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भारत-बांग्लादेश तनाव: बांग्लादेश ने भारतीयों के लिए रोक दी वीज़ा सर्विस

नेशनल डेस्क: भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते डिप्लोमैटिक तनाव के बीच दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा और कॉन्सुलर सर्विस कुछ समय के लिए रोक दी हैं।

बांग्लादेश के इस कदम को भारत के बांग्लादेश में वीज़ा सर्विस रोकने के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।भारत के एक्शन और हिंसा का बैकग्राउंड इससे पहले भारत ने बांग्लादेश के चटगांव (चटगांव), खुलना और राजशाही में मौजूद इंडियन वीज़ा एप्लीकेशन सेंटर (IVAC) में सर्विस अनिश्चित समय के लिए रोक दी थीं।

सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा और भारत विरोधी प्रदर्शनों को देखते हुए लिया गया। चटगांव में वीज़ा ऑफिस पर प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी के भी आरोप लगे थे।शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में एक चुनाव कैंपेन इवेंट के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने सिर में गोली मार दी थी।

उन्हें गंभीर हालत में सिंगापुर ले जाया गया, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में आगजनी, तोड़फोड़ और भारत विरोधी नारे लगे। इस बीच खुलना में नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता मोतलेब शिकदर की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने दावा किया कि बांग्लादेशी हाई कमिश्नर रियाज़ हमीदुल्लाह को दिल्ली में जान से मारने की धमकी मिली थी।

हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि हाई कमीशन की सुरक्षा में कोई कमी नहीं थी और पुलिस ने वहां प्रदर्शनकारियों को तुरंत हटा दिया था।

बांग्लादेश में भारी हिंसा: कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़की, भारतीय दूतावासों पर पथराव और वीज़ा सर्विस सस्पेंड

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश में जुलाई मूवमेंट के एक बड़े नेता और ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में भारी हिंसा और अस्थिरता का माहौल बन गया है। प्रदर्शनकारी ढाका समेत कई शहरों में आगजनी, लूटपाट और भारतीय प्रॉपर्टी को निशाना बना रहे हैं।

मौत के बाद भड़की हिंसा–

शरीफ उस्मान हादी की 12 दिसंबर को ढाका के पलटन इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। हादी की मौत की खबर फैलते ही ढाका में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए और प्रदर्शनकारियों ने ‘द डेली स्टार’ अखबार की बिल्डिंग पर भी हमला किया।

इंडियन एम्बेसी को निशाना बनाया गया

प्रदर्शनकारी भारत विरोधी नारे लगा रहे हैं और चटगांव में इंडियन हाई कमीशन पर पत्थर फेंके जाने की भी खबरें हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए, भारत ने बांग्लादेश के चार बड़े शहरों — ढाका, राजशाही, खुलना और चटगांव में अपने हाई कमीशन से वीज़ा सर्विस कुछ समय के लिए बंद कर दी हैं। इन ऑफिस के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

उस्मान हादी कौन?–

उस्मान हादी 2024 में शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन का मुख्य चेहरा थे और उन्हें भारत का कट्टर विरोधी माना जाता था। वह तब चर्चा में आए जब उन्होंने तथाकथित ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का नक्शा जारी किया, जिसमें भारत के कुछ हिस्सों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया था। वह 8 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में ढाका-8 से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।

भारत पर बेबुनियाद आरोप–

हादी का संगठन ‘इंकलाब मंच’ और ‘नेशनल सिटिजन पार्टी’ (NCP) इस मामले में भारत का नाम घसीट रहे हैं। उनका दावा है कि हादी के हत्यारे भारत भाग गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अंतरिम सरकार से मांग की है कि जब तक भारत हत्यारों को वापस नहीं कर देता, तब तक भारतीय हाई कमीशन को बंद रखा जाए। हालांकि, बांग्लादेश पुलिस ने इस मामले में अब तक 20 लोगों को हिरासत में लिया है, जिसमें मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद का परिवार भी शामिल है।