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2026 की पहली बड़ी कामयाबी: ISRO ने ‘EOS-N1 अन्वेषा’ सैटेलाइट लॉन्च किया; बॉर्डर पर नज़र रखने के लिए भारत को मिलेगी ‘दिव्य दृष्टि’

नेशनल डेस्क: साल 2026 की शानदार शुरुआत करते हुए, इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO) ने सोमवार, 12 जनवरी को अपना पहला मिशन PSLV-C62 सफलतापूर्वक पूरा किया। इस मिशन के तहत, भारत का अहम सैटेलाइट ‘EOS-N1 अन्वेषा’ सुबह करीब 10:17 बजे सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया।

खास बातें और क्षमताएं:

DRDO का योगदान: यह सैटेलाइट एक हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट है जिसे मुख्य रूप से डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइज़ेशन (DRDO) ने बनाया है।

बॉर्डर पर नज़र रखना: यह सैटेलाइट भारत के बॉर्डर पर नज़र रखने, छिपे हुए टारगेट का पता लगाने और माहौल की निगरानी में क्रांति लाएगा।

‘X’ ने भारतीय कानूनों के आगे घुटने टेके ! Grok AI ने अश्लील कंटेंट पर की बड़ी कार्रवाई

नेशनल डेस्क: सोशल मीडिया की बड़ी कंपनी ‘X’ (पहले ट्विटर) ने भारतीय कानूनों और गाइडलाइंस के पालन के मामले में अपनी गलती मान ली है। एलन मस्क की मालिकी वाली कंपनी ने भारत सरकार को भरोसा दिलाया है कि वह भविष्य में देश के कानूनों के हिसाब से ही काम करेगी।

अब तक की कार्रवाई: सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ‘X’ ने अब तक करीब 3,500 कंटेंट पोस्ट ब्लॉक किए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले 600 अकाउंट डिलीट किए हैं। कंपनी ने यह भी वादा किया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह के अश्लील कंटेंट की इजाज़त नहीं देगी।

विवाद की वजह:

Grok AI का गलत इस्तेमाल: यह पूरा मामला ‘X’ के AI टूल ‘Grok’ से जुड़ा है। मिनिस्ट्री ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MEIT) ने एक नोटिस जारी कर कहा था कि ‘Grok’ का इस्तेमाल करके फेक अकाउंट के ज़रिए महिलाओं की अश्लील, आपत्तिजनक और अपमानजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए जा रहे थे। मिनिस्ट्री ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सिक्योरिटी इंतज़ाम की गंभीर नाकामी और IT कानूनों का उल्लंघन बताया था।

सरकार की चेतावनी: सरकार ने ‘X’ को साफ निर्देश दिए थे कि वह Grok से सारा गैर-कानूनी कंटेंट तुरंत हटा दे, ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि IT एक्ट के सेक्शन 79 के तहत मिलने वाला कानूनी बचाव (जो प्लेटफॉर्म को यूज़र्स के कंटेंट के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराता) तभी लागू होगा जब कंपनी पूरी सावधानी और नियमों का पालन करेगी।आगे के कदम: ‘X’ को Grok ऐप में तकनीकी कमियों को दूर करने और कंटेंट रेगुलेशन को कड़ा करने के लिए कहा गया है। कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह नियम तोड़ने वाले यूज़र्स के अकाउंट तुरंत सस्पेंड करे और बिना किसी देरी के अश्लील कंटेंट तक पहुंच को ब्लॉक करे।

Gmail यूज़र्स के लिए अच्छी खबर: जानें ये 10 ‘प्रो’ ट्रिक्स जो बचाएंगी आपका कीमती समय

टेक डेस्क : दुनिया भर में 1.8 बिलियन से ज़्यादा लोग Gmail यूज़ करते हैं, लेकिन बहुत कम यूज़र्स इसके पूरे पोटेंशियल और स्मार्ट फीचर्स का फ़ायदा उठाते हैं। Gmail के ये 10 हिडन फीचर्स न सिर्फ़ आपका समय बचा सकते हैं, बल्कि आपके काम करने का तरीका भी पूरी तरह बदल सकते हैं।

Gmail के 10 कमाल के फीचर्स:

अनडू सेंड: अगर गलती से कोई अधूरा ईमेल भेज दिया जाता है, तो Gmail आपको उसे 30 सेकंड के अंदर रोकने का मौका देता है।

प्रमोशनल ईमेल डिलीट करें: आप सर्च बार में ‘अनसब्सक्राइब’ टाइप करके एक ही बार में सभी मार्केटिंग ईमेल ढूंढ और डिलीट कर सकते हैं।

कॉन्फिडेंशियल मोड: सेंसिटिव जानकारी भेजते समय ‘लॉक’ आइकन पर क्लिक करें, जिससे रिसीवर आपके ईमेल को कॉपी, फॉरवर्ड या प्रिंट नहीं कर पाएगा।

ऑफलाइन यूज़: आप बिना इंटरनेट के भी ईमेल पढ़ सकते हैं और ड्राफ्ट लिख सकते हैं, जो इंटरनेट वापस आने पर अपने आप सिंक हो जाएगा।

ईमेल शेड्यूल और स्नूज़: आप भविष्य में किसी खास समय के लिए ईमेल शेड्यूल कर सकते हैं। इसी तरह, आप ‘स्नूज़’ ऑप्शन का इस्तेमाल करके अपने इनबॉक्स से कुछ समय के लिए कोई ज़रूरी ईमेल हटा सकते हैं और बाद में उसे फिर से सबसे ऊपर देख सकते हैं।

बेहतर ऑर्गनाइज़ेशन (लेबल और आर्काइव): फ़ोल्डर के बजाय ‘वर्क’ या ‘पर्सनल’ जैसे कस्टम लेबल का इस्तेमाल करें। अपने इनबॉक्स को साफ़ रखने के लिए, ईमेल को डिलीट करने के बजाय ‘आर्काइव’ करें ताकि बाद में सर्च में उन्हें ढूंढा जा सके।

ईमेल टेम्प्लेट: अगर आपको एक ही चीज़ का बार-बार जवाब देना है, तो उसे एक क्लिक में जवाब भेजने के लिए ‘टेम्पलेट’ के तौर पर सेव करें।

कीबोर्ड शॉर्टकट: अपनी स्पीड बढ़ाने के लिए, सेटिंग्स में कीबोर्ड शॉर्टकट चालू करें और पूरी लिस्ट देखने के लिए ‘Shift + ?’ दबाएं।इन आसान ट्रिक्स को अपनाकर, आप अपने Gmail इनबॉक्स को बेहतर तरीके से ऑर्गनाइज़ कर सकते हैं और घंटों का काम मिनटों में खत्म कर सकते हैं।

ग्रोक AI के गलत इस्तेमाल पर केंद्र सरकार सख्त: ‘X’ से मांगी गई एक्शन रिपोर्ट, अश्लील कंटेंट रोकने की दी गई चेतावनी

नेशनल डेस्क: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के AI टूल ‘ग्रोक’ के गलत इस्तेमाल पर भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने कंपनी को चिट्ठी लिखकर ग्रोक के ज़रिए फैलाए जा रहे अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

क्या है पूरा मामला? सूत्रों के मुताबिक, एलन मस्क की कंपनी xAI का बनाया यह AI चैटबॉट सवालों के जवाब देने के साथ-साथ तस्वीरें भी बना सकता है। लेकिन हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां इस टूल का इस्तेमाल अश्लील, न्यूड और सेक्शुअली एक्सप्लिसिट कंटेंट बनाने और शेयर करने के लिए किया गया है। सरकार ने ‘X’ से इस बारे में तुरंत एक्शन लेने को कहा है।

महिलाओं को टारगेट किया जा रहा है: सरकार ने अपनी चिट्ठी में खास तौर पर इस बात का ज़िक्र किया है कि ग्रोक का इस्तेमाल करके अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाकर महिलाओं को अपमानजनक तरीके से दिखाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह काम फेक अकाउंट्स के ज़रिए किया जा रहा है, जो प्लेटफॉर्म के सिक्योरिटी इंतज़ामों की बड़ी नाकामी को दिखाता है। सरकार के मुताबिक, जो महिलाएं सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें पोस्ट करती हैं, उन्हें इस AI के ज़रिए टारगेट किया जा रहा है और उनकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।

कानूनी उल्लंघन का संदर्भ: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) का मानना है कि ‘X’ प्लेटफॉर्म सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT एक्ट) और IT नियम, 2021 के प्रावधानों का ठीक से पालन नहीं कर रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्लेटफॉर्म पर दिखाया जा रहा कंटेंट देश के लागू कानूनों और शालीनता के मानकों के अनुसार नहीं है।सरकार ने अब ‘X’ से जवाब मांगा है कि उसके पहले के निर्देशों के बाद इस दिशा में क्या कदम उठाए गए हैं।

iPhone का ‘सीक्रेट’ फ़ीचर: 90% यूज़र्स को इस ‘मैजिक’ ट्रिक के बारे में नहीं पता, स्क्रीन को टच किए बिना किए जा सकते हैं कई काम

टेक्नोलॉजी डेस्क: iPhone अपनी पावरफुल परफॉर्मेंस और प्रीमियम कैमरे के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके iOS में कई ऐसे फ़ीचर हैं जिनके बारे में ज़्यादातर यूज़र्स को पता नहीं है। ऐसा ही एक अंडररेटेड फ़ीचर है ‘बैक टैप’, जिसके बारे में लगभग 90 प्रतिशत यूज़र्स को पता नहीं है। यह फ़ीचर आपके रोज़ के कामों को बेहद आसान बना सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, इस फ़ीचर की मुख्य डिटेल्स इस तरह हैं:

बैक टैप फ़ीचर क्या है? यह एक ऐसा फ़ीचर है जिसमें फ़ोन के पिछले हिस्से पर हल्का सा टैप करने से पहले से सेट किया गया काम अपने आप हो जाता है। इसमें डबल टैप और ट्रिपल टैप के दो ऑप्शन हैं। यह फ़ीचर iPhone के सेंसर का इस्तेमाल करता है, इसलिए अलग से बटन की ज़रूरत नहीं होती।

क्या-क्या काम किए जा सकते हैं? इसकी मदद से आप स्क्रीनशॉट ले सकते हैं, कैमरा या टॉर्च खोल सकते हैं और स्क्रीन को टच किए बिना कंट्रोल सेंटर एक्सेस कर सकते हैं। इसके अलावा, यह ‘शॉर्टकट’ ऐप के साथ भी काम करता है, जिससे वाई-फाई या ब्लूटूथ को भी एक टैप से चालू किया जा सकता है।

कैसे चालू करें? इसे चालू करने के लिए, iPhone की सेटिंग्स में जाएं और एक्सेसिबिलिटी सेक्शन खोलें। वहां, नीचे टच के नीचे, आपको बैक टैप ऑप्शन मिलेगा, जहां आप अपनी पसंद के हिसाब से एक्शन चुन सकते हैं।

WhatsApp का नया धमाका: अब चैनल एडमिन सीधे अपने कॉन्टैक्ट्स को भेज सकेंगे इनवाइट, जानें कैसे काम करेगा यह फीचर

नई दिल्ली: मेटा के स्वामित्व वाला इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp अपने यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए फीचर्स पर काम कर रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अब iOS यूजर्स के लिए एक ऐसा फीचर टेस्ट कर रही है, जो चैनल एडमिन को अपनी ऑडियंस और एंगेजमेंट बढ़ाने में बड़ी मदद देगा।

इस फीचर के जरिए एडमिन अब अपने कॉन्टैक्ट्स को सीधे चैनल जॉइन करने के लिए इनवाइट कर पाएंगे।

64 लोगों को एक साथ भेज सकेंगे बुलावा

इस नए फीचर की टेस्टिंग वर्तमान में iOS 25.37.10.74 बीटा वर्जन पर चल रही है। मिली जानकारी के अनुसार:चैनल एडमिन अब सीधे चैनल इंफॉर्मेशन पेज से अपने फॉलोअर्स या कॉन्टैक्ट्स को इनवाइट कर सकते हैं।एडमिन एक बार में अधिकतम 64 कॉन्टैक्ट्स को चुनकर उन्हें चैनल के बारे में नोटिफाई कर पाएंगे।जैसे ही एडमिन कॉन्टैक्ट्स को चुनेंगे, WhatsApp अपने आप एक इनविटेशन मैसेज जेनरेट करेगा।

इस मैसेज में चैनल का प्रीव्यू और उसे फॉलो करने के लिए एक एक्शन बटन भी दिया जाएगा।सुरक्षा और गोपनीयता का रखा गया है ध्यान WhatsApp ने इस फीचर को इस तरह डिजाइन किया है कि इसका गलत इस्तेमाल (Spam) न हो सके। स्पैम डिटेक्शन से बचने के लिए कंपनी एक टेम्पररी ब्रॉडकास्ट लिस्ट का इस्तेमाल कर रही है। इसके अलावा, यह इनविटेशन मैसेज केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिन्होंने एडमिन का मोबाइल नंबर अपने फोन में सेव किया हुआ है।

गौरतलब है कि यह फीचर सबसे पहले Android के बीटा वर्जन पर देखा गया था और अब इसे iPhone यूजर्स के लिए टेस्ट किया जा रहा है।

कुछ अन्य बड़े बदलाव भी हैं कतार में चैनल इनवाइट

फीचर के अलावा WhatsApp कई और अपडेट्स पर भी काम कर रहा है:कंपनी स्टेटस अपडेट्स में विज्ञापनों (Ads) का विस्तार कर रही है।रिएक्शन ट्रे में डिफ़ॉल्ट इमोजी के सेट में नए इमोजी शामिल करने की तैयारी है।लिंक्ड डिवाइस मेनू के अंदर पेरिफेरल्स लिस्ट (Peripherals List) पर भी काम चल रहा है।

ISRO के ‘बाहुबली’ ने रचा इतिहास: दुनिया का सबसे भारी कमर्शियल सैटेलाइट ‘ब्लूबर्ड ब्लॉक-2’ सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ

नेशनल डेस्क: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO) ने बुधवार सुबह 8:55 बजे अपने सबसे पावरफुल रॉकेट LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3) के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया है। इस मिशन (LVM3-M6) के तहत, अमेरिकन कंपनी AST स्पेसमोबाइल के ‘ब्लूबर्ड ब्लॉक-2’ कम्युनिकेशन सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में सफलतापूर्वक तैनात किया गया है।मिशन की खास बातें:डायरेक्ट मोबाइल कनेक्टिविटी: यह दुनिया का सबसे बड़ा कमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट है, जो स्पेस से सीधे आम स्मार्टफोन को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट देगा।

रिकॉर्ड तोड़ने वाला वज़न: सैटेलाइट का वज़न लगभग 6100 से 6500 kg है, जो भारतीय ज़मीन से लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी पेलोड है।

बड़ा साइज़: इसमें 223 sq m का फेज़्ड ऐरे एंटीना है, जो इसे स्पेस में सबसे बड़ा कमर्शियल सैटेलाइट बनाता है।हाई-स्पीड डेटा: यह सैटेलाइट 4G और 5G नेटवर्क को सपोर्ट करता है और 120 Mbps तक की पीक डेटा स्पीड देने में सक्षम है।

बाहुबली’ रॉकेट (LVM3) की पावर:सूत्रों के अनुसार, LVM3 ISRO का सबसे शक्तिशाली तीन-स्टेज वाला रॉकेट है, जिसकी ऊंचाई 43.5 मीटर और वजन 640 टन है। यह रॉकेट पहले चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और वनवेब जैसे महत्वपूर्ण मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुका है। यह मिशन न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और AST स्पेसमोबाइल के बीच एक एग्रीमेंट का हिस्सा है।

भविष्य की संभावनाएं:इस सफलता ने वर्ल्ड-क्लास लॉन्च सेवाओं में ISRO की पकड़ को और मजबूत किया है। यह टेक्नोलॉजी दुनिया भर के दूर-दराज के इलाकों, पहाड़ों और समुद्रों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाएगी, जहां टेरेस्ट्रियल नेटवर्क तक पहुंचना मुश्किल है। भविष्य में, इस रॉकेट का इस्तेमाल भारत के ह्यूमन मिशन ‘गगनयान’ के लिए भी किया जाएगा।