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सातवें आसमान पर चांदी ! कीमत 2.07 लाख के पार, 40 साल बाद कच्चे तेल से आगे

बिजनेस डेस्क: देश का कमोडिटी मार्केट इस समय ‘सफेद तूफान’ (चांदी) के दौर से गुजर रहा है, जिससे कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। बीते देर रात मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतें ₹2,07,833 के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गईं। ट्रेडिंग सेशन के दौरान चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया। गुरुवार सुबह (9:40 am) चांदी की कीमतें थोड़ी गिरावट के साथ ₹2,06,982 पर ट्रेड कर रही थीं।

चांदी ने सोने और कच्चे तेल से बेहतर परफॉर्म किया

-कीमती मेटल सेक्टर में, चांदी ने हाल ही में सोने से बेहतर परफॉर्म किया है, और मार्च 2026 कॉन्ट्रैक्ट में 5.25 परसेंट की बढ़त दर्ज की गई। COMEX फ्यूचर्स पर चांदी पहली बार $66 प्रति औंस के पार पहुंच गई, जो $66.65 के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गई। हिस्टॉरिकली, चांदी ने बड़े बुल मार्केट में सोने से बेहतर परफॉर्म किया है।इसके अलावा, चांदी की कीमतों ने भी कच्चे तेल से बेहतर परफॉर्म किया है, जिससे यह $65 के लेवल को पार कर गई है। यह बदलाव लगभग 40 सालों (1970 के दशक के आखिर और 1980 के दशक की शुरुआत) में पहली बार हुआ है।

चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी के चार मुख्य कारण

चांदी के रेट में ज़बरदस्त बढ़ोतरी के कई मुख्य कारण हैं:

इंडस्ट्रियल और इन्वेस्टमेंट डिमांड में बढ़ोतरी: सबसे अहम कारण चांदी की इंडस्ट्रियल (हाई टेक/इंडस्ट्रियल) और इन्वेस्टमेंट (इन्वेस्टमेंट) डिमांड में बढ़ोतरी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह उछाल इस साल चांदी की कीमतों में 110 परसेंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी के लिए काफी ज़मीन तैयार करता है।सप्लाई में कमी: ग्लोबल सप्लाई और प्रोडक्शन की कमी भी कीमतों को बढ़ा रही है। कहा जा रहा है कि यह लगातार पांचवां साल है जब चांदी की सप्लाई में कमी आई है।

रुपये में गिरावट: डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी (रुपये) के लगातार कमज़ोर होने से डॉलर में मिलने वाली चीज़ों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इस साल रुपया करीब 6 परसेंट गिरा है।

फेड रेट कट की संभावना: US में बढ़ती बेरोजगारी दर (4.6 परसेंट) की वजह से यह उम्मीद बढ़ गई है कि फेडरल रिजर्व आने वाले दिनों में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। रेट कट की उम्मीदों की वजह से निवेशक सेफ-हेवन मेटल चांदी की तरफ जा रहे हैं।इस बीच, गुरुवार सुबह सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखी गई।