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बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या: पलाश कांति साहा को घर में बंद करके ज़िंदा जलाया

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को चुन-चुनकर निशाना बनाने का डरावना ट्रेंड जारी है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिरोजपुर ज़िले में एक और हिंदू आदमी, पलाश कांति साहा की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अमित मालवीय ने दावा किया है कि दंगाइयों ने पलाश को उसके ही घर में बंद करके बाहर से आग लगा दी।

सूत्रों के मुताबिक, घटना की मुख्य जानकारी इस तरह है:

घटना का समय और जगह: यह घटना 27 दिसंबर, 2025 को सुबह करीब 6 बजे पिरोजपुर ज़िले के डुमुरिया गांव में हुई। चश्मदीदों के मुताबिक, एक दिन पहले, इसी ज़िले के वेस्ट डुमुरिटला गांव में दो हिंदू परिवारों के पांच घर जला दिए गए थे।वीडियो वायरल: घटना का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें पलाश का घर जलता हुआ दिख रहा है और परिवार के लोग रो रहे हैं।

पॉलिटिकल रिएक्शन: अमित मालवीय ने इस हिंसा की तुलना पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद में हुए दंगों से की है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है और उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया है।

अन्य हत्याएं: इस महीने अब तक बांग्लादेश में चार हिंदुओं की हत्या हो चुकी है, जिनमें दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल शामिल हैं।इंटरनेशनल न्यूज़ हेडलाइंस:इस बीच, पाकिस्तान के प्रेसिडेंट आसिफ अली जरदारी ने एक बड़ा खुलासा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इंडियन आर्मी के डर से उन्हें बंकर में छिपने की सलाह दी गई थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भी माना है कि इस ऑपरेशन के दौरान उनका ‘नूर खान बेस’ पूरी तरह तबाह हो गया था।

भारत-बांग्लादेश तनाव: बांग्लादेश ने भारतीयों के लिए रोक दी वीज़ा सर्विस

नेशनल डेस्क: भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते डिप्लोमैटिक तनाव के बीच दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा और कॉन्सुलर सर्विस कुछ समय के लिए रोक दी हैं।

बांग्लादेश के इस कदम को भारत के बांग्लादेश में वीज़ा सर्विस रोकने के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।भारत के एक्शन और हिंसा का बैकग्राउंड इससे पहले भारत ने बांग्लादेश के चटगांव (चटगांव), खुलना और राजशाही में मौजूद इंडियन वीज़ा एप्लीकेशन सेंटर (IVAC) में सर्विस अनिश्चित समय के लिए रोक दी थीं।

सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा और भारत विरोधी प्रदर्शनों को देखते हुए लिया गया। चटगांव में वीज़ा ऑफिस पर प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी के भी आरोप लगे थे।शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में एक चुनाव कैंपेन इवेंट के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने सिर में गोली मार दी थी।

उन्हें गंभीर हालत में सिंगापुर ले जाया गया, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में आगजनी, तोड़फोड़ और भारत विरोधी नारे लगे। इस बीच खुलना में नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता मोतलेब शिकदर की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने दावा किया कि बांग्लादेशी हाई कमिश्नर रियाज़ हमीदुल्लाह को दिल्ली में जान से मारने की धमकी मिली थी।

हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि हाई कमीशन की सुरक्षा में कोई कमी नहीं थी और पुलिस ने वहां प्रदर्शनकारियों को तुरंत हटा दिया था।