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हरसिमरत कौर बादल हिरासत में, CM आवास की ओर बढ़ रही अकाली महिलाओं को पुलिस ने रोक

Chandigarh Protest: डॉ. गुरप्रीत कौर पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के विरोध में अकाली दल की महिला इकाई ने रोष मार्च निकाला। हरसिमरत कौर बादल को पुलिस ने हिरासत में लिया।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शनिवार को चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल की महिला इकाई ने रोष मार्च निकाला। सांसद हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अकाली महिला कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस ने सांसद हरसिमरत कौर बादल को हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और धरना शुरू कर दिया।

अकाली दल की महिला कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी और बैरिकेडिंग की गई थी।

पांच करोड़ रुपये के कथित आरोपों की जांच की मांग

शिरोमणि अकाली दल का आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर पांच करोड़ रुपये मांगने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सच्चाई सामने लाई जाए।

अकाली दल इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सत्ता में बैठे लोगों से जुड़े ऐसे आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है।

NHRC ने मांगी जांच रिपोर्ट

मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संज्ञान का भी अकाली दल की ओर से हवाला दिया गया है। पार्टी के अनुसार, NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मामले में जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

हालांकि, डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

परनीत कौर ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता परनीत कौर ने भी मामले को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

परनीत कौर के मुताबिक, सत्ता में बैठे लोगों पर लगे आरोपों को केवल राजनीतिक मामला बताकर खारिज करने के बजाय जांच एजेंसियों को मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।

शनिवार को चंडीगढ़ में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा। फिलहाल प्रदर्शनकारी महिलाएं सड़क पर धरने पर बैठी रहीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं।

पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: PPSC नियमों में संशोधन, 132 पदों को मंजूरी

Punjab Cabinet Meeting: सीएम भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में PPSC ग्रुप-1 रेगुलेशन में संशोधन, फूड ग्रेन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी और अस्पतालों में 132 पद भरने को मंजूरी दी गई।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में शनिवार को चंडीगढ़ में पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के बाद विभिन्न फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की।

कैबिनेट बैठक में PPSC ग्रुप-1 रेगुलेशन में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा राज्य में नई सरकारी भर्तियां निकालने को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार की ओर से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

बैठक में पंजाब फूड ग्रेन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी को भी हरी झंडी दे दी गई। इस फैसले के जरिए खाद्यान्न के परिवहन से जुड़े कामकाज को लेकर नीति को मंजूरी प्रदान की गई है।

अस्पतालों में पद भरने को मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पदों को भरने की भी मंजूरी दी। जानकारी के मुताबिक, चमकौर साहिब अस्पताल में 33 पद, जबकि मलेरकोटला और धूरी के अस्पतालों में 19 पद भरने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा डेंटल विभाग में 80 पदों को भरने की अनुमति दी गई है।

इस तरह स्वास्थ्य और डेंटल विभाग से जुड़े कुल 132 पदों को भरने का रास्ता साफ हुआ है।

अब तक 71 हजार सरकारी नौकरियां देने का दावा

कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान अब तक युवाओं को 71 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने सरकार की भर्ती प्रक्रिया और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया।

पंजाब कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में सरकारी भर्ती, स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्यान्न परिवहन व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के तौर पर देखा जा रहा है।

गांवों के विकास के लिए पंचायतों को मजबूत करना जरूरी: हरदीप सिंह मुंडियन

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन, जल आपूर्ति एवं सैनिटेशन तथा हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा है कि गांवों के समग्र विकास के लिए ग्राम पंचायतों को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने सरपंचों से पंचायतों को अधिक सक्षम बनाने और गांवों में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मुंडियन आज लुधियाना के गुरु नानक देव भवन के ऑडिटोरियम में पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों (सरपंचों) के लिए आयोजित जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य सरपंचों को ओन सोर्स रेवेन्यू (ORS) और ग्राम पंचायत डेवलपमेंट स्कीम सहित विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाना था।

कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं सरपंचों को सरकारी योजनाओं, उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया और पंचायतों की जिम्मेदारियों को समझने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की सही जानकारी होने से वे अपने गांव की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कार्यशाला के दौरान सरपंचों को पंचायतों के अपने स्रोत से आय बढ़ाने, ओन सोर्स रेवेन्यू के विभिन्न माध्यमों और पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। मुंडियन के अनुसार पंचायतों की अपनी आय में बढ़ोतरी होने से विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं और गांवों में विकास को और गति दी जा सकती है।

कार्यशाला में ग्राम पंचायत डेवलपमेंट स्कीम से संबंधित विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के उद्देश्य, लाभार्थियों, पात्रता, योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया और ग्राम पंचायत स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई।

संबंधित विभागों के विशेषज्ञों और नोडल अधिकारियों ने विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं पर विशेष जानकारी साझा की। इस दौरान सरपंचों की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए गए और योजनाओं के व्यावहारिक पहलुओं को समझाया गया।

मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य गांवों को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकास की दृष्टि से आगे बढ़ाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरपंचों से सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने और गांवों के विकास कार्यों में तेजी लाने की अपील की।

इस अवसर पर विधायक जीवन सिंह संगोवाल, विधायक हाकम सिंह ठेकेदार, विधायक जगतार सिंह दयालपुरा, लुधियाना जिला परिषद के चेयरमैन जगरूप सिंह सेह, लुधियाना के डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर (DDPO) हितेन कपिला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में सरपंच मौजूद रहे।

नाभा: अकाली दल ने खोला नया ऑफिस, लालका ने AAP सरकार पर साधा निशाना

नाभा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : चेतन मेहता

नाभा विधानसभा क्षेत्र में शिरोमणि अकाली दल ने अपनी चुनावी गतिविधियों को तेज करते हुए बोड़ा गेट पर नया पार्टी कार्यालय खोला। कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर सुखमणि साहिब का पाठ करवाया गया, जिसमें अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, सरपंचों, पंचों और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

इस मौके पर अकाली दल के वरिष्ठ नेता गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना, अमृत पाल सिंह राठी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यालय के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए नाभा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी मक्खन सिंह लालका ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाने और हलके के लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए बोड़ा गेट पर अकाली दल का कार्यालय खोला गया है। उन्होंने कहा कि हलके के लोग अपनी समस्याओं को लेकर यहां संपर्क कर सकते हैं और वह हमेशा उनकी सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे।

लालका ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े कथित पांच करोड़ रुपये के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की महिलाओं को एक हजार रुपये देने की बात की जा रही है, जबकि दूसरी तरफ पांच करोड़ रुपये के लेन-देन के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने इसे पंजाब को लूटने का आरोप लगाते हुए सरकार पर हमला बोला।

Ludhiana : 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी; मंत्रियों और MLA के घेराव की तैयारी

लुधियाना में कर्मचारी संगठनों की बैठक में आंदोलन का बड़ा ऐलान हुआ। 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी, 12-13 सितंबर को मंत्रियों और 19-20 सितंबर को MLA के घरों के घेराव की घोषणा की गई।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब में कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। लुधियाना में अलग-अलग कर्मचारी संगठनों की हुई बैठक के दौरान आंदोलन की अगली रणनीति को लेकर कई बड़े फैसलों की घोषणा की गई। संगठनों ने कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए पत्रों को वापस लेने की मांग करते हुए चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया।

कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी की जाएगी। संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों के खिलाफ जारी पत्रों को वापस लेने की मांग को लेकर यह कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इन पत्रों को तुरंत वापस लेने की मांग की।

12-13 सितंबर को मंत्रियों के घरों का घेराव

कर्मचारी संगठनों ने घोषणा की कि 12 और 13 सितंबर को पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों का घेराव किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि सरकार तक कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं की आवाज पहुंचाने के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

इसके बाद 19 और 20 सितंबर को विधायकों (MLA) के घरों का घेराव करने का भी ऐलान किया गया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

21-22 सितंबर को फिर सामूहिक छुट्टी

बैठक में 21 और 22 सितंबर को दोबारा सामूहिक छुट्टी रखने का ऐलान किया गया। कर्मचारी संगठनों ने इसे आंदोलन के अगले चरण के तौर पर बताया है।

30 सितंबर को चंडीगढ़ में होगी ‘कर्मचारी विधानसभा’

कर्मचारी संगठनों ने कहा कि 30 सितंबर को चंडीगढ़ में कर्मचारी विधानसभा आयोजित की जाएगी। नेताओं के मुताबिक, इस दौरान कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार के खिलाफ आंदोलन की आगे की रणनीति पर भी चर्चा होगी।

10 अक्टूबर को संगरूर में बड़ी रैली

कर्मचारी नेताओं ने 10 अक्टूबर को संगरूर में बड़ी रैली करने की भी घोषणा की। उनका दावा है कि इस रैली के जरिए सरकार तक कर्मचारियों की मांगों की आवाज मजबूती से पहुंचाई जाएगी।

‘डिस्कवरी मूवी’ के बहिष्कार का भी ऐलान

बैठक के दौरान कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने ‘डिस्कवरी मूवी’ के बहिष्कार की बात भी कही। हालांकि, इस संबंध में बहिष्कार के कारण और इसके स्वरूप को लेकर संगठनों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

कर्मचारी संगठनों ने सरकार से कर्मचारियों के खिलाफ जारी पत्रों को वापस लेने और उनकी मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। वहीं, घोषित कार्यक्रमों के जरिए संगठनों ने संकेत दिया है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।

नोट: आंदोलन का कार्यक्रम और लगाए गए आरोप कर्मचारी संगठनों के नेताओं द्वारा बताए गए हैं। सरकार या संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।


वड़िंग का दावा- 2027 में पंजाब में कांग्रेस बनाएगी सरकार

माछीवाड़ा में राजा वड़िंग ने कहा कि 2027 में कांग्रेस हाईकमान योग्य समझे तो वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहेंगे। उन्होंने कांग्रेस की टिकट और गुटबाजी समेत कई मुद्दों पर बयान दिया।

माछीवाड़ा / सत्ता संदेश

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। वड़िंग ने कहा कि अगर कांग्रेस हाईकमान उन्हें योग्य समझता है तो वह 2027 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहेंगे।

माछीवाड़ा में अपने करीबी साथी और जिला उपप्रधान कस्तूरी लाल मिंटू के कार्यालय पहुंचे राजा वड़िंग ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान पंजाब की राजनीति, कांग्रेस की चुनावी रणनीति और पार्टी में गुटबाजी समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

टिकटों को लेकर कांग्रेस की तैयारी

राजा वड़िंग ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस इस बार उम्मीदवारों की घोषणा में पीछे नहीं रहेगी। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी हाईकमान जल्द ही विधानसभा उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है और संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

गुटबाजी पर बोले वड़िंग- लगभग हर पार्टी में मतभेद

कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज लगभग हर राजनीतिक दल में गुटबाजी और मतभेद देखने को मिलते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में मौजूद मतभेदों को हाईकमान जल्द ही खत्म कर देगा।

वड़िंग ने पार्टी के भीतर कथित तौर पर मौजूद ‘स्लीपर सेल’ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पूर्व कांग्रेस नेता रवनीत सिंह बिट्टू का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि बिट्टू कांग्रेस में रहते हुए भाजपा नेताओं से मुलाकात करते रहे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

वड़िंग ने दावा किया कि पार्टी में ऐसे और लोग भी हो सकते हैं, जिनकी पहचान करना जरूरी है।

1984 के मामले में सज्जन कुमार की मौत पर क्या बोले?

1984 के सिख कत्लेआम मामले में दोषी रहे सज्जन कुमार की मौत से जुड़े सवाल पर राजा वड़िंग ने कहा कि गुनहगारों को सजा देने का काम भगवान का है।

उन्होंने कहा कि जिन्होंने हत्या की या हत्या करवाई, उनके बारे में अकाल पुरख सब जानता है और वही न्याय करता है।

मुख्यमंत्री चेहरे पर फैसला हाईकमान करेगा

पंजाब में कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर वड़िंग ने कहा कि यह फैसला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे या राहुल गांधी इस संबंध में निर्णय लेंगे।

वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में राहुल गांधी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल कर राज्य में सरकार बनाएगी।

कस्तूरी लाल मिंटू की तारीफ

माछीवाड़ा दौरे के दौरान वड़िंग ने अपने साथी कस्तूरी लाल मिंटू की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मिंटू जैसे मेहनती नेताओं के प्रयासों से पंजाब में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी और पार्टी सत्ता में वापसी कर सकती है।

बाबा बकाला सम्मेलन को लेकर मान-मजीठिया पर निशाना

बाबा बकाला साहिब में हुए राजनीतिक सम्मेलनों को लेकर राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे, कर्ज और रोजगार जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय दोनों नेता एक-दूसरे पर राजनीतिक तंज कसते नजर आए। वड़िंग ने इसे उचित नहीं बताया और कहा कि राजनीतिक नेताओं को पंजाब के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजा वड़िंग का यह बयान पंजाब की राजनीति में चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने को लेकर अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान और चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहें

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में अकाली समागम हुआ। बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से गुरु की शिक्षाओं पर चलने की अपील की, जबकि सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट और पंथिक एकता को लेकर चिंता जताई।

बाबा बकाला / सत्ता संदेश

रखड़ पुण्या के पवित्र अवसर पर बाबा बकाला की धरती पर आयोजित राजनीतिक समागम में शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने पंथिक एकता, पार्टी की मजबूती और गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और विरोधियों पर निशाना साधते हुए पंथिक ताकत को मजबूत करने की अपील की।

बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं को दिया चढ़दी कला में रहने का संदेश

अपने संबोधन में बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में घबराने के बजाय सिखों को गुरु साहिबानों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर मजबूती के साथ खड़ा रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिख इतिहास हर कठिन परिस्थिति में हिम्मत, दृढ़ता और सच्चाई के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह के दबाव में न झुकने और गुरु की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीने की अपील की।

मजीठिया ने कहा कि अचानक आने वाली मुश्किल परिस्थिति से कोई भी व्यक्ति कुछ समय के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन मजबूत इरादों वाला व्यक्ति हालात का डटकर सामना करता है। उन्होंने अकाली कार्यकर्ताओं से भी मुश्किल समय में संयम बनाए रखने और पार्टी के लिए मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया।

सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट को लेकर जताई चिंता

समागम के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने पंथिक मुद्दों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सिख इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जगहों और स्मारकों को याद करने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने बाबा बंदा सिंह बहादुर की यादगार, छोटा घल्लूघारा और वड्डा घल्लूघारा जैसी ऐतिहासिक जगहों का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्थानों से सिख समुदाय के इतिहास, संघर्ष और कुर्बानियों की प्रेरणा मिलती है।

‘अकाली दल कमजोर हुआ तो बढ़ा सरकारी दखल’

सुखबीर बादल ने कहा कि जब शिरोमणि अकाली दल मजबूत स्थिति में था, तब कई महत्वपूर्ण गुरुद्वारों का प्रबंधन पंथिक संगठनों के हाथों में था। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल के कमजोर होने के बाद कुछ धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में सरकारी दखल बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि गुरु घरों का प्रबंधन मजबूत पंथिक संस्थाओं के हाथों में रहना जरूरी है। सुखबीर बादल ने कार्यकर्ताओं से पंथिक ताकत को मजबूत करने और धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।

माझा को बताया अकाली दल की पारंपरिक ताकत

सुखबीर बादल ने माझा क्षेत्र को शिरोमणि अकाली दल की पारंपरिक ताकत बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी का साथ दिया है।

उन्होंने पंजाब के पिछले दशकों के राजनीतिक और सामाजिक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने कई मुश्किल दौर देखे हैं और लोगों ने अलग-अलग समय पर बड़ी कुर्बानियां दी हैं।

पंथिक एकता और अकाली दल को मजबूत करने की अपील

समागम के दौरान अकाली नेताओं ने कार्यकर्ताओं से सिख इतिहास से प्रेरणा लेने, पंथिक एकता को मजबूत करने और शिरोमणि अकाली दल को दोबारा मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में आयोजित यह समागम अकाली दल के लिए धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां पार्टी नेताओं ने पंथिक मुद्दों के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने का संदेश कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया।


बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहे

टांडा में पंजाब सरकार के खिलाफ कर्मचारियों-पेंशनर्स का प्रदर्शन, AAP ऑफिस तक निकाला मार्च

टांडा उर्मुर मे पंजाब कर्मचारियों और पेंशनर्स के ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। कर्मचारियों ने DA, पुरानी पेंशन, नियमित भर्ती और खाली पद भरने समेत कई मांगें उठाईं।

होशियारपुर / सत्ता संदेश

Report : जसप्रीत सिंह सैनी

पंजाब सरकार के खिलाफ अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों और पेंशनर्स ने टांडा उर्मुर में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब कर्मचारियों और पेंशनर्स के ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक, PSPCL कर्मचारी, मिनिस्टीरियल स्टाफ, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आशा वर्कर्स, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ सामूहिक छुट्टी लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।

कर्मचारियों और पेंशनर्स ने स्थानीय शिमला पहाड़ी पर एकत्रित होकर आम आदमी पार्टी के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

महंगाई भत्ता जारी करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने पंजाब सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों की अनदेखी करने के आरोप लगाए। नेताओं ने दावा किया कि कर्मचारियों और पेंशनर्स का 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) रोका गया है, जिससे महंगाई के इस दौर में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारी नेताओं ने सरकार से लंबित महंगाई भत्ते को जारी करने और कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों का समाधान करने की मांग की।

पुरानी पेंशन योजना को लेकर भी सरकार पर निशाना

प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर भी पंजाब सरकार पर वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन से संबंधित नोटिफिकेशन के बावजूद कर्मचारियों की मांगों को लागू नहीं किया जा रहा।

नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों के भविष्य और बुढ़ापे की सुरक्षा को लेकर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और भर्ती की मांग

प्रदर्शन के दौरान विभिन्न विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारी नेताओं ने एसोसिएट टीचर्स और फॉरेस्ट्री वर्कर्स को नियमित करने, कंप्यूटर टीचर्स को रेगुलर करने तथा मिड-डे मील वर्कर्स, आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की।

नेताओं ने कहा कि अलग-अलग विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर नियमित भर्ती की जानी चाहिए, ताकि पंजाब के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके।

शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक काम लेने का विरोध

प्रदर्शन में शिक्षक संगठनों ने शिक्षकों से चुनाव ड्यूटी, जनगणना, BLO और विभिन्न सर्वे जैसे गैर-शैक्षणिक कार्य करवाने का विरोध किया।

शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने के बजाय स्कूलों में पढ़ाई पर ध्यान देने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने नई शिक्षा नीति को लेकर भी विरोध जताया और इसे वापस लेने की मांग रखी।

मोहल्ला क्लीनिकों के डॉक्टरों और स्टाफ को नियमित करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने मोहल्ला क्लीनिकों में कार्यरत डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को पूरे ग्रेड के साथ नियमित करने की मांग उठाई।

नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों को स्थायी रोजगार और उचित वेतनमान दिया जाना जरूरी है।

‘डमी बेनिफिट स्कीमों’ के बजाय खाली पद भरने की मांग

प्रदर्शन के दौरान एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को आकर्षित करने वाली कथित डमी या डुप्लीकेट बेनिफिट स्कीमों के बजाय पंजाब के अलग-अलग विभागों में खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती की जानी चाहिए।

नेताओं के मुताबिक, इससे लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सकता है और सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी भी दूर होगी।

इन नेताओं ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व

टांडा उर्मुर में हुए इस विरोध प्रदर्शन और मार्च का नेतृत्व टीचर लीडर रमेश होशियारपुरी, लेफ्टिनेंट अमर सिंह, गुरदीप सिंह खुनखुन, पेंशनर लीडर हरदीप खुदा और सुखदेव जाजा सहित अन्य नेताओं ने किया।

Punjab : वारिस पंजाब पार्टी की सक्रियता तेज, जगजीत सिंह धालीवाल ने धार्मिक स्थलों पर टेका माथा

पंजाब में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कपूरथला में वारिस पंजाब पार्टी के हलका इंचार्ज जगजीत सिंह धालीवाल ने धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर पंजाब की खुशहाली और अमन-शांति की कामना की।

कपूरथला / सत्ता संदेश

पंजाब में चुनावी माहौल नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने लगी है। विभिन्न पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच पहुंचकर जनसंपर्क मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में वारिस पंजाब पार्टी के कपूरथला हलका इंचार्ज जगजीत सिंह धालीवाल ने कपूरथला शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुरुद्वारा साहिब में की अरदास, मंदिरों में भी लिया आशीर्वाद

जगजीत सिंह धालीवाल ने कपूरथला शहर में विभिन्न धार्मिक स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर अरदास की। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग मंदिरों में पहुंचकर भी उन्होंने पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।

इस दौरान उन्होंने पंजाब में अमन-शांति, आपसी भाईचारे और लोगों की खुशहाली की कामना की।

लोगों के हितों की रक्षा करना पार्टी का उद्देश्य: धालीवाल

जगजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना या सत्ता हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों के हितों के लिए काम करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य पंजाब के लोगों के अधिकारों की रक्षा करना है।

धालीवाल के मुताबिक, पार्टी का प्रयास है कि पंजाब में किसी भी व्यक्ति के साथ धक्केशाही न हो और हर व्यक्ति को न्याय मिल सके।

सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को खुला निमंत्रण

धालीवाल ने कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के साथ अन्याय या धक्केशाही होती है तो वह अपनी समस्या लेकर उनके पास आ सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को अपनी समस्याएं उनके सामने रखने का खुला निमंत्रण दिया।

उन्होंने कहा कि वह पार्टी की विचारधारा से ऊपर उठकर लोगों की समस्याओं को सुनने का प्रयास करेंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनकी समस्याओं को उठाया जाएगा।

न्यायप्रिय समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील

जगजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ राजनीति करना नहीं है। उनका कहना है कि लोगों का भला करना और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है तो उसकी आवाज उठाना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर वह आला अधिकारियों से मुलाकात कर लोगों की समस्याओं को उनके सामने रखेंगे।

धालीवाल ने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को लेकर बेझिझक उनसे संपर्क करें, ताकि उनकी आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके।

उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करना होना चाहिए।

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां

पंजाब में चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। नेता लगातार धार्मिक स्थलों, सामाजिक कार्यक्रमों और आम लोगों के बीच पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। ऐसे में कपूरथला हलके में जगजीत सिंह धालीवाल की धार्मिक स्थलों की यात्रा को भी राजनीतिक और जनसंपर्क गतिविधियों के तौर पर देखा जा रहा है।

डॉ. धर्मवीर गांधी के बयान पर सनातन सेवा समिति का विरोध, लुधियाना पुलिस कमिश्नर से शिकायत

लुधियाना: कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के सनातन धर्म को लेकर दिए गए कथित बयान पर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। सनातन सेवा समिति मालवा जोन ने उनके बयान पर विरोध जताते हुए लुधियाना पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दी है। समिति का आरोप है कि डॉ. धर्मवीर गांधी की टिप्पणियों से हिंदू समाज और सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ. धर्मवीर गांधी ने अलग-अलग धार्मिक स्थलों और सरकार की ओर से हिंदुत्व से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर टिप्पणी की है। संगठन ने इन टिप्पणियों को आपत्तिजनक और निंदनीय बताया है।

पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की मांग

सनातन सेवा समिति मालवा जोन के महासचिव वरन मेहता ने इस संबंध में लुधियाना पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।

समिति का कहना है कि सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले की जांच की जानी चाहिए। संगठन ने पुलिस से शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित बयान की जांच कर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की है।

संगठन ने जताया कड़ा विरोध

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक मामलों पर सार्वजनिक बयान देते समय सभी को संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या धार्मिक आस्था से जुड़ी ऐसी टिप्पणी नहीं होनी चाहिए, जिससे किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों।

फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। मामले में डॉ. धर्मवीर गांधी का पक्ष सामने आना बाकी है।