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होशियारपुर में दिनदहाड़े AAP नेता की हत्या: मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने दुकान में घुसकर कई राउंड फायरिंग

पंजाब डेस्क: होशियारपुर के टांडा उड़मुड़ के गांव मियानी में गुरुवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब आम आदमी पार्टी (AAP) के एक एक्टिव नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मरने वाले की पहचान 60 साल के बलविंदर सिंह सतकरतार के तौर पर हुई है, जिनकी गांव में हार्डवेयर की दुकान थी।

घटना की जानकारी: यह खूनी घटना शाम करीब 4 बजे हुई। जानकारी के मुताबिक, तीन अनजान हमलावर मोटरसाइकिल पर दुकान से बाहर निकले। एक हमलावर मोटरसाइकिल के पास बाहर ही रहा, जबकि दो नकाबपोश हमलावर दुकान में घुसे और बिना कुछ कहे पिस्टल से करीब सात राउंड फायरिंग की।

एक की मौत, दूसरा घायल: हमलावरों की चलाई गोलियां बलविंदर सिंह के सीने में लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में दुकान पर मौजूद उनका दोस्त लखविंदर सिंह भी घायल हो गया। उनके कंधे में गोली लगी और उन्हें तुरंत टांडा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस जांच जारी: घटना की जानकारी मिलते ही टांडा के DSP दविंदर सिंह बाजवा और SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस हमलावरों की पहचान के लिए दुकान और आसपास की सड़कों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

कोई पुरानी दुश्मनी नहीं: बलविंदर सिंह सतकरतार लंबे समय से AAP के कार्यकर्ता थे, हालांकि पार्टी में उनके पास कोई पद नहीं था। हैरानी की बात यह है कि अभी तक उनकी किसी से दुश्मनी, विवाद या धमकी की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। पुलिस हत्या के असली कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

कनाडा में पंजाबी युवक की गोली मारकर हत्या: अमृतसर के देवीदास पुरा गांव में मातम पसरा

पंजाब डेस्क: कनाडा से एक बहुत ही बुरी और दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां अमृतसर जिले के देवीदास पुरा गांव के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना के बाद गांव और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

मृतक की पहचान: मृतक युवक की पहचान सिमरनजीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह के रूप में हुई है। परिवार वालों ने बताया कि सिमरनजीत साल 2023 में स्टडी बेसिस (पढ़ाई के लिए) कनाडा गया था। वह अपने मेहनती स्वभाव और सादी जिंदगी के लिए जाना जाता था और गांव में भी उसकी अच्छी इमेज थी।

परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है: परिवार ने रोते हुए बताया कि गुरुवार को उन्हें कनाडा से फोन पर सूचना मिली कि सिमरनजीत सिंह की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। यह खबर मिलते ही माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और घर का माहौल गमगीन हो गया। बड़ी संख्या में रिश्तेदार और गांव वाले परिवार से दुख बांटने पहुंच रहे हैं।

न्याय और जांच की मांग: कनाडा पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों की जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार ने कनाडा सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें सख्त सजा दी जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके। यह घटना एक बार फिर विदेश में रह रहे पंजाबी युवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

CM भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए: जत्थेदार को सफाई दी; कहा- “मेरे पास अकाल तख्त को चुनौती देने का अधिकार नहीं है”

पंजाब डेस्क: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज (15 जनवरी, 2026) अमृतसर में सिखों की सबसे बड़ी संस्था श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए। मुख्यमंत्री ने सेक्रेटेरिएट में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज से मुलाकात की और सिखों के अलग-अलग मुद्दों पर अपनी लिखी हुई सफाई दी।

एक विनम्र सिख के तौर पर पेश हुए: अकाल तख्त पर पेश होने से पहले CM मान ने नंगे पैर श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। उसके बाद, वे सबूतों से भरे दो काले बैग लेकर अकाल तख्त सेक्रेटेरिएट पहुंचे। मुख्यमंत्री करीब 45 मिनट तक अंदर रहे और जत्थेदार से बहुत गर्मजोशी भरे माहौल में बात की।

सफाई में क्या कहा? मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए भगवंत मान ने कहा कि उनमें न तो श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने की हिम्मत है और न ही अधिकार। उन्होंने साफ किया कि सोशल मीडिया पर एक झूठी कहानी बनाई जा रही है कि वह संस्था को चुनौती दे रहे हैं, जबकि वह हमेशा अकाल तख्त के सामने सिर झुकाते हैं। उन्होंने अकाल तख्त को सिखों की ‘मिनी पार्लियामेंट’ और सबसे ऊंची संस्था बताया।

पेश होने का कारण और आगे की कार्रवाई: मुख्यमंत्री को जत्थेदार ने 5 जनवरी को एक आपत्तिजनक वीडियो, गोलक पर दिए गए बयान और दूसरे सिख मुद्दों को लेकर तलब किया था। चूंकि मुख्यमंत्री अमृतधारी सिख नहीं हैं, इसलिए वह अकाल तख्त की फसील के बजाय सेक्रेटेरिएट में पेश हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जत्थेदार अब उनके जवाबों और डॉक्यूमेंट्स की जांच करेंगे और जो भी फैसला होगा, वह उसे बिना किसी शर्त के मानेंगे।

जालंधर के लाजपत नगर में दिन-दहाड़े बड़ी वारदात: बुजुर्ग महिला को बंधक बनाकर गहने और कैश लूटा

जालंधर: जालंधर के लाजपत नगर जैसे रिहायशी इलाकों में अपराधी हाई अलर्ट पर हैं, जहां मंगलवार (14 जनवरी) को तीन लुटेरे दिनदहाड़े एक घर में घुसे और बड़ी लूट की। यह घटना तब हुई जब एक बुजुर्ग महिला घर में अकेली थी।

घटना की जानकारी: पीड़ित बुजुर्ग महिला प्रवीण खन्ना ने बताया कि दोपहर करीब 3:15 बजे तीन लुटेरे घर में घुसे। उन्होंने बुजुर्ग महिला का गला घोंटा और उनके हाथों से सोने की चूड़ियां, अंगूठियां और टॉप्स छीन लिए। इसके बाद लुटेरे उन्हें एक कमरे में ले गए और बिस्तर पर लिटा दिया। लुटेरों ने अलमारी से उनका पर्स निकाला और 18,000 रुपये कैश लेकर भाग गए।

पुलिस की कार्रवाई और सबूत: घटना के बाद डिवीजन 6 पुलिस स्टेशन की एक टीम और ASI सुशील कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घर के अंदर से लुटेरों द्वारा छोड़ा गया एक धारदार हथियार बरामद किया है। लुटेरों के अंदर आने और जाने की सारी हरकतें CCTV कैमरे में कैद हो गई हैं, जिनकी पुलिस डिटेल में जांच कर रही है।

पीड़ित की अपील: प्रवीण खन्ना के मुताबिक, घर का मेन दरवाज़ा शायद खुला रह गया था, जिसकी वजह से लुटेरे आसानी से अंदर आ गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि दोषियों को जल्द पकड़कर उन्हें सज़ा दी जाए। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और लुटेरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

पंजाब में बम ब्लास्ट की दहशत ! मोगा-अमृतसर के स्कूलों और लुधियाना-फतेहगढ़ साहिब की कोर्ट को उड़ाने की धमकी

पंजाब डेस्क: आज सर्दियों की छुट्टियों के बाद जैसे ही पंजाब में स्कूल खुले, कई जाने-माने स्कूलों और कोर्ट की बिल्डिंग को उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिलने से पूरे राज्य में दहशत फैल गई। प्रशासन और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित जगहों को खाली करा लिया है।

मोगा और अमृतसर के स्कूल निशाने पर: सूत्रों के मुताबिक, मोगा के मशहूर DN मॉडल पब्लिक स्कूल और कोट इसे खां के कैम्ब्रिज स्कूल को धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं। इसी तरह, अमृतसर के मॉल रोड पर स्थित एक सरकारी स्कूल को भी ईमेल मिला है। ईमेल में दावा किया गया है कि दोपहर 2:11 बजे धमाका होगा और स्कूलों में राष्ट्रगान गाना बंद करने की भी बात कही गई है। पुलिस ने स्कूलों को छावनी में तब्दील कर दिया है और बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचा दिया है।

कोर्ट कॉम्प्लेक्स में भी अलर्ट: स्कूलों के अलावा लुधियाना और फतेहगढ़ साहिब की कोर्ट की बिल्डिंग को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। लुधियाना डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के मुताबिक, ईमेल सुबह करीब 8:15 बजे मिला। एहतियात के तौर पर वकीलों और स्टाफ को चैंबर से दूर रहने की हिदायत दी गई है और बम डिस्पोजल स्क्वॉड पूरी बिल्डिंग की तलाशी ले रहा है।

सिक्योरिटी एजेंसियां अलर्ट पर: 26 जनवरी (रिपब्लिक डे) को देखते हुए सिक्योरिटी एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। पंजाब पुलिस के टॉप अधिकारियों के मुताबिक, ईमेल भेजने वालों का पता लगाने के लिए मामले की अच्छी तरह से जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी धमकियां बार-बार मिल रही हैं।

लुधियाना : लंगर में ‘गजरेला’ खाने के बाद 30 से ज़्यादा लोग बीमार, फ़ूड पॉइज़निंग के कारण अस्पताल में भर्ती

पंजाब डेस्क: लुधियाना के इयाली कला गांव में माघी त्योहार की खुशियां उस समय चिंता में बदल गईं जब स्थानक गुरुद्वारा साहिब में लंगर खाने के बाद दर्जनों लोगों की तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के मुताबिक, गुरुद्वारा साहिब में आयोजित एक खास प्रोग्राम के दौरान बांटे गए ‘गजरेला’ को खाने के बाद करीब 30 से 40 लोग बीमार पड़ गए हैं।

उल्टी और दस्त की शिकायत: बुधवार को लंगर में गजरेला खाने के कुछ देर बाद ही लोगों को उल्टी, दस्त और चक्कर आने लगे। अस्पताल में भर्ती एक बुज़ुर्ग महिला मंजीत कौर ने बताया कि उन्होंने सुबह 8 बजे गजरेला खाया था और करीब 9 बजे उन्हें उल्टी होने लगी। पीड़ितों में बच्चे और बुज़ुर्ग शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए पास के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मेडिकल जांच में ‘ज़हरीले पदार्थ’ की आशंका: मामले की जानकारी देते हुए डॉ. मंदीप कौर ने कहा कि यह फ़ूड पॉइज़निंग का मामला है। उन्होंने आशंका जताई है कि तैयार किए गए गजरेले में कोई ज़हरीला पदार्थ हो सकता है, जिसकी वजह से लोगों की तबीयत इतनी तेज़ी से बिगड़ी है।

पुलिस ने जांच शुरू की: सराभा नगर पुलिस स्टेशन के SHO आदित्य शर्मा ने घटनास्थल का मुआयना किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी मरीज़ खतरे से बाहर हैं और उनके टेस्ट लगातार किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि जांच के दौरान अगर कोई लापरवाही पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पंजाबी सिंगर अर्जन ढिल्लों को लोहड़ी के दिन सदमा लगा; पिता बूटा ढिल्लों का चंडीगढ़ में निधन

पॉलीवुड डेस्क: पंजाबी म्यूजिक की दुनिया के मशहूर सिंगर अर्जन ढिल्लों के परिवार से एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है। अर्जन ढिल्लों के पिता बूटा ढिल्लों का मंगलवार को लोहड़ी के दिन निधन हो गया। उन्होंने चंडीगढ़ के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली।

लंबे समय से थे बीमार: जानकारी के मुताबिक, बूटा ढिल्लों लंबे समय से बीमार थे। उनकी बिगड़ती हालत के कारण उन्हें चंडीगढ़ के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान करीब 70 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

शहर में शोक की लहर: अर्जन ढिल्लों मूल रूप से बरनाला जिले के कस्बा भदौर के रहने वाले हैं। उनके पिता के निधन की खबर मिलते ही पूरे इलाके और फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार निजी तौर पर अंतिम संस्कार किया है। इस दुख की घड़ी में परिवार ने मीडिया से दूरी बनाए रखी है।

म्यूजिक इंडस्ट्री ने जताया दुख: पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों और अर्जन ढिल्लों के फैंस ने सोशल मीडिया के जरिए अपना दुख शेयर किया है। लोहड़ी जैसे खुशी के त्योहार पर हुई इस दुखद घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया है।

लोहड़ी 2026: ‘सुंदर मुंदरिये’ गाने का असली हीरो कौन था? जानें उनके बिना यह त्योहार अधूरा क्यों है

पंजाब डेस्क: पंजाब की धरती पर लोहड़ी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर लोहड़ी पर गाया जाने वाला मशहूर गाना “सुंदर मुंदरिये हो, तेरा कौन विचार हो, दुल्ला भट्टी वाला हो” किसकी याद में गाया जाता है?, ‘पंजाब का रॉबिन हुड’ कहे जाने वाले दुल्ला भट्टी की बहादुरी के किस्से बिना अधूरे माने जाते हैं।

दुल्ला भट्टी कौन थे? दुल्ला भट्टी का असली नाम राय अब्दुल्ला भट्टी था और उनका जन्म 16वीं सदी (1547) में पंजाब के संदल बार इलाके (आज का पाकिस्तान) में हुआ था।, वे भट्टी राजपूत वंश से थे। उनके पिता और दादा ने भी मुगल सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया था, जिसकी वजह से उन्हें सजा मिली थी। इस बैकग्राउंड की वजह से दुल्ला भट्टी के मन में मुगल राज के खिलाफ बगावत की भावना पैदा हुई।

गरीबों का मसीहा और औरतों का रक्षक: मुगल काल में जब किसानों पर भारी टैक्स लगाकर उनका शोषण किया जाता था, तो दुल्ला भट्टी ने मुगल अधिकारियों पर हमला किया और लूटा हुआ पैसा गरीबों में बांटना शुरू कर दिया। उनकी ज़िंदगी का सबसे ज़रूरी हिस्सा औरतों की इज्ज़त बचाना था। उस समय मुगल अधिकारी गरीब हिंदू और सिख परिवारों की लड़कियों को ज़बरदस्ती उठा ले जाते थे।

सुंदरी और मुंदरी की कहानी: लोक कथाओं के मुताबिक, दुल्ला भट्टी ने सुंदरी और मुंदरी नाम की दो अनाथ लड़कियों को एक बेरहम ज़मींदार से बचाया था। उन्होंने खुद पिता का रोल निभाया और जंगल में आग जलाकर उनकी शादी करवाई और उन्हें शगुन के तौर पर गुड़ और तिल दिए। यही वजह है कि आज भी लोहड़ी के मौके पर आग के चारों ओर चक्कर लगाते समय दुल्ला भट्टी की याद में गाने गाए जाते हैं।

शहादत और अमरता: दुल्ला भट्टी की बागी गतिविधियों की वजह से उन्हें आखिरकार पकड़ लिया गया और 26 मार्च 1599 को उन्हें सबके सामने शहीद कर दिया गया। भले ही इतिहास की किताबों में उन्हें कम जगह मिली हो, लेकिन वे पंजाब के लोगों के दिलों और लोक संस्कृति में हमेशा के लिए अमर हो गए हैं।

पंजाब में जेल में बंद सिखों की रिहाई के लिए टोल प्लाजा फ्री! लुधियाना में लाडोवाल टोल फ्री, मोगा में किसान…

पंजाब डेस्क: पंजाब में अपनी सजा पूरी कर चुके जेल में बंद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर आज (12 जनवरी, 2026) अलग-अलग किसान संगठनों और नेशनल जस्टिस फ्रंट ने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया। इस संघर्ष के तहत सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक राज्य के टोल प्लाजा फ्री करने का प्रोग्राम बनाया गया।

लुधियाना में प्रदर्शन सफल: लुधियाना में नेशनल जस्टिस फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने लाडोवाल टोल प्लाजा को सफलतापूर्वक फ्री करवा दिया, जिससे बिना टोल दिए गुजरने की सुविधा मिली।

मोगा में पुलिस की सख्ती: दूसरी ओर, मोगा में हालात तनावपूर्ण रहे। जब किसान लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर दारापुर टोल प्लाजा और मोगा-जालंधर रोड पर कमालके टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे, तो पुलिस ने प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया और टोल प्लाजा खाली करा दिया, ताकि ट्रैफिक में कोई दिक्कत न हो।

किसान और पुलिस का पक्ष:

किसानों के आरोप: प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि वे शांति से अपनी आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन सरकार पहले ही डर गई और उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनकी मांग है कि हिरासत में लिए गए किसानों को तुरंत रिहा किया जाए।

पुलिस का बयान: मौके पर मौजूद DSP ने कहा कि किसानों ने खुद अपनी गिरफ्तारी दी है। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पूरी तरह खाली है और आम जनता की सुविधा के लिए स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।

राणा बलाचौरिया मर्डर केस: AGTF ने पश्चिम बंगाल से दो शूटर समेत 3 को किया गिरफ्तार

पंजाब डेस्क : पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को कबड्डी प्रमोटर कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया के सनसनीखेज मर्डर केस में बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मुंबई और सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर चलाए गए एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत हावड़ा, पश्चिम बंगाल से दो शूटर और उनके एक साथी को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान: गिरफ्तार आरोपियों में करण पाठक उर्फ करण डिफॉल्टर (अमृतसर का रहने वाला), तरनदीप सिंह (लुधियाना का रहने वाला) और आकाशदीप (तरनतारन का रहने वाला) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, करण पाठक और तरनदीप सिंह ही वे शूटर थे जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया था। तीसरा आरोपी आकाशदीप विदेश में रहने वाले हैंडलर अमर खाबे राजपूत का करीबी रिश्तेदार है, जिसने शूटरों को ठिकाने और दूसरी मदद दी थी।

कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हुई थी हत्या: गौरतलब है कि राणा बलाचौरिया की हत्या 15 दिसंबर 2025 को मोहाली के सोहाना में एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हुई थी। स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन के दौरान अचानक हुई फायरिंग में राणा की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस आरोपियों तक कैसे पहुंची? DIG (AGTF) गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि CCTV फुटेज और डिजिटल फुटप्रिंट्स के एनालिसिस से आरोपियों का पता लगाया गया। पुलिस ने पानीपत टोल प्लाजा से उनका पीछा शुरू किया, जिसके बाद पता चला कि आरोपी मुंबई, बेंगलुरु, सिलीगुड़ी, सिक्किम और गंगटोक होते हुए पश्चिम बंगाल पहुंच गए थे। DGP गौरव यादव के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।