सुरजीत रामपुरी जन्म शताब्दी वर्ष का उद्घाटन 12 जून को लुधियाना में डॉ. एस. पी. सिंह करेंगे।
लुधियाना / सत्ता संदेश
पंजाबी कवि सुरजीत रामपुरी जन्म शताब्दी वर्ष का उद्घाटन 12 जून को उनकी जयंती पर लुधियाना के गुजरांवाला गुरु नानक खालसा कॉलेज में सुबह 10.30 बजे किया जाएगा। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. एस. पी. सिंह करेंगे।
इस मौके पर, जालंधर से डॉ. लखविंदर सिंह जोहल के एडिटरशिप में पंजाबी कविता पर छपने वाली एकमात्र मैगज़ीन “कवि लोक” का “सुरजीत रामपुरी स्पेशल इश्यू” पंजाबी लोक विरासत अकादमी, लुधियाना के चेयरमैन प्रो. गुरभजन सिंह गिल और उनके साथियों द्वारा लॉन्च किया जाएगा। इस स्पेशल इश्यू को सुरजीत रामपुरी के लंबे समय के साथी सुरिंदर रामपुरी ने एडिट किया है। वैंकूवर विचार मंच द्वारा संपादित और चेतना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित “जरनैल सिंह आर्टिस्ट स्मृति ग्रंथ” का विमोचन भी इसी कार्यक्रम में डॉ. एस. पी. सिंह, डॉ. लखविंदर सिंह जोहल और प्रो. गुरभजन सिंह गिल द्वारा किया जाएगा। जरनैल सिंह आर्टिस्ट का जन्मदिन भी 12 जून को है।
इस कार्यक्रम में डॉ. लखविंदर सिंह जोहल, प्रो. गुरभजन सिंह गिल और सुरिंदर रामपुरी सुरजीत रामपुरी के बारे में संबोधित करेंगे।
सुरिंदर रामपुरी ने कहा कि “कवि लोक” के इस अंक में सुरजीत रामपुरी: एक शांतिपूर्ण और प्रेमपूर्ण दुनिया के कवि- गुरबचन सिंह भुल्लर, सुरजीत रामपुरी का गीत प्रगीत दा चेत अचेत- डॉ. वनिता, गायन कविता का शीर्षक: सुरजीत रामपुरी
-धर्म सिंह कमेआना, गुलाब की चाहत: सुरजीत रामपुरी-डॉ. परमिंदर सिंह बेनीपाल, ज़िंदगी ने हमें बहुत चाहा’-गगन दीप शर्मा
सुरजीत रामपुरी का गीत संग्रह ‘दर्द कहानी रतन दी’
माध्यम में गीत-संगीत-डॉ. सिमरनजीत सिंह, सतलुज के पोते-डॉ. आतम हमराही, बुद्ध नदी… अनुभवों की बहती नदी
-डॉ. सुखपाल कौर समराला
दर्द की खूबसूरती का चितेरा: सुरजीत रामपुरी-डॉ. सरबजीत सिंह को याद करते हुए, सुरजीत रामपुरी जी
-गुरभजन सिंह गिल (प्रो.)
मेरे पिता मेरे ब्रह्मा हैं-कमलप्रीत कौर,मेरा भाई-सुरजीत रामपुरी-हरनेक सिंह रामपुरी,सूक्ष्म भावनाओं के कवि: सुरजीत रामपुरी
-राम सरूप अणखी,नरम हृदय वाले कवि,भूपिंदर सिंह पीसीएस
-मन में महक: सुरजीत रामपुरी-तेलू राम कुहारा,
सुरजीत रामपुरी: एक सच्चे कवि-डॉ. रणधीर सिंह चाँद, सुरजीत रामपुरी की कविता में प्रस्तुत प्रगतिशील अनुभव, काव्य पुस्तक “पीढ़ां दी खुशबू” पर आधारित-डॉ. सरदूल सिंह औजला, ‘अकेलेपन के गीत’ एक विश्लेषण-प्रिंसिपल तख्त सिंह, आदरणीय सुरजीत रामपुरी-ब्रह्मजगदीश सिंह, एक कविता का मूल्यांकन कमल का अवतार-प्रिंस. करतार सिंह कालरा, सुरजीत रामपुरी: कविता और सोच की खासियत – डॉ. बलजीत कौर रियार, आवाज़ और ध्यान का मेल
- जसवंत सिंह कंवल, एक हेल्दी सोच रखने वाला – एक शानदार पेंटर, तीन यादें – सुखमिंदर रामपुरी
सूफी दोस्तों का पता – भगवंत सिंह, आम लोगों का कवि – अमर हांडा
मौकों को भुनाने की स्ट्रेटेजी – डॉ. सैन सेवक, अनजान लोगों का कवि – गुरदयाल दलाल, कविता की पहचान: सुरजीत रामपुरी - मनमोहन सिंह दौन, आग की तरह जलते हुए – प्रो. सुलखन इस ग्रैंड से मिलिए…सुरजीत रामपुरी
दर्द भरी रातों की कहानी-सुरिंदर रामपुरी, मेरी कविता का सफ़र
-सुरजीत रामपुरी, मिलिट्री लाइफ की यादें-सुरजीत रामपुरी
तुम सुरजीत रहोगे दुनिया में-इंदरजीत हसनपुरी
रामपुर स्कूल ऑफ़ पोएट्री
-सुरजीत रामपुरी
लाइफ डिटेल्स – सुरजीत रामपुरी, सुरजीत रामपुरी के कामों में इंसानियत की सोच
की परछाई यादें,
दलजीत कौर चाना,
-उल्फत बाजवा, एक पुरानी याद-सतीश गुलाटी
वह एक आवाज़ थे-रविंदर भट्टल, अकेलेपन के देवता
हरभजन सिंह मंगत
उनकी कलम से फूल खिले-
साधु राम शर्मा रामपुरी
कवि सुरजीत-गुरसेवक सिंह ढिल्लों और कई अन्य के लेख
शामिल किए गए हैं।

