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बांग्लादेश में मशहूर सिंगर जेम्स के कॉन्सर्ट पर कट्टरपंथी भीड़ का हमला: 25 छात्र घायल, बीच में ही रद्द हुआ कार्यक्रम

इंटरनेशन डेस्क : बांग्लादेश में कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थानों पर हो रहे हमलों की कड़ी में अब मशहूर रॉकस्टार जेम्स (James) के कार्यक्रम को निशाना बनाया गया है। ढाका से लगभग 120 किलोमीटर दूर फरीदपुर में एक स्कूल की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस संगीत कार्यक्रम को हिंसा के कारण रद्द करना पड़ा।

घटना का विवरण: सूत्रों के अनुसार, यह घटना शुक्रवार रात करीब 9 बजे की है। हमलावरों ने जबरन कार्यक्रम में घुसने की कोशिश की और जब उन्हें रोका गया, तो भीड़ ने लोगों पर ईंट और पत्थरों से हमला शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में कम से कम 25 छात्र घायल हुए हैं। स्थानीय रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, भीड़ ने इस कार्यक्रम का विरोध इसलिए किया क्योंकि वहां संगीत बज रहा था और बॉलीवुड गाने गाए जा रहे थे।

सांस्कृतिक संस्थानों पर संकट: मशहूर लेखिका तस्लीमा नसरीन ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि बांग्लादेश में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि:सांस्कृतिक केंद्र ‘छायानाट’ को जलाकर राख कर दिया गया है।लोक संस्कृति और नृत्य को बढ़ावा देने वाले संगठन ‘उदिची’ को भी आग के हवाले कर दिया गया है।मैहर घराने के मशहूर कलाकार सिराज अली खान भी देश के बिगड़ते हालातों के कारण बिना प्रस्तुति दिए ही भारत लौट गए हैं।

कौन हैं सिंगर जेम्स? जेम्स बांग्लादेश के सबसे प्रतिष्ठित गायकों और गीतकारों में से एक हैं। वह अपने रॉक बैंड ‘नागर बाउल’ के मुख्य गायक हैं। भारत में भी उनकी जबरदस्त लोकप्रियता है, क्योंकि उन्होंने बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्मों में अपनी आवाज दी है, जिनमें फिल्म ‘गैंगस्टर’ का गाना ‘भीगी-भीगी’ और ‘लाइफ इन ए मेट्रो’ का ‘अलविदा’ विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।।

बांग्लादेश में बेकाबू हिंसा: भीड़ ने 7 साल की बच्ची को ज़िंदा जलाया; अंतरिम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश में स्टूडेंट लीडर शरीफ़ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में हिंसा की भयानक लहर दौड़ गई है। ताज़ा घटना में, लक्ष्मीपुर सदर सब-डिस्ट्रिक्ट में दंगाइयों ने एक BNP लीडर के घर को बाहर से बंद करके आग लगा दी। इस दर्दनाक हमले में एक 7 साल की मासूम बच्ची की ज़िंदा जलने से मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

हिंसा का मुख्य कारण: सूत्रों के मुताबिक, इस हिंसा की चिंगारी 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में भड़की थी, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान शरीफ़ उस्मान हादी के सिर में गोली मार दी गई थी। हादी की गुरुवार को सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पूरे बांग्लादेश में हमले और तोड़फोड़ शुरू हो गई। हादी के संगठन ‘इंकलाब मंच’ ने अंतरिम सरकार को दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

भारत विरोधी नारे और सुरक्षा चिंताएँ: हादी के अंतिम संस्कार के दौरान भारत विरोधी नारे लगाए गए और चटगाँव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के घर पर पत्थर भी फेंके गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नई दिल्ली में बांग्लादेशी उच्चायोग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

शरीफ उस्मान हादी की पहचान: 32 साल के हादी जुलाई 2024 के जन आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा और इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। उन्हें भारत का कट्टर आलोचक माना जाता था और वे एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में आगामी संसदीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। यूनुस सरकार ने उनकी मृत्यु पर एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया और उन्हें संसद भवन के पास दफनाया गया।

भारत का डबल धमाका: साउथ अफ्रीका के खिलाफ T-20 सीरीज पर कब्जा और अंडर-19 टीम एशिया कप के फाइनल में

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की T-20 सीरीज का आखिरी मैच 30 रन से जीतकर सीरीज 3-1 से अपने नाम कर ली है।

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 232 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया, जिसमें तिलक वर्मा ने 73 और हार्दिक पांड्या ने 25 गेंदों में 63 रन की धुआंधार पारी खेली। जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम 20 ओवर में 201 रन ही बना सकी। भारत की तरफ से गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती ने 4 और जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट लिए। T-20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद यह भारत की लगातार सातवीं बाइलेटरल सीरीज़ जीत है।

दूसरी तरफ, भारत की U-19 टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफ़ाइनल में श्रीलंका को 8 विकेट से हराकर एशिया कप के फ़ाइनल में जगह पक्की कर ली। बारिश की वजह से 20 ओवर का खेला गया यह मैच श्रीलंका ने 138 रन बनाए थे, जिसे भारत ने विहान मल्होत्रा (61*) और एरॉन जॉर्ज (58) की पारियों की बदौलत 18वें ओवर में ही हासिल कर लिया। अब फ़ाइनल में भारत का सामना 21 दिसंबर को पाकिस्तान से होगा।

बांग्लादेश में भारी हिंसा: कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़की, भारतीय दूतावासों पर पथराव और वीज़ा सर्विस सस्पेंड

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश में जुलाई मूवमेंट के एक बड़े नेता और ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में भारी हिंसा और अस्थिरता का माहौल बन गया है। प्रदर्शनकारी ढाका समेत कई शहरों में आगजनी, लूटपाट और भारतीय प्रॉपर्टी को निशाना बना रहे हैं।

मौत के बाद भड़की हिंसा–

शरीफ उस्मान हादी की 12 दिसंबर को ढाका के पलटन इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। हादी की मौत की खबर फैलते ही ढाका में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए और प्रदर्शनकारियों ने ‘द डेली स्टार’ अखबार की बिल्डिंग पर भी हमला किया।

इंडियन एम्बेसी को निशाना बनाया गया

प्रदर्शनकारी भारत विरोधी नारे लगा रहे हैं और चटगांव में इंडियन हाई कमीशन पर पत्थर फेंके जाने की भी खबरें हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए, भारत ने बांग्लादेश के चार बड़े शहरों — ढाका, राजशाही, खुलना और चटगांव में अपने हाई कमीशन से वीज़ा सर्विस कुछ समय के लिए बंद कर दी हैं। इन ऑफिस के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

उस्मान हादी कौन?–

उस्मान हादी 2024 में शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन का मुख्य चेहरा थे और उन्हें भारत का कट्टर विरोधी माना जाता था। वह तब चर्चा में आए जब उन्होंने तथाकथित ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का नक्शा जारी किया, जिसमें भारत के कुछ हिस्सों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया था। वह 8 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में ढाका-8 से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।

भारत पर बेबुनियाद आरोप–

हादी का संगठन ‘इंकलाब मंच’ और ‘नेशनल सिटिजन पार्टी’ (NCP) इस मामले में भारत का नाम घसीट रहे हैं। उनका दावा है कि हादी के हत्यारे भारत भाग गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अंतरिम सरकार से मांग की है कि जब तक भारत हत्यारों को वापस नहीं कर देता, तब तक भारतीय हाई कमीशन को बंद रखा जाए। हालांकि, बांग्लादेश पुलिस ने इस मामले में अब तक 20 लोगों को हिरासत में लिया है, जिसमें मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद का परिवार भी शामिल है।