मानसा में वकीलों का LADCSनीति के खिलाफ रोष मार्च, 7 अगस्त को जंतर-मंतर पर देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी
जिला बार एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से नीति पर पुनर्विचार की मांग की, कहा- मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
मानसा/ सत्ता संदेश
जिला बार एसोसिएशन मानसा के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) नीति के विरोध में जोरदार रोष मार्च निकाला। कोर्ट कॉम्प्लेक्स से शुरू होकर बस स्टैंड तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में वकीलों ने भाग लिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द स्वीकार करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि वकील समुदाय लंबे समय से एलएडीसीएस नीति का विरोध कर रहा है। उनका आरोप है कि यह नीति अधिवक्ताओं के हितों के विपरीत है और इससे उनके पेशे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ताओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
बार एसोसिएशन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 7 अगस्त 2026 को देशभर के अधिवक्ता नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सभी राज्यों के वकीलों से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की भी अपील की।
रोष मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
वकीलों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

