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वेनेजुएला में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिगेज अंतरिम राष्ट्रपति बनीं; सुप्रीम कोर्ट ने कमान सौंपी

इंटरनेशनल डेस्क: US के एक बड़े मिलिट्री ऑपरेशन में प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने वाइस प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिगेज को देश का अंतरिम प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। कोर्ट ने यह फैसला देश में सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और राष्ट्रीय संप्रभुता बनाए रखने के लिए लिया है।कोर्ट का फैसला और मादुरो का स्टेटस: सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मादुरो की गैरमौजूदगी में डेल्सी रोड्रिगेज एक्टिंग प्रेसिडेंट के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगी। दूसरी ओर, निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को US मिलिट्री ने हिरासत में ले लिया है और न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उन पर मुकदमा चलाने की योजना है। मादुरो की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें उनकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई है और हाथ बंधे हुए हैं।

डेल्सी रोड्रिगेज कौन हैं?

पावरफुल लीडर: 56 साल की डेल्सी रोड्रिगेज को वेनेजुएला की सोशलिस्ट सरकार में सबसे पावरफुल माना जाता है। मादुरो उन्हें अपनी सरकार की ‘टाइगर’ कहते थे।

बैकग्राउंड: वह लेफ्टिस्ट गुरिल्ला लीडर जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिगेज की बेटी हैं। उन्होंने लॉ की पढ़ाई की है और फाइनेंस मिनिस्टर, ऑयल मिनिस्टर और फॉरेन मिनिस्टर जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं।

ट्रंप का दावा और डेल्सी का बयान: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि डेल्सी ने प्रेसिडेंट के तौर पर शपथ ले ली है। हालांकि, डेल्सी ने शुरू में इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि मादुरो ही देश के एकमात्र कानूनी लीडर हैं और उन्होंने US से मादुरो को रिहा करने की भी मांग की थी। लेकिन अब, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद, वह अंतरिम तौर पर पद संभालेंगे।वेनेजुएला के नए अंतरिम प्रेसिडेंट ने साफ कर दिया है कि उनका देश कभी किसी की कॉलोनी नहीं बनेगा और वह अपने नेचुरल रिसोर्स की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

ट्रंप का बड़ा ऐलान: ‘वेनेजुएला अब हमारे कंट्रोल में, वहां अमेरिकी शासन शुरू’; मादुरो की गिरफ्तारी को बताया ऐतिहासिक

इंटरनेशनल डेस्क: वेनेजुएला में मिलिट्री ऑपरेशन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ऐलान किया कि वेनेजुएला अब पूरी तरह से अमेरिकी कंट्रोल में है और जब तक हालात नहीं बदलते, वहां अमेरिकी शासन रहेगा।’

दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला

ट्रंप ने इस मिलिट्री ऑपरेशन की तारीफ की और इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे ताकतवर प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा ऑपरेशन था, जिसमें हवा, जमीन और समुद्र में मिलिट्री ताकत का शानदार इस्तेमाल किया गया। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो के पकड़े जाने का पूरा सीन ‘एक टीवी शो की तरह’ देखा। उनके मुताबिक, दुनिया का कोई दूसरा देश इतने कम समय में इतनी कामयाबी हासिल नहीं कर सकता।

मादुरो पर गंभीर आरोप: ट्रंप ने मादुरो को ‘भगोड़ा तानाशाह’ कहा और कहा कि उन्होंने अमेरिका में ‘खून के प्यासे गैंग’ भेजे हैं। उन्होंने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें अमेरिकी कोर्ट में इंसाफ का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने दावा किया कि US ने समुद्र के रास्ते आने वाली 97% ड्रग्स खत्म कर दी हैं, जिसका एक बड़ा हिस्सा वेनेजुएला से आ रहा था।

तेल का बिज़नेस और आगे की स्ट्रैटेजी: वेनेजुएला के तेल के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां का तेल का बिज़नेस पूरी तरह से फेल हो गया है। उन्होंने ऐलान किया कि अब बड़ी US कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी, वहां अरबों डॉलर खर्च करेंगी और तेल का इंफ्रास्ट्रक्चर फिर से बनाएंगी।ट्रंप ने यह भी साफ किया कि इस ऑपरेशन में कोई US सैनिक नहीं मरा। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक हफ्ते पहले खुद मादुरो से बात की थी और उनसे सरेंडर करने को कहा था, लेकिन उन्होंने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया।

ट्रंप ने शेयर की चौंकाने वाली तस्वीर

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर मादुरो की एक तस्वीर शेयर की है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

बेडरूम से घसीटकर बाहर निकालना:सूत्रों के मुताबिक, निकोलस मादुरो को तब हिरासत में लिया गया जब वह अपने बेडरूम में सो रहे थे। दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने उन्हें कमरे से घसीटकर बाहर निकाला। ट्रंप द्वारा जारी की गई तस्वीर में मादुरो के हाथ में हथकड़ी लगी है और उनकी आंखों पर काली पट्टी बंधी है।

मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया:ट्रंप ने खुलासा किया है कि मादुरो और उनकी पत्नी सेलिया फ्लोरेस को अमेरिकी युद्धपोत ‘USS इवो जीमा’ पर रखा गया है और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है। इससे पहले, अमेरिकी स्पेशल फोर्स ‘डेल्टा फोर्स’ ने काराकस में फुएर्टे टिउना और ला कार्लोटा जैसे मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर भारी बमबारी की थी।

अमेरिका का वेनेजुएला पर बड़ा हमला: धमाकों से लेकर प्रेसिडेंट मादुरो को उठाने तक, जानें पूरी घटना

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है और प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कस्टडी में ले लिया है। शनिवार सुबह-सुबह शुरू हुए इस ऑपरेशन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

घटना की सिलसिलेवार जानकारी:

1. तड़के ज़ोरदार धमाके: वेनेजुएला की राजधानी काराकस में शनिवार सुबह करीब 2 बजे कम से कम 7 बड़े धमाके सुने गए। अमेरिका ने काराकस में फोर्ट टूना (सबसे बड़ा मिलिट्री बेस), ला कार्लोटा एयरबेस और ला गुएरा पोर्ट समेत मुख्य मिलिट्री बेस को निशाना बनाया। डिफेंस मिनिस्टर के घर पर भी हमला किया गया।2. डेल्टा फोर्स ऑपरेशन: यह सीक्रेट ऑपरेशन US डेल्टा फोर्स ने किया था। मिलिट्री चिनूक हेलीकॉप्टर से वेनेजुएला में उतरी, जबकि अपाचे हेलीकॉप्टरों ने बमबारी की और वेनेजुएला की सेना का ध्यान भटकाया। अफरा-तफरी के बीच स्पेशल फोर्स के सैनिक प्रेसिडेंट मादुरो तक पहुंचे और उन्हें कस्टडी में ले लिया।

3. डोनाल्ड ट्रंप का बयान: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन को कन्फर्म करते हुए कहा कि उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी को ‘एक टीवी शो की तरह’ देखा। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई दूसरा देश ऐसा नहीं कर सकता। वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैन्स ने कहा कि मादुरो को ड्रग ट्रैफिकिंग रोकने और चोरी का तेल लौटाने के कई मौके दिए गए, लेकिन अब उन्हें पता चल गया है कि ट्रंप जो कहते हैं, वो करते हैं।

4. मादुरो पर आरोप: US का आरोप है कि मादुरो प्रेसिडेंट नहीं बल्कि ‘कार्टेल डे लॉस सोल्स’ नाम के ड्रग कार्टेल के हेड हैं। उन पर न्यूयॉर्क की कोर्ट में ड्रग ट्रैफिकिंग और हथियारों के चार्ज में केस चलेगा। उन्हें हेलीकॉप्टर से न्यूयॉर्क ले जाया गया है।

5. वेनेजुएला और दुनिया का रिएक्शन:वेनेजुएला: गिरफ्तारी से पहले मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी का ऐलान कर दिया था। डिफेंस मिनिस्टर ने देशवासियों से ‘लिबरेशन वॉर’ छेड़ने की अपील की है।

इंटरनेशनल विरोध: ईरान, क्यूबा और कोलंबिया ने US हमले की कड़ी निंदा की है और इसे UN चार्टर का उल्लंघन बताया है। कोलंबिया ने UN सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।

एडवाइजरी: ब्रिटेन और US ने अपने नागरिकों को वेनेजुएला न जाने और वहां मौजूद लोगों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है।US ने अपने कमर्शियल एयरक्राफ्ट को भी वेनेजुएला के एयरस्पेस में उड़ने से बैन कर दिया है।