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बजट 2026: टैक्सपेयर्स को हो सकती है मौज ! 80C की लिमिट बढ़कर Rs 3 लाख और होम लोन पर बड़ी राहत की उम्मीद

बिजनेस डेस्क: यूनियन बजट 2026 के पास आने के साथ ही देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स की उम्मीदें एक बार फिर जाग गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, पिछले लगभग एक दशक से पुराने टैक्स रिजीम (OTR) के तहत मिलने वाली छूट में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि महंगाई और रहने-सहने का खर्च लगातार बढ़ रहा है।

10 साल बाद 80C में बदलाव की संभावना: सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की डिडक्शन लिमिट में 2014 से कोई बदलाव नहीं किया गया है। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि बचत को बढ़ावा देने और बढ़ती महंगाई को देखते हुए इस लिमिट को बढ़ाकर Rs 3 लाख कर देना चाहिए। इसमें PF, LIC और बच्चों की ट्यूशन फीस जैसे खर्च शामिल हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस और होम लोन पर राहत की मांग

सेक्शन 80D: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 25,000 रुपये (आम नागरिकों के लिए) और 50,000 रुपये (सीनियर नागरिकों के लिए) का डिडक्शन 2015 से तय है। मेडिकल खर्च बढ़ने को देखते हुए इसे बढ़ाने की मांग हो रही है।

होम लोन (सेक्शन 24b): खुद के रहने वाली प्रॉपर्टी पर ब्याज पर 2 लाख रुपये का डिडक्शन भी 2014 से नहीं बदला है, जबकि घरों की कीमतें और लोन की रकम काफी बढ़ गई है। एक्सपर्ट डॉ. सुरेश सुराणा के मुताबिक, इस लिमिट को प्रॉपर्टी की कीमतों से जोड़ा जाना चाहिए।

क्या सरकार राहत देगी? सूत्रों का कहना है कि सरकार का मुख्य फोकस न्यू टैक्स रिजीम (NTR) पर है, जहां करीब 80% टैक्सपेयर्स पहले ही शामिल हो चुके हैं। नए रिजीम में टैक्स रेट कम हैं लेकिन कोई डिडक्शन नहीं है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बजट 2026 में सरकार पुराने सिस्टम वालों को राहत देती है या उन्हें नया सिस्टम अपनाने के लिए मोटिवेट करती रहती है।

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