ब्रेकिंग न्यूज़
सेंटर फॉर AI, MBCIE – सैटेलाइट सेंटर IIT रोपड़ ने “एआई फॉर एजुकेटर्स” कार्यक्रम के 75 प्रतिभागियों के सफल स्नातक होने का उत्सव मनाया

लुधियाना / सत्ता संदेश

सेंटर फॉर एआई, एमबीसीआईई – सैटेलाइट सेंटर आईआईटी रोपड़ द्वारा एमबीसीआईई परिसर, बीसीएम स्कूल, लुधियाना स्थित माता ठाकुर देवी ऑडिटोरियम में “एआई फॉर एजुकेटर्स ग्रेजुएशन सेरेमनी 2026” (बैच-02) का आयोजन किया गया। यह समारोह उन शिक्षकों की उपलब्धियों का उत्सव था जिन्होंने नवाचार को अपनाते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के माध्यम से शिक्षा के भविष्य का नेतृत्व करने की दिशा में सफलतापूर्वक कार्यक्रम पूरा किया।

समारोह का शुभारंभ शैक्षणिक जुलूस (Academic Procession) एवं वंदे मातरम् से हुआ, जिसके बाद एमबीसीआईई के कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रेम कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए समारोह के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा की।

सेंटर फॉर एआई रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने केंद्र की यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों तथा शिक्षकों एवं पेशेवरों को भविष्य के लिए तैयार कौशल प्रदान करने में उसकी बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने एआई के नैतिक एवं जिम्मेदार उपयोग के महत्व को रेखांकित किया तथा एमबीसीआईई के चेयरमैन डॉ. सुनील कांत मुंजाल के दूरदर्शी नेतृत्व और हीरो साइकिल्स के प्रबंध निदेशक श्री एस.के. राय के सतत मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

समारोह में मुख्य अतिथि श्री आदित्य मदान, विशिष्ट अतिथि श्री पंकज जोशी तथा अध्यक्षता अधिकारी श्री देवाकर जैन उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में श्री पंकज जोशी ने रोजगार के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के परिवर्तनकारी प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों को केवल वर्तमान करियर ही नहीं, बल्कि एआई द्वारा सृजित होने वाले भविष्य के अवसरों के लिए भी तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने निरंतर सीखने, अनुकूलनशीलता तथा भविष्य-केंद्रित कौशलों के महत्व पर बल दिया।

श्री आदित्य मदान ने अपने संबोधन में शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एमबीसीआईई द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा आईआईटी इकोसिस्टम के साथ व्यापक एकीकरण के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अधिक अवसर सृजित करने की बात कही। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा विकसित कैपस्टोन परियोजनाओं की गुणवत्ता और उपयोगिता की प्रशंसा करते हुए उत्कृष्ट विचारों को आगे बढ़ाने में सहयोग का आश्वासन दिया।

अध्यक्षता अधिकारी श्री देवाकर जैन ने स्नातक शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि व्यावसायिक जिम्मेदारियों के बावजूद पुनः विद्यार्थी बनना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि तकनीक शिक्षा के स्वरूप को बदल सकती है, लेकिन मूल्यों का निर्माण, जिज्ञासा का विकास और विद्यार्थियों को प्रेरित करने में शिक्षक की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण और अपरिहार्य रहेगी। उन्होंने प्रतिभागियों को विवेक और जिम्मेदारी के साथ नवाचार अपनाने तथा शिक्षा में परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया।

समारोह के दौरान कार्यक्रम के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को उनकी असाधारण प्रतिबद्धता, नवाचारी सोच और प्रभावशाली परियोजनाओं के लिए पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एआई फॉर एजुकेटर्स प्रोग्रामबैच 02 के प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान करना रहा। सभी स्नातक शिक्षकों को आजीवन सीखने की भावना तथा शिक्षा में एआई के सार्थक और जिम्मेदार उपयोग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सराहा गया।

समारोह का समापन गणमान्य अतिथियों के सम्मान, श्री नवदीप सिंह (हेडएकेडमिक्स) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन, औपचारिक समापन घोषणा, राष्ट्रगान, समूह छायाचित्र तथा लंच एवं नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ।यह समारोह शिक्षकों की समर्पण भावना, जिज्ञासा और निरंतर सीखने के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। सेंटर फॉर एआई, एमबीसीआईई – सैटेलाइट सेंटर आईआईटी रोपड़ ने भविष्य के लिए तैयार ऐसे शिक्षकों के समुदाय के निर्माण के अपने संकल्प को पुनः दोहराया, जो उभरती तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ उद्देश्यपूर्ण, जिम्मेदार और प्रेरणादायक नेतृत्व प्रदान करें।

पूर्व विधायक मनप्रीत सिंह अयाली अकाली दल “वारिस पंजाब दें” में हुए शामिल

लुधियाना / सत्ता संदेश

अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के वरिष्ठ नेता राजीव कुमार लवली ने कहा है कि तीन बार विधायक रहे और अनुभवी राजनेता मनप्रीत सिंह अयाली के पार्टी में शामिल होने से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। उन्होंने अयाली को मालवा का निडर योद्धा करार देते हुए, कहा कि कई बड़ी राष्ट्रीय पार्टियों को छोड़कर उनके अकाली दल “वारिस पंजाब दे” में शामिल होने से जनहित में पार्टी की नीतियों को और मजबूती मिली है।

लवली ने कहा कि अयाली के पार्टी में शामिल होने से जहां पंजाब की राजनीति में ऊपरी स्तर पर नए समीकरण बने हैं, वहीं पर पार्टी कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर भी उत्साह है कि स्थापना के करीब दो वर्षों के भीतर ही पार्टी के पास दो सांसद और एक विधायक हो गए हैं। उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि आने वाले दिनों में कई और लोग अकाली दल “वारिस पंजाब दे” में शामिल होते नजर आएंगे। लोग 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में भाई अमृतपाल सिंह के नेतृत्व वाली सरकार देखना चाहते हैं।

उन्होंने वरिष्ठ नेता अयाली और उनके साथियों का पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से जोरदार स्वागत किया तथा उम्मीद जताई कि उनका लगभग 25 वर्षों का राजनीतिक अनुभव पार्टी को आगे बढ़ाने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल: पूर्व विधायक डॉ. राज कुमार वेरका का मान सरकार पर हमला

पंजाब / सत्ता संदेश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक डॉक्‍टर राज कुमार वेरका ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पंजाब को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है और आम लोग भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं। डॉक्‍टर वेरका ने कहा कि पंजाब में गुंडागर्दी, लूटपाट, फायरिंग, हत्या और जबरन वसूली जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही आपराधिक वारदातों ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जेलों के भीतर भी गैंगस्टर गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम है।

पूर्व विधायक ने कहा कि नशे की समस्या ने पंजाब के युवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। ड्रग्स के कारण कई परिवार तबाह हो रहे हैं और युवा अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब आम आदमी पार्टी सरकार से निराश हो चुकी है और बदलाव चाहती है। डॉक्‍टर वेरका ने अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं ने लोगों की चिंता और असुरक्षा की भावना को बढ़ाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं, कर्मचारियों और शिक्षकों पर लाठीचार्ज किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पंजाब की जनता अपने वोट के माध्यम से सरकार को जवाब देगी और राज्य में बदलाव लाएगी। अमृतसर से ब्‍यूरो रिपोर्ट टीम एनएनआर

सुरजीत रामपुरी जन्म शताब्दी वर्ष का उद्घाटन 12 जून को लुधियाना में डॉ. एस. पी. सिंह करेंगे।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाबी कवि सुरजीत रामपुरी जन्म शताब्दी वर्ष का उद्घाटन 12 जून को उनकी जयंती पर लुधियाना के गुजरांवाला गुरु नानक खालसा कॉलेज में सुबह 10.30 बजे किया जाएगा। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. एस. पी. सिंह करेंगे।

इस मौके पर, जालंधर से डॉ. लखविंदर सिंह जोहल के एडिटरशिप में पंजाबी कविता पर छपने वाली एकमात्र मैगज़ीन “कवि लोक” का “सुरजीत रामपुरी स्पेशल इश्यू” पंजाबी लोक विरासत अकादमी, लुधियाना के चेयरमैन प्रो. गुरभजन सिंह गिल और उनके साथियों द्वारा लॉन्च किया जाएगा। इस स्पेशल इश्यू को सुरजीत रामपुरी के लंबे समय के साथी सुरिंदर रामपुरी ने एडिट किया है। वैंकूवर विचार मंच द्वारा संपादित और चेतना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित “जरनैल सिंह आर्टिस्ट स्मृति ग्रंथ” का विमोचन भी इसी कार्यक्रम में डॉ. एस. पी. सिंह, डॉ. लखविंदर सिंह जोहल और प्रो. गुरभजन सिंह गिल द्वारा किया जाएगा। जरनैल सिंह आर्टिस्ट का जन्मदिन भी 12 जून को है।

इस कार्यक्रम में डॉ. लखविंदर सिंह जोहल, प्रो. गुरभजन सिंह गिल और सुरिंदर रामपुरी सुरजीत रामपुरी के बारे में संबोधित करेंगे।

सुरिंदर रामपुरी ने कहा कि “कवि लोक” के इस अंक में सुरजीत रामपुरी: एक शांतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण दुनिया के कवि- गुरबचन सिंह भुल्लर, सुरजीत रामपुरी का गीत प्रगीत दा चेत अचेत- डॉ. वनिता, गायन कविता का शीर्षक: सुरजीत रामपुरी
-धर्म सिंह कमेआना, गुलाब की चाहत: सुरजीत रामपुरी-डॉ. परमिंदर सिंह बेनीपाल, ज़िंदगी ने हमें बहुत चाहा’-गगन दीप शर्मा
सुरजीत रामपुरी का गीत संग्रह ‘दर्द कहानी रतन दी’
माध्यम में गीत-संगीत-डॉ. सिमरनजीत सिंह, सतलुज के पोते-डॉ. आतम हमराही, बुद्ध नदी… अनुभवों की बहती नदी
-डॉ. सुखपाल कौर समराला
दर्द की खूबसूरती का चितेरा: सुरजीत रामपुरी-डॉ. सरबजीत सिंह को याद करते हुए, सुरजीत रामपुरी जी
-गुरभजन सिंह गिल (प्रो.)
मेरे पिता मेरे ब्रह्मा हैं-कमलप्रीत कौर,मेरा भाई-सुरजीत रामपुरी-हरनेक सिंह रामपुरी,सूक्ष्म भावनाओं के कवि: सुरजीत रामपुरी
-राम सरूप अणखी,नरम हृदय वाले कवि,भूपिंदर सिंह पीसीएस
-मन में महक: सुरजीत रामपुरी-तेलू राम कुहारा,
सुरजीत रामपुरी: एक सच्चे कवि-डॉ. रणधीर सिंह चाँद, सुरजीत रामपुरी की कविता में प्रस्तुत प्रगतिशील अनुभव, काव्य पुस्तक “पीढ़ां दी खुशबू” पर आधारित-डॉ. सरदूल सिंह औजला, ‘अकेलेपन के गीत’ एक विश्लेषण-प्रिंसिपल तख्त सिंह, आदरणीय सुरजीत रामपुरी-ब्रह्मजगदीश सिंह, एक कविता का मूल्यांकन कमल का अवतार-प्रिंस. करतार सिंह कालरा, सुरजीत रामपुरी: कविता और सोच की खासियत – डॉ. बलजीत कौर रियार, आवाज़ और ध्यान का मेल

  • जसवंत सिंह कंवल, एक हेल्दी सोच रखने वाला – एक शानदार पेंटर, तीन यादें – सुखमिंदर रामपुरी
    सूफी दोस्तों का पता – भगवंत सिंह, आम लोगों का कवि – अमर हांडा
    मौकों को भुनाने की स्ट्रेटेजी – डॉ. सैन सेवक, अनजान लोगों का कवि – गुरदयाल दलाल, कविता की पहचान: सुरजीत रामपुरी
  • मनमोहन सिंह दौन, आग की तरह जलते हुए – प्रो. सुलखन इस ग्रैंड से मिलिए…सुरजीत रामपुरी
    दर्द भरी रातों की कहानी-सुरिंदर रामपुरी, मेरी कविता का सफ़र
    -सुरजीत रामपुरी, मिलिट्री लाइफ की यादें-सुरजीत रामपुरी
    तुम सुरजीत रहोगे दुनिया में-इंदरजीत हसनपुरी
    रामपुर स्कूल ऑफ़ पोएट्री
    -सुरजीत रामपुरी
    लाइफ डिटेल्स – सुरजीत रामपुरी, सुरजीत रामपुरी के कामों में इंसानियत की सोच
    की परछाई यादें,
    दलजीत कौर चाना,
    -उल्फत बाजवा, एक पुरानी याद-सतीश गुलाटी
    वह एक आवाज़ थे-रविंदर भट्टल, अकेलेपन के देवता
    हरभजन सिंह मंगत
    उनकी कलम से फूल खिले-
    साधु राम शर्मा रामपुरी
    कवि सुरजीत-गुरसेवक सिंह ढिल्लों और कई अन्य के लेख
    शामिल किए गए हैं।
पंजाब में चालू खरीफ सीजन के लिए यूरिया की कोई किल्लत नहीं; मांग के मुकाबले 10.71 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड उपलब्धता सुनिश्चित

नई दिल्ली / पंजाब / सत्ता संदेश

भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत उर्वरक विभाग ने साफ कहा है कि पंजाब राज्य में चालू खरीफ 2026 सीजन लिए यूरिया की उपलब्धता पूरी तरह बनी हुई है। । सरकार ने देश के अन्नदाताओं को आश्वस्त किया है कि धान की रोपाई की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत आपूर्ति और पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है ।

पंजाब में यूरिया की वर्तमान उपलब्धता

खरीफ 2026 सीजन के लिए पंजाब की कुल आवश्यकता 14.50 लाख मीट्रिक टन (LMT) अनुमानित है । चालू सीजन में 9 जून 2026 तक की आनुपातिक (pro rata) आवश्यकता 9.0 LMT की थी, जिसके मुकाबले उर्वरक विभाग ने राज्य में 10.71 LMT यूरिया की उपलब्धता पहले ही सुनिश्चित कर दी है । इस अवधि के दौरान राज्य में यूरिया की वास्तविक बिक्री 6.25 LMT रही है, जिसके बाद भी वर्तमान में 4.46 LMT का बड़ा क्लोजिंग स्टॉक राज्य के पास उपलब्ध है । इसके अतिरिक्त, 39,167 मीट्रिक टन यूरिया इस समय रास्ते में (In-transit) है, जिससे राज्य में कुल उपलब्ध स्टॉक की स्थिति 4.85 LMT पहुंच जाती है ।

अमृतसर जिले में उर्वरकों की स्थिति:

अमृतसर जिले में चालू खरीफ सीजन में अब तक कुल 64,720 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से आज की तारीख में 32,956 मीट्रिक टन यूरिया का सुरक्षित स्टॉक जिले में मौजूद है ।

ऐतिहासिक रबी सीजन का रिकॉर्ड:

पिछले रबी 2025-26 सीजन में भी पंजाब की 15.00 LMT की अनुमानित मांग के विपरीत केंद्र सरकार ने 19.43 LMT की रिकॉर्ड उपलब्धता सुनिश्चित की थी, जिसमें कुल बिक्री 15.45 LMT दर्ज की गई थी ।

अग्रिम भंडारण की कारगर रणनीति

खरीफ सीजन के सुचारू संचालन के लिए केंद्र सरकार ने दूरदर्शी रणनीति के तहत काम किया है। इस वर्ष जनवरी 2026 से मार्च 2026 के बीच पंजाब की 3.50 LMT की संयुक्त आवश्यकता के मुकाबले 6.08 LMT यूरिया की आपूर्ति पहले ही कर दी गई थी । इस तरह सीजन की शुरुआत से पहले ही 2.58 LMT अतिरिक्त यूरिया का अग्रिम भंडारण (Pre-positioning) सुनिश्चित किया गया था ।

पंजाब में यूरिया की खपत की गति में इस बार उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है । 1 मार्च 2026 से 9 जून 2026 के बीच राज्य में 7.86 LMT यूरिया की बिक्री हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की बिक्री (7.10 LMT) से 76 हजार मीट्रिक टन अधिक है । इस भारी अग्रिम उठाव और पिछले रबी में अनुमान से 45,000 मीट्रिक टन अधिक हुई बिक्री के कारण राज्य सरकार के तात्कालिक बफर पर दबाव पड़ा था, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लगातार इसकी प्रतिपूर्ति की जा रही है ।

वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियां और भारत की उर्वरक रणनीति

वर्तमान में वैश्विक स्तर पर उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला गंभीर भू-राजनीतिक संकटों से प्रभावित रही है । विशेष रूप से अमेरिका-इजरायल व ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की उपलब्धता और समुद्री परिवहन पर प्रतिकूल असर पड़ा है ।

इन वैश्विक प्रतिकूलताओं के बावजूद, भारत सरकार ने अपने घरेलू कृषि क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखा है । इसके लिए उर्वरक विभाग ने प्राकृतिक गैस की तत्काल खरीद (Spot Procurement) हेतु ईपीएमसी (EPMC) तंत्र को सक्रिय किया, जिससे घरेलू यूरिया उत्पादन को उल्लेखनीय गति मिली । इसके साथ ही, पूरे कैलेंडर वर्ष के दौरान रणनीतिक रूप से आयात को सुचारू रखा गया, जिससे देश और विशेष रूप से पंजाब राज्य को निर्बाध आपूर्ति मिलती रही ।

राज्यों का दायित्व और प्रवर्तन (Enforcement) के कड़े निर्देश:

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहां थोक में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करना केंद्र की जिम्मेदारी है, वहीं राज्य के भीतर विभिन्न जिलों और एक जिले से दूसरे जिले में इसका समान और सुचारू वितरण सुनिश्चित करना पूरी तरह राज्य सरकार का दायित्व है ताकि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम कमी न होने पाए ।

सब्सिडी वाले यूरिया का दुरुपयोग रोकने और यह केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे, इसके लिए सचिव (कृषि एवं किसान कल्याण) तथा सचिव (उर्वरक विभाग) की सह-अध्यक्षता में राज्य के उच्चाधिकारियों के साथ निरंतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से समीक्षा बैठकें आयोजित की गई हैं । राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि:

रियायती यूरिया को गैर-कृषि या औद्योगिक उपयोग में डायवर्ट करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ।

जमाखोरी और कालाबाजारी में करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तुरंत और कड़े कदम उठाए जाएं ।

वर्तमान में पंजाब में धान की रोपाई पूरी तरह गति पकड़ने वाली है, और राज्य के पास इस मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं । सभी उर्वरक उत्पादक और आयातक कंपनियों को राज्य सरकार की वास्तविक मांग के हिसाब से उपलब्धता का ठीक से प्रबंधन करने की सलाह दी गई है । भारत सरकार राज्य सरकार के साथ निरंतर संपर्क में है और किसानों के हितों की रक्षा के लिए चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी कर रही है ।

वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड ने प्रोजेक्ट “स्वस्थ समाज” के तहत आर्टिफिशियल अंग और व्हीलचेयर के लिए CSR सपोर्ट बढ़ाया

लुधियाना / सत्ता संदेश

अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल, प्रोजेक्ट स्वस्थ समाज के हिस्से के तौर पर, वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड (VSSL) ने आज आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आर्टिफिशियल अंग देने के लिए ₹10 लाख की फाइनेंशियल मदद दी और दिव्यांग लोगों के फायदे के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी को 20 व्हीलचेयर दान किए।

चेक और व्हीलचेयर लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर, IAS, हिमांशु जैन और वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड के CSR हेड, श्री अमित धवन ने डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन, रेड क्रॉस सोसाइटी और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट को ऑफिशियली सौंपे।

इस मौके पर, लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर, हिमांशु जैन ने समाज कल्याण के लिए वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड के कमिटमेंट की तारीफ़ की और मैनेजमेंट, खासकर VSSL के चेयरमैन, सचित जैन और VSSL की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सुश्री सौम्या जैन को गरीब और दिव्यांग लोगों की ज़िंदगी को बेहतर बनाने के मकसद से किए जा रहे कामों में लगातार सपोर्ट देने के लिए धन्यवाद दिया।

इस काम की जानकारी देते हुए, VSSL के CSR हेड, अमित धवन ने कहा कि कंपनी कम्युनिटी में हेल्थकेयर और रिहैबिलिटेशन की कोशिशों में मदद करने के लिए कमिटेड है। उन्होंने बताया कि VSSL हर साल लगभग 3,500 बेनिफिशियरी को आर्टिफिशियल लिंब देने में मदद कर रहा है और पिछले चार सालों से यह काम कामयाबी से कर रहा है।

लुधियाना की रेड क्रॉस सोसाइटी के सेक्रेटरी, जोशी ने VSSL की CSR टीम और खासकर श्री अमित धवन का जरूरतमंदों के लिए हेल्थकेयर से जुड़े कामों के प्रति उनके डेडिकेशन और कमिटमेंट के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने समाज के कमज़ोर तबकों के लिए वेलफेयर प्रोग्राम को आगे बढ़ाने में VSSL, रेड क्रॉस सोसाइटी और डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के बीच मज़बूत पार्टनरशिप को भी माना।

यह पहल वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड के हेल्थकेयर, रिहैबिलिटेशन और कम्युनिटी वेलफेयर पर फोकस करने वाले असरदार CSR इंटरवेंशन के ज़रिए एक हेल्दी, ज़्यादा इनक्लूसिव समाज बनाने के लगातार कमिटमेंट को दिखाती है।

कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में ‘मेरी रसोई स्कीम’ के तहत राशन किट बांटे
  • कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना में ‘मेरी रसोई स्कीम’ के तहत राशन किट बांटे
  • सरकारी स्कीमों का फायदा हर लाभार्थी तक पहुंचेगा: तरुणप्रीत सिंह सौंद
  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दी गई गारंटी से ज़्यादा जनकल्याण स्कीमें लागू कीं: कैबिनेट मंत्री सौंद

खन्ना / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार की तरफ से ‘मेरी रसोई स्कीम’ के तहत खन्ना में लाभार्थी परिवारों को राशन किट बांटी गईं। इस बारे में जानकारी देते हुए ग्रामीण विकास और पंचायत, श्रम, पर्यटन और सांस्कृतिक मामले और बिजली मंत्री, पंजाब तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए शुरू की गई यह स्कीम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई ‘मेरी रसोई स्कीम’ के तहत आज खन्ना के ललहेड़ी रोड पर विधानसभा क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों को राशन किट बांटी गईं। आम लोगों की सरकार हर कदम पर लोगों के साथ खड़ी है और लोगों की भलाई के ये काम इसी तरह जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर ज़रूरतमंद परिवार तक पहुंचने के लिए हमेशा कमिटेड है।

तरुणप्रीत सिंह सौंद ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लोगों की भलाई के लिए लगातार ऐतिहासिक फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनावों के दौरान दी गई गारंटी से आगे बढ़कर लोगों के हक की स्कीमें लागू करके आम लोगों को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का मकसद समाज के हर वर्ग तक सरकारी स्कीमों का फायदा पहुंचाना है और इसके लिए ज़मीनी स्तर पर असरदार तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी रसोई स्कीम की मदद से ज़रूरतमंद परिवारों के किचन का खर्च कम किया जाएगा और ज़रूरतमंद लोगों को पौष्टिक खाना दिया जाएगा।

कोर्ट ने कैदी सुखविंदर सिंह का पोस्टमॉर्टम 72 घंटे के लिए टालने का आदेश जारी किया

लुधियाना / सत्ता संदेश

कोर्ट करणबीर सिंह बत्रा, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, लुधियाना ने कैदी सुखविंदर सिंह पुत्र अवतार सिंह, निवासी गांव किला लाल सिंह, बटाला, जिला गुरदासपुर का पोस्टमॉर्टम उसकी मौत के 72 घंटे बाद तक टालने के आदेश जारी किए हैं।

असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट सेंट्रल जेल, लुधियाना ने बताया कि उक्त कैदी, जिस पर केस नंबर 127 1 मई 2025 के तहत सेक्शन 333/191(3)/190/351(2)/324(4)/62 BNS, पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 5, लुधियाना में मामला दर्ज था, 3 मई 2025 को इस जेल में दाखिल हुआ था। उन्होंने आगे बताया कि कैदी सुखविंदर सिंह पुत्र अवतार सिंह की मौत 9 जून 2026 को सुबह 06:35 बजे सेंट्रल जेल, लुधियाना में हुई थी, लेकिन उक्त कैदी का कोई वारिस न होने के कारण माननीय कोर्ट करणबीर सिंह बत्रा, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, लुधियाना द्वारा उक्त कैदी का पोस्टमॉर्टम 72 घंटे के लिए टाल दिया गया है और उक्त कैदी के वारिसों को ढूंढने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

सेंट्रल जेल, लुधियाना के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास कैदी सुखविंदर सिंह, पुत्र अवतार सिंह के वारिसों के बारे में कोई जानकारी है, तो वे सेंट्रल जेल के कंट्रोल नंबर 0161-2660106 पर संपर्क कर सकते हैं।

वीर कवि जरनैल सिंह अर्शी को याद करते हुए, चैलेंजर

पंजाब / सत्ता संदेश

गुरभजन सिंह गिल (प्रो.)

कुछ साल पहले, अगर मुझे पंजाबी साहित्य सभा कोलकाता से जरनैल सिंह अर्शी मेमोरियल पंजाबी इंटर-स्कूल कविता पाठ कॉम्पिटिशन का इनविटेशन लेटर नहीं मिला होता, तो सच कहूँ तो, मुझे यह भी नहीं लगता कि इस वीर कवि को याद करना कितना ज़रूरी है।
लुधियाना के वीकली न्यूज़पेपर ललकार के फाउंडर एडिटर जरनैल सिंह अर्शी का मेरी ज़िंदगी में बहुत अहम योगदान रहा है। जब उनकी कविता की किताब “ललकार” यूथ सेंटर जालंधर ने अपने पहले एडिशन के काफी समय बाद पब्लिश की, तो मुझे यह किताब पढ़ने का मौका मिला। यह शायद 1968-69 की बात है।
ललकार के मेन कवि प्रो. मोहन सिंह जी ने लिखी थी। उन्होंने अपनी राइटिंग में अर्शी जी की ज़बरदस्त काव्य प्रतिभा का सबूत दिया था।
उस कविता कलेक्शन के आखिरी पेज पर अर्शी जी की तस्वीर के नीचे एक कविता थी।

“जहाँ चढ़ती जवानी में आग लगी,
मुझे सतलुज के उस किनारे की कसम है।

जहाँ झरना खून में डूबा था,
मुझे जलियाँवाला के उस नज़ारे की कसम है।

जब तक देश खुशहाल नहीं होगा,
मेरा यह चैलेंज गूंजता रहेगा।

मैं देश के दुश्मनों को कुचल दूँगा,
कलम से नहीं, अपनी तलवार से।”

इस किताब के पहले पन्नों से ही पता चल गया था कि अर्शी जी अपने अखबार में बहुत तीखे कमेंट्स करते थे।
वह पॉलिटिकल जोक्स बनाने में माहिर थे। पॉलिटिशियन गुस्सा हो जाते थे।
उस ज़माने के पॉलिटिशियन पतली चमड़ी के होते थे। आज की तरह मोटी चमड़ी के नहीं।
चुनौती देने वाले का लुधियाना में घंटाघर के पास ऑफिस था। यहाँ चौक में लाहौर बुक शॉप थी। ज्ञानी वरयाम सिंह मस्त का ज्ञानी कॉलेज था, जहाँ से संतोख सिंह धीर समेत कई लेखकों ने ज्ञानी पास किया था। जरनैल सिंह अर्शी का ज्ञानी कॉलेज भी प्रोग्रेसिव सोच वाले कवियों का सेंट्रल हब था। मशहूर पेंटर सुरजीत रामपुरी, गुरचरण रामपुरी, संतोख सिंह धीर, सज्जन ग्रेवाल, कृष्ण अदीब, मदन लाल दीदी रेगुलर आते थे। कभी-कभी मशहूर कवि गुरदेव सिंह मान भी आते थे। मुझे याद आया कि गुरदेव सिंह मान और जरनैल सिंह अर्शी ने पहली बार 1948 में शहीद करतार सिंह मान की बरसी उनके पैतृक गांव सराभा में मनाई थी। 1947 के विस्थापन के बाद बार से बेघर हुए मान परिवार को सराभा गांव में ही कच्ची ज़मीन दी गई थी। कुछ साल बाद वे भूमसी (मालेरकोटला) में बस गए।

जरनैल सिंह अर्शी की कहानियों का एक कलेक्शन “हद बेटियां” भी छपा था, जो कहीं नहीं मिला, लेकिन अब साल 2024 में यह राइटर्स एसोसिएशन रामपुर (लुधियाना) के संरक्षक, कहानीकार सुरिंदर रामपुरी के ज़रिए मेरे हाथ लगा है। यह आज भी राइटर्स एसोसिएशन रामपुर की लाइब्रेरी में अपने असली रूप में है। 1971 में जब मैंने लुधियाना के GGN खालसा कॉलेज में पढ़ना शुरू किया, तो दो साल बाद नारंगवाल कॉलेज से दो स्टूडेंट लीडर हमारे कॉलेज में आए। गोपालपुर से दर्शन सिंह और रछिन से इकबाल।
पता चला कि इकबाल क्रांतिकारी पंजाबी कवि स्वर्गीय जरनैल सिंह अर्शी के बड़े बेटे हैं। वे कोई लिटरेचर के शौकीन नहीं थे, लेकिन वे हमारे जेंटलमैन थे क्योंकि मेरे बड़े जीजा प्रो. जसवंत सिंह गिल अक्सर किसी न किसी मुद्दे पर बात करने आते रहते थे। यह कपल नेशनल मूवमेंट मैगज़ीन के एडिटर हरभजन सिंह लोहगढ़ के भरोसेमंद आदमी थे।
अर्शी जी की वजह से मैं उनकी इज्ज़त करता था और वे हमारे स्टूडेंट लीडर भी थे।
लोहगढ़ से बड़े भाई कॉमरेड हरभजन सिंह और उनके छोटे भाई प्रो. हरदेव सिंह ग्रेवाल से मुझे पता चला कि अर्शी जी की मैगज़ीन ललकार के सभी इश्यू लोहगढ़ में हैं।
मैंने वे सभी इश्यू ऑर्डर किए और पढ़े। ललकार पर लिखा था:


“रोम में वे लोग बसें जो अपने देश से प्यार करते हैं।
जो दुखी देश को देखकर अपनी शर्म मिटाने को तैयार रहते हैं।
मेरा यह ललकार उन ज़िंदा दिलों के लिए है।”

ये लाइनें साहित्य और समय का मेल थीं।
लिखावटें सोचने पर मजबूर करने वाली और अपनी चुनौती में जोश भरने वाली थीं।
जरनैल सिंह अर्शी का जन्म 4 अक्टूबर 1925 को लुधियाना ज़िले के गांव रछिन (मंडी अहमदगढ़ के पास) में श्री हरनाम सिंह थिंड के घर माता धन कौर के घर हुआ था।
15 जून 1939 को लाहौर में सुभाष चंद्र बोस का क्रांतिकारी भाषण सुनने के बाद, जरनैल सिंह अर्शी जी ने आज़ादी और लोगों के हक में लड़ाई का रास्ता चुना।
अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों की वजह से उन्हें ब्रिटिश सरकार के ज़ुल्म का सामना करना पड़ा। अंग्रेजों ने उन्हें लंबे समय तक गांव रछिन में कैद रखा।
उन्होंने 1939 से 1942 तक कलकत्ता में यूथ सोसाइटी के लीडर के तौर पर अपनी ज़िंदगी बिताई। उनकी क्रांतिकारी गतिविधियों से नाराज़ ब्रिटिश सरकार ने उन्हें उनके एक क्रांतिकारी साथी मेहर सिंह के साथ कलकत्ता से पंजाब देश निकाला दे दिया।
कलकत्ता में रहने वाले स्वर्गीय पंजाबी लेखक सनारगी स. हरदेव सिंह ग्रेवाल जी, स. जरनैल सिंह अर्शी को अपना कवि गुरु मानते थे। उनकी कोशिशों से हर साल कलकत्ता में जरनैल सिंह अर्शी जी के नाम पर काव्य दीप जलता है।
हमारे साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थानों को भी ऐसे वीरों और बहादुर कवियों को याद रखना चाहिए।
जब कुछ साल पहले कलकत्ता से स. जगमोहन सिंह गिल और स्वर्गीय हरदेव सिंह ग्रेवाल ने मुझे इस घटना का एक कार्ड भेजा, तो मेरा मन किया कि मैं भी उस दुखद तस्वीर में रंग भर दूं।
इस अच्छे काम के लिए मैंने शेखूपुरा (पाकिस्तान) में रहने वाले एक खूबसूरत पेंटर वीर आसिफ रजा से रिक्वेस्ट की।
उनका काम इन शब्दों के साथ आपके सामने पेश है। हम फिर से एक बड़ी पेंटिंग बनाएंगे। हालांकि जरनैल सिंह अर्शी 14 जनवरी 1951 को टाइफाइड बुखार की वजह से गुज़र गए, लेकिन उनकी कविताओं की चमक आज भी हमारे रास्ते में जलती है, चमकती है और रोशनी देती है।
उनके छोटे बेटे नवतेज सिंह भी कुछ समय पहले गुज़र गए। अब उनके बेटे रूपिंदर सिंह (रूपी रचिन) अपने दादा की विरासत को संभाल रहे हैं। वह जालंधर से छपने वाले एक अखबार के रिप्रेजेंटेटिव भी हैं।
यहां एस. जरनैल सिंह अर्शी जी की दो सबसे पॉपुलर कविताएं हैं।

साहिल अग्रवाल बने पंजाब अग्रवाल कल्याण बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, AAP नेताओं ने दी बधाई

लुधियाना / सत्ता संदेश

बुधवार को स्थानीय बचत भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए, जहां साहिल अग्रवाल को पंजाब अग्रवाल कल्याण बोर्ड का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर आम आदमी पार्टी की पूरी टीम ने पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान और पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नियुक्ति समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की पहचान है।

नवनियुक्त वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री साहिल अग्रवाल ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के लिए पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वह समाज और व्यापारिक वर्ग के हितों के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे।

इस दौरान श्री साहिल अग्रवाल ने पंजाब राज्य व्यापार आयोग के जिला उपाध्यक्ष रोहित वर्मा, उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष राजू चावला, दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. इंदरजीत वर्मा, आतम नगर विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष मनप्रीत, पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष अनुज चौधरी, पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. दविंदर सिंह घुमन, रूपेश, वीरेंद्र पांडे, वेद तथा अन्य सहयोगियों का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया।

कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने साहिल अग्रवाल को नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में बोर्ड समाज के कल्याण और विकास के लिए प्रभावी भूमिका निभाएगा।