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दुष्कर्म मामले में AAP विधायक हरमीत पठानमाजरा गिरफ्तार: ग्वालियर से दबोचे गए, कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

पंजाब डेस्क: सनौर (पटियाला) से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पंजाब पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पठानमाजरा पिछले साल सितंबर में दर्ज हुए एक दुष्कर्म (मिसडीड) मामले में पिछले कई महीनों से फरार चल रहे थे। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

4 दिन की पुलिस रिमांड: गिरफ्तारी के बाद पठानमाजरा को पटियाला के सीआईए (CIA) स्टाफ लाया गया और जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जहाँ पुलिस उनसे गहन पूछताछ करेगी।

मामले की पृष्ठभूमि और फरारी: विधायक के खिलाफ पटियाला के सिविल लाइन थाने में जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इससे पहले जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए हरियाणा के एक गांव में पहुंची थी, तो वह कथित तौर पर पुलिस पार्टी पर हमला करके फरार हो गए थे। फरारी के दौरान उनके ऑस्ट्रेलिया में होने की खबरें भी सामने आई थीं।

अपनी ही सरकार पर लगाए थे आरोप: फरार रहने के दौरान पठानमाजरा सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट जारी कर अपनी ही सरकार के खिलाफ हमलावर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह कार्रवाई बदले की राजनीति के तहत की गई है क्योंकि उन्होंने बाढ़ के समय अपने सनौर हलके के लोगों के हक के लिए सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी।

डीएम सुसाइड केस: गमगीन माहौल में हुआ रंधावा का अंतिम संस्कार

पंजाब डेस्क: पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में मंगलवार, 24 मार्च 2026 को बड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। अमृतसर की एक अदालत ने पूर्व जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

कोर्ट की कार्यवाही और रिमांड: अमृतसर पुलिस ने मंगलवार शाम करीब 6 बजे लालजीत भुल्लर को अदालत में पेश किया। पुलिस ने मामले की तह तक जाने और मृतक द्वारा छोड़े गए वीडियो में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच के लिए 7 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने 5 दिन की रिमांड मंजूर की। सोमवार को दोबारा पेशी तक पुलिस आरोपी से पूछताछ कर तथ्यों की पुष्टि करेगी। पेशी के दौरान अदालत परिसर के बाहर भुल्लर के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की, जिसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

अंतिम विदाई और सुरक्षा: दूसरी ओर, पीड़ित डीएम गगनदीप सिंह रंधावा का शव मंगलवार को मेडिकल बोर्ड की निगरानी में किए गए पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे अमृतसर के शिवपुरी दुर्गियाना मंदिर में भारी सुरक्षा व्यवस्था और गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

मामले की पृष्ठभूमि: गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार रात जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसकी शनिवार को अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मरने से पहले रंधावा ने एक वीडियो जारी कर पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस ने भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और साजिश रचने की धाराओं में मामला दर्ज किया था।

CM ने CBI जांच से किया इनकार: इस संवेदनशील मामले को लेकर पंजाब की सियासत में भी हलचल तेज है। कांग्रेस ने जहां कैंडल मार्च निकाला, वहीं भाजपा ने अमृतसर में प्रदर्शन कर पूर्व मंत्री का पुतला फूंका। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस इस मामले की जांच करने में पूरी तरह सक्षम है।

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अस्पताल से डिस्चार्ज; घुटने की सफल सर्जरी के बाद लौटे घर

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वे पिछले कुछ समय से घुटने के गंभीर दर्द से जूझ रहे थे, जिसके कारण उनकी दैनिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं।

सफल रहा ऑपरेशन: डॉक्टरों की सलाह के बाद, कैप्टन अमरिंदर सिंह को नी-रिप्लेसमेंट (घुटने बदलने) की सर्जरी के लिए बीते मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सर्जरी से पहले उनके ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन और अन्य जरूरी मेडिकल टेस्ट किए गए, जिनके सामान्य आने के बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक उनका ऑपरेशन संपन्न किया।

नेताओं ने जाना हाल-चाल : अस्पताल में उनके प्रवास के दौरान पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्वनी शर्मा ने उनसे मुलाकात की और उनके जल्द स्वस्थ होकर जनता की सेवा में लौटने की कामना की। शर्मा ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी भी साझा की थी।

बीजेपी में ही रहेंगे कैप्टन: कैप्टन की बीमारी के बीच ही पंजाब की राजनीति में उनके दल बदलने की अटकलें भी तेज हो गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस की ओर से उन्हें वापस आने का ऑफर दिया गया था, लेकिन उनकी बेटी जय इंदर कौर ने स्पष्ट कर दिया है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे। इसी दौरान, कैप्टन और उनके बेटे रणइंदर सिंह को ईडी (ED) द्वारा समन जारी किए जाने की खबर भी सामने आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज है।

कांग्रेस का कैप्टन को ‘घर वापसी’ का ऑफर: ईडी नोटिस के बाद गरमाई पंजाब की सियासत; बेटी बोली- ‘भाजपा में ही रहेंगे पिता’

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक पुराने मामले में कैप्टन को समन (Notice) जारी किए जाने के बाद, कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में वापस लौटने का न्योता दिया है।

भूपेश बघेल ने दिया ऑफर: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कैप्टन के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए उन्हें ‘घर वापसी’ का ऑफर दिया है। बघेल ने कहा कि यदि कैप्टन कांग्रेस में लौटने पर विचार करते हैं, तो पार्टी इस पर विचार कर सकती है, हालांकि अंतिम फैसला हाईकमान ही लेगा। उन्होंने कैप्टन को पंजाब की राजनीति का एक बड़ा और प्रभावशाली चेहरा बताया।

बेटी जय इंदर कौर का दो टूक जवाब: कांग्रेस की इस पेशकश पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी और पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनके पिता भाजपा में ही रहेंगे और कहीं नहीं जा रहे हैं। ईडी नोटिस पर उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें नोटिस मिला है, और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

सियासी बयानबाजी और आरोप: कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आरोप लगाया है कि जैसे ही कैप्टन ने पंजाब के मुद्दों और भाजपा की समझ पर सवाल उठाए, उन्हें ईडी का समन भेज दिया गया। उन्होंने इसे केंद्रीय एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की रणनीति करार दिया। दूसरी ओर, 84 वर्षीय कैप्टन अमरिंदर सिंह लगातार पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के गठबंधन की वकालत कर रहे हैं ताकि 2027 के चुनावों में मजबूती से उतरा जा सके।

कैप्टन का राजनीतिक सफर: कैप्टन अमरिंदर सिंह तीन बार पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं। 2021 में मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और अपनी नई पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ बनाई, जिसका सितंबर 2022 में उन्होंने भाजपा में विलय कर दिया था।

बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: आय से ज़्यादा संपत्ति मामले में ज़मानत मिली

पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आय से ज़्यादा संपत्ति मामले में उनकी ज़मानत अर्ज़ी मंज़ूर कर ली है। गौरतलब है कि मजीठिया को 25 जून, 2025 को उनके अमृतसर वाले घर से गिरफ़्तार किया गया था और तब से वे नई नाभा जेल में बंद हैं।

40 हज़ार पेज की चार्जशीट और आरोप: विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के ख़िलाफ़ मोहाली कोर्ट में 40 हज़ार पेज की चार्जशीट फ़ाइल की है, जिसमें पता चला है कि उन्होंने 700 करोड़ रुपये की गैर-कानूनी संपत्ति जमा की है। इस मामले में पंजाब पुलिस के पूर्व अधिकारियों और ED अधिकारियों समेत करीब 200 सरकारी गवाह बनाए गए हैं।

पॉलिटिकल रिएक्शनशिरोमणि अकाली दल: पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि भले ही इसमें समय लगा, लेकिन इंसाफ हुआ है। उन्होंने कहा कि मजीठिया के बाहर आने से पूरे अकाली दल में खुशी की लहर है।

आम आदमी पार्टी: पंजाब के कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बेल मिलने का मतलब यह नहीं है कि वह बरी हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि मजीठिया के खिलाफ पक्के सबूत हैं और लीगल प्रोसेस जारी रहेगा।

2027 के चुनाव पर असर पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मजीठिया की जाट सिख वोट बैंक और माझा इलाके में मजबूत पकड़ है। उनकी रिहाई से 2027 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल को बड़ी बढ़त मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, राधा स्वामी सत्संग ब्यास के हेड बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों और मजीठिया के बीच जेल में हुई मुलाकात को भी पॉलिटिकल तौर पर अहम माना जा रहा है।

वह जेल से कब रिहा होंगे? मजीठिया को NDPS केस में पहले ही बेल मिल चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी मिलने और लीगल प्रोसेस पूरा होने के बाद वह जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं। हालांकि, सरकारी काम में रुकावट डालने के एक अलग केस में उनकी बेल को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

“मेरे खिलाफ फेक प्रोपेगैंडा किया जा रहा है”: जातिवादी बयानों पर चरणजीत चन्नी का बचाव; कहा – “मैं चमकौर की धरती का बेटा हूं”

पंजाब डेस्क: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने खिलाफ जातिवाद की खबरों को सिरे से नकारते हुए इसे “फेक प्रोपेगैंडा” बताया है। उन्होंने कहा कि वह गुरु साहिबान के सिद्धांत “मानस की जाति सबै एकै पहचानबो” को मानते हैं और उन्होंने किसी भी मीटिंग में किसी खास जाति या समुदाय के खिलाफ कुछ नहीं कहा है।

विवाद का कारण: गौरतलब है कि हाल ही में चंडीगढ़ में हुई पंजाब कांग्रेस के SC सेल की मीटिंग के बाद यह चर्चा थी कि चन्नी ने पार्टी में सिर्फ जाट सिखों के पदों पर होने और दलितों को नजरअंदाज करने का मुद्दा उठाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चन्नी ने सवाल उठाया था कि प्रदेश अध्यक्ष, विपक्ष के नेता और NSUI के अध्यक्ष सभी एक ही समुदाय से हैं, जिसकी वजह से दलितों को लीडरशिप नहीं मिल पा रही है।

चन्नी का तर्क: चरणजीत सिंह चन्नी ने एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा हर वर्ग की आवाज़ उठाई है। उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में भी उन्होंने सिखों, पंजाब, किसानों और खेत मज़दूरों के हक़ की बात की है। उन्होंने पंजाब को ‘गुलदस्ता’ बताया और कहा कि सबको साथ लेकर चलने से ही पार्टी मज़बूत होगी।

राजा वारिंग का रिएक्शन: इस मामले पर पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने चन्नी का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस में कोई भेदभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि चन्नी खुद सबसे ऊँचे पद (CWC मेंबर) पर तैनात हैं और वह ऐसा कुछ नहीं कह सकते। वारिंग ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने ही चन्नी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया था और दलित समुदाय हमेशा से पार्टी के लिए “सिर का ताज” रहा है।

BJP नेता सुनील जाखड़ की तबीयत अचानक बिगड़ी, मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में…

पंजाब डेस्क: BJP नेता सुनील कुमार जाखड़ की रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, सुबह उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी।

टेस्ट के बाद डिस्चार्ज: हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने तुरंत उनकी जांच शुरू की और एंजियोग्राफी समेत कई ज़रूरी टेस्ट किए गए। राहत की बात यह रही कि मेडिकल जांच के बाद उनकी सभी रिपोर्ट नॉर्मल आईं। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर अपने घर लौट आए हैं।

गवर्नर से मीटिंग टली: खराब सेहत के चलते सुनील जाखड़ ने पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के साथ अपनी ज़रूरी मीटिंग टाल दी। मीटिंग सुबह 10 बजे राजपाल भवन में होनी थी। जाखड़ की गैरमौजूदगी में BJP नेता सुभाष शर्मा की लीडरशिप में एक डेलीगेशन गवर्नर से मिला।

पॉलिटिकल बैकग्राउंड: सुनील जाखड़ पंजाब की पॉलिटिक्स में एक बड़ी हस्ती हैं। वह पूर्व लोकसभा स्पीकर बलराम जाखड़ के बेटे हैं और अबोहर से तीन बार MLA रह चुके हैं। BJP में शामिल होने से पहले, वह कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं।

SGPC के पूर्व CA सतिंदर सिंह कोहली गिरफ्तार, बादल परिवार के माने जाते हैं करीबी

पंजाब डेस्क: अमृतसर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सतिंदर सिंह कोहली को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पवित्र स्वरूपों के गायब होने के मामले में गिरफ्तार किया है।

सूत्रों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी पंचकूला से हुई है।मामले का बैकग्राउंड यह मामला साल 2020 में तब सुर्खियों में आया था जब श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा बनाई गई जांच कमेटी ने पवित्र स्वरूपों के मैनेजमेंट में बड़ी लापरवाही और रिकॉर्ड में गड़बड़ी का खुलासा किया था।

हाल ही में पुलिस ने इस संबंध में एक FIR दर्ज की थी, जिसमें सतिंदर कोहली समेत 16 लोगों के नाम शामिल थे।फाइनेंशियल गड़बड़ियों के आरोप जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कोहली की फर्म ‘सतिंदर सिंह कोहली एंड एसोसिएट्स’ को 2009 में SGPC के अकाउंट्स के ऑडिट और कंप्यूटराइजेशन के लिए 3.5 लाख रुपये महीने की सैलरी पर रखा गया था।

आरोप है कि उन्होंने सिर्फ़ एक काम किया लेकिन चार कामों का पेमेंट लिया, जिससे अकाउंट्स में बड़ी गड़बड़ी हुई। सूत्रों का यह भी कहना है कि वह सालाना 1 करोड़ रुपये तक का पेमेंट लेते रहे हैं।पॉलिटिकल कनेक्शन और रिएक्शन सतिंदर कोहली को शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल का बहुत करीबी माना जाता है, और वह उनके पर्सनल और बिज़नेस अकाउंट्स भी संभालते रहे हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले भी इस मामले पर सवाल उठा चुके हैं। आम आदमी पार्टी के स्पोक्सपर्सन कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस गिरफ्तारी को सिख कम्युनिटी के लिए ऐतिहासिक दिन बताया है, जबकि अकाली दल के कुछ नेता इसे पॉलिटिकल बदला बता रहे हैं।पुलिस अब कोहली के फाइनेंशियल कनेक्शन और इनकम के सोर्स की गहराई से जांच कर रही है।