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BCCI का महिला क्रिकेटरों को न्यू ईयर का बड़ा तोहफ़ा: घरेलू खिलाड़ियों की फ़ीस में भारी बढ़ोतरी

स्पोर्ट्स डेस्क: नए साल से ठीक पहले, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारत की घरेलू महिला क्रिकेटरों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। BCCI ने अपनी हालिया एपेक्स काउंसिल मीटिंग में घरेलू महिला खिलाड़ियों की मैच फ़ीस दोगुनी से ज़्यादा करने का फ़ैसला किया है। यह कदम भारतीय महिला टीम के साउथ अफ़्रीका को हराकर महिला ODI वर्ल्ड कप जीतने के बाद उठाया गया है, जिससे अब महिला क्रिकेट को ज़्यादा प्राथमिकता मिल रही है।

नया सैलरी स्ट्रक्चर (हर दिन):सूत्रों के मुताबिक, नए तय किए गए फ़ीस स्ट्रक्चर में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है:सीनियर महिला टूर्नामेंट (प्लेइंग XI): अब खिलाड़ियों को हर दिन 50,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले सिर्फ़ 20,000 रुपये थे।

रिज़र्व खिलाड़ी (सीनियर): रिज़र्व बेंच पर बैठने वाले खिलाड़ियों की फ़ीस 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है।जूनियर टूर्नामेंट: जूनियर टीमों की प्लेइंग XI को अब हर दिन 25,000 रुपये (पहले 10,000 रुपये) और रिज़र्व खिलाड़ियों को 12,500 रुपये मिलेंगे।

T20 टूर्नामेंट: T20 मैचों के लिए प्लेइंग XI की फीस भी 25,000 रुपये और रिज़र्व खिलाड़ियों के लिए 12,500 रुपये तय की गई है।अंपायर और मैच रेफरी को भी फायदा:इस बढ़ोतरी से सिर्फ खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि मैच अधिकारियों को भी फायदा होगा। अंपायर और मैच रेफरी को अब घरेलू लीग मैचों के लिए हर दिन 40,000 रुपये मिलेंगे। अगर मैच नॉकआउट स्टेज का है, तो यह रकम 50,000 रुपये से 60,000 रुपये के बीच हो सकती है।BCCI के इस फैसले से घरेलू लेवल पर क्रिकेट खेलने वाली सैकड़ों महिलाओं की आर्थिक हालत में बड़ा सुधार आएगा और नए टैलेंटेड खिलाड़ियों को इस खेल को प्रोफेशन के तौर पर चुनने के लिए बढ़ावा मिलेगा।

अरावली बचाओ आंदोलन: राजस्थान में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, जानें क्या है मामला

नेशनल डेस्क: अरावली पर्वत श्रृंखला को बचाने के लिए राजस्थान और दिल्ली-NCR में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सोमवार को राजस्थान के कई जिलों में लोग सड़कों पर उतरे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई।पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियांउदयपुर में कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया। जोधपुर में NSUI कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए, जिन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। सीकर में पर्यावरणविदों ने 945 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हर्ष पर्वत पर चढ़कर अरावली को बचाने की अपील की।

विवाद का मुख्य कारण—सुप्रीम कोर्ट की नई परिभाषा प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सुप्रीम कोर्ट के 20 नवंबर, 2025 के फैसले को लेकर है, जिसमें अरावली की नई परिभाषा को मंजूरी दी गई है। इस नई परिभाषा के अनुसार, सिर्फ़ उसी लैंडफ़ॉर्म को अरावली पहाड़ियाँ माना जाएगा जो अपने लोकल लेवल से कम से कम 100 मीटर ऊपर हो। एक्सपर्ट्स और प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस क्राइटेरिया के कारण 90 परसेंट से ज़्यादा अरावली पहाड़ियाँ प्रोटेक्शन के दायरे से बाहर हो जाएँगी, जिससे वहाँ माइनिंग और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज़ को बढ़ावा मिलेगा।

राजस्थान के ‘फेफड़े’ खतरे में –राजस्थान असेंबली में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने अरावली को राजस्थान का ‘फेफड़ा’ और ‘लाइफलाइन’ बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पहाड़ियों को बचाने का फ़ैसला वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस ज़ोरदार आंदोलन करेगी। एनवायरनमेंटलिस्ट्स के अनुसार, अरावली दिल्ली-NCR का ‘फेफड़ा’ और ‘लाइफलाइन’ है। अरावली के लिए एक नेचुरल सुरक्षा कवच है जो रेगिस्तान को फैलने से रोकता है और ग्राउंड वॉटर लेवल को बनाए रखने में मदद करता है।

गुरुग्राम में भी विरोध प्रदर्शन —हरियाणा के गुरुग्राम में कैबिनेट मिनिस्टर राव नरबीर सिंह के घर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोगों ने शांति से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ” के नारे लगाए और मांग की कि सरकार अरावली को पूरी तरह से सुरक्षित क्षेत्र घोषित करे। Aravalli Hills Protest, Rajasthan News, Supreme Court Order, Save Aravalli,

सोशल मीडिया बच्चों को बना रहा है हिंसक और जिद्दी : नई स्टडी से माता-पिता में चिंता बढ़ी

नैशनल डेस्क : इंटरनेट और सोशल मीडिया का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों के व्यवहार और मेंटल हेल्थ के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया बच्चों को हिंसक और जिद्दी बना रहा है, जिससे माता-पिता में काफी चिंता है।

डिजिटल एडिक्शन और मेंटल हेल्थ पर असर

सूत्रों के मुताबिक, 11 से 37 परसेंट किशोरों में इंटरनेट मीडिया एडिक्शन के लक्षण पाए गए हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। स्क्रीन पर बहुत ज़्यादा समय बिताने की वजह से बच्चों में नींद की कमी, डिप्रेशन, एंग्जायटी और आत्मविश्वास की कमी जैसी गंभीर मेंटल समस्याएं देखी जा रही हैं।

इस स्थिति को देखते हुए अब देश भर के अस्पतालों में ‘डिजिटल एडिक्शन क्लीनिक’ खोले जा रहे हैं।साइबरबुलिंग और इस्तेमाल के आंकड़ों पर हुई एक स्टडी में चौंकाने वाली बात सामने आई है कि 3 से 60 परसेंट बच्चे साइबरबुलिंग का शिकार हो रहे हैं। साल 2024 के डेटा के मुताबिक, भारत में 88 करोड़ इंटरनेट यूज़र थे। हैरानी की बात है कि 14-16 साल के 76 परसेंट बच्चे स्मार्टफोन का इस्तेमाल सोशल मीडिया के लिए करते हैं, जबकि सिर्फ़ 57 परसेंट बच्चे पढ़ाई के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।

49 परसेंट शहरी माता-पिता मानते हैं कि उनके बच्चे रोज़ाना तीन घंटे से ज़्यादा इंटरनेट पर बिताते हैं।

सरकार की सख्ती और माता-पिता की राय

बच्चों को इन बुरे असर से बचाने के लिए, IT मिनिस्ट्री ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) रूल्स, 2025 को नोटिफ़ाई किया है। इसका मकसद बच्चों के डेटा को सुरक्षित रखना और OTT और सोशल मीडिया के बेलगाम इस्तेमाल को रोकना है। लोकल सर्कल्स के एक सर्वे में, जिसमें 302 ज़िलों के माता-पिता से 57,000 जवाब इकट्ठा किए गए, 25 परसेंट माता-पिता ने मांग की कि बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता की मंज़ूरी ज़रूरी होनी चाहिए।

राष्ट्रपति ने VB-G Ram G बिल 2025 को मंजूरी दी: MNREGA की जगह लेगा नया कानून, अब 125 दिन का रोजगार मिलेगा

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका (ग्रामीण) के लिए गारंटी मिशन’ यानी VB-G Ram G बिल 2025 को अपनी मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की इस मंजूरी के साथ ही अब देश में MNREGA की जगह इस नए कानून को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस नए कानून में ग्रामीण विकास और रोजगार को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं:

रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी: पहले MNREGA के तहत 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन अब नए कानून के तहत इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।

पंचायतों को दी गई ज्यादा ताकत: इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब गांवों में होने वाले विकास कार्यों को तय करने का अधिकार पंचायतों और ग्राम सभाओं को दिया गया है। गांव की ज़रूरतों के हिसाब से गांव वालों की सहमति से काम चुना जाएगा।

सैलरी और मुआवज़ा: हर हफ़्ते या काम पूरा होने के 15 दिनों के अंदर मज़दूरी देना ज़रूरी होगा। अगर पेमेंट में देरी होती है, तो कर्मचारी देर से हुए मुआवज़े के हकदार होंगे।

खेती के लिए खास नियम: फसलों की बुआई और कटाई के मौसम में मज़दूरों की मौजूदगी बनाए रखने के लिए, राज्यों को एक फाइनेंशियल साल में 60 दिनों का ‘ब्रेक पीरियड’ घोषित करने का अधिकार होगा।

काम के मुख्य एरिया: इस कानून के तहत, चार मुख्य एरिया पर फोकस किया जाएगा: पानी की सुरक्षा, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, रोज़ी-रोटी से जुड़े काम और क्लाइमेट चेंज के असर को कम करने के काम।सरकार का मानना है कि यह स्कीम साल 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के लक्ष्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।

8th Pay Commission: 2025 में रिटायर होने वालों की लॉटरी; पेंशन में बढ़ोतरी के साथ मिलेगा लाखों का बकाया

बिजनेस डेस्क: साल 2025 में रिटायर होने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। हालांकि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में अभी समय है, लेकिन 2025 में रिटायर होने वाले कर्मचारी भी इसके फायदे में आएंगे। सूत्रों के मुताबिक, इन कर्मचारियों को बढ़ी हुई पेंशन के साथ लाखों रुपये का बकाया भी मिलेगा।

नया वेतन आयोग कब लागू होगा?

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने 8वें वेतन आयोग को नवंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। इसका सीधा मतलब है कि आयोग की सिफारिशें 2027 के मध्य तक तैयार हो जाएंगी और सरकार इसे 2028 तक लागू कर सकती है। हालांकि इसे लागू होने में समय लग सकता है, लेकिन जो कर्मचारी 2025 में रिटायर हो चुके हैं या होने वाले हैं, आयोग लागू होने के बाद उनकी पेंशन में बड़ा उछाल आएगा।

एरियर का कैलकुलेशन:

–सबसे ज़रूरी बात एरियर है। सूत्रों के मुताबिक, जब भी नया पे कमीशन लागू होता है, तो उसका कैलकुलेशन पिछले कमीशन के खत्म होने की तारीख से किया जाता है।

इसके मुताबिक:–2026 से लेकर नई सिफारिशें लागू होने तक का पूरा अमाउंट कर्मचारियों को एरियर के तौर पर दिया जाएगा।

–यह अमाउंट लाखों रुपये में हो सकता है, जो सीधे पेंशनर्स के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा।

–इसके लिए पेंशनर्स को किसी ऑफिस के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं होगी।

–इस फैसले से उन हज़ारों कर्मचारियों को बड़ी उम्मीद मिली है जो इस बात को लेकर कन्फ्यूज थे कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें नए पे स्केल का फायदा मिलेगा या नहीं।

टी20 वर्ल्ड कप 2026: BCCI ने भारतीय टीम का ऐलान, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में होगा धमाका

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम का औपचारिक घोषणा 20 दिसंबर 2025 को कर दी है। इस टीम को सूर्यकुमार यादव कप्तान के रूप में चुना गया है, जो कि पिछले वर्षों में टी20 प्रारूप में भारतीय टीम के मुख्य सितारों में से एक रहे हैं। टीम के उप-कप्तान के रूप में अक्षर पटेल को नामित किया गया है, जिससे टीम संयोजन में एक संतुलित मिश्रण तैयार हुआ है। इस घोषणा में सबसे बड़ा सरप्राइज शुभमन गिल को बाहर रखना रहा, जिनका नाम इस बार टीम में शामिल नहीं किया गया है।

वहीं, ईशान किशन को दो साल बाद टी20 टीम में वापसी का मौका मिला है और संजू सैमसन को भी विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के रूप में टीम में स्थान मिला है। टीम के अन्य प्रमुख खिलाड़ियों में हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, और कुलदीप यादव शामिल हैं।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 7 फरवरी से 8 मार्च 2026 के बीच भारत और श्रीलंका के संयुक्त मेज़बानी में खेला जाएगा, जिसमें कुल 20 टीमों की भागीदारी होगी। भारत गतविजेता के रूप में इस टूर्नामेंट में उतर रहा है और उसका लक्ष्य लगातार दूसरी बार खिताब बचाना है।

टीम चयन के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा है कि वह और टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं, और टीम की संयोजन क्षमता पर भरोसा जताया है। चयनकर्ताओं ने इस टीम में युवा तथा अनुभव दोनों का संतुलन बनाए रखा है, ताकि इस विश्व फैटल टूर्नामेंट में भारत मजबूत चुनौती पेश कर सके।

📌 भारतीय टीम (T20 वर्ल्ड कप 2026):सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अक्षर पटेल (उप-कप्तान), संजू सैमसन (WK), ईशान किशन (WK), हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती।

CBI का बड़ा ऑपरेशन : डिफेंस मिनिस्ट्री का लेफ्टिनेंट कर्नल रिश्वत लेते गिरफ्तार, 2.36 करोड़ रुपये बरामद

नेशनल डेस्क: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने डिफेंस मिनिस्ट्री में करप्शन के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन में एक लेफ्टिनेंट कर्नल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शनिवार को किए गए इस ऑपरेशन के दौरान CBI ने डिफेंस मिनिस्ट्री के प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है।

रिश्वत और रिकवरी की डिटेल्स: सूत्रों के मुताबिक, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा पर बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी से 3 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। CBI ने जब ऑफिसर के ठिकानों पर छापा मारा तो वहां से 2.36 करोड़ रुपये की भारी रकम जब्त की गई। उनके दिल्ली स्थित घर से 2.23 लाख रुपये कैश और रिश्वत के पैसे बरामद किए गए।

पत्नी पर भी गंभीर आरोप: मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब CBI ने लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी कर्नल काजल बाली के खिलाफ भी केस दर्ज किया। काजल बाली श्रीगंगानगर में डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट (DOU) में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। सर्च के दौरान काजल के घर से 10 लाख रुपये कैश और दूसरा आपत्तिजनक सामान भी मिला।

CBI जांच से पता चला है कि दीपक कुमार शर्मा डिफेंस प्रोडक्ट्स बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली प्राइवेट कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव के साथ क्रिमिनल साज़िश रचता था। वह इन कंपनियों को गैर-कानूनी फायदा पहुंचाने के बदले में भारी रिश्वत लेता था। इस मामले में एक और आरोपी विनोद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।

अगली कार्रवाई: CBI ने श्रीगंगानगर, बेंगलुरु, जम्मू और दूसरी जगहों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी 23 दिसंबर तक CBI कस्टडी में रहेंगे। जांच एजेंसी अब इस करप्शन रैकेट में शामिल दूसरे लोगों और दुबई की एक कंपनी के रोल की भी जांच कर रही है।

सावधान! आप तो नहीं खा रहे ये दवा, देश में बनी 205 दवाओं के सैंपल फेल

नेशनल डेस्क: सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) की तरफ से जारी नवंबर के ड्रग अलर्ट में देश में बनी 205 दवाओं के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल पाए गए हैं। इनमें से 47 दवाएं अकेले हिमाचल प्रदेश की फार्मा यूनिट्स में बनी हैं, जिन्हें ‘स्टैंडर्ड क्वालिटी का नहीं’ बताया गया है।

गंभीर बीमारियों की दवाएं प्रभावित

सूत्रों के मुताबिक, फेल हुए सैंपल में बुखार, डायबिटीज, हार्ट, मिर्गी, इन्फेक्शन और पेट से जुड़ी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाएं शामिल हैं। इनमें पैरासिटामोल, मेटफॉर्मिन, क्लोपिडोग्रेल, एस्पिरिन, रैमिप्रिल, टेल्मिसर्टन और जेंटामाइसिन इंजेक्शन जैसी दवाएं शामिल हैं। ये दवाएं मरीजों को टाइफाइड, फेफड़ों के इन्फेक्शन, अस्थमा और पाचन तंत्र की बीमारियों के लिए दी जाती हैं।

हिमाचल के फार्मा हब को बनाया गया निशाना

हिमाचल में बनी ये दवाइयां बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, सोलन, काला अंब, पांवटा साहिब और ऊना के इंडस्ट्रियल एरिया में बनाई जाती थीं।

डिटेल्स के मुताबिक:सोलन जिले में 28 और सिरमौर में 18 कंपनियों के सैंपल फेल हुए हैं।अकेले काला अंब की एक कंपनी के पांच सैंपल फेल पाए गए हैं।हिमाचल की दवाओं के 35 सैंपल राज्य में और 12 सैंपल सेंट्रल लैब में फेल हुए हैं।

दूसरे राज्यों में स्थिति–ड्रग अलर्ट के मुताबिक, हिमाचल के अलावा दूसरे राज्यों में भी बड़ी संख्या में सैंपल फेल हुए हैं, जिनमें उत्तराखंड (39), गुजरात (27), मध्य प्रदेश (19), तमिलनाडु (12), हरियाणा (9), तेलंगाना (7) और पुडुचेरी (5) शामिल हैं।एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन

हिमाचल ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर के मुताबिक, सभी संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उन्हें अपना स्टॉक मार्केट में न भेजने का निर्देश दिया गया है। जिन कंपनियों के सैंपल बार-बार फेल हो रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेने का प्लान है। गौरतलब है कि सरकार के दावों के बावजूद सैंपल का लगातार फेल होना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।

मोबाइल यूज़र्स को लगेगा महंगाई का झटका! 2026 में रिचार्ज प्लान 20 परसेंट तक हो जायेगे महंगे

नेशनल डेस्क: देश भर के करोड़ों मोबाइल यूज़र्स के लिए नए साल में बुरी खबर आ रही है, क्योंकि साल 2026 में एक बार फिर मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे होने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियां—रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (Vi)—अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान की कीमतों में 20 परसेंट तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं।

कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण:रिसर्च फर्म मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों द्वारा टैरिफ में 16 से 20 परसेंट की बढ़ोतरी करने का मुख्य मकसद अपने एवरेज रेवेन्यू पर यूज़र (ARPU) को बढ़ाना है। सूत्रों के मुताबिक, टेलीकॉम सेक्टर में यह एक रेगुलर पैटर्न बन गया है, जहां पिछली बार जुलाई 2024 में कीमतें बढ़ाई गई थीं और अब दो साल बाद फिर से बढ़ाई जा रही हैं। इस बढ़ोतरी का सबसे ज़्यादा असर 5G सर्विस इस्तेमाल करने वाले कस्टमर्स पर पड़ेगा।

प्लान्स पर संभावित असर:अलग-अलग कंपनियों के मौजूदा प्लान्स की कीमतें इस तरह बदल सकती हैं:

रिलायंस जियो: जियो का पॉपुलर Rs 299 (1.5GB डेली डेटा) प्लान बढ़कर Rs 359 हो सकता है। इसी तरह, Rs 349 वाले प्लान की कीमत Rs 429 हो सकती है।

एयरटेल: एयरटेल का 28-दिन का अनलिमिटेड 5G प्लान, जो अभी Rs 319 का है, बढ़कर Rs 419 होने की उम्मीद है।वोडाफोन आइडिया (Vi): Vi का 28-दिन का 1GB डेली डेटा प्लान Rs 340 से बढ़कर Rs 419 हो सकता है और इसका 56-दिन का 2GB डेटा प्लान Rs 579 से बढ़कर Rs 699 हो सकता है।

वैलिडिटी और बेनिफिट्स में कटौती:सूत्रों के मुताबिक, कंपनियां कभी-कभी सीधे कीमतें नहीं बढ़ाती हैं, बल्कि प्लान की वैलिडिटी कम कर देती हैं या दिए जाने वाले बेनिफिट्स कम कर देती हैं। हाल ही में Jio, Airtel, Vi और BSNL ने भी अपने कई प्लान की वैलिडिटी में बदलाव किए हैं, जिससे कस्टमर्स का महीने का खर्च बढ़ जाता है।

दिल्ली में प्रदूषण और स्मॉग का कहर: AQI 400 के पार, 152 फ्लाइट्स कैंसिल और रोड ट्रैफिक पर असर

नेशनल डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण और घने स्मॉग की वजह से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। शुक्रवार, 19 दिसंबर, 2025 को दिल्ली में एयर क्वालिटी (AQI) 400 के आंकड़े को पार कर गई, जिसकी वजह से प्रशासन की सारी कोशिशें फेल होती दिख रही हैं। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ कैटेगरी में बनी हुई है।

फ्लाइट्स और रेल सर्विस पर असर

घने स्मॉग और ज़ीरो विज़िबिलिटी की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट से करीब 152 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं। सुबह दिल्ली के पालम और IGI एयरपोर्ट पर विज़िबिलिटी बहुत कम दर्ज की गई, जिसकी वजह से कई फ्लाइट्स और ट्रेनें 6 से 7 घंटे की देरी से चल रही हैं। स्पाइसजेट की दिल्ली-अहमदाबाद फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स ने जमकर हंगामा भी किया। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री और एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने पैसेंजर्स के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें एयरपोर्ट जाने से पहले फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।पॉल्यूशन के आंकड़े और इलाके

दिल्ली का एवरेज AQI 389 रिकॉर्ड किया गया है, लेकिन कई इलाकों में यह इससे कहीं ज़्यादा है। आनंद विहार में AQI 442 और ITO में 409 रिकॉर्ड किया गया, जबकि विवेक विहार 434 के साथ सबसे खराब रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार तक एयर क्वालिटी ‘बहुत खराब’ रहेगी और रविवार को यह फिर से ‘गंभीर’ हो सकती है।

प्रशासन की सख्ती-

बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाए हैं:-

-‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम लागू किया गया है, जिसके तहत बिना वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों को फ्यूल नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली के बाहर से नॉन-BS-VI प्राइवेट गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। पहले ही दिन नियमों का उल्लंघन करने वालों के 3,700 से ज़्यादा चालान काटे गए हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में घने कोहरे के साथ-साथ शीतलहर का प्रकोप बढ़ सकता है, जिसका सबसे ज़्यादा असर उत्तर प्रदेश और बिहार में देखने को मिलेगा।