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ट्रंप ने लॉन्च किया ‘बोर्ड ऑफ पीस’: 35 देश राज़ी, लेकिन भारत ने अभी तक मेंबरशिप पर नहीं लिया है कोई फ़ैसला

इंटरनेशनल डेस्क: स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम के दौरान अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अहम प्रोजेक्ट ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को ऑफिशियली लॉन्च कर दिया है। इस मौके पर हुई एक खास साइनिंग सेरेमनी के दौरान दुनिया भर के 20 से ज़्यादा देशों ने इस बोर्ड के चार्टर पर साइन किए।

भारत को मेंबरशिप का ऑफ़र मिला: वॉशिंगटन के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में शांति कायम करने की अमेरिकी कोशिशों को करीब 59 देश सपोर्ट कर रहे हैं, जिनमें से 35 देश इस बोर्ड में शामिल होने के लिए राज़ी हो गए हैं। भारत को भी इसकी मेंबरशिप का ऑफ़र दिया गया है, लेकिन भारत ने अभी तक इस पर कोई फ़ैसला नहीं लिया है।

यूरोपीय देशों ने बनाई दूरी: इस मुहिम में कई देश शामिल हो गए हैं, वहीं फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, स्लोवेनिया और इटली जैसे देशों ने इस बोर्ड का मेंबर बनने से साफ़ मना कर दिया है। इस बोर्ड के मेंबर का टर्म 3 साल का होगा।

पावरफ़ुल एग्ज़ीक्यूटिव काउंसिल करेगी लीड: इस बोर्ड की ज़िम्मेदारी एक एग्ज़ीक्यूटिव काउंसिल के पास होगी, जिसके फ़ाउंडिंग चेयरमैन खुद प्रेसिडेंट ट्रंप होंगे। काउंसिल के दूसरे सदस्यों में ये जाने-माने लोग शामिल हैं:

टोनी ब्लेयर: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री।

जेरेड कुशनर: ट्रंप के दामाद।मार्को रुबियो: US के विदेश मंत्री।

अजय बंगा: वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट।

स्टीव विटकॉफ: मिडिल ईस्ट के लिए US के स्पेशल दूत।

शामिल होने वाले बड़े देश: जिन देशों ने बोर्ड ऑफ़ पीस के चार्टर पर साइन किए हैं, उनमें इज़राइल, सऊदी अरब, यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन, जॉर्डन, मिस्र, तुर्की, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, अर्जेंटीना और वियतनाम जैसे देश शामिल हैं।

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