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लुधियाना : कंप्यूटर इंजीनियर के मर्डर केस में दोस्त और उसकी पत्नी गिरफ्तार, आरी से बॉडी के किए थे 7 टुकड़े

लुधियाना: लुधियाना के सलेम टाबरी इलाके में हुए दिल दहला देने वाले ड्रम मर्डर केस की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने एक आदमी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमशेर उर्फ शेरा और उसकी पत्नी के तौर पर हुई है, जिन्होंने अपने ही दोस्त दविंदर की बेरहमी से हत्या कर दी।

पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ था विवाद: पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मृतक दविंदर (30) जो कंप्यूटर इंजीनियर था, घटना से दो दिन पहले मुंबई से लौटा था। वह अपने दोस्त शेरा के साथ ड्रग्स ले रहा था, इसी दौरान दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। इसी हाथापाई में शेरा ने दविंदर की हत्या कर दी।

दरिंदगी की हदें पार: हत्या के बाद पेशे से बढ़ई शेरा ने दविंदर की बॉडी के आरी से 6 से 7 टुकड़े कर दिए। उसने सिर और धड़ को एक सफेद ड्रम में डाल दिया, जबकि पैर और हाथ काटकर अलग-अलग जगहों पर फेंक दिए। इस सब में शेरा की पत्नी ने शव के टुकड़े करने में उसका पूरा साथ दिया।

CCTV फुटेज से खुला राज: यह शव 7 जनवरी को जालंधर बाईपास के पास एक खाली प्लॉट से बरामद हुआ था। पुलिस को घटनास्थल के पास से मिले CCTV फुटेज में शेरा अपने एक और दोस्त के साथ बाइक पर ड्रम ले जाते हुए दिखा था। इस सबूत के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध शेरा को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद पूरी घटना का खुलासा हुआ। मृतक अपने पीछे पत्नी और 7 महीने की बेटी छोड़ गया है।

लुधियाना: बजरी से लदा ट्रक झुग्गी पर पलटने से दो मासूम बच्चों की मौत, आरोपी ड्राइवर गिरफ्तार

पंजाब डेस्क: लुधियाना में जगराओं पुलिस ने सिधवां बेट रोड पर हुए दर्दनाक हादसे में आरोपी ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें दो मासूम भाई-बहनों की जान चली गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बरनाला के गुरु तेग बहादुर नगर के रहने वाले पवनदीप सिंह के रूप में हुई है।

कैसे हुआ हादसा? सूत्रों के मुताबिक, तड़के सतलुज नदी से बजरी भरकर आ रहा एक ओवरलोडेड ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे बनी झुग्गी पर पलट गया। उस समय झुग्गी में चार बच्चे सो रहे थे। ट्रक से सारी बजरी बच्चों पर गिर गई, जिससे गोपाल और पिंकी नाम के दो बच्चे बजरी के नीचे दब गए।

सिस्टम की बेपरवाही और परिवार का दर्द

यह हादसा इतना भयानक था कि बच्चे करीब दो घंटे तक बजरी के नीचे तड़पते रहे। परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद न तो कोई एंबुलेंस आई और न ही प्रशासन ने मदद की। आखिर में, सड़क किनारे काम करने वाले और कोल्ड स्टोर के कर्मचारियों ने मिलकर बजरी हटाई, लेकिन तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी।परिवार के लिए यह नुकसान इसलिए और भी बड़ा है क्योंकि पिता सदासुख ने अपनी भतीजी पिंकी को अपनी बेटी की तरह अपनाया था।

हादसे के समय ड्राइवर ने इंसानियत दिखाने के बजाय ट्रक की खिड़की तोड़ दी और मौके से भाग गया।पुलिस कार्रवाई जगराओं पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और अब उसे आगे की पूछताछ के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।