USA जाने की चाहत रखने वालों को बड़ा झटका: H-1B वीज़ा के लिए प्रीमियम प्रोसेसिंग फ़ीस में भारी बढ़ोतरी
इंटरनेशनल डेस्क : भारतीय प्रोफ़ेशनल्स और स्टूडेंट्स को बड़ा झटका देते हुए, US सिटिज़नशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज़ (USCIS) ने H-1B वीज़ा समेत कई इमिग्रेशन कैटेगरी के लिए प्रीमियम प्रोसेसिंग फ़ीस बढ़ाने का ऐलान किया है। USCIS के मुताबिक, यह बढ़ोतरी जून 2023 से जून 2025 तक महंगाई दर को ध्यान में रखकर की गई है।
नई फ़ीस की डिटेल्स: बदले हुए फ़ीस शेड्यूल के मुताबिक, अलग-अलग वीज़ा कैटेगरी पर इस तरह असर पड़ेगा:
H-1B, L-1, O-1, P-1 और TN वीज़ा: फ़ॉर्म I-129 के लिए प्रीमियम प्रोसेसिंग फ़ीस $2805 से बढ़ाकर $2965 कर दी गई है।
H-2B और R-1 नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा: फ़ीस $1,685 से बढ़कर $1,780 हो जाएगी।
स्टूडेंट वीज़ा (F-1, F-2) और J-1, J-2: फ़ॉर्म I-539 एप्लीकेशन की फ़ीस $1,965 से बढ़ाकर $2,075 कर दी गई है।
OPT और STEM-OPT: फ़ॉर्म I-765 एप्लीकेशन की फ़ीस अब $1,685 के बजाय $1,780 होगी।
भारतीयों पर सीधा असर: इस बदलाव का सीधा असर भारतीय प्रोफ़ेशनल्स, स्टूडेंट्स और एम्प्लॉयर्स पर पड़ेगा। भारतीय नागरिक US में काम करने या पढ़ाई करने के लिए इन वीज़ा कैटेगरीज़ का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। प्रीमियम प्रोसेसिंग का इस्तेमाल अक्सर नौकरी बदलने, वीज़ा एक्सटेंशन या यात्रा की निश्चितता के लिए जल्दी फ़ैसला लेने के लिए किया जाता है।
फ़ीस क्यों बढ़ाई गई? USCIS ने साफ़ किया है कि इस बढ़ोतरी से मिलने वाले रेवेन्यू का इस्तेमाल प्रोसेसिंग बैकलॉग को खत्म करने, फ़ैसले लेने की क्षमता को बेहतर बनाने और नागरिकता सेवाओं को फ़ंड करने के लिए किया जाएगा।

