ब्रेकिंग न्यूज़
प्राग अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता: गुकेश और नीमन का मैच ड्रॉ रहा

प्राग, 26 फरवरी (भाषा) विश्व चैंपियन डी गुकेश ने मिडिल गेम में कुछ तनावपूर्ण क्षणों से गुजरने के बाद प्राग अंतरराष्ट्रीय शतरंज महोत्सव के मास्टर्स वर्ग के पहले दौर में अमेरिका के हैंस मोके नीमन के साथ ड्रॉ खेला।

गुकेश सफेद मोहरों से खेल रहे थे लेकिन नीमन ने बर्लिन डिफेंस अपनाया। दोनों खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले की यह अच्छी शुरुआत थी।

नीमन ने आक्रामक रुख अपनाया और 13वीं चाल पर ही एक मोहरे का बलिदान कर दिया, जिससे सफेद मोहरों से खेलने के बावजूद गुकेश बैकफुट पर आ गये। अमेरिकी खिलाड़ी ने इसके बाद हावी होने की कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने भी अच्छा खेल दिखाया और आखिर में बाजी ड्रॉ करने में सफल रहा।

गुकेश को छोड़कर सफेद मोहरों से खेल रहे अन्य खिलाड़ियों ने पहले दौर में जीत हासिल की।

भारत के मौजूदा चैंपियन अरविंद चिदंबरम काले मोहरों से खेल रहे थे और उन्हें पहले दौर में उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसात्तोरोव से हार का सामना करना पड़ा।

अब्दुसत्तोरोव के हमनाम और हमवतन नोदिरबेक याकुब्बोएव ने स्पेन के डेविड एंटोन गुज्जरो को जबकि स्थानीय खिलाड़ी नवारा डेविड ने ईरान के परहम मगसूदलू को हराया।

चैलेंजर्स वर्ग में महिला विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख ने हंगरी के शीर्ष वरीयता प्राप्त बेंजामिन ग्लेडुरा के साथ ड्रॉ खेला, लेकिन सूर्य शेखर गांगुली को नीदरलैंड के थॉमस बीर्डसेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

PM कार्नी के भारत दौरे से पहले कनाडा का बड़ा बयान: ‘हिंसक अपराधों में भारत का कोई संबंध नहीं’

स्पोर्ट्स डेस्क : कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की आगामी नई दिल्ली यात्रा से पहले ओटावा ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है। कनाडाई सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कनाडा में हो रहे हिंसक अपराधों से भारत का अब कोई संबंध नहीं है। यह बयान मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद भारत के प्रति कनाडा के बदलते और सकारात्मक नजरिये का एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

राजनयिक संबंधों में ‘रीसेट’ की तैयारी : कनाडाई अधिकारियों के अनुसार, भारत सरकार से जुड़े एजेंटों द्वारा कनाडा में विदेशी हस्तक्षेप या दमन जैसी चिंताएं अब प्रासंगिक नहीं हैं। ओटावा और नई दिल्ली के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) के स्तर पर निरंतर संवाद हो रहा है, जिससे सुरक्षा वार्ताओं और आपसी सहयोग में काफी प्रगति हुई है। कनाडा अब भारत के साथ अपने संबंधों को ‘रीसेट’ करने और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के साथ व्यापारिक रिश्तों को गहराई देने की कोशिश कर रहा है।

ट्रूडो काल के तनावपूर्ण रिश्तों का अंत? विदित हो कि पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के दौरान भारत पर कनाडाई धरती पर हिंसा में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिससे दोनों देशों के संबंधों में भारी कड़वाहट आ गई थी। भारत ने हमेशा उन आरोपों को ‘निराधार और बेतुका’ बताकर खारिज किया था। अब कार्नी सरकार का मानना है कि भारत एक उभरती हुई आर्थिक महाशक्ति है, जो व्यापार के मामले में कनाडा की अमेरिका पर निर्भरता को कम करने में मदद कर सकता है।