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पंजाब: सुखबीर बादल को 8 साल पुराने मानहानि केस में मिली बेल

पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल शनिवार को आठ साल पुराने मानहानि केस में चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने उनकी बेल अर्जी मंजूर करके उन्हें राहत दी है।

नॉन-बेलेबल वारंट और कोर्ट की सख्ती

इससे पहले, एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट राहुल गर्ग की कोर्ट ने तय सुनवाई में उनके पेश न होने पर सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने 17 दिसंबर, 2025 के ऑर्डर तोड़ने पर सुखबीर बादल की बेल कैंसिल कर दी थी और उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किए थे, जिसके चलते उन्हें कोर्ट में पेश होना पड़ा।

हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत

सुखबीर बादल ने इस मानहानि केस को खारिज करवाने के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद यह मामला लोअर कोर्ट में विचाराधीन रहा।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 4 जनवरी 2017 का है, जब आम आदमी पार्टी के कन्वीनर अरविंद केजरीवाल दिल्ली में राजिंदर पाल सिंह के घर गए थे। इस मीटिंग के बाद सुखबीर बादल ने मीडिया को दिए एक बयान में अखंड कीर्तनी जत्थे को बैन आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा एक पॉलिटिकल प्लेटफॉर्म बताया था। राजिंदर पाल सिंह के मुताबिक, इस बयान से उनके संगठन की सोशल रेप्युटेशन को बहुत नुकसान पहुंचा, जिसके चलते उन्होंने मानहानि का केस किया था।

कंगना रनौत को बठिंडा कोर्ट से बड़ा झटका: वर्चुअल पेशी की अर्जी खारिज; 15 जनवरी को खुद कोर्ट में पेश होना होगा

पंजाब डेस्क: बॉलीवुड एक्ट्रेस और BJP MP कंगना रनौत को बठिंडा कोर्ट से बड़ा झटका लगा, जब कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअली) के ज़रिए पेश होने की उनकी अर्जी खारिज कर दी। अब एक्ट्रेस को 15 जनवरी को खुद कोर्ट में पेश होना होगा।

क्या है पूरा मामला? यह मामला साल 2021 में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान शुरू हुआ था। कंगना रनौत ने बठिंडा के बहादुरगढ़ जंडिया गांव की 87 साल की किसान महिंदर कौर के बारे में ट्वीट किया था। एक्ट्रेस ने कमेंट किया था कि ये महिलाएं 100 रुपये की दिहाड़ी पर धरने पर बैठती हैं। इस अपमानजनक कमेंट के बाद बेबे महिंदर कौर ने कंगना के खिलाफ मानहानि का केस किया था।

कोर्ट में दलील: पिछली सुनवाई के दौरान कंगना कोर्ट में पेश नहीं हुई थीं और उनके वकीलों ने वर्चुअल पेशी के लिए अर्जी दी थी। बेबे महिंदर कौर के वकील रघबीर सिंह बहनीवाल ने इसका कड़ा विरोध किया और कहा कि कंगना तरह-तरह के बहाने बनाकर कोर्ट का कीमती समय बर्बाद कर रही हैं। उन्होंने कोर्ट से अपील की कि अगर वह अगली तारीख पर पेश नहीं होती हैं, तो उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल (गैर-जमानती) वारंट जारी किए जाएं।

सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं: गौरतलब है कि कंगना रनौत ने इस मामले को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था, लेकिन हाई कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार नहीं की। इससे पहले कंगना ने लोकसभा सत्र का हवाला देकर पेशी से छूट मांगी थी, लेकिन अब कोर्ट ने पेशी से छूट की उनकी याचिका खारिज कर दी है और उन्हें खुद पेश होने का आदेश दिया है।