ रथ जब अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी एक कार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक किया और उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में चंद्रनाथ और उनके ड्राइवर दोनों को गोलियां लगीं। अस्पताल में इलाज के दौरान चंद्रनाथ रथ की मौत हो गई, जबकि उनके ड्राइवर की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान: इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने इसे एक ‘प्री-प्लान्ड मर्डर’ करार दिया है। उन्होंने बताया कि हत्या से पहले करीब दो-तीन दिनों तक रेकी की गई थी। अधिकारी ने कहा, “यह 15 वर्षों के महा-जंगल राज का नतीजा है। भाजपा अब यहां के गुंडों का सफाया करने का अभियान शुरू करेगी।”

TMC पर लगे गंभीर आरोप: भाजपा नेताओं ने इस हत्या के लिए सीधे तौर पर सत्ताधारी दल पर निशाना साधा है। भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया है कि यह हत्या अभिषेक बनर्जी ने करवाई है ताकि एक संदेश दिया जा सके। वहीं, बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने इसे भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार का नतीजा बताया है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने आश्वासन दिया है कि पुलिस जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर के एक साल: सेना ने जारी किया तबाही का वीडियो, 88 घंटों में तबाह हुए थे 9 आतंकी ठिकाने

नेशनल डेस्क : पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आज एक साल पूरा हो गया है। इस खास मौके पर भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर 1.30 मिनट का एक बेहद प्रभावशाली वीडियो साझा किया है, जिसमें पाकिस्तान और पीओके (PoK) में आतंकियों के ठिकानों पर की गई तबाही का मंजर दिखाया गया है।

पहलगाम हमले का करारा जवाब: पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इस घटना के कुछ हफ्तों बाद, 7 मई की दरमियानी रात को सेना ने यह जवाबी कार्रवाई शुरू की। सेना के अनुसार, यह सैन्य अभियान करीब 88 घंटों तक चला, जिसमें पाकिस्तान की धरती पर सक्रिय आतंकवादियों को भारी नुकसान पहुँचाया गया।

100 आतंकी ढेर, 9 शिविर नष्ट: इस सटीक सैन्य कार्रवाई के दौरान बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय सहित मुजफ्फरराबाद, मुरीदके और सियालकोट जैसे इलाकों में स्थित 9 प्रमुख आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, इन हवाई हमलों में कम से कम 100 आतंकियों को ढेर कर दिया गया था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के इस अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन सेवाओं के बीच बेजोड़ सटीकता और गहरे समन्वय का एक नया कीर्तिमान था। सेना ने वीडियो के माध्यम से कड़ा संदेश दिया है कि भारत अपनी संप्रभुता और अपने लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।