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“बम” की तरह फटा चिप्स का पैकेट ! 8 साल के मासूम की बाहर निकल आई आंख ; जानें पैकेट में हवा भरने के पीछे क्या है असली वजह?

नेशनल डेस्क: ओडिशा के बलांगीर जिले के टिटलागढ़ इलाके से एक बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां चिप्स का पैकेट फटने से 8 साल के बच्चे की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। इस घटना ने पैकेज्ड फूड की सेफ्टी और क्वालिटी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे हुआ हादसा?शगरघाट गांव के रहने वाले लब हरपाल का 8 साल का बेटा गांव की दुकान से चिप्स का पैकेट खरीदा था। शाम को जब बच्चा चिप्स खाने की तैयारी कर रहा था, तो उसकी मां किचन में खाना बना रही थी। बच्चा चिप्स का पैकेट लेकर गैस स्टोव के पास गया, जहां अचानक आग के संपर्क में आते ही पैकेट जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि बच्चे की पुतली बाहर आ गई और उसकी आंख पूरी तरह खराब हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चा अब उस आंख से कभी नहीं देख पाएगा।

पुलिस एक्शन:गुस्साए माता-पिता ने चिप्स बनाने वाली कंपनी के खिलाफ टिटलागढ़ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

*चिप्स के पैकेट में हवा (गैस) क्यों होती है?इस हादसे के बाद सवाल उठ रहा है कि इन पैकेट में ऐसा क्या है जो आग के संपर्क में आने पर फट जाता है। सूत्रों के मुताबिक, चिप्स के पैकेट में आम हवा नहीं, बल्कि नाइट्रोजन गैस भरी होती है।

नाइट्रोजन गैस भरने के मुख्य कारण: टूटने से बचाना: यह गैस पैकेट के अंदर ‘एयरबैग’ की तरह काम करती है और ट्रांसपोर्टेशन के दौरान चिप्स को टूटने से बचाती है।

फ्रेशनेस बनाए रखना: नाइट्रोजन गैस चिप्स में मौजूद तेल और स्टार्च को ऑक्सिडाइज होने से रोकती है, जिससे वे ज़्यादा समय तक क्रिस्पी रहते हैं*।

बैक्टीरियल प्रोटेक्शन: यह गैस पैकेट के अंदर बैक्टीरिया और फंगस को बढ़ने से रोकती है।नियमों के मुताबिक, पैकेट पर लिखा वज़न सिर्फ़ चिप्स का होना चाहिए, उसमें से गैस का वज़न घटाना चाहिए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पैकेट के अंदर गैस का प्रेशर और प्लास्टिक का कॉम्बिनेशन आग लगने पर खतरनाक साबित हो सकता है।

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