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लुधियाना : CBI रेड के विरोध में AAP का प्रदर्शन, BJP ऑफिस के बाहर जमकर नारेबाजी

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक: 7 अक्टूबर 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर हुई CBI की कार्रवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को लुधियाना में BJP कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन दाना मंडी, अरोड़ा पैलेस के पास स्थित BJP कार्यालय के बाहर किया गया।

प्रदर्शन में AAP जिला इंचार्ज जतिंदर सिंह खंगूरा, विधायक अशोक पराशर पप्पी, दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, कुलवंत सिंह सिद्धू, जीवन सिंह संगोवाल, हाकम सिंह ठेकेदार, लोकसभा इंचार्ज शरणपाल सिंह मक्कड़ और चेयरमैन हेमराज राजी समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और वॉलंटियर शामिल हुए।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने BJP कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ा दी थी। AAP नेताओं ने CBI की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और BJP पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल पंजाब में राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

AAP नेताओं ने कहा कि BJP पंजाबियों को डराकर आगामी विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि CBI की कार्रवाई का उद्देश्य मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी CBI कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल से जोड़कर देखा है।

प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और BJP के खिलाफ नारेबाजी की। दूसरी ओर, BJP कार्यकर्ताओं ने भी विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला जलाया। पुलिस ने दोनों पक्षों के प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।

CBI की कार्रवाई को लेकर पंजाब में AAP और BJP के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। CBI की जांच मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुमन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में हो रही है, जबकि AAP इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव बता रही है।

Barnala : BJP प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के घर के बाहर AAP का प्रदर्शन, ED-CBI कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी

बरनाला / सत्ता संदेश

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। ED और CBI की कार्रवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को बरनाला में जोरदार प्रदर्शन किया। AAP कार्यकर्ता पंजाब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के आवास के बाहर पहुंचे और केंद्र सरकार तथा बीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन को देखते हुए केवल सिंह ढिल्लों की कोठी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और आवास के बाहर बैरिकेडिंग की गई।

AAP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि केंद्र की जांच एजेंसियों ED और CBI की कार्रवाई का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। इसी के विरोध में पार्टी की ओर से पंजाब के अलग-अलग जिलों में बीजेपी नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

बरनाला में भी AAP कार्यकर्ताओं ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के आवास के बाहर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ नारे लगाए।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मौके पर सुरक्षा घेरा मजबूत किया और बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को आवास से दूर रखा। पुलिस प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई।

पंजाब में ED और CBI की कार्रवाई को लेकर AAP और BJP के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बरनाला में हुआ यह प्रदर्शन इसी बढ़ते सियासी टकराव की एक कड़ी माना जा रहा है।

Punjab CM Bhagwant Mann Camp Office CBI Raid: भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI की रेड का दावा, जानें पूरा मामला

पंजाब CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI की रेड का दावा, बोले- चुनाव से पहले BJP कर रही एजेंसियों का दुरुपयोग

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके कैंप ऑफिस पर छापेमारी की है। मुख्यमंत्री मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पोस्ट में कहा कि भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके कैंप ऑफिस पर CBI की टीम पहुंची है और आने वाले समय में पंजाब सरकार तथा उन्हें बदनाम करने के लिए ED और CBI का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब में उन्हें मिल रहे लोगों के प्यार से भाजपा घबरा गई है।

जानकारी के मुताबिक, CBI की टीमें पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर कार्रवाई कर रही हैं। इसी कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन के आवास पर भी CBI टीम के पहुंचने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम कथित तौर पर संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI की कार्रवाई

CBI की यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद सामने आई है, जिसमें ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े मामले की CBI जांच के निर्देश दिए गए थे। बताया जा रहा है कि इसी मामले के सिलसिले में CBI की टीमें अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब ट्रांसफर, पोस्टिंग और सरकारी कामकाज में कथित हस्तक्षेप से जुड़े मामले की सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है।

बिक्रम सिंह मजीठिया ने बताया ‘बड़ी कार्रवाई’

CBI की कार्रवाई को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे CBI की बड़ी कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार के खेल के अंत की शुरुआत है।

क्या है ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा पूरा मामला?

मामला पंजाब में अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग तथा कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पंजाब के DGP को पत्र लिखे जाने की बात सामने आई थी। इन पत्रों में मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।

ED की ओर से लगाए गए आरोपों में IAS और IPS अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित हस्तक्षेप तथा सरकारी टेंडरों से जुड़े मामलों में दखल का उल्लेख किया गया था। एजेंसी ने इन आरोपों के संबंध में कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग भी की थी।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष और जांच के अंतिम निष्कर्ष अलग विषय हैं। CBI की मौजूदा कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच और सामने आने वाले तथ्यों पर नजर बनी हुई है।

पंजाब में CM भगवंत मान से जुड़े ठिकानों पर CBI रेड के बाद सियासी घमासान, 2027 चुनाव से जोड़ा मामला

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

दिनांक : 07 अक्टूबर 2026

Punjab CBI Raid: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस और उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े ठिकानों पर CBI की कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने CBI की रेड को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा।

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए परेशान करना बीजेपी की कार्यशैली रही है। उन्होंने कहा कि CBI की कार्रवाई से अब साफ हो गया है कि पंजाब में चुनावी माहौल शुरू हो चुका है।

रेड में कुछ नहीं मिला- CM भगवंत मान

संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि CBI ने जिन-जिन ठिकानों पर छापेमारी की, वहां से कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी के अधिकारी कार्रवाई के बाद चले गए और उन्हें कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।

मान ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद उन्हें, उनके परिवार और पंजाब सरकार को बदनाम करना है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने कुछ गलत नहीं किया है तो वह किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने OSD राजबीर सिंह घुम्मन के गांव के लोगों द्वारा उनके समर्थन में खड़े होने की भी बात कही।

CBI ने पंजाब और चंडीगढ़ में 8 ठिकानों पर की तलाशी

वहीं, CBI के मुताबिक पंजाब और चंडीगढ़ में कुल आठ ठिकानों पर तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

CBI ने यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज की गई FIR के आधार पर की है।

राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोग FIR में आरोपी

CBI ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR में राजबीर घुम्मन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा के नाम शामिल हैं।

CBI के अनुसार, जांच में आरोप है कि आरोपियों ने IAS और IPS अधिकारियों की पोस्टिंग, विभागीय कार्यवाही, नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर की शर्तों, लाइसेंसिंग, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, संपत्ति विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के बदले कथित तौर पर आर्थिक लाभ हासिल किया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI की एंट्री

इस मामले की शुरुआत ED की जांच से हुई थी। ED ने पंजाब के DGP को पत्र लिखकर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में FIR दर्ज करने को कहा था। इसके बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा।

5 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने CBI को मामले की जांच सौंपने और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत ने पंजाब पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और CBI को दो महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।

हाईकोर्ट के इस आदेश को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इसी बीच CBI ने FIR दर्ज कर अगले ही दिन पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

फिलहाल CBI की कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है, जबकि CBI अपनी जांच के तहत जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

मनप्रीत सिंह अयाली का बड़ा बयान: पार्टी के रजिस्ट्रेशन और चुनाव चिन्ह में देरी पर उठाए सवाल

पंजाब / सत्ता संदेश

अकाली दल के वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने पार्टी के रजिस्ट्रेशन और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग तथा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अयाली ने कहा कि उनकी पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था, जबकि चुनाव आयोग की ओर से कथित तौर पर पार्टी को देश के लिए खतरा बताए जाने की बात सामने आई है।

मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि आजादी की लड़ाई में पंजाबियों का बड़ा योगदान रहा है और किसानों ने भी देश में क्रांति लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सिखों को देश के लिए खतरा बताना बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बात है।

अयाली ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर जल्द से जल्द चुनाव चिन्ह दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में अकाली दल ही पंजाब की विरासत का प्रतिनिधित्व करता है और राजनीतिक पार्टियां उनकी पार्टी के रजिस्ट्रेशन में रुकावटें पैदा कर रही हैं।

पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए अयाली ने कहा कि चंडीगढ़ का मुद्दा अभी तक हल नहीं हुआ, पानी का विवाद बना हुआ है और पंजाबी भाषी इलाकों को पंजाब में शामिल करने की मांग भी पूरी नहीं हुई। उन्होंने सिख समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा और कत्लेआम का मुद्दा भी उठाया। अयाली ने कहा कि बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग विदेशों में रह रहे हैं और वे संबंधित देशों की तरक्की में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

हाई कोर्ट द्वारा एक मामले की जांच CBI को सौंपे जाने के फैसले का जिक्र करते हुए मनप्रीत सिंह अयाली ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के सरकारी आवास भी खाली करवाए जाने चाहिए।

अमृतपाल सिंह के मामले पर अयाली ने कहा कि उन पर पहले NSA लगाया गया था और NSA की अवधि समाप्त होने के बावजूद उन्हें असम की जेल में रखा गया है। उन्होंने इस मामले पर भी सवाल उठाए।

मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि उनकी पार्टी के चुनाव चिन्ह से जुड़े मामले की अगली सुनवाई हाई कोर्ट में 4 नवंबर को निर्धारित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव चिन्ह से जुड़े मामले का जल्द समाधान होगा।

1984 Sikh Victims: 84 पीड़ित परिवारों का भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा, अकाल तख्त से इंसाफ की मांग

अमृतसर में 1984 के सिख विरोधी हिंसा के पीड़ित परिवारों ने भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। परिवारों ने श्री अकाल तख्त साहिब से इंसाफ, पुनर्वास और अपनी मांगों के समाधान की अपील की।

अमृतसर / सत्ता संदेश

1984 के सिख विरोधी हिंसा के पीड़ित परिवारों ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इंसाफ की मांग उठाई है। अमृतसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि उन्हें अभी भी परेशानियों और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस मामले को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब से हस्तक्षेप की मांग की है।

पीड़ित परिवारों की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि 42 साल बीत जाने के बावजूद कई परिवारों का पुनर्वास पूरी तरह नहीं हो पाया है और उनके सामने रोजगार तथा आवास से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। एक महिला प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकार की ओर से ऐसे पत्र मिले हैं, जिनमें उन्हें आवंटित घर खाली करने के लिए कहा गया है।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से अपने अधिकारों और पुनर्वास की मांग उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछली सरकारों के बाद मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में भी उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

मामले को लेकर पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधि श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और सिंह साहिब से मुलाकात की। उनके अनुसार, अकाल तख्त साहिब पर उनकी समस्याओं को सुना गया और उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनके मुद्दे पर पंथ स्तर पर विचार किया जाएगा।

पीड़ित परिवारों ने कहा कि 1 नवंबर को 1984 की घटनाओं की बरसी के मौके पर आगे की रणनीति और बड़े ऐलान किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार के मंत्रियों और विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में जाकर लोगों के बीच अपनी समस्याएं उठाएंगे और सरकार के खिलाफ अपने आरोपों को जनता के सामने रखेंगे।

परिवारों ने पंजाब के लोगों से भी अपील की कि वे 1984 के पीड़ितों के मुद्दे पर उनका साथ दें और सरकार से उनके पुनर्वास, अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर जवाब मांगें।

गौरतलब है कि 2026 में भी श्री अकाल तख्त साहिब और भगवंत मान सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर सार्वजनिक तौर पर मतभेद सामने आए हैं। जून में अकाल तख्त ने गुरु ग्रंथ साहिब से संबंधित कानून में संशोधन को लेकर पंजाब सरकार को निर्देश दिए थे, जबकि सितंबर में सरकार ने संबंधित कानून पर अकाल तख्त की ओर से उठाई गई चिंताओं पर विचार के लिए उच्चस्तरीय समिति के साथ बैठक भी की थी।

फिलहाल 84 पीड़ित परिवारों की ओर से लगाए गए आरोपों पर पंजाब सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

चंडीगढ़ : अकाली दल ने महंगाई और फसलों के दाम पर जताई चिंता, चुनावी कार्यक्रमों का ऐलान

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल ने बढ़ती महंगाई और किसानों को फसलों के अपेक्षित दाम नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में किए गए 25 रुपये के इजाफे पर पुनर्विचार करने की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। पार्टी के अनुसार, गेहूं का MSP 25 रुपये बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

6 अक्टूबर से डोर-टू-डोर अभियान

डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी की वरिष्ठ लीडरशिप और हलका इंचार्जों के साथ बैठक में आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की गई।

अकाली दल के अनुसार, 6 अक्टूबर से अटारी से डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान पंजाब के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस दौरान लोगों से उनके प्रमुख मुद्दों और प्राथमिकताओं को लेकर सुझाव लिए जाएंगे, जिन्हें चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने में शामिल किया जाएगा। यह अभियान 25 अक्टूबर तक चलाने की योजना है।

1 नवंबर को जारी होगा चुनावी घोषणा पत्र

अकाली दल ने 1 नवंबर को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा की है। पार्टी के मुताबिक, घोषणा पत्र तैयार करने के लिए अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग विंग के साथ बैठकें की जा चुकी हैं। अब किसानों, व्यापारियों, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों से भी सुझाव लिए जाएंगे।

वहीं, पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल 10 नवंबर से तलवंडी साबो से राज्यव्यापी बस यात्रा शुरू करेंगे। पार्टी के अनुसार, इस दौरान वह रोजाना दो से तीन विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगे।

5 अक्टूबर से हरसिमरत कौर बादल का अभियान

पार्टी ने बताया कि सांसद हरसिमरत कौर बादल 5 अक्टूबर को श्री मुक्तसर साहिब से महिला केंद्रित नशा विरोधी अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगी। अभियान का नारा ‘मावां-दियां ललकार, बंद करो नशा दा व्यापार’ रखा गया है और पार्टी के अनुसार इसे पंजाब के घर-घर तक पहुंचाने की योजना है।

8 दिसंबर को मोगा में रैली

अकाली दल के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिवस के अवसर पर 8 दिसंबर को मोगा के नजदीक किली चहलां में बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने पंजाब सरकार पर अकाली दल और उसके नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर गलत और मानहानिकारक प्रचार करने का आरोप भी लगाया। डॉ. चीमा ने बताया कि ऐसे मामलों की निगरानी और कानूनी कार्रवाई के लिए पार्टी ने वकीलों की एक कमेटी गठित की है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस कमेटी की संख्या 10 सदस्य बताई गई है।

कपूरथला : कूड़े की समस्या पर सुखजिंदर सिंह बृंदपुरिया का बड़ा ऐलान, बोले- निजी जमीन और ट्रॉलियां देने को तैयार

कपूरथला / सत्ता संदेश

कपूरथला विधानसभा क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी से जुड़े नेता सुखजिंदर सिंह बृंदपुरिया ने बड़ा ऐलान किया है। हाल ही में महिलाओं को सूट बांटने को लेकर चर्चा में रहे बृंदपुरिया ने कहा कि यदि पार्टी और विधानसभा क्षेत्र के लोग उन्हें सेवा की जिम्मेदारी देते हैं, तो वह शहर की कूड़े की समस्या के समाधान के लिए अपनी निजी जमीन देने को तैयार हैं।

मीडिया से बातचीत में सुखजिंदर सिंह बृंदपुरिया ने कहा कि कपूरथला शहर में कूड़े के ढेर और खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या से लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वह केवल सरकारी फंड पर निर्भर नहीं रहेंगे।

उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी मिलने पर शहर से कूड़ा उठाने के काम में तेजी लाने के लिए अपनी निजी ट्रॉलियां भी सफाई व्यवस्था में लगाने की पहल करेंगे। इसके साथ ही शहर की खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करवाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। (Satta Sandesh)

बृंदपुरिया ने दावा किया कि कूड़े के निपटारे के लिए जमीन की जरूरत पड़ने पर वह अपनी निजी संपत्ति में से जमीन उपलब्ध करवाएंगे। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए व्यक्तिगत स्तर पर भी प्रयास किए जाने चाहिए।

उनके इस ऐलान के बाद कपूरथला की स्थानीय राजनीति में कूड़े और स्ट्रीट लाइटों जैसे नागरिक मुद्दों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इन घोषणाओं पर प्रशासन और अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। (Satta Sandesh)

कपूरथला में सफाई व्यवस्था और स्थानीय विकास के मुद्दे पहले भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में बृंदपुरिया का यह बयान आने वाले समय में स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों में चर्चा का विषय बन सकता है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी ओर से निजी जमीन और ट्रॉलियां उपलब्ध कराने की घोषणा को लागू करने के लिए क्या औपचारिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

परगट सिंह के पंजाब कांग्रेस प्रधान बनने पर परिवार और समर्थकों में खुशी, 2027 को लेकर जताया भरोसा

जालंधर / सत्ता संदेश

परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनके परिवार और समर्थकों में खुशी का माहौल है। कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपी। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है।

परगट सिंह के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उनकी पत्नी वरिंदर प्रीत कौर ने खुशी जाहिर करते हुए कांग्रेस हाईकमान के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी देना पार्टी का अच्छा फैसला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी अगुवाई में कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में मजबूती से चुनाव लड़ेगी। इस दौरान उन्होंने समर्थकों और सभी शुभचिंतकों का धन्यवाद भी किया।

वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. नवजोत दहिया ने परगट सिंह को पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि उन्हें कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने का अनुभव है। उन्होंने कहा कि परगट सिंह के नेतृत्व में पार्टी संगठन को मजबूती देने पर जोर रहेगा।

डॉ. नवजोत दहिया ने आम आदमी पार्टी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के कामकाज में दिल्ली के नेताओं का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि जनता राजनीतिक दलों के कामकाज को देख रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में अपना फैसला सुनाएगी।

परगट सिंह की नियुक्ति पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के ऐसे समय हुई है, जब विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। कांग्रेस की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार परगट सिंह को तत्काल प्रभाव से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अब नई जिम्मेदारी के साथ परगट सिंह के सामने पार्टी संगठन को सक्रिय करने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारियों को आगे बढ़ाने की चुनौती रहेगी।

कपूरथला : कूड़े और स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे पर सुखजिंदर सिंह बृंदपुरिया का बड़ा ऐलान, निजी जमीन देने की कही बात

कपूरथला / सत्ता संदेश

कपूरथला विधानसभा क्षेत्र में कूड़े के ढेर और खराब स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। आम आदमी पार्टी से कपूरथला विधानसभा सीट के टिकट के दावेदार बताए जा रहे पहलवान सुखजिंदर सिंह बृंदपुरिया ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा दावा किया है।

मीडिया से बातचीत में सुखजिंदर सिंह बृंदपुरिया ने कहा कि यदि पार्टी और विधानसभा क्षेत्र के लोग उन्हें सेवा की जिम्मेदारी देते हैं, तो वह कपूरथला में कूड़े की समस्या के समाधान के लिए अपनी निजी जमीन देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह केवल सरकारी फंड पर निर्भर नहीं रहेंगे।

बृंदपुरिया ने कहा कि कपूरथला शहर में कूड़े के ढेर और टूटी स्ट्रीट लाइटों की समस्या से आम लोग परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि जिम्मेदारी मिलने पर शहर से कूड़ा उठाने के काम में तेजी लाने के लिए वह अपनी निजी ट्रॉलियां भी सफाई व्यवस्था में लगाने की पहल करेंगे।

इसके साथ ही उन्होंने शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करवाने को भी प्राथमिकता देने की बात कही, ताकि जिन सड़कों और इलाकों में अंधेरा रहता है, वहां रोशनी की व्यवस्था बेहतर हो सके।

सुखजिंदर सिंह बृंदपुरिया के निजी जमीन और ट्रॉलियां उपलब्ध करवाने के इस ऐलान के बाद कपूरथला की स्थानीय राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उनके इन दावों पर प्रशासन या अन्य राजनीतिक पक्षों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कपूरथला विधानसभा क्षेत्र में सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसे स्थानीय मुद्दे आने वाले राजनीतिक माहौल में किस तरह चर्चा का विषय बनते हैं।