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Ludhiana : ईशर नगर में ‘क्लीन पंजाब–प्राउड पंजाब’ अभियान, MLA राजिंदरपाल की अगुवाई में चला सफाई अभियान

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब को स्वच्छ, हरा-भरा और सुंदर बनाने के उद्देश्य से आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से चलाए जा रहे ‘क्लीन पंजाब–प्राउड पंजाब’ अभियान के तहत लुधियाना साउथ विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 38 स्थित ईशर नगर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। सफाई ड्राइव का नेतृत्व लुधियाना साउथ की विधायक राजिंदरपाल कौर छीना ने किया।

अभियान के दौरान इलाके की गलियों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई की गई। इस मौके पर AAP नेता हरप्रीत सिंह छीना ने भी सफाई अभियान में हिस्सा लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।

लोगों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक

सफाई अभियान के दौरान स्थानीय लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें और सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें।

पार्टी नेताओं ने कहा कि किसी भी इलाके को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए केवल प्रशासन या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर्याप्त नहीं है। इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।

‘साफ पंजाब’ मुख्यमंत्री भगवंत मान का विजन: छीना

MLA राजिंदरपाल कौर छीना ने प्रेस नोट के माध्यम से कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का विजन पंजाब के शहरों और गांवों को साफ-सुथरा बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल शहरों की सुंदरता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और पंजाब के भविष्य से है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस विजन को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने लुधियाना के लोगों से अपील की कि सरकार और प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझे और सफाई अभियानों में सहयोग करे।

‘क्लीन पंजाब–प्राउड पंजाब’ सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

MLA छीना ने कहा कि ‘क्लीन पंजाब–प्राउड पंजाब’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि पंजाब को स्वच्छ और बेहतर बनाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश है।

उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति अपने घर के साथ-साथ अपने मोहल्ले और आसपास के क्षेत्र की सफाई का ध्यान रखेगा, तभी एक स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब का सपना साकार हो सकेगा।

AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा

ईशर नगर में आयोजित सफाई अभियान में संगठन इंचार्ज परमिंदर गिल, ट्रेड विंग के चेयरमैन इंदरजीत, सुनहरा विंग के चेयरमैन हरदेव गोल्डी, ब्लॉक प्रेसिडेंट विक्की बेगोआना, यूथ विंग ब्लॉक प्रेसिडेंट सनी, हलका कोऑर्डिनेटर वॉर ऑन ड्रग्स लखविंदर जोरा, ब्लॉक प्रेसिडेंट सुनील ढींगरा, ब्लॉक प्रेसिडेंट बंटी, हलका कोऑर्डिनेटर सोशल मीडिया जोगा संधू, ब्लॉक प्रेसिडेंट सोशल मीडिया खड़क सिंह और सेनेटरी इंचार्ज राजिंदर कुमार सहित कृष्ण कुमार, परमजीत कौर, आदित्य, रामबख्श निषाद, रामू, सतिंदर बावा और अमनप्रीत सिंह मौजूद रहे।

इस मौके पर पार्टी नेताओं ने कहा कि इलाके को साफ-सुथरा रखना किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में प्रशासन व सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें।

पार्टी नेताओं ने लोगों से आह्वान किया कि सभी मिलकर पंजाब को साफ, हरा-भरा और सुंदर बनाने की दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहें

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में अकाली समागम हुआ। बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से गुरु की शिक्षाओं पर चलने की अपील की, जबकि सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट और पंथिक एकता को लेकर चिंता जताई।

बाबा बकाला / सत्ता संदेश

रखड़ पुण्या के पवित्र अवसर पर बाबा बकाला की धरती पर आयोजित राजनीतिक समागम में शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने पंथिक एकता, पार्टी की मजबूती और गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और विरोधियों पर निशाना साधते हुए पंथिक ताकत को मजबूत करने की अपील की।

बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं को दिया चढ़दी कला में रहने का संदेश

अपने संबोधन में बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में घबराने के बजाय सिखों को गुरु साहिबानों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर मजबूती के साथ खड़ा रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिख इतिहास हर कठिन परिस्थिति में हिम्मत, दृढ़ता और सच्चाई के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह के दबाव में न झुकने और गुरु की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीने की अपील की।

मजीठिया ने कहा कि अचानक आने वाली मुश्किल परिस्थिति से कोई भी व्यक्ति कुछ समय के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन मजबूत इरादों वाला व्यक्ति हालात का डटकर सामना करता है। उन्होंने अकाली कार्यकर्ताओं से भी मुश्किल समय में संयम बनाए रखने और पार्टी के लिए मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया।

सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट को लेकर जताई चिंता

समागम के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने पंथिक मुद्दों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सिख इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जगहों और स्मारकों को याद करने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने बाबा बंदा सिंह बहादुर की यादगार, छोटा घल्लूघारा और वड्डा घल्लूघारा जैसी ऐतिहासिक जगहों का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्थानों से सिख समुदाय के इतिहास, संघर्ष और कुर्बानियों की प्रेरणा मिलती है।

‘अकाली दल कमजोर हुआ तो बढ़ा सरकारी दखल’

सुखबीर बादल ने कहा कि जब शिरोमणि अकाली दल मजबूत स्थिति में था, तब कई महत्वपूर्ण गुरुद्वारों का प्रबंधन पंथिक संगठनों के हाथों में था। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल के कमजोर होने के बाद कुछ धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में सरकारी दखल बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि गुरु घरों का प्रबंधन मजबूत पंथिक संस्थाओं के हाथों में रहना जरूरी है। सुखबीर बादल ने कार्यकर्ताओं से पंथिक ताकत को मजबूत करने और धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।

माझा को बताया अकाली दल की पारंपरिक ताकत

सुखबीर बादल ने माझा क्षेत्र को शिरोमणि अकाली दल की पारंपरिक ताकत बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी का साथ दिया है।

उन्होंने पंजाब के पिछले दशकों के राजनीतिक और सामाजिक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने कई मुश्किल दौर देखे हैं और लोगों ने अलग-अलग समय पर बड़ी कुर्बानियां दी हैं।

पंथिक एकता और अकाली दल को मजबूत करने की अपील

समागम के दौरान अकाली नेताओं ने कार्यकर्ताओं से सिख इतिहास से प्रेरणा लेने, पंथिक एकता को मजबूत करने और शिरोमणि अकाली दल को दोबारा मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में आयोजित यह समागम अकाली दल के लिए धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां पार्टी नेताओं ने पंथिक मुद्दों के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने का संदेश कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया।


बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहे

Punjab : वारिस पंजाब पार्टी की सक्रियता तेज, जगजीत सिंह धालीवाल ने धार्मिक स्थलों पर टेका माथा

पंजाब में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कपूरथला में वारिस पंजाब पार्टी के हलका इंचार्ज जगजीत सिंह धालीवाल ने धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर पंजाब की खुशहाली और अमन-शांति की कामना की।

कपूरथला / सत्ता संदेश

पंजाब में चुनावी माहौल नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने लगी है। विभिन्न पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता लगातार लोगों के बीच पहुंचकर जनसंपर्क मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में वारिस पंजाब पार्टी के कपूरथला हलका इंचार्ज जगजीत सिंह धालीवाल ने कपूरथला शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुरुद्वारा साहिब में की अरदास, मंदिरों में भी लिया आशीर्वाद

जगजीत सिंह धालीवाल ने कपूरथला शहर में विभिन्न धार्मिक स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर अरदास की। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग मंदिरों में पहुंचकर भी उन्होंने पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।

इस दौरान उन्होंने पंजाब में अमन-शांति, आपसी भाईचारे और लोगों की खुशहाली की कामना की।

लोगों के हितों की रक्षा करना पार्टी का उद्देश्य: धालीवाल

जगजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना या सत्ता हासिल करना नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों के हितों के लिए काम करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य पंजाब के लोगों के अधिकारों की रक्षा करना है।

धालीवाल के मुताबिक, पार्टी का प्रयास है कि पंजाब में किसी भी व्यक्ति के साथ धक्केशाही न हो और हर व्यक्ति को न्याय मिल सके।

सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को खुला निमंत्रण

धालीवाल ने कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के साथ अन्याय या धक्केशाही होती है तो वह अपनी समस्या लेकर उनके पास आ सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को अपनी समस्याएं उनके सामने रखने का खुला निमंत्रण दिया।

उन्होंने कहा कि वह पार्टी की विचारधारा से ऊपर उठकर लोगों की समस्याओं को सुनने का प्रयास करेंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनकी समस्याओं को उठाया जाएगा।

न्यायप्रिय समाज बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील

जगजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ राजनीति करना नहीं है। उनका कहना है कि लोगों का भला करना और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है तो उसकी आवाज उठाना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर वह आला अधिकारियों से मुलाकात कर लोगों की समस्याओं को उनके सामने रखेंगे।

धालीवाल ने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को लेकर बेझिझक उनसे संपर्क करें, ताकि उनकी आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके।

उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करना होना चाहिए।

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां

पंजाब में चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। नेता लगातार धार्मिक स्थलों, सामाजिक कार्यक्रमों और आम लोगों के बीच पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। ऐसे में कपूरथला हलके में जगजीत सिंह धालीवाल की धार्मिक स्थलों की यात्रा को भी राजनीतिक और जनसंपर्क गतिविधियों के तौर पर देखा जा रहा है।

डॉ. धर्मवीर गांधी के बयान पर सनातन सेवा समिति का विरोध, लुधियाना पुलिस कमिश्नर से शिकायत

लुधियाना: कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के सनातन धर्म को लेकर दिए गए कथित बयान पर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। सनातन सेवा समिति मालवा जोन ने उनके बयान पर विरोध जताते हुए लुधियाना पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दी है। समिति का आरोप है कि डॉ. धर्मवीर गांधी की टिप्पणियों से हिंदू समाज और सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ. धर्मवीर गांधी ने अलग-अलग धार्मिक स्थलों और सरकार की ओर से हिंदुत्व से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर टिप्पणी की है। संगठन ने इन टिप्पणियों को आपत्तिजनक और निंदनीय बताया है।

पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की मांग

सनातन सेवा समिति मालवा जोन के महासचिव वरन मेहता ने इस संबंध में लुधियाना पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है।

समिति का कहना है कि सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले की जांच की जानी चाहिए। संगठन ने पुलिस से शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित बयान की जांच कर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की है।

संगठन ने जताया कड़ा विरोध

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक मामलों पर सार्वजनिक बयान देते समय सभी को संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या धार्मिक आस्था से जुड़ी ऐसी टिप्पणी नहीं होनी चाहिए, जिससे किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों।

फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। मामले में डॉ. धर्मवीर गांधी का पक्ष सामने आना बाकी है।

एच.एस. फुल्का का कांग्रेस पर हमला, सज्जन कुमार को राजनीतिक संरक्षण देने का लगाया आरोप

लुधियाना / सत्ता संदेश

भाजपा के वरिष्ठ नेता और एडवोकेट एच.एस. फुल्का ने सज्जन कुमार के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। लुधियाना में पार्टी की ऑर्गनाइज़ेशनल मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए फुल्का ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सज्जन कुमार को सजा मिलने से पहले लंबे समय तक राजनीतिक संरक्षण दिया।

एच.एस. फुल्का ने कहा कि कांग्रेस ने सज्जन कुमार को दो बार लोकसभा चुनाव का टिकट दिया था। उनके मुताबिक, कांग्रेस के सत्ता में रहते सज्जन कुमार और उनके भाई को सांसद बनाया गया। फुल्का ने आरोप लगाया कि जब मोदी सरकार के दौरान मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी और सज्जन कुमार को सजा हुई, तो कांग्रेस की ओर से इस कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने लगे।

फुल्का ने कहा कि इस पूरे मामले में कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठते हैं और पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने सज्जन कुमार को राजनीतिक समर्थन क्यों दिया।

विधानसभा चुनाव लड़ने पर क्या बोले फुल्का?

वहीं, आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर एच.एस. फुल्का ने कहा कि चुनाव लड़ने के संबंध में अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान की ओर से लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बारे में निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा।

भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल का समर्थन

एच.एस. फुल्का ने भाई जगतार सिंह हवारा को पैरोल दिए जाने का भी समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि गवर्नर की ओर से भी हवारा की पैरोल एप्लीकेशन को मंजूरी दे दी गई है।

फुल्का के बयान के बाद सज्जन कुमार मामले में कांग्रेस की भूमिका और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है।

शिरोमणि अकाली दल को लगा झटका, पूर्व पार्षद सुरजीत राणा कांग्रेस में हुए शामिल

विधायक राणा गुरजीत सिंह ने शेखूपुर पहुंचकर करवाया पार्टी में शामिल, अकाली नेता सबी लंकेश भी कांग्रेस में आए

कपूरथला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : गगन बहल

पंजाब की राजनीति में कपूरथला से जुड़ी एक अहम राजनीतिक गतिविधि सामने आई है। करीब 30 साल से शिरोमणि अकाली दल के साथ जुड़े पूर्व नगर पार्षद (MC) सुरजीत सिंह राणा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उनके साथ अकाली नेता सबी लंकेश और करीब 100 परिवारों के कांग्रेस में शामिल होने का दावा किया गया है।

कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह शेखूपुर स्थित सुरजीत सिंह राणा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने सुरजीत सिंह राणा समेत अन्य लोगों को कांग्रेस में शामिल करवाया।

1996 से अकाली दल के साथ थे सुरजीत सिंह राणा

कांग्रेस में शामिल होने के बाद पूर्व MC सुरजीत सिंह राणा ने अकाली दल छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि वह 1996 से लगातार शिरोमणि अकाली दल के लिए काम करते आ रहे थे। उन्होंने पार्टी के साथ अपने करीब तीन दशक लंबे जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए मेहनत की।

सुरजीत सिंह राणा ने आरोप लगाया कि जो लोग पहले उनका विरोध करते थे, वे बाद में दूसरी पार्टी में चले गए और उनकी पुरानी पार्टी से जीते तीन पार्षदों को समर्थन दिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से आहत होकर उन्होंने शिरोमणि अकाली दल को अलविदा कहने का फैसला किया।

बोले- मैं अकेला नहीं, वार्ड के 100 परिवार भी कांग्रेस में आएंगे

सुरजीत सिंह राणा ने कहा कि कांग्रेस में उनका शामिल होना व्यक्तिगत फैसला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके वार्ड से करीब 100 परिवार कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के नेतृत्व में उन्हें नई राजनीतिक दिशा मिली है और अब वह कांग्रेस के साथ मिलकर क्षेत्र में काम करेंगे।

इस मौके पर अकाली नेता सबी लंकेश के भी कांग्रेस में शामिल होने की बात सामने आई है। कांग्रेस की ओर से इसे कपूरथला क्षेत्र में पार्टी के आधार को मजबूत करने वाली राजनीतिक घटना के तौर पर देखा जा रहा है।

पंजाब में सड़कों का इतना बड़ा नेटवर्क पहले कभी नहीं था: हरभजन सिंह ETO

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर। पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO ने राज्य में चल रहे सड़क निर्माण और विकास कार्यों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ETO ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में बड़े स्तर पर सड़क निर्माण करवा रही है और पंजाब में सड़कों का इतना बड़ा नेटवर्क पहले कभी नहीं था।

मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर विकास कार्यों की अधूरी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की ओर से सरकार के खिलाफ गलत प्रचार तेज किया जा रहा है।

बठिंडा की सड़क को लेकर विपक्ष पर निशाना

हरभजन सिंह ETO ने बठिंडा में निर्माणाधीन सड़क का उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क का काम अभी चल रहा था, लेकिन इसी दौरान कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया पर सड़क की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

ETO ने आरोप लगाया कि हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किए। उन्होंने कहा कि संबंधित नेता उस समय मौके पर पहुंचे जब सड़क का काम पूरा भी नहीं हुआ था।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन सड़क को देखकर उसकी अंतिम गुणवत्ता का आकलन करना उचित नहीं है। सड़क का काम पूरा होने के बाद ही उसकी गुणवत्ता की सही तरीके से जांच की जा सकती है।

ETO की चुनौती- सुबह 11 बजे मौके पर पहुंचकर करेंगे निरीक्षण

हरभजन सिंह ETO ने हरसिमरत कौर बादल और सुखबीर सिंह बादल को चुनौती देते हुए कहा कि वह अगले दिन सुबह 11 बजे खुद बठिंडा में संबंधित सड़क के मौके पर पहुंचेंगे और निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे।

उन्होंने कहा कि अगर सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी पाई जाती है या निर्माण में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर सड़कें और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

झूठी अफवाहें फैलाने पर कार्रवाई की चेतावनी

ETO ने आरोप लगाया कि अकाली दल के कुछ नेता सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों से खुश नहीं हैं और इसी वजह से लोगों के बीच गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जानबूझकर झूठी अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह करने या सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों की ओर से सरकार को बदनाम करने की कोशिशें तेज हो रही हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि विकास कार्यों पर राजनीति करने के बजाय मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखें।

रेप केस के आरोपों पर भी दी सफाई

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ETO ने रेप केस को लेकर सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी को बचाने की कोशिश नहीं की है। संबंधित मामले में 15 दिन का समय मांगा गया है और सरकार तय समय के भीतर अपना जवाब देगी।

उन्होंने कहा कि सरकार तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखेगी और जांच व कार्रवाई के बाद सच्चाई सामने आएगी।

चंडीगढ़ प्रोटेस्ट से बंदी सिखों की रिहाई को लेकर सिमरनजीत सिंह ने की पीसी, 21 अगस्त को पंजाब बंद का किया समर्थन

अमृतसर / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रमुख और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चंडीगढ़ में हुए विरोध प्रदर्शन, आंसू गैस ड्रोन के इस्तेमाल, बंदी सिखों की रिहाई, फतेहगढ़ साहिब की घटना, पंथिक एकता, सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले और आगामी चुनावों समेत कई मुद्दों पर सरकारों को घेरा।

चंडीगढ़ प्रदर्शन और ड्रोन से आंसू गैस छोड़ने पर सवाल

15 अगस्त को चंडीगढ़ में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सिमरनजीत सिंह मान ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR और ड्रोन के जरिए आंसू गैस छोड़े जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी।

मान ने कहा कि वह इस मामले को लेकर कानूनी स्तर पर भी अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने ड्रोन के इस्तेमाल की जांच की मांग करते हुए सवाल किया कि प्रदर्शन के दौरान ड्रोन से आंसू गैस छोड़ने का फैसला किसके आदेश या सलाह पर लिया गया।

फतेहगढ़ साहिब की घटना पर भी उठाए सवाल

सिमरनजीत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब की घटना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संगत को दर्शन करवाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन आखिरी समय में सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया।

मान ने आरोप लगाया कि मौके पर संगत पर लाठीचार्ज किया गया और पाइपों के जरिए गंदा पानी छोड़ा गया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की।

बंदी सिखों की रिहाई की मांग

जेलों में लंबे समय से बंद सिखों की रिहाई के मुद्दे पर मान ने कहा कि कई बंदी सिख लंबे समय से जेलों में हैं और उनके मामलों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने भाई हवारा समेत अन्य बंदी सिखों का जिक्र करते हुए कहा कि परिवारों को अपने बुजुर्गों और माता-पिता से मिलने का अधिकार मिलना चाहिए। मान ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, RAW और खुफिया एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने सवाल किया कि जब अन्य कैदियों को पैरोल और कानूनी राहत मिल सकती है तो बंदी सिखों के मामलों में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने SGPC की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बंदी सिखों की रिहाई के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए।

21 अगस्त के पंजाब बंद का समर्थन

बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर 21 अगस्त को किए गए पंजाब बंद के आह्वान का सिमरनजीत सिंह मान ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई गंभीर मुद्दा है और इस मांग को लेकर की जा रही शांतिपूर्ण कोशिशों का समर्थन किया जाना चाहिए।

पंथिक एकता और सुखबीर बादल पर हमले का मुद्दा

पंथिक एकता को लेकर मान ने कहा कि वह एकता के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसी एकता नहीं चाहते। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और BJP के साथ उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए।

वहीं, सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की निंदा करते हुए मान ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों का समाधान लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से होना चाहिए।

SGPC चुनाव जल्द कराने की मांग

SGPC चुनावों को लेकर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि चुनाव जल्द होने चाहिए और धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने फतेहगढ़ साहिब में भाई दीत सिंह जी की पुण्यतिथि मनाने का भी ऐलान किया।

आगामी चुनावों के लिए तैयार SAD अमृतसर

आगामी चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल अमृतसर चुनावों के लिए तैयार है और पार्टी की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी सिख मुद्दों, पंजाब के अधिकारों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना राजनीतिक अभियान आगे बढ़ाएगी। आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने और पार्टी के मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने की बात भी उन्होंने कही।

Punjab: 75 विधानसभा सीटों पर बदला सियासी समीकरण, 20 लाख से ज्यादा वोटरों के कटे नाम

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट सूची के काफी रोचक आंकड़े सामने आए हैं. पंजाब में SIR की ड्राफ्ट सूची जारी होते ही राजनीतिक तौर पर चुनावी समीकरण बदल सकते हैं. SIR में कटे वोटों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इसका ज्यादा असर राज्य की 117 में से 75 विधानसभा सीटों के नतीजों पर पड़ सकता है.

SIR के दौरान जिन 6 बड़े जिलों में सबसे ज्यादा वोट काटे गए हैं, वहां कुल 52 विधानसभा सीटें हैं. जिनमें सबसे ज्यादा 39 AAP, कांग्रेस 11 व अकाली दल के पास 2 सीटें हैं. बीजेपी को यहां 2022 विधानसभा चुनाव में कोई सीट नहीं मिली थी.

चुनाव में हार-जीत का अंतर बेहद कम

इन 52 सीटों पर औसतन हर सीट पर लगभग 20000 से 35000 वोटों का फेरबदल हुआ है. पंजाब में पिछले चुनावों के दौरान कई सीटों पर हार-जीत का अंतर 2 हजार से 8 हजार वोटों के बीच रहा था. ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में वोटों की छंटनी से आगामी चुनाव में हार-जीत का अंतर बेहद कम और मुकाबला काफी दिलचस्प हो जाएगा.

इनमें 11 सीटें ऐसी हैं, जहां हार-जीत का अंतर 10 हजार से कम रहा था. वहीं पंजाब में 35 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पिछले चुनाव में हार-जीत का अंतर 10 हजार वोट से कम रहा था. SIR में कटे वोटों के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की हर विधानसभा सीट पर औसत निकाला जाए तो औसतन हर विधानसभा सीट पर करीब 17,500 वोट काटे गए हैं.

दूसरी जगह शिफ्ट हो गए 10 लाख वोट

ये संख्या कई सीटों पर हार-जीत के अंतर से ज्यादा है. ऐसे में इन वोटों के सूची से बाहर होने से विधानसभा सीटों का चुनावी समीकरण बदल सकता है. SIR में काटे गए 20.66 लाख वोटों में करीब 10 लाख वोट ऐसे हैं, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं. इनमें बड़ी संख्या उन वोटर्स की है, जो दूसरे राज्यों से पंजाब आए थे. उनके राज्यों में SIR होने के बाद उन्होंने वहां अपना वोट रजिस्टर्ड करा लिया.

शहरी सीटों का बदल जाएगा चुनावी गणित

लुधियाना, जालंधर और मोहाली जैसे औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और किराए पर रहने वाले लोग बसते हैं. पते में बदलाव, कम टाइम के लिए रहना और जरूरी कागजात ना होने के कारण इनके नाम मतदाता सूची से बड़ी संख्या में हटे हैं. इससे उन शहरी सीटों का पूरा चुनावी गणित बदल जाएगा, जहां ये प्रवासी वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता रहा है.

बड़ी संख्या में विदेश पलायन कर चुके युवा

अमृतसर, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर जैसे जिलों से बड़ी संख्या में युवा विदेश पलायन कर चुके हैं, लेकिन उनके नाम कागजों में दर्ज थे. अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी के तहत ऐसे फर्जी और डुप्लीकेट वोटों के हटने से अब वास्तविक वोटरों की संख्या ही उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेगी. जिन राजनीतिक दलों का वोट बैंक असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, अस्थायी प्रवासी मजदूरों, निवासियों या युवाओं पर टिका था, उन्हें अब नए सिरे से अपनी रणनीति बनानी होगी.

पिछली जीत का सारा समीकरण बिगड़ना तय

विधानसभा चुनाव 2022 में पूरे राज्य में 35 सीटें ऐसी थी, जहां पर हार जीत का अंतर 500 से लेकर 9,900 वोटों के बीच था. SIR के तहत इन सीटों पर औसतन 15 हजार से 30 हजार तक वोट कटे या पेंडिंग हैं. कटने वाले वोटों की संख्या जीत के अंतर से दोगुनी या तीन गुनी हो जाती है, तो पिछली जीत का सारा समीकरण बिगड़ना तय है. इनमें से ज्यादातर सीटों पर आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की थी.

इन 35 में से कई सीटें शहरी या सेमी-अर्बन इलाकों में आती हैं, जहां दूसरे राज्यों से आए मजदूर वर्ग के लोग हैं. उनमें से ज्यादातर लोगों के वोट अपने गृह राज्य में बने हैं. इसलिए उन्होंने यहां अपने वोट कटवा दिए. इसके अलावा उनके दस्तावेज पूरे न होने या पते में बदलाव के कारण इस वर्ग के सबसे ज्यादा वोट कटे हैं. जो दल या प्रत्याशी इस अस्थायी वर्ग पर निर्भर थे, उनके सभी समीकरण बिगड़ सकतें हैं.

कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम कटे

चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में जारी की गई पंजाब की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के अनुसार, राज्य में कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं (जो कुल वोटर्स का लगभग 9.63% है).

  • इस छंटनी के बाद पंजाब में मतदाताओं की कुल संख्या 2.14 करोड़ से घटकर 1.93 करोड़ रह गई है.
  • स्थायी रूप से शिफ्ट हुए: 9,44,131 मतदाता (4.40%) दूसरे स्थानों या राज्यों में चले गए.
  • मृतक: 5,74,568 मतदाता (2.68%) मृत पाए गए.
  • लापता/पता नहीं चला: 4,12,715 मतदाता (1.92%) घर पर नहीं मिले.
  • फर्जी/एक से अधिक जगह नाम: 1,19,145 मतदाता (0.56%) डबल एंट्री वाले थे.
  • लुधियाना, जालंधर और मोहाली (साहिबजादा अजीत सिंह नगर) में प्रवासी मजदूरों और किराएदारों की संख्या अधिक होने के कारण, दस्तावेजों की कमी या पते बदलने से सबसे ज्यादा वोट कटे हैं.
  • अमृतसर, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर – इन जिलों से भारी संख्या में युवाओं का विदेश में पलायन हो चुका है, जिससे अनुपस्थित पाए जाने पर हजारों नाम सूची से हटाए गए हैं.
  • अकेले बठिंडा जिले में कुल 10,53,091 वोटर्स में से 65,072 मतदाताओं को ASDD कैटेगरी में डालकर सूची से बाहर किया गया है.
  • बड़ी बात ये है कि जिन सीटों पर ज्यादा वोट कटे हैं वो शहरी सीटें हैं और यहां पर प्रवासी वोट बैंक बड़ी संख्या में हैं और उनके ही ज्यादातर वोट कटने की बात सामने आ रही है.
Kapurthala Politics: AAP को झटका, निकाय चुनाव लड़ चुके कई नेता कांग्रेस में शामिल

कपूरथला में AAP को राजनीतिक झटका लगा है। निकाय चुनाव लड़ चुके कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थामा। पुराने वॉलंटियरों की अनदेखी का लगाया आरोप।

कपूरथला / सत्ता संदेश

निकाय चुनावों के बाद कपूरथला में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच आम आदमी पार्टी को झटका लगा है। नगर निगम चुनाव लड़ चुके AAP के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस नेताओं ने नए साथियों का स्वागत करते हुए इसे पार्टी के लिए मजबूती का संकेत बताया।

पुराने वॉलंटियरों की अनदेखी का आरोप

कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय से आम आदमी पार्टी के लिए काम कर रहे थे, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में पुराने और मेहनती वॉलंटियरों की अनदेखी हो रही है। इनमें कुछ ऐसे कार्यकर्ता भी शामिल हैं, जो वर्ष 2014 से पार्टी के साथ जुड़े होने का दावा कर रहे हैं।

उनका कहना है कि लगातार पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सम्मान और राजनीतिक महत्व नहीं मिल रहा था, जिसके चलते उन्होंने पार्टी बदलने का फैसला किया।

कांग्रेस से AAP में आए काउंसलरों को लेकर नाराजगी

नए कांग्रेसियों ने पार्टी के भीतर हुए राजनीतिक बदलावों पर भी नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप है कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस के कई निर्वाचित काउंसलर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए, जिसके बाद पार्टी में इन नेताओं का प्रभाव बढ़ गया।

उन्होंने कहा कि इससे लंबे समय से AAP के लिए काम कर रहे पुराने वॉलंटियरों में असंतोष पैदा हुआ और उन्हें लगा कि उनकी मेहनत की अनदेखी की जा रही है।

कांग्रेस ने किया नए साथियों का स्वागत

इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने AAP छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को हमेशा सम्मान देती है।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि नए नेताओं और कार्यकर्ताओं के पार्टी में शामिल होने से कपूरथला में कांग्रेस संगठन को और मजबूती मिलेगी।

राणा गुरजीत सिंह की नीतियों से प्रभावित होने का दावा

कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं ने कहा कि वे कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह की नीतियों और कांग्रेस द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों से प्रभावित हैं। इसी वजह से उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का फैसला लिया।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में और भी नेता एवं कार्यकर्ता कांग्रेस के साथ जुड़ सकते हैं। हालांकि, इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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कपूरथला में AAP को राजनीतिक झटका लगा है। निकाय चुनाव लड़ चुके कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थामा। पुराने वॉलंटियरों की अनदेखी का लगाया आरोप।