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पंजाब पुलिस का 2025 का रिपोर्ट कार्ड: ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ और गैंगस्टरों पर कार्रवाई, DGP गौरव यादव ने पेश किए ज़रूरी आंकड़े

चंडीगढ़: साल 2025 खत्म होने से पहले, पंजाब पुलिस ने राज्य में शांति और कानून व्यवस्था पर अपना सालाना रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) गौरव यादव ने साल के दौरान पुलिस की बड़ी कामयाबियों और क्राइम में कमी के आंकड़े शेयर किए हैं।ड्रग्स के खिलाफ जंग और रिकॉर्ड ज़ब्ती सूत्रों के मुताबिक, पंजाब सरकार के ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ कैंपेन को इस साल बड़ी कामयाबी मिली है:

इस कैंपेन के तहत करीब 30,000 FIR दर्ज की गईं और करीब 40,000 गिरफ्तारियां हुईं।पुलिस ने इस साल 2,000 kg से ज़्यादा हेरोइन ज़ब्त की है। हैरानी की बात यह है कि पूरे भारत में ज़ब्त की गई कुल हेरोइन का दो-तिहाई हिस्सा अकेले पंजाब में ज़ब्त किया गया है।पंजाब ने कानूनी मोर्चे पर भी बहुत अच्छा काम किया है, NDPS एक्ट के तहत सज़ा की दर 88 प्रतिशत है, जो देश में सबसे ज़्यादा है।गैंगस्टर और आतंकवादी मॉड्यूल पर कार्रवाई पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं:

साल 2025 में कुल 992 गैंगस्टर गिरफ्तार किए गए और 416 क्राइम मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया।

राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पुलिस ने 19 आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और 131 आरोपियों को गिरफ्तार किया।इस दौरान बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए, जिनमें 9 राइफल, 188 रिवॉल्वर, 12 IED, 11.62 kg RDX, 54 हैंड ग्रेनेड और 4 रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) शामिल हैं।क्राइम रेट में बड़ी गिरावट DGP ने कहा कि पुलिस की सतर्कता के कारण सभी तरह के गंभीर अपराधों में कमी आई है:

हत्या: 8.6 प्रतिशत की गिरावट।

किडनैपिंग: 10.6 प्रतिशत की गिरावट।

स्नैचिंग: 19 परसेंट की गिरावट।

चोरी: 34 परसेंट की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

साइबर क्राइम और हेल्पलाइन साइबर फ्रॉड के मामले में पंजाब में 80 करोड़ रुपये की कम रकम है, जो देश का 19 परसेंट है और इस मामले में पंजाब भारत में चौथे नंबर पर है। इसके अलावा, ‘सेफ पंजाब’ हेल्पलाइन के ज़रिए 10,000 से ज़्यादा FIR दर्ज की गई हैं।

दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन: हिंदू युवक की हत्या के विरोध में भीड़, पुलिस से झड़प

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर मंगलवार को हालात तनावपूर्ण हो गए, जब ढाका में एक हिंदू युवक की हत्या के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों के गुस्से को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने हाई कमीशन के बाहर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे।

बैरिकेड तोड़ने और पुलिस से झड़प की कोशिश: विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब भीड़ ने सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड हटाने और तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच मामूली झड़प भी हुई। पुलिस को भीड़ को रोकने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, जबकि लोग लगातार बांग्लादेश सरकार और वहां सक्रिय कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ नारे लगा रहे थे।

हिंदू संगठनों की भागीदारी: इस विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और कई अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर न्याय की मांग कर रहे थे। इस दौरान एक अनोखा नज़ारा भी देखने को मिला जब कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़कर हनुमान चालीसा पढ़ने लगे।

सिक्योरिटी एजेंसियां हाई अलर्ट पर: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा और हमलों की खबरों के बाद भारत में लोगों में भारी गुस्सा है। सिक्योरिटी एजेंसियां पहले से ही अलर्ट थीं और किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए हाई कमीशन के आसपास घेराबंदी बढ़ा दी गई थी।

खुदकुशी की कोशिश… पंजाब के Ex IPS अमर चहल ने खुद को क्यों मारी गोली, यूं बयां किया दर्द!

पंजाब डेस्क: पंजाब के पटियाला में सोमवार को एक बहुत ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पंजाब पुलिस के पूर्व IPS (रिटायर्ड IG) अमर सिंह चहल ने खुद को गोली मारकर सुसाइड करने की कोशिश की। उन्हें गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने तीन घंटे के ऑपरेशन के बाद उनके फेफड़ों में फंसी गोली को सफलतापूर्वक निकाल लिया है। फिलहाल वह अगले 12 से 24 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में हैं।

8.10 करोड़ की ठगी और 12 पेज का नोट: पुलिस को मौके से 12 पेज का सुसाइड नोट मिला है, जो पंजाब के DGP गौरव यादव के नाम से लिखा गया है। इस नोट में चहल ने बताया कि वह ‘F-777 DBS वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप’ नाम के साइबर ठगों के एक बड़े जाल में फंस गए थे। ठगों ने उन्हें WhatsApp और Telegram के जरिए स्टॉक ट्रेडिंग और IPO में भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे करीब 8.10 करोड़ रुपये ठग लिए हैं।

मानसिक पीड़ा और शर्मिंदगी: अमर सिंह चहल ने अपने नोट में बहुत दर्द ज़ाहिर करते हुए लिखा कि इस आर्थिक तबाही की वजह से वह बहुत शर्मिंदा और टूटा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्हें अफ़सोस है कि एक पुलिस अफ़सर होने के बावजूद वह खुद ऐसे ऑर्गनाइज़्ड साइबर अटैक का शिकार हो गए, जिससे पंजाब पुलिस की इमेज पर भी सवाल उठे हैं। उन्होंने DGP से अपील की कि इस मामले की जांच के लिए SIT बनाई जाए या केस CBI को सौंप दिया जाए ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके और पैसे रिकवर किए जा सकें।

दूसरी ज़रूरी जानकारी:चहल ने बताया कि उनके पास अपना कोई हथियार नहीं था, इसलिए उन्होंने अपने गनमैन की राइफ़ल का इस्तेमाल किया। गौरतलब है कि अमर सिंह चहल को 2015 के बहबल कलां और कोटकपूरा फ़ायरिंग केस में भी आरोपी बनाया गया है।

ना दोस्तों को पता था, ना परिवारवालों को

मर सिंह के दोस्तों का कहना है कि उनके साथ इस तरह की ठगी हुई है इसकी किसी को जानकारी नहीं थी। अमर सिंह के सुसाइड नोट की मानें तो उनके साथ निवेश के पैसे निकालने की कोशिश के बाद उगाही शुरू हुई। 5 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की तो उससे 1.5% सर्विस फीस और 3% टैक्स के नाम पर 2.25 करोड़ रुपए वसूल लिए गए। इसके बाद भी पैसे नहीं दिए गए और दोबारा 2 करोड़ रुपए लिए। इसके बाद 20 लाख रुपए प्रीमियम मेंबरशिप फीस के नाम पर मांगे गए। पूर्व आईजी के साथ ठगी के बारे में ना तो उनकी करीबियों को पता था ना ही उनके पड़ोसियों को। यहां तक कि उनके परिवारवालों को ठगी की कोई जानकारी नहीं थी।

भारत-बांग्लादेश तनाव: बांग्लादेश ने भारतीयों के लिए रोक दी वीज़ा सर्विस

नेशनल डेस्क: भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते डिप्लोमैटिक तनाव के बीच दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा और कॉन्सुलर सर्विस कुछ समय के लिए रोक दी हैं।

बांग्लादेश के इस कदम को भारत के बांग्लादेश में वीज़ा सर्विस रोकने के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।भारत के एक्शन और हिंसा का बैकग्राउंड इससे पहले भारत ने बांग्लादेश के चटगांव (चटगांव), खुलना और राजशाही में मौजूद इंडियन वीज़ा एप्लीकेशन सेंटर (IVAC) में सर्विस अनिश्चित समय के लिए रोक दी थीं।

सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा और भारत विरोधी प्रदर्शनों को देखते हुए लिया गया। चटगांव में वीज़ा ऑफिस पर प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी के भी आरोप लगे थे।शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में एक चुनाव कैंपेन इवेंट के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने सिर में गोली मार दी थी।

उन्हें गंभीर हालत में सिंगापुर ले जाया गया, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में आगजनी, तोड़फोड़ और भारत विरोधी नारे लगे। इस बीच खुलना में नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता मोतलेब शिकदर की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने दावा किया कि बांग्लादेशी हाई कमिश्नर रियाज़ हमीदुल्लाह को दिल्ली में जान से मारने की धमकी मिली थी।

हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि हाई कमीशन की सुरक्षा में कोई कमी नहीं थी और पुलिस ने वहां प्रदर्शनकारियों को तुरंत हटा दिया था।

अमृतसर में बड़ी घटना! स्कूल के स्टूडेंट्स के बीच हुई खूनी झड़प, अंधाधुंध हुई फायरिंग

पंजाब डेस्क: अमृतसर के लुहारका रोड पर उस समय दहशत का माहौल बन गया जब स्टूडेंट्स के दो ग्रुप्स के बीच लड़ाई खूनी झड़प में बदल गई। इस फायरिंग के दौरान 11वीं क्लास का एक स्टूडेंट गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

घटना की डिटेल्स: पुलिस के मुताबिक, यह लड़ाई स्कूल में हुई किसी गलतफहमी की वजह से 11वीं और 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स के बीच शुरू हुई थी। इसी मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष सुलह के लिए लुहारका रोड पर इकट्ठा हुए थे। लेकिन बातचीत के दौरान फिर से लड़ाई शुरू हो गई और माहौल गरमा गया।

फायरिंग और जांच: लड़ाई के दौरान एक पक्ष के हरिंदर सिंह ने गोली चलाई, जो अशप्रीत सिंह नाम के स्टूडेंट के पैर में लगी। पुलिस को जानकारी मिली है कि मौके पर 5 से 6 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि घटना में इस्तेमाल पिस्टल लाइसेंसी थी या नहीं। हालांकि, इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि दूसरी पार्टी ने फायरिंग की थी।

परिवार की मांग: पीड़ित परिवार ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया है कि निज़ामपुर के कुछ लोगों ने उनके बच्चे पर गोली चलाई है। परिवार ने सरकार और प्रशासन से न्याय की मांग की है। पुलिस के मुताबिक, घायल युवक अभी बयान देने की हालत में नहीं है, उसका बयान दर्ज होते ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लुधियाना के प्राइवेट हॉस्पिटल की मॉर्चरी से लाश गायब: परिवार का हंगामा, ऑर्गन बेचने के गंभीर आरोप

लुधियाना: लुधियाना के बारेवाल के एक प्राइवेट हॉस्पिटल से बहुत ही हैरान करने वाला और बहुत बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां हॉस्पिटल की मॉर्चरी में रखी एक महिला की डेड बॉडी गायब हो गई। जब परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए बॉडी लेने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि बॉडी वहां है ही नहीं।

कैसे हुई घटना? मृतका के पति जसवंत सिंह ने बताया कि उसने अपनी पत्नी को पेट दर्द की वजह से 10 दिसंबर को हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जिसकी 19 दिसंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई। चूंकि उनके बच्चे विदेश में रहते थे, इसलिए जसवंत सिंह ने हॉस्पिटल मैनेजमेंट से बच्चों के लौटने तक बॉडी रखने को कहा था। इसके लिए हॉस्पिटल हर दिन के 2500 रुपये चार्ज कर रहा था।

हॉस्पिटल की लापरवाही और परिवार के आरोप: जब बच्चे विदेश से लौटे और परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए बॉडी लेने गए तो हॉस्पिटल अधिकारियों ने कहा कि उनके पास बॉडी नहीं है। हॉस्पिटल अधिकारियों के मुताबिक, बॉडी मुर्दाघर में थी, लेकिन कोई दूसरा परिवार गलती से उसे ले गया। जानकारी के मुताबिक, उस दूसरे परिवार ने बॉडी का अंतिम संस्कार भी कर दिया है।

इस मामले में पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं:जसवंत सिंह का कहना है कि हॉस्पिटल अधिकारियों ने शायद बॉडी के ऑर्गन बेच दिए हों।परिवार ने हॉस्पिटल की इस हरकत को बड़ी साज़िश या लापरवाही बताया है।

इंसाफ की मांग और धरना: बॉडी गायब होने के बाद गुस्साए परिवार वाले हॉस्पिटल में ही धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वे इंसाफ के लिए पुलिस के पास जाएंगे और ज़रूरत पड़ी तो कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे।

इंडोनेशिया में भयानक सड़क हादसा: बस बेकाबू होकर पलटी, 15 यात्रियों की मौत

इंटरनेशनल डेस्क: इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा में एक दुखद सड़क हादसा हुआ है। यहां एक यात्री बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुष्टि की है।

हादसे का कारण: सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी के हेड बुडियोनो ने कहा कि हादसा एक टोल रोड पर हुआ। बस में कुल 34 यात्री थे जब वह अचानक बेकाबू हो गई। बेकाबू होने के बाद बस सड़क पर लगे कंक्रीट बैरियर से टकराकर पलट गई।

रूट की जानकारी: यह एक इंटर-प्रोविंशियल बस थी जो राजधानी जकार्ता से देश के पुराने शाही शहर योग्याकार्ता जा रही थी। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।

बांग्लादेश में बेकाबू हिंसा: भीड़ ने 7 साल की बच्ची को ज़िंदा जलाया; अंतरिम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश में स्टूडेंट लीडर शरीफ़ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में हिंसा की भयानक लहर दौड़ गई है। ताज़ा घटना में, लक्ष्मीपुर सदर सब-डिस्ट्रिक्ट में दंगाइयों ने एक BNP लीडर के घर को बाहर से बंद करके आग लगा दी। इस दर्दनाक हमले में एक 7 साल की मासूम बच्ची की ज़िंदा जलने से मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

हिंसा का मुख्य कारण: सूत्रों के मुताबिक, इस हिंसा की चिंगारी 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में भड़की थी, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान शरीफ़ उस्मान हादी के सिर में गोली मार दी गई थी। हादी की गुरुवार को सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पूरे बांग्लादेश में हमले और तोड़फोड़ शुरू हो गई। हादी के संगठन ‘इंकलाब मंच’ ने अंतरिम सरकार को दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

भारत विरोधी नारे और सुरक्षा चिंताएँ: हादी के अंतिम संस्कार के दौरान भारत विरोधी नारे लगाए गए और चटगाँव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के घर पर पत्थर भी फेंके गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नई दिल्ली में बांग्लादेशी उच्चायोग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

शरीफ उस्मान हादी की पहचान: 32 साल के हादी जुलाई 2024 के जन आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा और इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। उन्हें भारत का कट्टर आलोचक माना जाता था और वे एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में आगामी संसदीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। यूनुस सरकार ने उनकी मृत्यु पर एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया और उन्हें संसद भवन के पास दफनाया गया।

CBI का बड़ा ऑपरेशन : डिफेंस मिनिस्ट्री का लेफ्टिनेंट कर्नल रिश्वत लेते गिरफ्तार, 2.36 करोड़ रुपये बरामद

नेशनल डेस्क: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने डिफेंस मिनिस्ट्री में करप्शन के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन में एक लेफ्टिनेंट कर्नल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शनिवार को किए गए इस ऑपरेशन के दौरान CBI ने डिफेंस मिनिस्ट्री के प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है।

रिश्वत और रिकवरी की डिटेल्स: सूत्रों के मुताबिक, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा पर बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी से 3 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। CBI ने जब ऑफिसर के ठिकानों पर छापा मारा तो वहां से 2.36 करोड़ रुपये की भारी रकम जब्त की गई। उनके दिल्ली स्थित घर से 2.23 लाख रुपये कैश और रिश्वत के पैसे बरामद किए गए।

पत्नी पर भी गंभीर आरोप: मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब CBI ने लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी कर्नल काजल बाली के खिलाफ भी केस दर्ज किया। काजल बाली श्रीगंगानगर में डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट (DOU) में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। सर्च के दौरान काजल के घर से 10 लाख रुपये कैश और दूसरा आपत्तिजनक सामान भी मिला।

CBI जांच से पता चला है कि दीपक कुमार शर्मा डिफेंस प्रोडक्ट्स बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली प्राइवेट कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव के साथ क्रिमिनल साज़िश रचता था। वह इन कंपनियों को गैर-कानूनी फायदा पहुंचाने के बदले में भारी रिश्वत लेता था। इस मामले में एक और आरोपी विनोद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।

अगली कार्रवाई: CBI ने श्रीगंगानगर, बेंगलुरु, जम्मू और दूसरी जगहों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी 23 दिसंबर तक CBI कस्टडी में रहेंगे। जांच एजेंसी अब इस करप्शन रैकेट में शामिल दूसरे लोगों और दुबई की एक कंपनी के रोल की भी जांच कर रही है।

तरनतारन में खौफनाक घटना: सैलून से घर लौट रही 23 साल की लड़की की गोली मारकर हत्या

पंजाब डेस्क: तरनतारन जिले में अमृतसर-बठिंडा नेशनल हाईवे-54 पर स्थित रसूलपुर अड्डा गांव में शनिवार शाम एक दर्दनाक घटना हुई, जहां एक युवती की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान बनवालीपुर गांव की रहने वाली नवरूप कौर (23) के रूप में हुई है।

घटना की जानकारी: नवरूप कौर ने कुछ दिन पहले ही तरनतारन के एक सैलून में काम करना शुरू किया था। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे जब वह काम के बाद घर जाने के लिए बस स्टैंड पर ऑटो का इंतजार कर रही थी, तो मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने अचानक उसके सिर में गोली मार दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

पिता का बयान और पुलिस कार्रवाई: मृतका के पिता मंगल सिंह ने आरोप लगाया है कि गांव के ही एक युवक अर्जुन सिंह और उसके साथी ने उसकी बेटी की हत्या की है। उन्होंने कहा कि ये युवक पहले भी उन्हें परेशान करते थे। पुलिस ने इस मामले में सदर पुलिस स्टेशन, तरनतारन में केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है।