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सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल: जानें आज की ताज़ा कीमतें

बिजनेस डेस्क: भारतीय कमोडिटी मार्केट में आज सोने और चांदी की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फ्यूचर मार्केट (MCX) और स्पॉट मार्केट दोनों में कीमतों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे सोना अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है।

MCX पर सोने और चांदी का हाल: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 फरवरी को एक्सपायरी वाला सोना 4.17 परसेंट (6,272 रुपये) की उछाल के साथ 1,56,837 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल को पार कर गया है। इसी तरह चांदी भी अपने सबसे ऊंचे लेवल पर है, जहां 5 मार्च के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 7,214 रुपये बढ़कर 3,30,886 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

घरेलू बाज़ार में कीमतें: स्पॉट मार्केट में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव 3.10 परसेंट बढ़कर 4,550 रुपये प्रति 1,55,780 रुपये हो गया है। चांदी की चमक भी बढ़ी है और यह 1,990 रुपये बढ़कर 3,25,910 रुपये प्रति kg पर पहुंच गई है।

इन शहरों में लेटेस्ट कीमतें

दिल्ली: राजधानी में 10 ग्राम सोने का भाव 4.28 परसेंट (6,430 रुपये) बढ़कर 1,57,130 रुपये से ऊपर पहुंच गया है। यहां चांदी का भाव 3,29,020 रुपये प्रति kg है।

मुंबई: आर्थिक राजधानी में 24 कैरेट सोना 1,57,400 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 6,250 रुपये बढ़कर 3,29,580 रुपये प्रति kg पर बिक रही है।

स्टॉक मार्केट के स्थिर ट्रेंड के बावजूद, कमोडिटी मार्केट में इस उछाल ने इन्वेस्टर्स का ध्यान खींचा है।

चांदी की कीमतों में 1 लाख रुपये की आ सकती है बड़ी गिरावट ! क्या 1980 की तरह फिर से बाजार में गिरावट आएगी?

बिजनेस डेस्क: देश के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें भले ही नए रिकॉर्ड बना रही हों, लेकिन एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को बड़ी गिरावट की चेतावनी दी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले समय में चांदी की कीमतों में 1 लाख रुपये तक का बड़ा करेक्शन देखने को मिल सकता है। अभी चांदी काफी ‘ओवरवैल्यूड’ (महंगी) हो गई है और अगर यह 3.25 लाख से 3.30 लाख रुपये के टारगेट लेवल तक पहुंच जाती है, तो वहां से इसकी कीमतों में 30 परसेंट तक की गिरावट आ सकती है, जिससे कीमत वापस 2.30 लाख रुपये के लेवल पर आ सकती है।

गिरावट के मुख्य कारण: एक्सपर्ट्स ने इस संभावित गिरावट के कई अहम कारण बताए हैं:

टैरिफ में राहत: अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन अगर टैरिफ वापस ले लिए जाते हैं, तो कीमतों में कमी आएगी।

मेटल रिप्लेसमेंट थ्योरी: चांदी इतनी महंगी हो गई है कि अब सोलर पैनल, EV और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनियां चांदी के सस्ते विकल्प के तौर पर कॉपर और एल्युमीनियम इस्तेमाल करने के बारे में सोच रही हैं।

डॉलर इंडेक्स में सुधार: डॉलर इंडेक्स में रिकवरी भी चांदी की कीमतों को नीचे लाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

गोल्ड-सिल्वर रेश्यो: अभी यह रेश्यो 14 साल के निचले स्तर पर है, जिसके अब बढ़ने की संभावना है।

इतिहास दोहराने का डर: केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, चांदी में अब रिटर्न की गुंजाइश बहुत कम रह गई है। उन्होंने 1980 के इतिहास का हवाला दिया, जब चांदी अपने पीक पर पहुंचने के बाद अगले दो महीनों में 70 परसेंट तक गिर गई थी। इसी तरह, 2011 में कीमतों में 32 परसेंट की गिरावट देखी गई थी।गौरतलब है कि पिछले एक महीने में ही चांदी की कीमतों में 50 परसेंट (लगभग 1 लाख रुपये) से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

सोमवार को MCX पर चांदी अपने ऑल-टाइम हाई 3,19,949 रुपये पर पहुंच गई थी। अब सवाल यह है कि क्या निवेशक इस महंगी चांदी में अपनी दिलचस्पी बनाए रखेंगे या प्रॉफिट बुकिंग के कारण बाजार में बड़ी गिरावट आएगी।