बांग्लादेश में बेकाबू हिंसा: भीड़ ने 7 साल की बच्ची को ज़िंदा जलाया; अंतरिम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम
इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश में स्टूडेंट लीडर शरीफ़ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में हिंसा की भयानक लहर दौड़ गई है। ताज़ा घटना में, लक्ष्मीपुर सदर सब-डिस्ट्रिक्ट में दंगाइयों ने एक BNP लीडर के घर को बाहर से बंद करके आग लगा दी। इस दर्दनाक हमले में एक 7 साल की मासूम बच्ची की ज़िंदा जलने से मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हिंसा का मुख्य कारण: सूत्रों के मुताबिक, इस हिंसा की चिंगारी 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में भड़की थी, जहाँ चुनाव प्रचार के दौरान शरीफ़ उस्मान हादी के सिर में गोली मार दी गई थी। हादी की गुरुवार को सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पूरे बांग्लादेश में हमले और तोड़फोड़ शुरू हो गई। हादी के संगठन ‘इंकलाब मंच’ ने अंतरिम सरकार को दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
भारत विरोधी नारे और सुरक्षा चिंताएँ: हादी के अंतिम संस्कार के दौरान भारत विरोधी नारे लगाए गए और चटगाँव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के घर पर पत्थर भी फेंके गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नई दिल्ली में बांग्लादेशी उच्चायोग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
शरीफ उस्मान हादी की पहचान: 32 साल के हादी जुलाई 2024 के जन आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा और इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। उन्हें भारत का कट्टर आलोचक माना जाता था और वे एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में आगामी संसदीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। यूनुस सरकार ने उनकी मृत्यु पर एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया और उन्हें संसद भवन के पास दफनाया गया।

