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तू किया चोर बनेगा रे बाबा ! जब एग्जॉस्ट फैन के छेद में फंसा मिला चोर, हैरान करेगा मामला

नेशनल डेस्क: राजस्थान के कोटा शहर से एक बहुत ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक चोर चोरी करने की कोशिश में खुद ही मुसीबत में फंस गया। यह घटना बोरखेड़ा थाना इलाके के प्रताप नगर की है, जहां एक चोर घर के एग्जॉस्ट फैन के छेद से अंदर घुसने की कोशिश में बीच में ही फंस गया।

ऐसे खुला राज: मकान मालिक सुभाष रावत 3 जनवरी को अपनी पत्नी के साथ खाटूश्याम जी गए थे। जब वे अगले दिन सुबह करीब 12:50 बजे लौटे तो स्कूटी को घर के अंदर ले जाते समय उनकी लाइट किचन की दीवार पर पड़ी। उन्होंने देखा कि जिस जगह एग्जॉस्ट फैन लगा था, वह खुला हुआ था और वहां एक युवक आधा अंदर और आधा बाहर लटका हुआ था।

पुलिस की कार्रवाई और फरार साथी: परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। चोर ने बाहर निकलने की बहुत कोशिश की लेकिन नाकाम रहा। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे बाहर निकालकर हिरासत में ले लिया। सुभाष रावत के मुताबिक, चोर का एक और साथी भी था जो उनके आने पर छत के रास्ते भाग गया।

संदिग्ध कार और जांच: पकड़े गए चोर की तलाशी के दौरान उसकी जेब से कार की चाबी मिली। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना से पहले गली में एक संदिग्ध कार घूमती हुई देखी गई थी, जिस पर पुलिस का निशान था। पुलिस अब CCTV फुटेज के ज़रिए दूसरे आरोपियों की पहचान कर रही है और उन्हें पकड़ने के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं।

अरावली बचाओ आंदोलन: राजस्थान में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, जानें क्या है मामला

नेशनल डेस्क: अरावली पर्वत श्रृंखला को बचाने के लिए राजस्थान और दिल्ली-NCR में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सोमवार को राजस्थान के कई जिलों में लोग सड़कों पर उतरे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई।पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियांउदयपुर में कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया। जोधपुर में NSUI कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए, जिन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। सीकर में पर्यावरणविदों ने 945 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हर्ष पर्वत पर चढ़कर अरावली को बचाने की अपील की।

विवाद का मुख्य कारण—सुप्रीम कोर्ट की नई परिभाषा प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सुप्रीम कोर्ट के 20 नवंबर, 2025 के फैसले को लेकर है, जिसमें अरावली की नई परिभाषा को मंजूरी दी गई है। इस नई परिभाषा के अनुसार, सिर्फ़ उसी लैंडफ़ॉर्म को अरावली पहाड़ियाँ माना जाएगा जो अपने लोकल लेवल से कम से कम 100 मीटर ऊपर हो। एक्सपर्ट्स और प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस क्राइटेरिया के कारण 90 परसेंट से ज़्यादा अरावली पहाड़ियाँ प्रोटेक्शन के दायरे से बाहर हो जाएँगी, जिससे वहाँ माइनिंग और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज़ को बढ़ावा मिलेगा।

राजस्थान के ‘फेफड़े’ खतरे में –राजस्थान असेंबली में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने अरावली को राजस्थान का ‘फेफड़ा’ और ‘लाइफलाइन’ बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पहाड़ियों को बचाने का फ़ैसला वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस ज़ोरदार आंदोलन करेगी। एनवायरनमेंटलिस्ट्स के अनुसार, अरावली दिल्ली-NCR का ‘फेफड़ा’ और ‘लाइफलाइन’ है। अरावली के लिए एक नेचुरल सुरक्षा कवच है जो रेगिस्तान को फैलने से रोकता है और ग्राउंड वॉटर लेवल को बनाए रखने में मदद करता है।

गुरुग्राम में भी विरोध प्रदर्शन —हरियाणा के गुरुग्राम में कैबिनेट मिनिस्टर राव नरबीर सिंह के घर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोगों ने शांति से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ” के नारे लगाए और मांग की कि सरकार अरावली को पूरी तरह से सुरक्षित क्षेत्र घोषित करे। Aravalli Hills Protest, Rajasthan News, Supreme Court Order, Save Aravalli,

30 करोड़ रुपये का फ्रॉड केस: विक्रम भट्ट और पत्नी की बेल एप्लीकेशन खारिज, 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा

एंटरटेनमेंट डेस्क: मशहूर फिल्ममेकर-डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबर भट्ट को 30 करोड़ रुपये के फ्रॉड केस में कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने दोनों की फाइनल बेल एप्लीकेशन खारिज कर दी और उन्हें 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। अब दोनों उदयपुर जेल में रहेंगे।

जानकारी के मुताबिक, विक्रम भट्ट पर आरोप है कि उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन में बड़े मुनाफे का वादा करके उदयपुर के डॉक्टर अजय से अलग-अलग किश्तों में करीब 30 करोड़ रुपये लिए थे। पीड़ित डॉक्टर का आरोप है कि रकम लेने के बाद उन्हें न तो फिल्म की कमाई में हिस्सा दिया गया और न ही उनकी रकम वापस की गई। इसके बाद डॉक्टर ने उदयपुर पुलिस में फ्रॉड का केस दर्ज कराया था।केस दर्ज होने के बाद उदयपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को मुंबई से ट्रांजिट रिमांड पर उदयपुर ले आई।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने सेहत का हवाला देते हुए फाइनल बेल मांगी थी। हालांकि, कोर्ट ने फैक्ट्स और केस डायरी के आधार पर बेल देने से मना कर दिया।मीडिया से बात करते हुए विक्रम भट्ट ने पहले अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था और कहा था कि यह मामला आपसी गलतफहमी का नतीजा है, जिसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। हालांकि, पुलिस जांच में गंभीर फैक्ट्स सामने आने के बाद कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। इस हाई-प्रोफाइल केस ने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में भी हलचल मचा दी है।