ट्रंप के ‘कब्जे’ के दावे के खिलाफ ग्रीनलैंड में उबाल: प्रधानमंत्री की अगुवाई में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे
इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के बयानों के बाद वहां के लोगों में भारी विरोध देखने को मिल रहा है। शनिवार को ग्रीनलैंड की राजधानी नुउक में सैकड़ों लोगों ने अमेरिका के संभावित कब्जे के दावों के खिलाफ एक बड़ा विरोध मार्च निकाला।
प्रधानमंत्री ने खुद किया प्रदर्शन का नेतृत्व: इस प्रदर्शन की खास बात यह थी कि इसका नेतृत्व खुद ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने किया। हाथों में झंडे और बैनर लेकर प्रदर्शनकारी अमेरिकी कॉन्सुलेट की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान साफ संदेश दिया गया कि ग्रीनलैंड का भविष्य वहां के लोग खुद तय करेंगे।
ट्रंप की रणनीति और धमकी: राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि ग्रीनलैंड की स्ट्रेटेजिक लोकेशन और वहां के बड़े मिनरल भंडार अमेरिका की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि ग्रीनलैंड पर कंट्रोल पाने के लिए बल प्रयोग से इनकार नहीं किया जा सकता। व्हाइट हाउस के अधिकारी स्टीफन मिलर ने यह कहकर विवाद को और हवा दे दी कि डेनमार्क ग्रीनलैंड की रक्षा करने में असमर्थ है।
NATO सहयोगियों के बीच तनाव: ग्रीनलैंड पर विवाद ने US और डेनमार्क जैसे NATO सहयोगियों के बीच एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा कर दिया है। डेनमार्क के कहने पर यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में अपनी मिलिट्री मौजूदगी बढ़ानी शुरू कर दी है। हालांकि, US के अंदर भी ट्रंप के इस फैसले का विरोध हो रहा है। एक सर्वे के मुताबिक, 80 प्रतिशत अमेरिकी इस कब्जे का समर्थन नहीं करते हैं।

