मध्य प्रदेश के महू में गंदे पानी का कहर: 2 दर्जन लोग पीलिया के शिकार, बच्चों की हालत चिंताजनक
नेशनल डेस्क: इंदौर के बाद अब मध्य प्रदेश के महू इलाके में गंदे पानी ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 10 से 15 दिनों में इलाके के करीब 2 दर्जन (24) लोग बीमार पड़ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, गंदा पानी पीने से लोगों में पीलिया जैसे इंफेक्शन तेजी से फैल रहे हैं और इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखा जा रहा है।
गंदा और बदबूदार पानी बना समस्या: महू के पट्टी बाजार और मोती महल इलाके के लोगों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। इस गंदे पानी की वजह से कई घरों में बच्चे बिस्तर पर हैं। एक परिवार के छह बच्चे बीमार हैं, जबकि 12वीं क्लास की एक स्टूडेंट इंफेक्शन की वजह से अपना प्री-बोर्ड एग्जाम भी नहीं दे पाई। मोती महल इलाके में हालात इतने खराब हैं कि छोटे बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा है और एक बुज़ुर्ग को लिवर इंफेक्शन की वजह से इंदौर रेफर किया गया है।
प्रशासन की लापरवाही सामने आई: स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीने के पानी की पाइपलाइन गंदी नालियों से होकर गुज़र रही हैं। जगह-जगह लीकेज होने की वजह से नालियों का गंदा पानी सप्लाई लाइन में जा रहा है। लोगों के मुताबिक, उन्होंने पहले भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कलेक्टर ने देर रात हॉस्पिटल का दौरा किया: मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा देर रात महू के रेडक्रॉस हॉस्पिटल पहुंचे और मरीज़ों का हालचाल पूछा। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे करने को कहा।
पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। क्षेत्रीय MLA उषा ठाकुर ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा किया है और अधिकारियों को तुरंत पानी का दूसरा इंतज़ाम करने के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया है कि हालात काबू में हैं और लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

